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बाजीराव पारा में बेकाबू कार का कहर,भाजपा पार्षद की स्कूटी समेत कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त कांग्रेस नेता कमल प्रधान व चालक हिरासत में।

6 hrs ago
user_Chhattisgarh
Chhattisgarh
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago

बाजीराव पारा में बेकाबू कार का कहर,भाजपा पार्षद की स्कूटी समेत कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त कांग्रेस नेता कमल प्रधान व चालक हिरासत में।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • घरघोड़ा में पैतृक भूमि विवाद ने पकड़ा तूल,कलेक्टर से 1979 से अब तक के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की मांग।
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    घरघोड़ा में पैतृक भूमि विवाद ने पकड़ा तूल,कलेक्टर से 1979 से अब तक के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की मांग।
    user_Chhattisgarh
    Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अनुपम वस्त्रालय कांड में नया मोड़: पीड़िता के चरित्र हनन और जातिगत लांछन के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज का हल्लाबोल, CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर Atrocity Act के तहत FIR व वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी की मांग... ​अंबिकापुर (सरगुजा, छत्तीसगढ़): अंबिकापुर के बहुचर्चित अनुपम वस्त्रालय यौन दुर्व्यवहार कांड ने अब व्यापक कानूनी व सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। मामले में न्याय की गुहार लगा रही अनुसूचित जनजाति वर्ग की पीड़िता के सार्वजनिक चरित्र हनन, जांच को प्रभावित करने के प्रयासों और पूरे आदिवासी समाज पर की गई जातिगत टिप्पणियों के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने मोर्चा खोल दिया है। महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा थाना प्रभारी, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण (आ०जा०क०), अंबिकापुर को तीन पृष्ठों का विस्तृत कानूनी शिकायती ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में सीएआईटी (CAIT) सरगुजा से जुड़े रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Atrocity Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने तथा दुकान संचालक (वास्तविक आरोपी) की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। ​मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल ​शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2026 की है, जब अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय में एक आदिवासी महिला के साथ दुकान संचालक द्वारा कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार किया गया। इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली, अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत धारा 74 एवं 351(3) BNS 2023 के अंतर्गत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। ​प्रारंभिक विवेचना प्रधान आरक्षक राजेश चतुर्वेदी द्वारा की गई। विवेचना के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं—आरोपी का सही नाम छिपाने, पीड़िता के पूरे कथनों को केस डायरी व एफआईआर में शामिल न करने तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए जाने वाले बयानों को प्रभावित करने की कोशिशों के आरोप लगे। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने प्राथमिक विवेचक को निलंबित कर दिया। ​समाज का आरोप है कि विवेचक के निलंबन के बावजूद आज दिनांक तक पीड़िता का विधिसम्मत पूरक/पुनः कथन दर्ज नहीं किया गया है। प्रारंभिक विवेचना में छूटे महत्वपूर्ण तथ्यों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर जो कड़ी धाराएं जुड़नी चाहिए थीं, वे अब तक शामिल नहीं की गई हैं। ​CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर सार्वजनिक चरित्र हनन और जातिगत टिप्पणी का आरोप ​ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि CAIT सरगुजा के रवीन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस विचाराधीन आपराधिक प्रकरण को "समाप्त/खात्मा" करने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के माध्यम से पीड़िता और उसके पूरे समुदाय को लांछित किया गया। ​रवीन्द्र तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह झूठा और मनगढ़ंत दावा किया कि: ​"उक्त महिला शंकरगढ़ थाने में पहले भी इस तरह का कृत्य कर चुकी है।" ​इसके साथ ही, पूरे अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में