सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत साल्ही के खोरखोरी पारा स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानपाठक हरिनंदन सिंह मरकाम पर कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुँचने और बच्चों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानपाठक कथित रूप से नशे की हालत में विद्यालय पहुँचे और बच्चों के सामने गाली-गलौज करने लगे। सूचना मिलने पर ग्रामीण तुरंत विद्यालय पहुँचे, जहाँ उनका दावा है कि वीडियो बनाते समय भी शिक्षक ने अभद्र भाषा का प्रयोग जारी रखा। वायरल वीडियो में शिक्षक और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अभिभावकों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि विद्यालय बच्चों के सीखने का पवित्र स्थान है, और इस प्रकार की हरकतें शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उनके अनुसार, ऐसे वातावरण का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन से वायरल वीडियो की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जाँच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध तत्काल निलंबन सहित नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। हालाँकि, समाचार लिखे जाने तक शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। शिक्षक के नशे में होने की पुष्टि केवल विभागीय जाँच और आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत साल्ही के खोरखोरी पारा स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानपाठक हरिनंदन सिंह मरकाम पर कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुँचने और बच्चों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानपाठक कथित रूप से नशे की हालत में विद्यालय पहुँचे और बच्चों के सामने गाली-गलौज करने लगे। सूचना मिलने पर ग्रामीण तुरंत विद्यालय पहुँचे, जहाँ उनका दावा है कि वीडियो बनाते समय भी शिक्षक ने अभद्र भाषा का प्रयोग जारी रखा। वायरल वीडियो में शिक्षक और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अभिभावकों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त
करते हुए कहा है कि विद्यालय बच्चों के सीखने का पवित्र स्थान है, और इस प्रकार की हरकतें शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उनके अनुसार, ऐसे वातावरण का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन से वायरल वीडियो की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जाँच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध तत्काल निलंबन सहित नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। हालाँकि, समाचार लिखे जाने तक शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। शिक्षक के नशे में होने की पुष्टि केवल विभागीय जाँच और आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे गरीब, किसान, युवा और महिलाओं का सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि दमन और दीव विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया। सरकार ने करोड़ों लोगों तक पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया। साथ ही, उन्होंने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयासों पर जोर दिया। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उनके लिए नए अवसर पैदा करने की बात कही। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी के महत्व को रेखांकित किया। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और इन विकास परियोजनाओं के लिए अपना आभार प्रकट किया।1
- स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चे तब तक बेचैन महसूस करते हैं जब तक उन्हें थोड़ी देर खेलने का मौका न मिले। हाल ही में बारिश थमने के बाद, बच्चे इस समय खुले में बहुत उत्साह के साथ खेल का आनंद ले रहे हैं।1
- कोरिया जिले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 99 जुलाई 2026 को जिला आबकारी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभाग के कार्यों और राजस्व संग्रहण की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर लगातार प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, संग्रहण और विक्रय के विरुद्ध प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि जिले में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके। साथ ही, उन्होंने सभी आबकारी दुकानों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने, परिसर को व्यवस्थित रखने तथा दुकानों के इर्द-गिर्द होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर सख्ती से रोक लगाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती यादव ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण प्रदान करना विभाग की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही, अनुशासन एवं संवेदनशीलता को अपने कार्य का मूल आधार बनाते हुए कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने यह भी कहा कि सुशासन की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, दक्षता एवं जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जिले में राजस्व संग्रहण, प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की, जिसके बाद कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी सहित सहायक जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी उप निरीक्षक और आबकारी आरक्षक उपस्थित थे।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कथित तौर पर एक 'नशा मुक्ति अभियान' के तहत एक दिन में महज 10 घंटे के भीतर 70 हजार लोगों द्वारा नशा मुक्ति का संकल्प लेने का दावा किया गया है, जिसके बाद जिले ने 'विश्व रिकॉर्ड' बनाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस दावे पर गहरा संदेह व्यक्त किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि लोग 'चीख-चीख कर' इस 'विश्व रिकॉर्ड' की धरातल पर सच्चाई पर सवाल उठा रहे हैं। इसमें पूछा गया है कि यह 'विश्व रिकॉर्ड' किसका बन रहा है, संकल्प कौन लेता है और मिनटों में क्या हो जाता है, जिसके बाद ऐसे किसी रिकॉर्ड या वाहवाही का क्या औचित्य है। यह अभियान के वास्तविक प्रभाव पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।1
- सिद्ध बाबा पहाड़ के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे परियोजना में भ्रष्टाचार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी चिंता व्यक्त की गई है कि भ्रष्टाचार अब भगवान के दरबार तक भी अपनी पैठ बना चुका है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।1
- कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद ने युवक की जान ले ली है, जहाँ घर और जमीन के बंटवारे को लेकर बड़े भाई के साथ मारपीट करने के आरोप में छोटे भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब 26 जून 2026 को राम प्रकाश कुशवाहा ने ललित कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पटना थाने में दी, जिस पर जांच शुरू की गई। पंचनामा, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि मृतक ललित कुशवाहा और उसके छोटे भाई शारदा कुशवाहा के बीच घर तथा जमीन के बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता था और दोनों शराब के नशे में भी रहते थे। जांच में यह भी सामने आया कि 23 जून की सुबह करीब 9:30 बजे शारदा कुशवाहा ने अपने बड़े भाई ललित कुशवाहा को हाथ-मुक्कों और डंडे से पीटा था। मारपीट में गंभीर रूप से घायल ललित की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में भर्ती कराया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर कर दिया। उपचार के दौरान ही 25 जून की शाम करीब 6:15 बजे ललित कुशवाहा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मर्ग जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ललित की मृत्यु मारपीट में आई चोटों के कारण हुई, पुलिस ने आरोपी शारदा कुशवाहा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 8 जुलाई 2026 को ग्राम सावांरावां, थाना पटना, जिला कोरिया निवासी 36 वर्षीय आरोपी शारदा कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों के दौरान विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, जिसके तहत गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पहल क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताते हुए डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को देश की नई पहचान का आधार बताया। साथ ही, करोड़ों लोगों तक पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने की बात भी उन्होंने दोहराई। नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं, युवाओं को देश का भविष्य करार देते हुए नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से उनके लिए सृजित हो रहे अवसरों का जिक्र किया। 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और जनभागीदारी पर बल दिया और 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत को अग्रणी शक्ति बनाने का विश्वास व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और नई विकास परियोजनाओं के लिए आभार प्रकट किया।1
- उदयपुर में हुई अत्यधिक बारिश के चलते एक बिजली का खंभा कुछ दूरी तक पानी में डूब गया है।1
- Ajardeep kumar sonawani Kumar DJ songs goriya you are 3hsisbsn s. ekdjdhe djd4