2 अगस्त को होगा चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह, तैयारियां अंतिम चरण में धर्म में प्रदर्शन नहीं, भावना और प्रभावना का महत्व है -- मुनि सागर महाराज श्री दिगंबर जैन समाज के वर्ष 2026 के चातुर्मास महोत्सव को लेकर धार्मिक वातावरण निरंतर भक्तिमय होता जा रहा है। आचार्य विद्यासागर धर्म सभागार में आयोजित धर्मसभा में मुनि सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीष वचन प्रदान करते हुए धर्म,संस्कार और आत्मकल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सुर में सुर मिलाकर सामूहिक पूजा-अर्चना करने का जो आनंद है, वह व्यक्तिगत साधना से भी बढ़कर होता है।धर्म में एकता, समर्पण और सामूहिक भावना का विशेष महत्व है। मुनिश्री ने कहा कि आज समाज भगवान के पांचों कल्याणकों के वास्तविक महत्व को धीरे-धीरे भूलता जा रहा है, जबकि प्रत्येक कल्याणक श्रद्धा और आराधना का विषय है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार 31 जुलाई को भगवान मुनिसुव्रतनाथ के गर्भ कल्याणक की पावन तिथि पर आप लोगों ने भगवान की आराधना की। मुनिश्री ने बताया कि भगवान के पांचों कल्याणक कृष्ण पक्ष में संपन्न हुए थे। उन्होंने कहा कि कल्याण की शुरुआत गर्भ कल्याणक से होती है और धर्म में तिथियों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।अपने प्रवचन में मुनि सागर महाराज ने कहा कि जीवन में निमित्त और उपादान दोनों की महत्ता है। भगवान महावीर स्वामी के गर्भ, जन्म एवं तप कल्याणक पुरुषार्थ के बल पर संपन्न हुए, जो प्रत्येक व्यक्ति को आत्मसाधना और पुरुषार्थ का संदेश देते हैं।उन्होंने कहा कि धर्म प्रदर्शन का विषय नहीं, बल्कि भावना का विषय है।व्यक्ति को दिखावे से दूर रहकर शुद्ध भावना एवं प्रभावना के साथ धर्म का पालन करना चाहिए। द्वेषभाव को त्यागकर परस्पर प्रेम और सहयोग की भावना से कार्य करना ही सच्चा धर्म है। मुनिश्री ने वर्तमान पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि बच्चों में धार्मिक संस्कार विकसित करना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अनेक बच्चे साधु -- संतों के पिच्छी और कमंडल धारण कर धर्म के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। यह समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने पूर्वजों द्वारा दिए गए संस्कारों को जीवित रखने तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि आष्टा का किला मंदिर नगर की धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बिंदु है, जहां नियमित रूप से स्वाध्याय, पूजा एवं धर्मचर्चा होती रहनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन स्वाध्याय के लिए समय निकालना चाहिए, क्योंकि स्वाध्याय आत्मकल्याण का श्रेष्ठ माध्यम है। चातुर्मास मंगल कलश स्थापना की तैयारियां जोरों पर चातुर्मास धर्म प्रभावना संघ के मुख्य संयोजक मनोज गोपी सेठी ने बताया कि रविवार 2 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे नगर के मानस भवन परिसर में पावन वर्षायोग-2026 चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। समारोह की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। श्री सेठी ने बताया कि वात्सल्य रत्नाकर समाधि सम्राट मुनिश्री भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री मुनि सागर महाराज, ऐलक मंथन सागर महाराज, आचार्य सुबल सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री अभेद सागर महाराज तथा नगर गौरव अगर्भ सागर महाराज के चातुर्मास के निमित्त मंगल कलश स्थापना 2 अगस्त को दोनों मुनि संघ की महती उपस्थिति में संपन्न होगी। समारोह में आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं विभिन्न नगरों,महानगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने सभी धर्मावलंबियों से समय पर उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने एवं चातुर्मास महोत्सव को सफल बनाने का आग्रह किया है।
2 अगस्त को होगा चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह, तैयारियां अंतिम चरण में धर्म में प्रदर्शन नहीं, भावना और प्रभावना का महत्व है -- मुनि सागर महाराज श्री दिगंबर जैन समाज के वर्ष 2026 के चातुर्मास महोत्सव को लेकर धार्मिक वातावरण निरंतर भक्तिमय होता जा रहा है। आचार्य विद्यासागर धर्म सभागार में आयोजित धर्मसभा में मुनि सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीष वचन प्रदान करते हुए धर्म,संस्कार और आत्मकल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सुर में सुर मिलाकर सामूहिक पूजा-अर्चना करने का जो आनंद है, वह व्यक्तिगत साधना से भी बढ़कर होता है।धर्म में एकता, समर्पण और सामूहिक भावना का विशेष महत्व है। मुनिश्री ने कहा कि आज समाज भगवान के पांचों कल्याणकों के वास्तविक महत्व को धीरे-धीरे भूलता जा रहा है, जबकि प्रत्येक कल्याणक श्रद्धा और आराधना का विषय है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार 31 जुलाई को भगवान मुनिसुव्रतनाथ के गर्भ कल्याणक की पावन तिथि पर आप लोगों ने भगवान की आराधना की। मुनिश्री ने बताया कि भगवान के पांचों कल्याणक कृष्ण पक्ष में संपन्न हुए थे। उन्होंने कहा कि कल्याण की शुरुआत गर्भ कल्याणक से होती है और धर्म में तिथियों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।