कथित रूप से यह अपमानजनक टिप्पणी की गई कि: ​"जनजाति समाज के लोग शासन से मिलने वाली राशि और लाभ के लालच में Atrocity Act के प्रकरण लगवाने के लिए आतुर रहते हैं।" ​सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यह केवल एक पीड़िता के चरित्र और साख को नष्ट करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यौन अपराध की शिकायत को झूठा साबित करने और पूरे आदिवासी समाज को सार्वजनिक मंचों पर अपमानित व लांछित करने का आपराधिक षड्यंत्र है। ​ज्ञापन के जरिए रखी गई प्रमुख 9 कानूनी मांगें ​शंकरगढ़ रिकॉर्ड का आधिकारिक सत्यापन: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाने से तत्काल आधिकारिक अभिलेख मंगाकर सत्यापित किया जाए कि क्या पीड़िता ने पूर्व में किसी व्यापारी या व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज कराई थी। यदि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं मिलता है, तो झूठी सूचना गढ़कर प्रसारित करने के आरोप में रवीन्द्र तिवारी के स्रोत और मंशा की गहन जांच हो। ​इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की ज़ब्ती व मेटाडेटा संरक्षण: रवीन्द्र तिवारी के बयानों से संबंधित मूल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल साक्ष्यों को विधिपूर्वक सुरक्षित और ज़ब्त किया जाए। इसके साथ ही इनके मेटाडेटा और मूल इलेक्ट्रॉनिक स्रोत की प्रामाणिकता की तकनीकी जांच की जाए। ​SC/ST Atrocity Act में केस दर्ज: जनजाति समुदाय को सामूहिक रूप से धनलोलुप बताकर लांछित करने और Atrocity Act के दुरुपयोग का सार्वजनिक आरोप लगाने के कृत्य की जांच कर रवीन्द्र तिवारी व अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act 1989 की धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए। ​पीड़िता का पूरक कथन व धाराओं में सुधार: अपराध क्रमांक 0563/2026 में पीड़िता का विस्तृत पूरक कथन दर्ज किया जाए। प्रारंभिक जांच में छूटे सभी तथ्यों को केस डायरी में जोड़ते हुए मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी सुसंगत कठोर धाराएं बढ़ाई जाएं। ​आरोपी की पहचान में त्रुटि की स्वतंत्र जांच: एफआईआर में आरोपी के नाम या पहचान में हुए कथित परिवर्तन अथवा त्रुटि की स्वतंत्र जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई। ​दबाव व धमकी देने वालों की भूमिका की जांच: पीड़िता के पूर्व कथनों को प्रभावित करने, धमकाने या विशेष बयान देने के लिए निर्देशित करने के आरोपों की पृथक व निष्पक्ष जांच कराई जाए। ​प्रतिष्ठानों के CCTV फुटेज का संरक्षण: घटना स्थल और आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी, डीवीआर (DVR/NVR), मोबाइल फोन व कॉल रिकॉर्ड्स जैसे साक्ष्यों को उचित "Chain of Custody" के तहत सुरक्षित कर केस डायरी का हिस्सा बनाया जाए। ​अवैध हस्तक्षेप करने वाले सिंडिकेट पर कार्रवाई: यदि विवेचना में यह पाया जाता है कि किसी संगठन, व्यापारिक गुट या उनके पदाधिकारियों द्वारा पीड़िता व गवाहों पर दबाव बनाने या निष्पक्ष जांच में अवैध हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया है, तो उनकी भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई हो। ​वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी: अपराध की प्रकृति और महिला अपराध से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए चिन्हित वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित न किया जा सके। ​कार्रवाई न होने पर "हुंकार रैली" की खुली चेतावनी ​सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने पुलिस प्रशासन को आगाह किया है कि जब एक आदिवासी महिला यौन अपराध की शिकायत दर्ज कराती है, तो उसकी सामाजिक पहचान और चरित्र को निशाना बनाना न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। यदि इस मामले में तत्काल निष्पक्ष विवेचना, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जब्ती और नामजद लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो समाज लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए सड़क पर उतरेगा और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण "हुंकार रैली" निकालेगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
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    अनुपम वस्त्रालय कांड में नया मोड़: पीड़िता के चरित्र हनन और जातिगत लांछन के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज का हल्लाबोल, CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर Atrocity Act के तहत FIR व वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी की मांग...
