Shuru
Apke Nagar Ki App…
सिद्ध बाबा पहाड़ के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे परियोजना में भ्रष्टाचार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी चिंता व्यक्त की गई है कि भ्रष्टाचार अब भगवान के दरबार तक भी अपनी पैठ बना चुका है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
SM NEWS LIVE
सिद्ध बाबा पहाड़ के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे परियोजना में भ्रष्टाचार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी चिंता व्यक्त की गई है कि भ्रष्टाचार अब भगवान के दरबार तक भी अपनी पैठ बना चुका है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- सिद्ध बाबा पहाड़ के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे परियोजना में भ्रष्टाचार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी चिंता व्यक्त की गई है कि भ्रष्टाचार अब भगवान के दरबार तक भी अपनी पैठ बना चुका है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।1
- कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद ने युवक की जान ले ली है, जहाँ घर और जमीन के बंटवारे को लेकर बड़े भाई के साथ मारपीट करने के आरोप में छोटे भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब 26 जून 2026 को राम प्रकाश कुशवाहा ने ललित कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पटना थाने में दी, जिस पर जांच शुरू की गई। पंचनामा, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि मृतक ललित कुशवाहा और उसके छोटे भाई शारदा कुशवाहा के बीच घर तथा जमीन के बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता था और दोनों शराब के नशे में भी रहते थे। जांच में यह भी सामने आया कि 23 जून की सुबह करीब 9:30 बजे शारदा कुशवाहा ने अपने बड़े भाई ललित कुशवाहा को हाथ-मुक्कों और डंडे से पीटा था। मारपीट में गंभीर रूप से घायल ललित की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में भर्ती कराया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर कर दिया। उपचार के दौरान ही 25 जून की शाम करीब 6:15 बजे ललित कुशवाहा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मर्ग जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ललित की मृत्यु मारपीट में आई चोटों के कारण हुई, पुलिस ने आरोपी शारदा कुशवाहा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 8 जुलाई 2026 को ग्राम सावांरावां, थाना पटना, जिला कोरिया निवासी 36 वर्षीय आरोपी शारदा कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।1
- कोरिया जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), बैकुंठपुर द्वारा आयोजित A-HELP पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 23 जून से 7 जुलाई 2026 तक चले इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की कुल 34 महिला पशु सखियों ने भाग लिया और प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, विभिन्न रोगों की पहचान एवं रोकथाम, टीकाकरण, पोषण प्रबंधन, स्वच्छ पशुपालन तथा आधुनिक पशुपालन तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्व से कार्यरत पशु सखियों को कृत्रिम गर्भाधान (एआई) की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया और इससे संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करना था। समापन समारोह में सभी 34 प्रशिक्षित महिला पशु सखियों को उनके कार्य के लिए आवश्यक टूल किट प्रदान की गई। इस अवसर पर ईडीपी श्री एन. बी. जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बिहान श्री तरुण कुमार रघुवंशी, जिला अग्रणीय प्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया श्री शशिभूषण पाठक, RSETI के निदेशक श्री महती बनरा तथा ऑफिस असिस्टेंट सुश्री रिंकी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- KCR और KODWAHI ने पेट्रोल में मिलावट होने के बावजूद इसके दाम कम न होने पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने यह सवाल उठाया है कि जब पेट्रोल में मिलावट की जा रही है, तो उसकी कीमतें घटाई क्यों नहीं जातीं। इस पूरे मामले को लेकर KCR और KODWAHI ने एक सिंडिकेट के खिलाफ अपना विरोध जाहिर किया है।1
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में तीन हाथियों का समूह पांचवें दिन भी डेरा डाले हुए है। गुरुवार रात 8 बजे इनमें से एक बड़ा दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया, जबकि दो अन्य हाथी अभी भी भोलगढ़ के जंगल में ही मौजूद हैं। वन विभाग का गश्ती दल लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से महुआ या कच्ची शराब जैसी गंध वाली सामग्रियों को घरों से दूर रखने की अपील की है। इससे पहले मंगलवार की सुबह, दो हाथियों ने भोलगढ़ गांव में केसरत पिता स्व. मोहन बैगख के घर की दीवार तोड़कर भारी नुकसान पहुँचाया था। उस दौरान हाथियों ने घर में रखा धान खा लिया और चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन फैला दिया था। नुकसान करने के बाद ये हाथी मुख्य मार्ग पार करके वापस जंगल में चले गए थे।1
- कोरिया के आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर स्थित शासकीय हाई स्कूल जामपानी में गुरुवार को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (मध्याह्न भोजन) के तहत न्योता भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया, जिससे विद्यालय और स्थानीय समुदाय के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने और सकारात्मक, प्रेरणादायी वातावरण बनाने का उद्देश्य रेखांकित हुआ। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता से बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण दोनों सुनिश्चित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान, कलेक्टर श्रीमती यादव ने विद्यालय के स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया और शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के विकास हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए गणित एवं अंग्रेजी से जुड़े प्रश्न पूछे, जहाँ कक्षा दूसरी के एक छात्र ने 11 का पहाड़ा तथा कक्षा पांचवीं के छात्र ने 24 का पहाड़ा सुनाकर उन्हें प्रभावित किया। इन छात्रों को कलेक्टर ने पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, श्रीमती यादव ने विद्यालय परिसर में विकसित किचन गार्डन की सराहना की और बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक पौष्टिक सब्जियां लगाने के निर्देश भी दिए। जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि न्योता भोजन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है। उन्होंने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के साथ-साथ विद्यालय, पालकों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय एवं सहभागिता को सुदृढ़ बनाने वाला बताया। ग्राम पंचायत जामपानी के सरपंच अम्मे लाल ने भी न्योता भोजन जैसी पहल को समाज और विद्यालय के बीच सहयोग, विश्वास एवं आत्मीयता को मजबूत करने वाला और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।4
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर ज़िले में एक ही दिन में महज़ 10 घंटे के भीतर लगभग 70 हज़ार लोगों द्वारा नशा मुक्ति का संकल्प लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, यह उपलब्धि सराहनीय है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह संकल्प ज़मीन पर भी दिखाई दे रहा है या सिर्फ़ कागज़ों तक ही सीमित है? यदि संकल्प लेने के कुछ ही समय बाद सार्वजनिक स्थानों, स्कूल परिसरों, चौक-चौराहों और गाँवों में फिर से नशाखोरी का वही पुराना माहौल नज़र आता है, तो विश्व रिकॉर्ड के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जनता का स्पष्ट मानना है कि सिर्फ़ शपथ दिला देने से नशा ख़त्म नहीं होगा, बल्कि इसके लिए लगातार जन-जागरूकता, कड़ी निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की भी ज़रूरत है। लोगों का कहना है कि नशा मुक्ति का यह विश्व रिकॉर्ड तभी सार्थक माना जाएगा, जब इसका असर वास्तव में ज़मीन पर दिखे। अगर हालात पहले जैसे ही बने रहते हैं, तो ऐसी वाहवाही और रिकॉर्ड के दावों पर सवाल उठना लाज़मी है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि नशा मुक्ति अभियान केवल एक कार्यक्रम या रिकॉर्ड बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप देकर वास्तविक बदलाव सुनिश्चित किया जाए। जनता की दो टूक मांग है कि उन्हें 'रिकॉर्ड नहीं, परिणाम चाहिए' और 'संकल्प नहीं, उसका पालन चाहिए' तभी नशा मुक्त समाज का सपना साकार हो पाएगा।1