असवार में मुख्य हाईवे के किनारे बस्ती के बीच खुले शराब के ठेके को हटवाने की मांग को लेकर महिलाओं ने असवार की सरपंच श्रीमती शृद्धा ऋषिकांत त्यागी के नेतृत्व में थाना प्रभारी असवार को एक ज्ञापन सौंपा है। स्थानीय लोगों को इस शराब ठेके के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां घरों के बाहर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। सुबह के समय टूटी कांच की बोतलें और खाली पड़े गिलास इलाके के माहौल को दूषित कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, सुबह-शाम मंदिर जाने वाली महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अपनी इन्हीं समस्याओं को लेकर ठेके के आसपास रहने वाली महिलाओं ने सरपंच को अपनी परेशानी बताई थी, जिसके बाद सरपंच महोदया स्वयं मौके पर पहुँचीं और थाना प्रभारी असवार को बुलाकर उन्हें इन सभी समस्याओं से अवगत कराया, साथ ही ठेका हटवाने के लिए ज्ञापन प्रस्तुत किया।
असवार में मुख्य हाईवे के किनारे बस्ती के बीच खुले शराब के ठेके को हटवाने की मांग को लेकर महिलाओं ने असवार की सरपंच श्रीमती शृद्धा ऋषिकांत त्यागी के नेतृत्व में थाना प्रभारी असवार को एक ज्ञापन सौंपा है। स्थानीय लोगों को इस शराब ठेके के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां घरों के बाहर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। सुबह के समय टूटी कांच की बोतलें और खाली पड़े गिलास इलाके के माहौल को दूषित कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, सुबह-शाम मंदिर जाने वाली महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अपनी इन्हीं समस्याओं को लेकर ठेके के आसपास रहने वाली महिलाओं ने सरपंच को अपनी परेशानी बताई थी, जिसके बाद सरपंच महोदया स्वयं मौके पर पहुँचीं और थाना प्रभारी असवार को बुलाकर उन्हें इन सभी समस्याओं से अवगत कराया, साथ ही ठेका हटवाने के लिए ज्ञापन प्रस्तुत किया।
- मेहगांव थाने में पक्षपातपूर्ण व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहाँ थाना प्रभारी श्री महेश शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद से ही क्षेत्र के कई नागरिक शिकायत कर रहे हैं कि सभी के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से बहुजन समाज के लोगों की शिकायतों पर उचित कार्रवाई न होने और पीड़ितों को बार-बार थाने बुलाने के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की भिण्ड जिला इकाई ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ये आरोप सत्य हैं, तो यह कानून के समक्ष समानता और निष्पक्ष न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। पार्टी ने मांग की है कि मेहगांव थाने में दर्ज शिकायतों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र के सभी नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।1
- कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग में श्रीमती सरोज बाल्मीकि को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर, प्रदेश उपाध्यक्ष और भिंड प्रभारी कुलदीप मगरैया ने नव नियुक्त उपाध्यक्ष सरोज बाल्मीकि से विशेष रूप से गोहद में महिलाओं के संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।1
- पोरसा नगर पालिका परिषद ने आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई का अभियान तेज गति से शुरू कर दिया है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि अगले 15 दिनों के भीतर यह सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कुसमा देवी रामवीर सिंह तोमर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर, सब इंजीनियर संजय वर्मा और स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर के मार्गदर्शन में किर्रायच रोड, जोटई रोड, अटेर रोड, धनेटा रोड, अंबाह रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्थित नालों से गाद एवं कचरा निकालकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया जा रहा है। आज सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित एक बड़े नाले की सफाई के निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर ने बताया कि मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नालों को पहले ही चौड़ा कराया जा चुका है, जिससे वर्षा का पानी तेजी से निकलेगा और शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना नहीं रहेगी। नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने से नागरिकों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका के इस अभियान की सराहना की है और सफाई कार्य को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की है। नगर पालिका का लक्ष्य है कि मानसून की पहली बारिश से पहले शहर की संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाकर पोरसा को जलभराव मुक्त बनाया जाए।1
- पोरसा के श्री पांडरी बाबा महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले को प्रभु कभी निराश नहीं करते। आचार्य द्वारा “देख सुदामा की दीन दशा, करुणाकर करुणानिधि रोए…” भजन गाने पर पूरा कथा पंडाल भाव-विभोर हो उठा और श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे वातावरण “राधे-श्याम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को भक्ति, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने सुदामा की घोर गरीबी का उल्लेख किया, जिनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका गए। सुदामा संकोचवश कुछ मांगना नहीं चाहते थे, इसलिए उनकी पत्नी ने पड़ोस से चावल मांगकर थोड़े से पोहे बांध दिए। श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़कर गले लगा लिया और पानी की परात को हाथ लगाए बिना अपने नेत्रों के अश्रुओं से उनके चरण धो दिए, जो भगवान की अपने भक्त के प्रति करुणा और