अनूपपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ कई वार्डों में घरों तक गंदा, मटमैला और दूषित पानी पहुँच रहा है। इस स्थिति ने आम नागरिकों में भारी चिंता पैदा कर दी है, खासकर बरसात के मौसम में जब जलजनित बीमारियों का खतरा पहले से ही अधिक होता है। दूषित पेयजल की यह आपूर्ति लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अधिकांश वार्डों में नलों से साफ पानी के बजाय गंदा पानी आता है, और जल वितरण प्रणाली के नियमित रखरखाव व सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दूषित पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पीलिया तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे पानी को केवल कपड़े या सामान्य फिल्टर से छानने मात्र से पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता। यह समस्या केवल पेयजल की नहीं, बल्कि पूरे शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जलापूर्ति लाइनों की तत्काल जांच कराई जाए, जलाशयों एवं टंकियों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए, तब तक नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं।
अनूपपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ कई वार्डों में घरों तक गंदा, मटमैला और दूषित पानी पहुँच रहा है। इस स्थिति ने आम नागरिकों में भारी चिंता पैदा कर दी है, खासकर बरसात के मौसम में जब जलजनित बीमारियों का खतरा पहले से ही अधिक होता है। दूषित पेयजल की यह आपूर्ति लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अधिकांश वार्डों में नलों से साफ पानी के बजाय गंदा पानी आता है, और जल वितरण प्रणाली के नियमित रखरखाव व सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दूषित पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पीलिया तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे पानी को केवल कपड़े या सामान्य फिल्टर से छानने मात्र से पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता। यह समस्या केवल पेयजल की नहीं, बल्कि पूरे शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जलापूर्ति लाइनों की तत्काल जांच कराई जाए, जलाशयों एवं टंकियों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए, तब तक नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं।
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में तीन हाथियों का समूह पांचवें दिन भी डेरा डाले हुए है। गुरुवार रात 8 बजे इनमें से एक बड़ा दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया, जबकि दो अन्य हाथी अभी भी भोलगढ़ के जंगल में ही मौजूद हैं। वन विभाग का गश्ती दल लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से महुआ या कच्ची शराब जैसी गंध वाली सामग्रियों को घरों से दूर रखने की अपील की है। इससे पहले मंगलवार की सुबह, दो हाथियों ने भोलगढ़ गांव में केसरत पिता स्व. मोहन बैगख के घर की दीवार तोड़कर भारी नुकसान पहुँचाया था। उस दौरान हाथियों ने घर में रखा धान खा लिया और चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन फैला दिया था। नुकसान करने के बाद ये हाथी मुख्य मार्ग पार करके वापस जंगल में चले गए थे।1
- मनेंद्रगढ़ वनमंडल के बिहारपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सोनहरी बीट में एक मादा भालू के खुले कुएं में गिरने की घटना सामने आई है। ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों के साथ बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने कुएं के भीतर भालू के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए निकास का रास्ता तैयार किया, जिसके सहारे मादा भालू सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकली और जंगल की ओर चली गई। डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल ने इस घटना पर कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्य जीव के संकट में होने की स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करें। इसके साथ ही उन्होंने जंगल से सटे खुले कुओं को सुरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- डिंडोरी जिले के बजाग में साइबर ठगी की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साइबर अपराधों से बचाव के लिए नागरिकों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल कॉल, व्हाट्सएप, एसएमएस, क्यूआर कोड लिंक और ओटीपी जैसी बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इस सुरक्षा संदेश का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर कोटवारों की मदद ली जा रही है। गाँव-गाँव जाकर कोटवारों के माध्यम से लोगों को साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।1
- सिद्ध बाबा पहाड़ के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे परियोजना में भ्रष्टाचार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी चिंता व्यक्त की गई है कि भ्रष्टाचार अब भगवान के दरबार तक भी अपनी पैठ बना चुका है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।1
- कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद ने युवक की जान ले ली है, जहाँ घर और जमीन के बंटवारे को लेकर बड़े भाई के साथ मारपीट करने के आरोप में छोटे भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब 26 जून 2026 को राम प्रकाश कुशवाहा ने ललित कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पटना थाने में दी, जिस पर जांच शुरू की गई। पंचनामा, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि मृतक ललित कुशवाहा और उसके छोटे भाई शारदा कुशवाहा के बीच घर तथा जमीन के बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता था और दोनों शराब के नशे में भी रहते थे। जांच में यह भी सामने आया कि 23 जून की सुबह करीब 9:30 बजे शारदा कुशवाहा ने अपने बड़े भाई ललित कुशवाहा को हाथ-मुक्कों और डंडे से पीटा था। मारपीट में गंभीर रूप से घायल ललित की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में भर्ती कराया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर कर दिया। उपचार के दौरान ही 25 जून की शाम करीब 6:15 बजे ललित कुशवाहा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मर्ग जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ललित की मृत्यु मारपीट में आई चोटों के कारण हुई, पुलिस ने आरोपी शारदा कुशवाहा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 8 जुलाई 2026 को ग्राम सावांरावां, थाना पटना, जिला कोरिया निवासी 36 वर्षीय आरोपी शारदा कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।1
- कोरिया के आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर स्थित शासकीय हाई स्कूल जामपानी में गुरुवार को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (मध्याह्न भोजन) के तहत न्योता भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया, जिससे विद्यालय और स्थानीय समुदाय के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने और सकारात्मक, प्रेरणादायी वातावरण बनाने का उद्देश्य रेखांकित हुआ। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता से बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण दोनों सुनिश्चित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान, कलेक्टर श्रीमती यादव ने विद्यालय के स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया और शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के विकास हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए गणित एवं अंग्रेजी से जुड़े प्रश्न पूछे, जहाँ कक्षा दूसरी के एक छात्र ने 11 का पहाड़ा तथा कक्षा पांचवीं के छात्र ने 24 का पहाड़ा सुनाकर उन्हें प्रभावित किया। इन छात्रों को कलेक्टर ने पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, श्रीमती यादव ने विद्यालय परिसर में विकसित किचन गार्डन की सराहना की और बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक पौष्टिक सब्जियां लगाने के निर्देश भी दिए। जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि न्योता भोजन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है। उन्होंने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के साथ-साथ विद्यालय, पालकों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय एवं सहभागिता को सुदृढ़ बनाने वाला बताया। ग्राम पंचायत जामपानी के सरपंच अम्मे लाल ने भी न्योता भोजन जैसी पहल को समाज और विद्यालय के बीच सहयोग, विश्वास एवं आत्मीयता को मजबूत करने वाला और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।4
- शहडोल जिला मुख्यालय में कॉन्वेंट स्कूल के सामने यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी का मामला सामने आया है, जहाँ एक चार पहिया वाहन चालक को खुले मैदान में खतरनाक स्टंट करते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक वाहन से स्टंट कर रहा था, उस समय आसपास कई स्कूली बच्चे मौजूद थे। चालक ने किसी भी प्रकार की सुरक्षा या जोखिम की परवाह किए बिना वाहन दौड़ाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई थी। स्थानीय नागरिकों ने इसे कोई इकलौती घटना मानने से इनकार किया है। निवासियों का आरोप है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अक्सर बाइक चालक अपने वाहनों के साइलेंसर से तेज धमाकेदार आवाजें निकालकर दहशत फैलाते हैं। इन गतिविधियों के कारण राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।1