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गुजरात के भावनगर में दिनदहाड़े हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है गुजरात के भावनगर स्थित एसटी बस स्टैंड पर 40 वर्षीय काजल बारैया की उनके ही लिव-इन पार्टनर फैजल ने सरेआम बेरहमी से पिटाई की। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई। गंभीर रूप से घायल काजल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अगले दिन उनकी मौत हो गई। घटना के बाद हरकत में आई गुजरात पुलिस ने आरोपी फैजल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस आरोपी को क्राइम सीन री-क्रिएशन के लिए घटना स्थल यानी बस स्टैंड पर लेकर पहुंची। सार्वजनिक स्थल पर, कैमरों के सामने पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया और उसे सबक सिखाया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था और त्वरित न्याय को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
गुजरात के भावनगर में दिनदहाड़े हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है गुजरात के भावनगर स्थित एसटी बस स्टैंड पर 40 वर्षीय काजल बारैया की उनके ही लिव-इन पार्टनर फैजल ने सरेआम बेरहमी से पिटाई की। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई। गंभीर रूप से घायल काजल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अगले दिन उनकी मौत हो गई। घटना के बाद हरकत में आई गुजरात पुलिस ने आरोपी फैजल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस आरोपी को क्राइम सीन री-क्रिएशन के लिए घटना स्थल यानी बस स्टैंड पर लेकर पहुंची। सार्वजनिक स्थल पर, कैमरों के सामने पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया और उसे सबक सिखाया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था और त्वरित न्याय को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
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- ठेले पर फल बेच रहा था, सरिया-पाइप लेकर पहुंच गए हमलावर पगार रोड पर पुराने विवाद में मारपीट का आरोप, घटना का वीडियो वायरल, चार पर FIR जौरा। पगार रोड स्थित वार्ड क्रमांक 18 में फल का ठेला लगाने वाले 40 वर्षीय सुनील प्रजापति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित की शिकायत पर जौरा पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुनील के अनुसार 16 सितंबर की रात करीब 8 बजे वह अपने फल के ठेले पर मौजूद था। इसी दौरान लालू त्यागी, सूरज त्यागी, सौरभ त्यागी और भावेश भदौरिया वहां पहुंचे और पुराने विवाद को लेकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने सरिया और पाइप से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके सिर, पीठ, हाथ, गर्दन, छाती और पैर में चोटें आई हैं। शोर सुनकर मोनू प्रजापति और सलमान यादव ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट के आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।1
- देव छठ मेले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाया जागरूकता अभियान परिवहन विभाग ने बांटे पेंपलेट, वाहनों पर लगाए जागरूकता स्टीकर धौलपुर। जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से ऐतिहासिक देव छठ मेले में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। विभागीय टीम ने मेले में आने वाले वाहन चालकों और आमजन को यातायात नियमों की पालना के लिए जागरूक किया। इस दौरान पेंपलेट वितरित करने के साथ वाहनों पर सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता स्टीकर लगाए गए। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। वाहन चालकों से हेलमेट, सीट बेल्ट का उपयोग करने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने वाहन चालकों से तेज गति व लापरवाही से वाहन नहीं चलाने, पैदल यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। साथ ही निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करने, क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठाने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी गई। घायलों की मदद कर निभाएं गुड सेमेरिटन की भूमिका अभियान के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया गया। विभागीय टीम ने बताया कि दुर्घटना के बाद समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से घायल की जान बचाने में मदद मिल सकती है। आमजन से घायलों को नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाने में सहयोग कर गुड सेमेरिटन की भूमिका निभाने की अपील की गई। अभियान के माध्यम से सुरक्षित वाहन संचालन और यातायात नियमों की पालना का संदेश दिया गया।4
- धौलपुर में दशलक्षण महापर्व का हुआ शुभारंभ 16 सितंबर से शुरू हुए व्रत एवं धार्मिक आयोजन, मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को श्रद्धा एवं धार्मिक वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर व्रत एवं संयम का संकल्प लिया। महापर्व के शुभारंभ के साथ ही 16 सितंबर से व्रत प्रारंभ हो गए हैं। दस दिनों तक जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग एवं आत्मचिंतन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को सुबह 6 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी जी चैत्यालय में श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह 6:45 बजे मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ प्रभु जी का स्वर्ण कलशों द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया। इस दौरान महापात्र का चयन बोली के माध्यम