अपने प्रवचन में मुनि सागर महाराज ने कहा कि जीवन में निमित्त और उपादान दोनों की महत्ता है। भगवान महावीर स्वामी के गर्भ, जन्म एवं तप कल्याणक पुरुषार्थ के बल पर संपन्न हुए, जो प्रत्येक व्यक्ति को आत्मसाधना और पुरुषार्थ का संदेश देते हैं।उन्होंने कहा कि धर्म प्रदर्शन का विषय नहीं, बल्कि भावना का विषय है।व्यक्ति को दिखावे से दूर रहकर शुद्ध भावना एवं प्रभावना के साथ धर्म का पालन करना चाहिए। द्वेषभाव को त्यागकर परस्पर प्रेम और सहयोग की भावना से कार्य करना ही सच्चा धर्म है। मुनिश्री ने वर्तमान पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि बच्चों में धार्मिक संस्कार विकसित करना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अनेक बच्चे साधु -- संतों के पिच्छी और कमंडल धारण कर धर्म के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। यह समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने पूर्वजों द्वारा दिए गए संस्कारों को जीवित रखने तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि आष्टा का किला मंदिर नगर की धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बिंदु है, जहां नियमित रूप से स्वाध्याय, पूजा एवं धर्मचर्चा होती रहनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन स्वाध्याय के लिए समय निकालना चाहिए, क्योंकि स्वाध्याय आत्मकल्याण का श्रेष्ठ माध्यम है। चातुर्मास मंगल कलश स्थापना की तैयारियां जोरों पर चातुर्मास धर्म प्रभावना संघ के मुख्य संयोजक मनोज गोपी सेठी ने बताया कि रविवार 2 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे नगर के मानस भवन परिसर में पावन वर्षायोग-2026 चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। समारोह की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। श्री सेठी ने बताया कि वात्सल्य रत्नाकर समाधि सम्राट मुनिश्री भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री मुनि सागर महाराज, ऐलक मंथन सागर महाराज, आचार्य सुबल सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री अभेद सागर महाराज तथा नगर गौरव अगर्भ सागर महाराज के चातुर्मास के निमित्त मंगल कलश स्थापना 2 अगस्त को दोनों मुनि संघ की महती उपस्थिति में संपन्न होगी। समारोह में आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं विभिन्न नगरों,महानगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने सभी धर्मावलंबियों से समय पर उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने एवं चातुर्मास महोत्सव को सफल बनाने का आग्रह किया है।
- स्कूलों में सज रही ‘स्वच्छता पाठशाला चौक-चौराहों पर खुद मोर्चा संभाल रहे नपाध्यक्ष प्रतिनिधि नगरपालिका द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में अव्वल स्थान दिलाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शासकीय एवं अर्द्धशासकीय विद्यालयों में स्वच्छता पाठशाला का आयोजन कर विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा स्वयं मैदान में उतरकर चौक-चौराहों और नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और मौके पर ही सफाई कार्य संपन्न करा रहे हैं। इसी कड़ी में आज स्थानीय पुष्प विद्यालय में स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत स्वच्छता पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा थे एवं अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य मेलविन सीजे ने की। प्रधानमंत्री के विजन और इंदौर के मॉडल का दिया उदाहरण - स्वच्छता पाठशाला में उपस्थित सैकड़ों विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब पहली बार देश की बागडोर संभाली थी, तब उन्होंने 2 अक्टूबर को लाल किले की प्राचीर से संपूर्ण देश में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी। यह उसी दूरदर्शी सोच और जन-भागीदारी का परिणाम है कि आज हमारा इंदौर शहर पूरे देश में स्वच्छता के मामले में लगातार नंबर वन बना हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आष्टा नगर को भी स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर लाने के लिए हर नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने सभी से स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या और आदतों में शामिल करने का आव्हान किया। विद्यार्थियों ने लिया नगर को स्वच्छ बनाने का संकल्प - कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नगर पालिका अमले को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे न स्वयं गंदगी करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे। वे अपने घर, स्कूल और आसपास के परिसर को साफ-सुथरा रखकर आष्टा को स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम स्थान दिलाने में अपना पूर्ण योगदान देंगे। कार्यक्रम को सोलेस्टियल वेस्ट मैनेजमेंट की प्रमुख शीना हुसैन द्वारा संबोधित करते हुए कहा कि नगर में कचरा संग्रहण वाहन प्रतिदिन चक्कर लगाकर नगर से कचरा एकत्रित करते है। आप सभी अपने परिवार, दोस्तों को घर व प्रतिष्ठान से निकलने वाला सूखा व गीला कचरा वाहन में बने अलग-अलग डस्टबिनों में डालने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर पूरणसिंह मेवाड़ा, राजेन्द्र पंवार, अनुराग सारविया, राजकुमार अकेला, विनयसिंह, रोहित तिवारी, अनीश सोलंकी आदि मौजूद थे।3