प्रेम को दर्शाता है। आचार्य महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहा कि सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान ने उनके मन की हर इच्छा पूरी की और जब सुदामा वापस अपने गांव पहुंचे, तो उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी महल में बदल चुकी थी और पूरी “सुदामा पुरी” बस गई। उन्होंने कलयुग में मनुष्य के स्वार्थ और मोह में फंसकर भगवान को भूलने की बात कही और सत्कर्मों पर जोर दिया। कथा व्यास ने भोमासुर के वध और 16,100 कन्याओं के उद्धार का प्रसंग भी सुनाया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कन्याओं की प्रार्थना पर भोमासुर का वध कर उन्हें मुक्ति दिलाई और समाज द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से भगवान ने उन सभी कन्याओं से विवाह कर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया। आचार्य रामभूषण दास महाराज ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया, इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए युवाओं से धार्मिक और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की अपील की। श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में धोर्रा में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नगर सहित महुआ, रजौधा, रायपुर, अंबाह, सिलावली, कुरैठा, मुरैना, फूप, अटेर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, नगरा, चापक, भदावली जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भारी संख्या में भक्त धोर्रा पहुंचे। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और प्रसादी निर्माण का कार्य 2 जून की रात 9 बजे से बुधवार रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। विशाल रसोई में 20 तवों पर 150 क्विंटल आटे के मालपुए तैयार किए गए, जबकि सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात सहयोग किया। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता धोर्रा के ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे गांव में सेवा, समर्पण तथा धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री पांडरी बाबा महाराज के मंदिर में दर्शन कर मन्नत की अर्जी लगाई और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, धोर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और पांडरी बाबा महाराज की कृपा से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भंडारा दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा।1
- जालौन के एसडीएम के संबंध में लोगों के विचार सामने आए हैं।4
- भिंड जिले के अटेर विकासखंड अंतर्गत ग्राम मसूरी में तालाब संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए एक विशाल श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना जल संरक्षण संभव नहीं है। ग्राम मसूरी स्थित हनुमान मंदिर के समीप आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, पर्यावरण संवर्धन करना तथा जनभागीदारी के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति प्रदान करना रहा। यह कार्यक्रम महाकाली स्वास्थ्य सेवा समिति द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की भिंड जिला इकाई का भी सहयोग रहा। इस विशाल श्रमदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने तालाब की सफाई एवं संरक्षण कार्य में अपना श्रमदान दिया। इस सफल आयोजन में डॉ. शैलेन्द्र परिहार, डॉ. शिवप्रताप सिंह, सोहन सिंह भदौरिया, उमेश भदौरिया, गजेंद्र सिंह, शशिकांत शर्मा, सुनील दुबे, शैलेन्द्र परमार और आशीष कुमार सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।1
- राजस्थान के धौलपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान रमेश कुमार नामक व्यक्ति को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।1
- परिवहन आयुक्त श्री उमेश जोगा ने भिंड कलेक्ट्रेट सभागार में 3 जून, 2026 को एक समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से खनिज परिवहन से जुड़े सभी वाहनों की सघन जांच करने और आवश्यकतानुसार उनमें जीपीएस प्रणाली स्थापित कराने पर जोर दिया। बैठक में कलेक्टर भिंड, पुलिस अधीक्षक भिंड सहित वन, पुलिस, खनिज एवं परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। श्री जोगा ने निर्देशित किया कि चंबल रेत के अवैध परिवहन में संलग्न वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए तथा बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में रखकर उनके चालकों एवं मालिकों के विरुद्ध परिवहन नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी अवैध रेत भंडारण पाए जाने पर उसे तत्काल समाप्त कर विनष्टीकरण की कार्रवाई की जाए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी वाहन को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा, और संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर लगातार कार्रवाई जारी रखें। यात्री बस सेवाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि बिना परमिट के कोई भी बस नहीं चलनी चाहिए, और समय-समय पर सघन चेकिंग कर उनकी परमिट तथा फिटनेस की जांच की जाए। कलेक्टर भिंड ने बैठक में बताया कि अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा होती है और आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। जिले में निगरानी और जांच के लिए चेकिंग पॉइंट भी स्थापित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक भिंड ने पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक बल और सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। परिवहन आयुक्त ने दोहराया कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और चंबल रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा।1