से किया गया। इसके बाद सुबह 7:15 बजे श्रीजी की शांतिधारा एवं आरती हुई तथा 7:30 बजे से पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। सुबह 9:30 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा। दिनभर चले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन महापर्व के प्रथम दिन दोपहर 2:30 बजे धार्मिक क्लास आयोजित की गई। शाम को 7 बजे श्रीजी की संगीतमय आरती हुई। इसके बाद 7:30 बजे शास्त्र वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं रात्रि 8 बजे धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर होगा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य जैसे दस उत्तम धर्मों पर विशेष रूप से चिंतन किया जाएगा। जैन धर्म में इस पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मनिरीक्षण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। उत्तम क्षमा के माध्यम से क्रोध और वैरभाव छोड़ने, उत्तम मार्दव से अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने, उत्तम आर्जव से मन-वचन-कर्म में सरलता रखने तथा उत्तम शौच से आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तम सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्यक्ति को सत्यनिष्ठा, आत्मअनुशासन, त्याग, मोह-ममता से विरक्ति तथा पवित्र जीवन की ओर प्रेरित किया जाता है। मंदिर में पूजन सामग्री की व्यवस्था मंदिर कमेटी के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए धुली पूजन द्रव्य की व्यवस्था मंदिर परिसर में की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर से की गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा, संयम एवं आत्मचिंतन के साथ मनाएं। निवेदक — 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर 🙏 जय जिनेन्द्र 🙏 धौलपुर में दशलक्षण महापर्व का हुआ शुभारंभ 16 सितंबर से शुरू हुए व्रत एवं धार्मिक आयोजन, मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को श्रद्धा एवं धार्मिक वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर व्रत एवं संयम का संकल्प लिया। महापर्व के शुभारंभ के साथ ही 16 सितंबर से व्रत प्रारंभ हो गए हैं। दस दिनों तक जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग एवं आत्मचिंतन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को सुबह 6 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी जी चैत्यालय में श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह 6:45 बजे मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ प्रभु जी का स्वर्ण कलशों द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया। इस दौरान महापात्र का चयन बोली के माध्यम से किया गया। इसके बाद सुबह 7:15 बजे श्रीजी की शांतिधारा एवं आरती हुई तथा 7:30 बजे से पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। सुबह 9:30 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा। दिनभर चले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन महापर्व के प्रथम दिन दोपहर 2:30 बजे धार्मिक क्लास आयोजित की गई। शाम को 7 बजे श्रीजी की संगीतमय आरती हुई। इसके बाद 7:30 बजे शास्त्र वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं रात्रि 8 बजे धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर होगा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य जैसे दस उत्तम धर्मों पर विशेष रूप से चिंतन किया जाएगा। जैन धर्म में इस पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मनिरीक्षण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। उत्तम क्षमा के माध्यम से क्रोध और वैरभाव छोड़ने, उत्तम मार्दव से अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने, उत्तम आर्जव से मन-वचन-कर्म में सरलता रखने तथा उत्तम शौच से आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तम सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्यक्ति को सत्यनिष्ठा, आत्मअनुशासन, त्याग, मोह-ममता से विरक्ति तथा पवित्र जीवन की ओर प्रेरित किया जाता है। मंदिर में पूजन सामग्री की व्यवस्था मंदिर कमेटी के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए धुली पूजन द्रव्य की व्यवस्था मंदिर परिसर में की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर से की गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा, संयम एवं आत्मचिंतन के साथ मनाएं।4
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- धौलपुर में दशलक्षण महापर्व का हुआ शुभारंभ 16 सितंबर से शुरू हुए व्रत एवं धार्मिक आयोजन, मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को श्रद्धा एवं धार्मिक वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर व्रत एवं संयम का संकल्प लिया। महापर्व के शुभारंभ के साथ ही 16 सितंबर से व्रत प्रारंभ हो गए हैं। दस दिनों तक जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग एवं आत्मचिंतन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को सुबह 6 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी जी चैत्यालय में श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह 6:45 बजे मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ प्रभु जी का स्वर्ण कलशों द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया। इस दौरान महापात्र का चयन बोली के माध्यम से किया गया। इसके बाद सुबह 7:15 बजे श्रीजी की शांतिधारा एवं आरती हुई तथा 7:30 बजे से पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। सुबह 