​अंबिकापुर (सरगुजा, छत्तीसगढ़):
अंबिकापुर के बहुचर्चित अनुपम वस्त्रालय यौन दुर्व्यवहार कांड ने अब व्यापक कानूनी व सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। मामले में न्याय की गुहार लगा रही अनुसूचित जनजाति वर्ग की पीड़िता के सार्वजनिक चरित्र हनन, जांच को प्रभावित करने के प्रयासों और पूरे आदिवासी समाज पर की गई जातिगत टिप्पणियों के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने मोर्चा खोल दिया है। महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा थाना प्रभारी, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण (आ०जा०क०), अंबिकापुर को तीन पृष्ठों का विस्तृत कानूनी शिकायती ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में सीएआईटी (CAIT) सरगुजा से जुड़े रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Atrocity Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने तथा दुकान संचालक (वास्तविक आरोपी) की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है।
​मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल
​शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2026 की है, जब अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय में एक आदिवासी महिला के साथ दुकान संचालक द्वारा कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार किया गया। इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली, अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत धारा 74 एवं 351(3) BNS 2023 के अंतर्गत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
​प्रारंभिक विवेचना प्रधान आरक्षक राजेश चतुर्वेदी द्वारा की गई। विवेचना के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं—आरोपी का सही नाम छिपाने, पीड़िता के पूरे कथनों को केस डायरी व एफआईआर में शामिल न करने तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए जाने वाले बयानों को प्रभावित करने की कोशिशों के आरोप लगे। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने प्राथमिक विवेचक को निलंबित कर दिया।
​समाज का आरोप है कि विवेचक के निलंबन के बावजूद आज दिनांक तक पीड़िता का विधिसम्मत पूरक/पुनः कथन दर्ज नहीं किया गया है। प्रारंभिक विवेचना में छूटे महत्वपूर्ण तथ्यों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर जो कड़ी धाराएं जुड़नी चाहिए थीं, वे अब तक शामिल नहीं की गई हैं।
​CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर सार्वजनिक चरित्र हनन और जातिगत टिप्पणी का आरोप
​ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि CAIT सरगुजा के रवीन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस विचाराधीन आपराधिक प्रकरण को "समाप्त/खात्मा" करने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के माध्यम से पीड़िता और उसके पूरे समुदाय को लांछित किया गया।
​रवीन्द्र तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह झूठा और मनगढ़ंत दावा किया कि:
​"उक्त महिला शंकरगढ़ थाने में पहले भी इस तरह का कृत्य कर चुकी है।"
​इसके साथ ही, पूरे अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में कथित रूप से यह अपमानजनक टिप्पणी की गई कि:
​"जनजाति समाज के लोग शासन से मिलने वाली राशि और लाभ के लालच में Atrocity Act के प्रकरण लगवाने के लिए आतुर रहते हैं।"
​सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यह केवल एक पीड़िता के चरित्र और साख को नष्ट करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यौन अपराध की शिकायत को झूठा साबित करने और पूरे आदिवासी समाज को सार्वजनिक मंचों पर अपमानित व लांछित करने का आपराधिक षड्यंत्र है।
​ज्ञापन के जरिए रखी गई प्रमुख 9 कानूनी मांगें
​शंकरगढ़ रिकॉर्ड का आधिकारिक सत्यापन: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाने से तत्काल आधिकारिक अभिलेख मंगाकर सत्यापित किया जाए कि क्या पीड़िता ने पूर्व में किसी व्यापारी या व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज कराई थी। यदि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं मिलता है, तो झूठी सूचना गढ़कर प्रसारित करने के आरोप में रवीन्द्र तिवारी के स्रोत और मंशा की गहन जांच हो।
​इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की ज़ब्ती व मेटाडेटा संरक्षण: रवीन्द्र तिवारी के बयानों से संबंधित मूल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल साक्ष्यों को विधिपूर्वक सुरक्षित और ज़ब्त किया जाए। इसके साथ ही इनके मेटाडेटा और मूल इलेक्ट्रॉनिक स्रोत की प्रामाणिकता की तकनीकी जांच की जाए।
​SC/ST Atrocity Act में केस दर्ज: जनजाति समुदाय को सामूहिक रूप से धनलोलुप बताकर लांछित करने और Atrocity Act के दुरुपयोग का सार्वजनिक आरोप लगाने के कृत्य की जांच कर रवीन्द्र तिवारी व अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act 1989 की धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए।
​पीड़िता का पूरक कथन व धाराओं में सुधार: अपराध क्रमांक 0563/2026 में पीड़िता का विस्तृत पूरक कथन दर्ज किया जाए। प्रारंभिक जांच में छूटे सभी तथ्यों को केस डायरी में जोड़ते हुए मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी सुसंगत कठोर धाराएं बढ़ाई जाएं।
​आरोपी की पहचान में त्रुटि की स्वतंत्र जांच: एफआईआर में आरोपी के नाम या पहचान में हुए कथित परिवर्तन अथवा त्रुटि की स्वतंत्र जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई।
​दबाव व धमकी देने वालों की भूमिका की जांच: पीड़िता के पूर्व कथनों को प्रभावित करने, धमकाने या विशेष बयान देने के लिए निर्देशित करने के आरोपों की पृथक व निष्पक्ष जांच कराई जाए।
