अनूपपुर जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में तीन हाथियों का समूह पांचवें दिन भी डेरा डाले हुए है। गुरुवार रात 8 बजे इनमें से एक बड़ा दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया, जबकि दो अन्य हाथी अभी भी भोलगढ़ के जंगल में ही मौजूद हैं। वन विभाग का गश्ती दल लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से महुआ या कच्ची शराब जैसी गंध वाली सामग्रियों को घरों से दूर रखने की अपील की है। इससे पहले मंगलवार की सुबह, दो हाथियों ने भोलगढ़ गांव में केसरत पिता स्व. मोहन बैगख के घर की दीवार तोड़कर भारी नुकसान पहुँचाया था। उस दौरान हाथियों ने घर में रखा धान खा लिया और चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन फैला दिया था। नुकसान करने के बाद ये हाथी मुख्य मार्ग पार करके वापस जंगल में चले गए थे।
अनूपपुर जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में तीन हाथियों का समूह पांचवें दिन भी डेरा डाले हुए है। गुरुवार रात 8 बजे इनमें से एक बड़ा दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया, जबकि दो अन्य हाथी अभी भी भोलगढ़ के जंगल में ही मौजूद हैं। वन विभाग का गश्ती दल लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से महुआ या कच्ची शराब जैसी गंध वाली सामग्रियों को घरों से दूर रखने की अपील की है। इससे पहले मंगलवार की सुबह, दो हाथियों ने भोलगढ़ गांव में केसरत पिता स्व. मोहन बैगख के घर की दीवार तोड़कर भारी नुकसान पहुँचाया था। उस दौरान हाथियों ने घर में रखा धान खा लिया और चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन फैला दिया था। नुकसान करने के बाद ये हाथी मुख्य मार्ग पार करके वापस जंगल में चले गए थे।
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में तीन हाथियों का समूह पांचवें दिन भी डेरा डाले हुए है। गुरुवार रात 8 बजे इनमें से एक बड़ा दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया, जबकि दो अन्य हाथी अभी भी भोलगढ़ के जंगल में ही मौजूद हैं। वन विभाग का गश्ती दल लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से महुआ या कच्ची शराब जैसी गंध वाली सामग्रियों को घरों से दूर रखने की अपील की है। इससे पहले मंगलवार की सुबह, दो हाथियों ने भोलगढ़ गांव में केसरत पिता स्व. मोहन बैगख के घर की दीवार तोड़कर भारी नुकसान पहुँचाया था। उस दौरान हाथियों ने घर में रखा धान खा लिया और चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन फैला दिया था। नुकसान करने के बाद ये हाथी मुख्य मार्ग पार करके वापस जंगल में चले गए थे।1
- KCR और KODWAHI ने पेट्रोल में मिलावट होने के बावजूद इसके दाम कम न होने पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने यह सवाल उठाया है कि जब पेट्रोल में मिलावट की जा रही है, तो उसकी कीमतें घटाई क्यों नहीं जातीं। इस पूरे मामले को लेकर KCR और KODWAHI ने एक सिंडिकेट के खिलाफ अपना विरोध जाहिर किया है।1
- मनेंद्रगढ़ वनमंडल के बिहारपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सोनहरी बीट में एक मादा भालू के खुले कुएं में गिरने की घटना सामने आई है। ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों के साथ बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने कुएं के भीतर भालू के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए निकास का रास्ता तैयार किया, जिसके सहारे मादा भालू सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकली और जंगल की ओर चली गई। डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल ने इस घटना पर कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्य जीव के संकट में होने की स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करें। इसके साथ ही उन्होंने जंगल से सटे खुले कुओं को सुरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- डिंडोरी जिले के बजाग में साइबर ठगी की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साइबर अपराधों से बचाव के लिए नागरिकों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल कॉल, व्हाट्सएप, एसएमएस, क्यूआर कोड लिंक और ओटीपी जैसी बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इस सुरक्षा संदेश का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर कोटवारों की मदद ली जा रही है। गाँव-गाँव जाकर कोटवारों के माध्यम से लोगों को साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।1
- सिद्ध बाबा पहाड़ के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे परियोजना में भ्रष्टाचार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी चिंता व्यक्त की गई है कि भ्रष्टाचार अब भगवान के दरबार तक भी अपनी पैठ बना चुका है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।1
- अनूपपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ कई वार्डों में घरों तक गंदा, मटमैला और दूषित पानी पहुँच रहा है। इस स्थिति ने आम नागरिकों में भारी चिंता पैदा कर दी है, खासकर बरसात के मौसम में जब जलजनित बीमारियों का खतरा पहले से ही अधिक होता है। दूषित पेयजल की यह आपूर्ति लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अधिकांश वार्डों में नलों से साफ पानी के बजाय गंदा पानी आता है, और जल वितरण प्रणाली के नियमित रखरखाव व सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दूषित पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पीलिया तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे पानी को केवल कपड़े या सामान्य फिल्टर से छानने मात्र से पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता। यह समस्या केवल पेयजल की नहीं, बल्कि पूरे शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जलापूर्ति लाइनों की तत्काल जांच कराई जाए, जलाशयों एवं टंकियों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए, तब तक नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं।1