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में दारोगा को सिपाही कंधे पर ले जाते दिखे | #viralnews | #viralvideo | #viralshorts |
Sonu Kanaujiya
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- Post by Sonu Kanaujiya1
- क्या नितीश कुमार बनने जा रहे हैं देश के उप प्रधानमंत्री ? बिहार से नितीश युग का अंत, बीजेपी युग की शुरुआत, नितीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनकर क्या करेंगे, बेटे के लिए लगाया दांव, बिहार में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा, धोखा हुआ? .... देखिए नितीश कुमार के भविष्य पर राजनीतिक विश्लेषण राजपथ न्यूज़ पर....1
- Delhi Uttam Nagar Mein Holi khelne per Ek Yog ko Jaan Se Mara musalmanon Ne 50 se 60 Logon Ne Ek Hindu ladke ko Jaan Se Maar Dala darkar se 🙏Koi ki 50 ko encounter Hona chahie1
- Post by PRADEEP PURI2
- जापानी लकड़ी के साथ होली के नाम पर छेड़छाड़ #hindu #highlightsシ゚ #viralreels #viralvideoシ #sanatandharma #reportervlog #maakali #holi #festival1
- Post by MOHD Ahsan. 95406238261
- गाजियाबाद। जिले के राजकीय छात्रावासों में कराए गए विद्युत एवं मरम्मत कार्यों का भुगतान पिछले 18 महीनों से लंबित होने का गंभीर मामला सामने आया है। भुगतान न मिलने से स्थानीय ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बार-बार आश्वासन के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से यह मामला अब प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बनता जा रहा है। गाजियाबाद के फेज-2 डागर विहार निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी फर्म ए.आर.डी. इंटरप्राइजेज द्वारा राजकीय छात्रावास भोपूरा (नंदग्राम) एवं राजकीय बालिका छात्रावास साहिबाबाद में बिजली से संबंधित कार्य और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य कराए गए थे। कार्य पूर्ण होने के बाद विधिवत बिल भी समय-समय पर विभाग को सौंपे गए, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार का कहना है कि शुरुआत में अधिकारियों ने “बजट आते ही भुगतान” का भरोसा दिलाया, लेकिन महीनों तक मामला टलता रहा और देखते-देखते 18 महीने बीत गए। हैरानी की बात यह है कि पुराने भुगतान लंबित रहने के बावजूद उनसे आगे भी कार्य कराए जाते रहे। देवेंद्र चौधरी के अनुसार कुल बकाया राशि ₹3,54,106 है। इतनी बड़ी रकम अटके रहने से कर्मचारियों का वेतन, सामग्री की उधारी और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार विकास भवन जाकर अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। इस संबंध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है। विभाग द्वारा 26 अगस्त 2022 को जारी पत्र में भुगतान से संबंधित कार्यादेश व विपत्रों की छायाप्रति मांगी गई थी, जिसे उपलब्ध कराने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो छोटे और मध्यम ठेकेदारों का सरकारी विभागों पर से भरोसा उठ जाएगा। सरकारी काम पूरा होने के बाद भी महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाना अब मजबूरी बनता जा रहा है। नंदग्राम के अनुसूचित जाति हॉस्टल की बदलेगी सूरत नंदग्राम स्थित समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति बालक छात्रावास की सूरत अब बदलने की तैयारी है। हॉस्टल में शुद्ध पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत सहित सुंदरीकरण के लिए शासन से करीब ₹2.11 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से पहली किश्त जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2011 में बने इस छात्रावास के गेट, चहारदीवारी, फर्श और अन्य संरचनात्मक मरम्मत कराई जाएगी। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद हॉस्टल की सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को1
- गाजियाबाद। जिले के राजकीय छात्रावासों में कराए गए विद्युत एवं मरम्मत कार्यों का भुगतान पिछले 18 महीनों से लंबित होने का गंभीर मामला सामने आया है। भुगतान न मिलने से स्थानीय ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बार-बार आश्वासन के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से यह मामला अब प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बनता जा रहा है। गाजियाबाद के फेज-2 डागर विहार निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी फर्म ए.आर.डी. इंटरप्राइजेज द्वारा राजकीय छात्रावास भोपूरा (नंदग्राम) एवं राजकीय बालिका छात्रावास साहिबाबाद में बिजली से संबंधित कार्य और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य कराए गए थे। कार्य पूर्ण होने के बाद विधिवत बिल भी समय-समय पर विभाग को सौंपे गए, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार का कहना है कि शुरुआत में अधिकारियों ने “बजट आते ही भुगतान” का भरोसा दिलाया, लेकिन महीनों तक मामला टलता रहा और देखते-देखते 18 महीने बीत गए। हैरानी की बात यह है कि पुराने भुगतान लंबित रहने के बावजूद उनसे आगे भी कार्य कराए जाते रहे। देवेंद्र चौधरी के अनुसार कुल बकाया राशि ₹3,54,106 है। इतनी बड़ी रकम अटके रहने से कर्मचारियों का वेतन, सामग्री की उधारी और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार विकास भवन जाकर अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। इस संबंध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है। विभाग द्वारा 26 अगस्त 2022 को जारी पत्र में भुगतान से संबंधित कार्यादेश व विपत्रों की छायाप्रति मांगी गई थी, जिसे उपलब्ध कराने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो छोटे और मध्यम ठेकेदारों का सरकारी विभागों पर से भरोसा उठ जाएगा। सरकारी काम पूरा होने के बाद भी महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाना अब मजबूरी बनता जा रहा है। नंदग्राम के अनुसूचित जाति हॉस्टल की बदलेगी सूरत नंदग्राम स्थित समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति बालक छात्रावास की सूरत अब बदलने की तैयारी है। हॉस्टल में शुद्ध पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत सहित सुंदरीकरण के लिए शासन से करीब ₹2.11 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से पहली किश्त जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2011 में बने इस छात्रावास के गेट, चहारदीवारी, फर्श और अन्य संरचनात्मक मरम्मत कराई जाएगी। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद हॉस्टल की सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।1