​प्रतिष्ठानों के CCTV फुटेज का संरक्षण: घटना स्थल और आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी, डीवीआर (DVR/NVR), मोबाइल फोन व कॉल रिकॉर्ड्स जैसे साक्ष्यों को उचित "Chain of Custody" के तहत सुरक्षित कर केस डायरी का हिस्सा बनाया जाए।
​अवैध हस्तक्षेप करने वाले सिंडिकेट पर कार्रवाई: यदि विवेचना में यह पाया जाता है कि किसी संगठन, व्यापारिक गुट या उनके पदाधिकारियों द्वारा पीड़िता व गवाहों पर दबाव बनाने या निष्पक्ष जांच में अवैध हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया है, तो उनकी भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई हो।
​वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी: अपराध की प्रकृति और महिला अपराध से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए चिन्हित वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित न किया जा सके।
​कार्रवाई न होने पर "हुंकार रैली" की खुली चेतावनी
​सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने पुलिस प्रशासन को आगाह किया है कि जब एक आदिवासी महिला यौन अपराध की शिकायत दर्ज कराती है, तो उसकी सामाजिक पहचान और चरित्र को निशाना बनाना न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। यदि इस मामले में तत्काल निष्पक्ष विवेचना, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जब्ती और नामजद लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो समाज लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए सड़क पर उतरेगा और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण "हुंकार रैली" निकालेगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
    user_RM24 : RISHIKESH MISHRA
    RM24 : RISHIKESH MISHRA
    Media company Raigarh, Chhattisgarh•
    10 hrs ago
  • सक्ती के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर की 174वीं महाआरती में पंडित राज शर्मा हुए शामिल, सक्ती के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर की 174वीं महाआरती में पंडित राज शर्मा हुए शामिल, श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती में मंगलवार को आयोजित 174वीं महाआरती श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुई। महाआरती में पंडित राज शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए और हनुमान परिवार के सदस्यों के साथ 51 दीपों की महाआरती भगवान हनुमान लला को समर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिवार की संध्या वैष्णव, लता गबेल, माया ठाकुर सहित अन्य महिला श्रद्धालुओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव ने हनुमान लला का श्रृंगार-पूजन कर विधिवत आरती संपन्न कराई। कार्यक्रम का सफल संचालन कोंडके मौर्य ने किया। इस अवसर पर पंडित राज शर्मा ने कहा कि उन्हें हनुमान लला की महाआरती में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसके लिए उन्होंने हनुमान परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चितरंजय सिंह पटेल ने कहा कि श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में नियमित रूप से आयोजित होने वाली महाआरती सनातन संस्कृति के उत्थान और समाज में धार्मिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
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    सक्ती के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर की 174वीं महाआरती में पंडित राज शर्मा हुए शामिल,
सक्ती के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर की 174वीं महाआरती में पंडित राज शर्मा हुए शामिल,
श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती में मंगलवार को आयोजित 174वीं महाआरती श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुई। महाआरती में पंडित राज शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए और हनुमान परिवार के सदस्यों के साथ 51 दीपों की महाआरती भगवान हनुमान लला को समर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिवार की संध्या वैष्णव, लता गबेल, माया ठाकुर सहित अन्य महिला श्रद्धालुओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव ने हनुमान लला का श्रृंगार-पूजन कर विधिवत आरती संपन्न कराई। कार्यक्रम का सफल संचालन कोंडके मौर्य ने किया।
इस अवसर पर पंडित राज शर्मा ने कहा कि उन्हें हनुमान लला की महाआरती में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसके लिए उन्होंने हनुमान परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चितरंजय सिंह पटेल ने कहा कि श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में नियमित रूप से आयोजित होने वाली महाआरती सनातन संस्कृति के उत्थान और समाज में धार्मिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
    user_Churamani upadhyay
    Churamani upadhyay
    Local News Reporter डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • #Rare_Interview_SantRampalJi पत्रकार: क्या वेद-पुराणों में भूत-प्रेत भगाने के लिए 'झाड़ा' लगाने का कोई ज़िक्र है? संत रामपाल जी: वेद, पुराणों और गीता में झाड़ा लगाने का कोई ज़िक्र या विधान नहीं है। गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट है कि भूतों को पूजने वाले भूत बनते हैं। झाड़ा लगाना पाखंड है; केवल शास्त्रानुकूल सतभक्ति और सतनाम के जाप से ही ये कष्ट दूर होते हैं। पूरा वीडियो देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल पर Sant RampalJi YtChannel
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    #Rare_Interview_SantRampalJi
पत्रकार: क्या वेद-पुराणों में भूत-प्रेत भगाने के लिए 'झाड़ा' लगाने का कोई ज़िक्र है?
