बाराबंकी के हैदरगढ़ तहसील में एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर पिछले ढाई महीने से चल रहे धरने के बीच बुधवार को एक नया विवाद सामने आया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा और हैदरगढ़ के एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा हुआ। एसडीएम ने आरोप लगाया है कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और उनकी मां को गाली दी। एसडीएम के अनुसार, कई दिनों से किसी न किसी मामले में उन्हें परेशान किया जा रहा था और आज कोर्ट परिसर में एक मामले का निस्तारण करके बाहर आने पर अधिवक्ता अचल मिश्रा ने उनके साथ यह अभद्रता की। दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि एसडीएम हैदरगढ़, लेखपाल और अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर एडीएम, कई थानों की पुलिस और प्रशासन मौजूद रहा। खबर लिखे जाने तक एडीएम बाराबंकी ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं से वार्ता की, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक तहसील परिसर के अंदर रहे, जिनकी सुरक्षा में पुलिस प्रशासन लगातार लगा रहा, जबकि बाहर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और मामले में आगे की कार्रवाई तथा जांच का इंतजार है।
बाराबंकी के हैदरगढ़ तहसील में एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर पिछले ढाई महीने से चल रहे धरने के बीच बुधवार को एक नया विवाद सामने आया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा और हैदरगढ़ के एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा हुआ। एसडीएम ने आरोप लगाया है कि
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और उनकी मां को गाली दी। एसडीएम के अनुसार, कई दिनों से किसी न किसी मामले में उन्हें परेशान किया जा रहा था और आज कोर्ट परिसर में एक मामले का निस्तारण करके बाहर आने पर अधिवक्ता अचल मिश्रा ने उनके साथ यह अभद्रता की। दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने
आरोप लगाया है कि एसडीएम हैदरगढ़, लेखपाल और अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर एडीएम, कई थानों की पुलिस और प्रशासन मौजूद रहा। खबर लिखे जाने तक एडीएम बाराबंकी ने मौके पर
पहुंचकर अधिवक्ताओं से वार्ता की, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक तहसील परिसर के अंदर रहे, जिनकी सुरक्षा में पुलिस प्रशासन लगातार लगा रहा, जबकि बाहर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और मामले में आगे की कार्रवाई तथा जांच का इंतजार है।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ में एक नाली लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसमें पानी नहीं आ रहा है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नाली का निर्माण या मरम्मत क्यों नहीं की जा रही है, जिसके कारण उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- बाराबंकी जनपद के रामनगर अंतर्गत अमोली कला में ज्येष्ठ माह के सातवें मंगलवार को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और राहगीर प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। भंडारे में दिन भर प्रसाद वितरण का क्रम जारी रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस धार्मिक आयोजन में सौरभ मिश्रा, रोहित मिश्रा, अमित शुक्ला और शाश्वत मिश्रा जैसे आयोजक शामिल थे। उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ माह के मंगल का विशेष धार्मिक महत्व है, और ऐसे धार्मिक व सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारा, प्रेम तथा सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। इस भंडारे के आयोजन में युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।1
- बाराबंकी के नवाबगंज में एक बुजुर्ग अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है, जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग ने स्थानीय प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।1
- बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में चल रही अंदरूनी कलह की कहानी का खुलासा किया है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस ने एक बड़े मामले का खुलासा किया है, जिसमें बृजभूषण और उनके बेटे प्रतीक भूषण को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस के अनुसार, धमकी देने वाले युवक का नाम विधिप्त है। धमकी भरे कॉल में विधिप्त ने कहा था कि बृजभूषण और प्रतीक भूषण दोनों को खत्म करने का इंतजाम हो चुका है, और अगर बचा सकते हो तो बचा लो।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सुरक्षा का एहसास दिलाने वाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। थाना बदोसराय क्षेत्र के ग्राम मरकामऊ निवासी बाबू पुत्र मजीद ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर उपनिरीक्षक लक्ष्मीकांत तिवारी, कांस्टेबल वीरेन्द्र कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। बाबू का कहना है कि पुलिस ने उनके बेटे अबूसालिम को अवैध रूप से फंसाकर मुकदमे में नामजद किया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, अबूसालिम मुंबई में होटल में काम करता है और छुट्टी पर घर आया हुआ था। आरोप है कि 23 मई 2026 की शाम करीब छह बजे उपनिरीक्षक लक्ष्मीकांत तिवारी, कांस्टेबल वीरेन्द्र कुमार और दो अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और अबूसालिम को थाने के पीछे ले गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि वहां पुलिसकर्मियों ने 50 हजार रुपये की मांग की। रकम देने में असमर्थता जताने पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने अपने पास मौजूद एक चाकू जमीन पर गिराकर अबूसालिम से उसे उठाने को कहा और उसका वीडियो बना लिया। इसी आधार पर अबूसालिम के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 117/2026, धारा 25/4 आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। बाबू ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पुत्र के विरुद्ध दर्ज मुकदमे को समाप्त करने और कथित रूप से षड्यंत्र रचने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में कोतवाल बदोसराय ने बताया कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लोनी कटरा थाने के SSI (सीनियर सब इंस्पेक्टर) पर एक किशोर की पिटाई का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना दौलतपुर क्षेत्र से संबंधित बताई जा रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें SSI पर किशोर के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।1
- बाराबंकी के हैदरगढ़ तहसील में एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर पिछले ढाई महीने से चल रहे धरने के बीच बुधवार को एक नया विवाद सामने आया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा और हैदरगढ़ के एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा हुआ। एसडीएम ने आरोप लगाया है कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और उनकी मां को गाली दी। एसडीएम के अनुसार, कई दिनों से किसी न किसी मामले में उन्हें परेशान किया जा रहा था और आज कोर्ट परिसर में एक मामले का निस्तारण करके बाहर आने पर अधिवक्ता अचल मिश्रा ने उनके साथ यह अभद्रता की। दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि एसडीएम हैदरगढ़, लेखपाल और अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर एडीएम, कई थानों की पुलिस और प्रशासन मौजूद रहा। खबर लिखे जाने तक एडीएम बाराबंकी ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं से वार्ता की, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक तहसील परिसर के अंदर रहे, जिनकी सुरक्षा में पुलिस प्रशासन लगातार लगा रहा, जबकि बाहर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और मामले में आगे की कार्रवाई तथा जांच का इंतजार है।4