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डिंडोरी जिले के बजाग में साइबर ठगी की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साइबर अपराधों से बचाव के लिए नागरिकों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल कॉल, व्हाट्सएप, एसएमएस, क्यूआर कोड लिंक और ओटीपी जैसी बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इस सुरक्षा संदेश का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर कोटवारों की मदद ली जा रही है। गाँव-गाँव जाकर कोटवारों के माध्यम से लोगों को साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

2 hrs ago
user_राजेश कुमार मरावी
राजेश कुमार मरावी
Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

डिंडोरी जिले के बजाग में साइबर ठगी की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साइबर अपराधों से बचाव के लिए नागरिकों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल कॉल, व्हाट्सएप, एसएमएस, क्यूआर कोड लिंक और ओटीपी जैसी बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इस सुरक्षा संदेश का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर कोटवारों की मदद ली जा रही है। गाँव-गाँव जाकर कोटवारों के माध्यम से लोगों को साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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  • मुंगेली में बरसात का असर सब्जियों की कीमतों पर देखने को मिल रहा है, जहाँ एक बार फिर आलू और बैंगन के दामों में तेजी दर्ज की गई है। इन सब्जियों की बढ़ती कीमतें स्थानीय बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई हैं और बाजार में इनकी अलग पहचान नजर आ रही है।
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    मुंगेली में बरसात का असर सब्जियों की कीमतों पर देखने को मिल रहा है, जहाँ एक बार फिर आलू और बैंगन के दामों में तेजी दर्ज की गई है। इन सब्जियों की बढ़ती कीमतें स्थानीय बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई हैं और बाजार में इनकी अलग पहचान नजर आ रही है।
    user_Dilip  kumar Yadav
    Dilip kumar Yadav
    Singer मुंगेली, मुंगेली, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • पोंड़ी में चला आ रहा भूमि विवाद अब सुलझ गया है। इस मामले में वक्फ बोर्ड ने विवादित भूमि पर अपना दावा छोड़ दिया है, जिससे अब बोर्ड का अधिकार केवल मस्जिद और ईदगाह की जमीन पर ही रहेगा। यह महत्वपूर्ण फैसला उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के हस्तक्षेप के बाद आया, जिसके परिणामस्वरूप वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने यह बड़ी घोषणा की। इस ऐलान से ग्रामीणों और पट्टाधारकों को बड़ी राहत मिली है।
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    पोंड़ी में चला आ रहा भूमि विवाद अब सुलझ गया है। इस मामले में वक्फ बोर्ड ने विवादित भूमि पर अपना दावा छोड़ दिया है, जिससे अब बोर्ड का अधिकार केवल मस्जिद और ईदगाह की जमीन पर ही रहेगा।

यह महत्वपूर्ण फैसला उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के हस्तक्षेप के बाद आया, जिसके परिणामस्वरूप वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने यह बड़ी घोषणा की। इस ऐलान से ग्रामीणों और पट्टाधारकों को बड़ी राहत मिली है।
    user_UNA News
    UNA News
    Media house कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • कवर्धा के बोड़ला विकासखंड में स्थित दलदली-खारिया-अगरी पीएम जनमन सड़क के धंसने के मामले में हुई जांच में, ओवरलोड वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामियों को मुख्य कारण पाया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश के बाद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। जांच के परिणामों के आधार पर, निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क और शोल्डर का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए, सड़क पर ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाने हेतु परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग को मिलकर संयुक्त कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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    कवर्धा के बोड़ला विकासखंड में स्थित दलदली-खारिया-अगरी पीएम जनमन सड़क के धंसने के मामले में हुई जांच में, ओवरलोड वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामियों को मुख्य कारण पाया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश के बाद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।

जांच के परिणामों के आधार पर, निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क और शोल्डर का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए, सड़क पर ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाने हेतु परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग को मिलकर संयुक्त कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
    user_KT CHHATTISGARH NEWS
    KT CHHATTISGARH NEWS
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है।

ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से सरदार सरोवर परियोजना के तीस वर्षों से लंबित मुद्दे का समाधान कर लिया गया है। मंत्री सिलावट ने बताया कि कई वर्षों से चारों राज्य गणना राशियों की अलग-अलग मांग कर रहे थे, और फरवरी 2026 में भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा दिए गए अभिमत के अनुसार, मध्यप्रदेश को गुजरात राज्य को 1500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ रहा था, क्योंकि गुजरात पर परियोजना के 50 प्रतिशत व्यय की हिस्सेदारी थी। मंत्री सिलावट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चारों राज्यों ने गहन विचार-विमर्श किया। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया कि गुजरात राज्य अपनी व्यय हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करेगा। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश की देनदारी 1500 करोड़ रुपये से घटकर मात्र 231 करोड़ रुपये रह गई है। उन्होंने आगे बताया कि इस फैसले से सरदार सरोवर परियोजना अब पूरी तरह से विवाद रहित हो गई है। मध्यप्रदेश को परियोजना से 31 लाख हेक्टेयर सिंचाई और 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली निरंतर मिलती रहेगी। मंत्री सिलावट ने इस सफल समाधान के लिए राष्ट्र के गौरव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से सभी राज्यों को लाभ मिला। उन्होंने इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही कांग्रेस को राजनीति न करने की सलाह भी दी।
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    मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से सरदार सरोवर परियोजना के तीस वर्षों से लंबित मुद्दे का समाधान कर लिया गया है। मंत्री सिलावट ने बताया कि कई वर्षों से चारों राज्य गणना राशियों की अलग-अलग मांग कर रहे थे, और फरवरी 2026 में भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा दिए गए अभिमत के अनुसार, मध्यप्रदेश को गुजरात राज्य को 1500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ रहा था, क्योंकि गुजरात पर परियोजना के 50 प्रतिशत व्यय की हिस्सेदारी थी।

मंत्री सिलावट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चारों राज्यों ने गहन विचार-विमर्श किया। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया कि गुजरात राज्य अपनी व्यय हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करेगा। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश की देनदारी 1500 करोड़ रुपये से घटकर मात्र 231 करोड़ रुपये रह गई है।

उन्होंने आगे बताया कि इस फैसले से सरदार सरोवर परियोजना अब पूरी तरह से विवाद रहित हो गई है। मध्यप्रदेश को परियोजना से 31 लाख हेक्टेयर सिंचाई और 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली निरंतर मिलती रहेगी।

मंत्री सिलावट ने इस सफल समाधान के लिए राष्ट्र के गौरव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से सभी राज्यों को लाभ मिला। उन्होंने इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही कांग्रेस को राजनीति न करने की सलाह भी दी।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सुबह कि राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम दिलीप कुमार यादव की ओर से
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    सुबह कि राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम  दिलीप कुमार यादव  की ओर से
    user_Dilip  kumar Yadav
    Dilip kumar Yadav
    Singer मुंगेली, मुंगेली, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • शहडोल जिला मुख्यालय में कॉन्वेंट स्कूल के सामने यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी का मामला सामने आया है, जहाँ एक चार पहिया वाहन चालक को खुले मैदान में खतरनाक स्टंट करते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक वाहन से स्टंट कर रहा था, उस समय आसपास कई स्कूली बच्चे मौजूद थे। चालक ने किसी भी प्रकार की सुरक्षा या जोखिम की परवाह किए बिना वाहन दौड़ाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई थी। स्थानीय नागरिकों ने इसे कोई इकलौती घटना मानने से इनकार किया है। निवासियों का आरोप है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अक्सर बाइक चालक अपने वाहनों के साइलेंसर से तेज धमाकेदार आवाजें निकालकर दहशत फैलाते हैं। इन गतिविधियों के कारण राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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    शहडोल जिला मुख्यालय में कॉन्वेंट स्कूल के सामने यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी का मामला सामने आया है, जहाँ एक चार पहिया वाहन चालक को खुले मैदान में खतरनाक स्टंट करते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक वाहन से स्टंट कर रहा था, उस समय आसपास कई स्कूली बच्चे मौजूद थे। चालक ने किसी भी प्रकार की सुरक्षा या जोखिम की परवाह किए बिना वाहन दौड़ाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई थी।

स्थानीय नागरिकों ने इसे कोई इकलौती घटना मानने से इनकार किया है। निवासियों का आरोप है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अक्सर बाइक चालक अपने वाहनों के साइलेंसर से तेज धमाकेदार आवाजें निकालकर दहशत फैलाते हैं। इन गतिविधियों के कारण राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
    user_राहुल सिंह राणा
    राहुल सिंह राणा
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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