9:30 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा। दिनभर चले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन महापर्व के प्रथम दिन दोपहर 2:30 बजे धार्मिक क्लास आयोजित की गई। शाम को 7 बजे श्रीजी की संगीतमय आरती हुई। इसके बाद 7:30 बजे शास्त्र वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं रात्रि 8 बजे धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर होगा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य जैसे दस उत्तम धर्मों पर विशेष रूप से चिंतन किया जाएगा। जैन धर्म में इस पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मनिरीक्षण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। उत्तम क्षमा के माध्यम से क्रोध और वैरभाव छोड़ने, उत्तम मार्दव से अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने, उत्तम आर्जव से मन-वचन-कर्म में सरलता रखने तथा उत्तम शौच से आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तम सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्यक्ति को सत्यनिष्ठा, आत्मअनुशासन, त्याग, मोह-ममता से विरक्ति तथा पवित्र जीवन की ओर प्रेरित किया जाता है। मंदिर में पूजन सामग्री की व्यवस्था मंदिर कमेटी के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए धुली पूजन द्रव्य की व्यवस्था मंदिर परिसर में की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर से की गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा, संयम एवं आत्मचिंतन के साथ मनाएं।4
- अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार तीन घायल फतेहाबाद : वाजिदपुर के पास बुधवार रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीनों घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से निकल गया। पुलिस के अनुसार बुधवार रात करीब 8:24 बजे बाइक पर तीन लोग सवार होकर जा रहे थे। वाजिदपुर के पास अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े। हादसे में योगेश पुत्र रामकुमार निवासी पूठपुरा कल्याणपुर फतेहाबाद समेत दो अन्य लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है।1
- सड़क हादसे के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप, दो घायल मुरैना रेफर अंबाह। हिंगोटी गांव के एक ही परिवार के तीन लोग बाइक से जा रहे थे, तभी परीक्षित के पुरा गौशाला के पास एक लोडिंग वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में रामअवतार सिंह सिकरवार (48), रामसेवक सिंह सिकरवार (45) और अंकित सिकरवार (24) घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां रामअवतार सिंह और रामसेवक सिंह को मुरैना रेफर किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि नाइट ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. आरती दंडोतिया से घायलों की तत्काल पट्टी एवं प्राथमिक उपचार करने का अनुरोध किया गया, लेकिन चिकित्सक द्वारा तत्काल उपचार नहीं किए जाने से परिजनों में नाराजगी रही। परिजनों के अनुसार, उन्होंने बीएमओ डॉ. प्रमोद शर्मा से भी मामले को लेकर संपर्क किया। इसके बाद चिकित्सक द्वारा दवाइयां लिखे जाने तथा घायलों को मुरैना रेफर किए जाने की बात सामने आई। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिलना चाहिए। अब सवाल यह है कि आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाएगा?1
- मुरैना --दुर्घटना में घायल फिरोजाबाद लूट के आरोपियों से बरामद हुए 41 लाख रुपए देसी रिवाल्वर तीन धारदार हथियार1
- कुल्हाौली मोड़ पर किराना दुकानदार और पड़ोसियों पर जानलेवा हमला, शराब-रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कुल्हाौली मोड़ पीपल वाली चौकी के पास किराना दुकान चलाने वाले भीकम रजक और उनके पड़ोसियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गाली-गलौज का विरोध करने पर शुरू हुआ विवाद फरियादी भीकम रजक ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 14 सितंबर 2026 की रात करीब 9:00 बजे जब वह अपनी पत्नी के साथ दुकान पर थे, तब पड़ोस में मनीष रावत और उसका दोस्त विजय बघेल शराब के नशे में गाली-गलौज और अश्लील बातें कर रहे थे। मना करने पर दोनों आरोपी अभद्रता पर उतारू हो गए। उस समय अन्य दुकानदारों के आ जाने से आरोपी वहां से चले गए थे। हथियारों और बेल्ट से किया हमला, रंगदारी की मांग अगले दिन 15 सितंबर को दोपहर करीब 2:00 बजे आरोपी मनीष रावत, अजय रावत, विजय बघेल, सोनू रावत, पारस जाटव, पवन जाटव और 2 अन्य साथी चार मोटरसाइकिलों से आए। आरोपियों ने एकराय होकर पीड़िता के साथ गाली-गलौज की और शराब के लिए 5,000 रुपये की मांग की। पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने लात-घूंसों और बेल्ट से मारपीट शुरू कर दी। अजय रावत ने बेल्ट से फरियादी के सिर पर वार कर दिया, जिससे सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर पड़े। बचाने आए पड़ोसियों से भी मारपीट फरियादी को बचाने आए पड़ोसी दुकानदार नीतेश श्रीवास और मांगीलाल धाकड़ के साथ भी आरोपियों ने लात-घूंसों और बेल्ट से जमकर मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। तीन आरोपी मौके पर दबोचे गए घटनास्थल पर पत्नी और अन्य राहगीरों के इकट्ठा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भागने लगे। भागने के दौरान ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तीन आरोपियों—विजय बघेल, मनीष रावत और अजय रावत—को मौके पर ही पकड़ लिया गया। भागते समय गिरने से आरोपियों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1