- श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भागवत आचार्यों एवं गुरुजनों का हुआ भव्य सम्मान, गुरु पूर्णिमा महोत्सव का हुआ समापन खातेगांव। श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री दादाजी नाम संकीर्तन का 539वां आयोजन भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के भागवत आचार्यों, गुरुजनों एवं संगीत गुरु का पुष्पवर्षा, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भव्य सम्मान किया गया। सम्मानित होने वाले विद्वानों में भागवत आचार्य लोकेश कृष्ण शास्त्री (जियागांव), पं. कैलाश तिवारी, पं. नित्यानंद शास्त्री, पं. नारायण प्रसाद तिवारी, गणेश मंदिर के पुजारी तथा संगीत गुरु चंद्रमोहन बड़ोदिया का श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान के रामदयाल रावाडिया, पंडित जितेंद्र दुबे, दिनेश राठौर,पूनम विश्नोई ने स्वागत सम्मान किया।इस अवसर पर सभी भागवत आचार्यों ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और आत्मिक उन्नति का वास्तविक मार्गदर्शक होता है। गुरु के सानिध्य से ही जीवन सफल और सार्थक बनता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए समाज से इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।नगर व क्षेत्र में लगातार एक माह तक प्रति दिन दादा जी नाम संकीर्तन भजन-कीर्तन, गुरु वंदना में सेवा देने वाले भजन गायक सतीष वर्मा,संजय शर्मा, शालिग्राम दुरान्द, रामेश्वर पटेल, कैलाश माली,पूनम भाई, कोमल साहू,अथर्व साहू, माधव वर्मा को प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया । सम्मान समारोह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। आयोजक मंडलज्ञके प्रदीप साहू,दौलत रावडिया ने सभी श्रद्धालुओं, भागवत आचार्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आयोजनों में भी इसी उत्साह से सहभागिता का आग्रह किया।4
- E 20 petrol pump se 2 liter liya or gadi pump se thodi dur jaane per band hogayi 😡 😡😡😡 E 20 petrol pump se 2 liter liya or gadi pump se thodi dur jaane per band hogayi 😡😡😡😡3
- राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ VHP-बजरंग दल का जोरदार विरोध राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ VHP-बजरंग दल का जोरदार विरोध1
- टाइटल राम मंदिर चढ़ावा विवाद। भोपाल में बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, राहुल गांधी के खिलाफ फूटा गुस्सा एंकर संसद में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर हुए ड्रामे और विवाद की आंच अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। इसके विरोध में बजरंग दल ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। उनका कहना है कि राम मंदिर बनाने से पहले भी कांग्रेसियों ने विरोध कर बवाल खड़ा किया था और आज जब राम मंदिर बन चुका है तब चंदा चोरी का झुठा आरोप कर राम लला को जबरन बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के संगठन सहमंत्री हरिओम शर्मा और स्थानीय संतों ने राहुल गांधी व विपक्ष के कृत्यों पर तीखा रोष जताया। वक्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और साधु-संतों के वेश का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। बाइट - अनिलानंद महाराज बाइट - हरिओम शर्मा भोपाल विभाग सहमंत्री विश्वहिंदू परिषद1
- ऑपरेशन पवित्र का उद्देश्य जिले में आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों को भय मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर बाउंड ओवर कराया जा रहा है, ऑपरेशन पवित्र के तहत,20 आदतन अपराधियों को 4.50 लाख रुपए से बाउंड ओवर किया, पुलिस थाना कन्नौद ने की कार्यवाही कन्नौद/ आदतन अपराधीयो पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन पवित्र के तहत कन्नौद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आपराधिक इतिहास रखने वाले 20 व्यक्तियों को कुल 4.50 लाख रुपए की बाउंड राशि से फाइनल बाउंड ओवर कराया है पुलिस के अनुसार लगातार मारपीट विवाद और अशांति फैलाने की शिकायतों के आधार पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से बी एन एस एस के प्रावधानों के तहत फाइनल बाउंड ओवर के आदेश प्राप्त किए गए कार्रवाई के दायरे में फैजान निवासी टाकलीखेड़ा, इमरान उर्फ गोलू कन्नौद,रंजीत ननासा, गोलू बिजोलिया कलवार, नबु लोदवाल कलवार, हनीफ खान उर्फ कडौला कन्नौद ,शफीक टाकलीखेड़ा, सतीश भुवाना, महेंद्र ननासा और देवेंद्र खातेगांव सहित कुल 20 आदतन अपराधी शामिल है थाना प्रभारी कन्नौद तहजीब काजी ने बताया कि ऑपरेशन पवित्र का उद्देश्य जिले में आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों को भय मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर बाउंड ओवर कराया जा रहा है,1
- शुजालपुर मंडी सिविल अस्पताल की लिफ्ट बनी 'कैदखाना', 18 माह की मासूम समेत चार लोग फंसे, मचा हड़कंप1