संत रामपाल जी: वेद, पुराणों और गीता में झाड़ा लगाने का कोई ज़िक्र या विधान नहीं है। गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट है कि भूतों को पूजने वाले भूत बनते हैं। झाड़ा लगाना पाखंड है; केवल शास्त्रानुकूल सतभक्ति और सतनाम के जाप से ही ये कष्ट दूर होते हैं।
पूरा वीडियो देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल पर
Sant RampalJi YtChannel
    user_Akkena Chinababu
    Akkena Chinababu
    Baramkela, Sarangarh Bilaigarh•
    15 hrs ago
  • सक्ती में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने ली वर्चुअल बैठक, सक्ती जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बुधवार को जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जयश्री जैन, अभियान के नोडल अधिकारी वासु जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों, दीप प्रज्वलन, मेरे सपनों का भारत प्रतियोगिता, आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की प्रेरक कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बाइक रैली, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान और सेवा के रंग राष्ट्र के संग जैसे कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, टिकेश्वर गबेल, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव, कृष्णकांत चंद्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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    सक्ती में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने ली वर्चुअल बैठक,
सक्ती जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बुधवार को जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ वर्चुअल बैठक की।
बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जयश्री जैन, अभियान के नोडल अधिकारी वासु जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों, दीप प्रज्वलन, मेरे सपनों का भारत प्रतियोगिता, आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की प्रेरक कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई।
प्रभारी मंत्री ने बाइक रैली, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान और सेवा के रंग राष्ट्र के संग जैसे कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, टिकेश्वर गबेल, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव, कृष्णकांत चंद्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
    user_Lala upadhyay
    Lala upadhyay
    Local News Reporter Sakti, Chhattisgarh•
    3 hrs ago
  • CG : झीरम घाटी केस में बड़ा फैसला! 13 साल बाद 10 दोषियों पर आया ऐसा फैसला...जानकर हैरान हो जायेगे छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक नरसंहारों में शामिल झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर आज बड़ा फैसला आया है। करीब 13 साल से चल रहे इस मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने आज 10 दोषियों को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई है। 2013 में हुए इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। दरअसल, 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सली हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत कुल 29 लोगों की मौत हुई थी। मामले की जांच NIA ने की और लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 5 सितंबर 2026 को अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद आज यानी 16 सितंबर को अदालत ने दोषियों की सजा पर अपना फैसला सुनाया। विशेष NIA अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक दोषियों में प्रमिला मोडियाम, चैतू लेकाम, सुमित्रा पुनेम मोडियाम, मुक्का मंडावी, कोसा कवासी, आयता मरकाम, मड़कामी देवा, जोगा मड़कामी, बंजामी सन्ना और महादेव नाग के नाम शामिल हैं। इस पूरे मामले में अदालत के सामने 101 गवाहों के बयान दर्ज हुए और मुकदमे की प्रक्रिया करीब 13 वर्षों तक चली। कानूनी जानकारी हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण कानूनी बात समझना जरूरी है। ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा के बाद भी इसे तुरंत लागू नहीं किया जाता। मृत्युदंड की पुष्टि उच्च न्यायालय द्वारा की जानी होती है। दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील करने का कानूनी अधिकार भी है। 13 साल लंबे इंतजार के बाद झीरम घाटी मामले में आज अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया है। अब इस फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया क्या होगी और क्या उच्च न्यायालय में इसे चुनौती दी जाएगी—इस पर भी नजर रहेगी।
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    CG : झीरम घाटी केस में बड़ा फैसला! 13 साल बाद 10 दोषियों पर आया ऐसा फैसला...जानकर हैरान हो जायेगे
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक नरसंहारों में शामिल झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर आज बड़ा फैसला आया है।
करीब 13 साल से चल रहे इस मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने आज 10 दोषियों को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई है।
2013 में हुए इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
दरअसल, 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सली हमला हुआ था।
इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत कुल 29 लोगों की मौत हुई थी।
मामले की जांच NIA ने की और लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 5 सितंबर 2026 को अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था।
इसके बाद आज यानी 16 सितंबर को अदालत ने दोषियों की सजा पर अपना फैसला सुनाया।
विशेष NIA अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया है।
रिपोर्टों के मुताबिक दोषियों में प्रमिला मोडियाम, चैतू लेकाम, सुमित्रा पुनेम मोडियाम, मुक्का मंडावी, कोसा कवासी, आयता मरकाम, मड़कामी देवा, जोगा मड़कामी, बंजामी सन्ना और महादेव नाग के नाम शामिल हैं।
इस पूरे मामले में अदालत के सामने 101 गवाहों के बयान दर्ज हुए और मुकदमे की प्रक्रिया करीब 13 वर्षों तक चली।
कानूनी जानकारी
हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण कानूनी बात समझना जरूरी है।
ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा के बाद भी इसे तुरंत लागू नहीं किया जाता। मृत्युदंड की पुष्टि उच्च न्यायालय द्वारा की जानी होती है। दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील करने का कानूनी अधिकार भी है।
13 साल लंबे इंतजार के बाद झीरम घाटी मामले में आज अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है।
10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया है।
अब इस फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया क्या होगी और क्या उच्च न्यायालय में इसे चुनौती दी जाएगी—इस पर भी नजर रहेगी।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • जूनियर डॉक्टरों का बड़ा ऐलान: 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 सितंबर से ठप करेंगे काम का ऐलान।
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    जूनियर डॉक्टरों का बड़ा ऐलान: 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 सितंबर से ठप करेंगे काम का ऐलान।
    user_Chhattisgarh
    Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • 16 साल के किशोर की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, ‘लव ट्रायंगल’ में खूनी वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार,चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर, सुबह खाली प्लॉट में मिली लाश; पहले मोबाइल छीना और मांगे ₹1,000, विवाद बढ़ा तो पत्थर से सिर पर किए कई वार रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 16 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया। रामभांठा के पुराने बस डिपो के पास खाली प्लॉट में मिले किशोर के शव की गुत्थी कोतवाली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच के मुताबिक, वारदात के पीछे एक स्थानीय युवती को लेकर विवाद और आरोपी शिवम बानी का कथित एकतरफा लगाव सामने आया है। चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे 16 वर्षीय किशोर चक्रधर समारोह देखने जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगली सुबह 15 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि रामभांठा क्षेत्र में पुराने बस डिपो के पास संजय बेरीवाल के खाली प्लॉट में एक किशोर का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान परिजनों ने अपने 16 वर्षीय बेटे के रूप में की। किशोर के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। हत्या की FIR, शुरू हुई जांच पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज कर दी। आखिरी बार किन लोगों के साथ था किशोर? हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ की और गवाहों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान किशोर को आखिरी बार दो युवकों के साथ देखे जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने 20 वर्षीय शिवम बरेठ और 23 वर्षीय शिवम बानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में दोनों ने घटना से इनकार किया, लेकिन आगे की वैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों से वारदात को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। एकतरफा प्यार से शुरू हुआ विवाद? पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बानी का एक स्थानीय युवती के प्रति एकतरफा लगाव था। किशोर का भी उक्त युवती से मेलजोल था। 14 सितंबर की रात आरोपी ने किशोर को युवती के साथ देखा। इसके बाद उसे रामलीला मैदान के पास बुलाया गया। पुलिस की जांच के अनुसार, शिवम बरेठ ने किशोर का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और मोबाइल वापस करने के लिए ₹1,000 देने की मांग की। इसके बाद दोनों आरोपी किशोर को मोबाइल के साथ पुराने बस डिपो की ओर ले गए। डराने-धमकाने के बाद पत्थर से हमला पुलिस के अनुसार, पुराने बस डिपो के पास दोनों आरोपियों ने किशोर को उक्त युवती से बातचीत और मेलजोल नहीं रखने की बात कहकर डराया-धमकाया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि दोनों ने पत्थर से किशोर के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण किशोर की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मोबाइल और रक्तरंजित कपड़े बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के मेमोरेडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कथित रक्तरंजित कपड़े भी जब्त किए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन