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उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

4 hrs ago
user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
सतीश पांडे मध्य प्रदेश
Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न

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केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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  • उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है।

ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शहडोल जिले में 9 जुलाई 2026 को नवागत पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण किया। श्री अग्रवाल मध्यप्रदेश पुलिस की राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 1997 बैच के अधिकारी हैं और वर्ष 2016 से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने डीसीपी इंटेलिजेंस भोपाल और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में अपनी सेवाएँ दी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भिंड, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दतिया, शिवपुरी, जबलपुर एवं भोपाल सहित विभिन्न जिलों में कार्य किया है। उनकी सेवाएँ पुलिस अकादमी, सीआईडी, विशेष शाखा, विशेष सशस्त्र बल, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और एसआईएसएफ जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी रही हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्री अग्रवाल को मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 और 2018 का के.एफ. रुस्तम पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। साथ ही, वर्ष 2020 में भारत सरकार ने उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया था।
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    शहडोल जिले में 9 जुलाई 2026 को नवागत पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण किया।

श्री अग्रवाल मध्यप्रदेश पुलिस की राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 1997 बैच के अधिकारी हैं और वर्ष 2016 से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने डीसीपी इंटेलिजेंस भोपाल और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में अपनी सेवाएँ दी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भिंड, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दतिया, शिवपुरी, जबलपुर एवं भोपाल सहित विभिन्न जिलों में कार्य किया है। उनकी सेवाएँ पुलिस अकादमी, सीआईडी, विशेष शाखा, विशेष सशस्त्र बल, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और एसआईएसएफ जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी रही हैं।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्री अग्रवाल को मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 और 2018 का के.एफ. रुस्तम पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। साथ ही, वर्ष 2020 में भारत सरकार ने उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया था।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल न होने के कारण बारिश के मौसम में बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुँचने के लिए सामान्य 4 से 5 किलोमीटर की दूरी के बजाय अमरपुर होकर लगभग 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बार विद्यालय पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान नदी में जलभराव से पूर्व में भी कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई सुचारु रखने और पुल निर्माण की मांग को लेकर 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि हलफल-भदार नदी के संगम क्षेत्र में जलभराव पहले से अधिक हो रहा है, कुछ ग्रामीणों ने इसके लिए ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे आवागमन के साथ-साथ किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हलफल-भदार नदी से जुड़े रेत समूहों से शासन को राजस्व मिलता है, इसलिए जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद या अन्य उपयुक्त योजना से पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मौखिक एवं लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने शिक्षकों पर कार्रवाई तो कर दी, लेकिन पुल के अभाव में हर वर्ष हजारों छात्र-छात्राओं की प्रभावित होती पढ़ाई और उनके भविष्य की चिंता नहीं की। उन्होंने जिला कलेक्टर से शीघ्र मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल न होने के कारण बारिश के मौसम में बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुँचने के लिए सामान्य 4 से 5 किलोमीटर की दूरी के बजाय अमरपुर होकर लगभग 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बार विद्यालय पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान नदी में जलभराव से पूर्व में भी कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई सुचारु रखने और पुल निर्माण की मांग को लेकर 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि हलफल-भदार नदी के संगम क्षेत्र में जलभराव पहले से अधिक हो रहा है, कुछ ग्रामीणों ने इसके लिए ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे आवागमन के साथ-साथ किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि हलफल-भदार नदी से जुड़े रेत समूहों से शासन को राजस्व मिलता है, इसलिए जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद या अन्य उपयुक्त योजना से पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मौखिक एवं लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने शिक्षकों पर कार्रवाई तो कर दी, लेकिन पुल के अभाव में हर वर्ष हजारों छात्र-छात्राओं की प्रभावित होती पढ़ाई और उनके भविष्य की चिंता नहीं की। उन्होंने जिला कलेक्टर से शीघ्र मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-43 पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। उमरिया कोतवाली क्षेत्र के भरौला गाँव के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से तेज रफ्तार एर्टिगा कार जा टकराई। यह टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एर्टिगा कार अनूपपुर जिले से चित्रकूट की ओर जा रही थी। भरौला के समीप पहुँचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप कार सीधे हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इस जबरदस्त टक्कर में मौके पर ही चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएँ, एक पुरुष और एक तीन वर्षीय मासूम बच्चा शामिल हैं। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही उमरिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फँसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक को ही इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-43 पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। उमरिया कोतवाली क्षेत्र के भरौला गाँव के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से तेज रफ्तार एर्टिगा कार जा टकराई। यह टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एर्टिगा कार अनूपपुर जिले से चित्रकूट की ओर जा रही थी। भरौला के समीप पहुँचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप कार सीधे हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इस जबरदस्त टक्कर में मौके पर ही चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएँ, एक पुरुष और एक तीन वर्षीय मासूम बच्चा शामिल हैं। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे की सूचना मिलते ही उमरिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फँसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक को ही इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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