कराया और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। एक आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बरेठ आदतन बदमाश प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पूर्व में थाना कोतवाली में मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। गिरफ्तार आरोपी - शिवम बरेठ, उम्र 20 वर्ष, पिता दिनेश बरेठ, निवासी बैकुंठपुर, रायगढ़। - शिवम बानी, उम्र 23 वर्ष, पिता संतराम बानी, निवासी बैकुंठपुर, महावीर चौक, रायगढ़। पुलिस की तफ्तीश ने 24 घंटे में जोड़ी कड़ियां 16 वर्षीय किशोर की हत्या के बाद पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। लेकिन गवाहों से पूछताछ, आखिरी बार साथ देखे गए संदिग्धों की धरपकड़, वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अब बरामद मोबाइल, कथित रक्तरंजित कपड़े और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
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    16 साल के किशोर की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, ‘लव ट्रायंगल’ में खूनी वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार,चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर, सुबह खाली प्लॉट में मिली लाश; पहले मोबाइल छीना और मांगे ₹1,000, विवाद बढ़ा तो पत्थर से सिर पर किए कई वार
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 16 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया। रामभांठा के पुराने बस डिपो के पास खाली प्लॉट में मिले किशोर के शव की गुत्थी कोतवाली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच के मुताबिक, वारदात के पीछे एक स्थानीय युवती को लेकर विवाद और आरोपी शिवम बानी का कथित एकतरफा लगाव सामने आया है।
चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर
पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे 16 वर्षीय किशोर चक्रधर समारोह देखने जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
अगली सुबह 15 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि रामभांठा क्षेत्र में पुराने बस डिपो के पास संजय बेरीवाल के खाली प्लॉट में एक किशोर का शव पड़ा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान परिजनों ने अपने 16 वर्षीय बेटे के रूप में की। किशोर के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे।
हत्या की FIR, शुरू हुई जांच
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज कर दी।
आखिरी बार किन लोगों के साथ था किशोर?
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ की और गवाहों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान किशोर को आखिरी बार दो युवकों के साथ देखे जाने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने 20 वर्षीय शिवम बरेठ और 23 वर्षीय शिवम बानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में दोनों ने घटना से इनकार किया, लेकिन आगे की वैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों से वारदात को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
एकतरफा प्यार से शुरू हुआ विवाद?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बानी का एक स्थानीय युवती के प्रति एकतरफा लगाव था। किशोर का भी उक्त युवती से मेलजोल था।
14 सितंबर की रात आरोपी ने किशोर को युवती के साथ देखा। इसके बाद उसे रामलीला मैदान के पास बुलाया गया।
पुलिस की जांच के अनुसार, शिवम बरेठ ने किशोर का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और मोबाइल वापस करने के लिए ₹1,000 देने की मांग की।
इसके बाद दोनों आरोपी किशोर को मोबाइल के साथ पुराने बस डिपो की ओर ले गए।
डराने-धमकाने के बाद पत्थर से हमला
पुलिस के अनुसार, पुराने बस डिपो के पास दोनों आरोपियों ने किशोर को उक्त युवती से बातचीत और मेलजोल नहीं रखने की बात कहकर डराया-धमकाया।
इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि दोनों ने पत्थर से किशोर के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण किशोर की मौत हो गई।
वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
मोबाइल और रक्तरंजित कपड़े बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के मेमोरेडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कथित रक्तरंजित कपड़े भी जब्त किए गए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन कराया और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
एक आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बरेठ आदतन बदमाश प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पूर्व में थाना कोतवाली में मारपीट के मामले दर्ज हैं।
दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- शिवम बरेठ, उम्र 20 वर्ष, पिता दिनेश बरेठ, निवासी बैकुंठपुर, रायगढ़।
- शिवम बानी, उम्र 23 वर्ष, पिता संतराम बानी, निवासी बैकुंठपुर, महावीर चौक, रायगढ़।
पुलिस की तफ्तीश ने 24 घंटे में जोड़ी कड़ियां
16 वर्षीय किशोर की हत्या के बाद पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। लेकिन गवाहों से पूछताछ, आखिरी बार साथ देखे गए संदिग्धों की धरपकड़, वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अब बरामद मोबाइल, कथित रक्तरंजित कपड़े और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
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