*सिकन्दरपुर बजहा का अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर: 50 वर्षों से श्रद्धा, सौंदर्य और आस्था का संगम* *कौशांबी जनपद* के सिकन्दरपुर बजहा स्थित अद्भुत एवं अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर आज अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर चुका है। आधी सदी से यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, बल्कि अपनी भव्यता, दिव्यता और अनुपम सौंदर्य के कारण पूरे जिले में एक विशेष पहचान बना चुका है मंदिर की दिव्यता और आकर्षण इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मनमोहक संरचना और यहां स्थापित भगवान श्रीराम, माता जानकी और भगवान लक्ष्मण की आकर्षक एवं जीवंत प्रतीत होने वाली मूर्तियां हैं। जैसे ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, एक अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है, जो मन को तुरंत सुकून प्रदान करता है भक्ति और श्रद्धा का अटूट संगम यह मंदिर हर दिन श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है, लेकिन खास अवसरों पर यहां का नज़ारा और भी भव्य हो जाता है रामनवमी और जन्माष्टमी जैसे पावन पर्वों पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंग जाता है और मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो उठता है दर्शन मात्र से मिलती है आत्मिक शांति श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोग बार-बार इस पावन धाम की ओर खिंचे चले आते हैं।प्रबंधन और पुजारियों की अहम भूमिका मंदिर के पुजारी, कार्यकर्ता और संचालकों के अनुसार, इस मंदिर की विशेषता सिर्फ इसकी सुंदरता ही नहीं बल्कि यहां की नियमित पूजा-पद्धति अनुशासन और भक्तों के प्रति समर्पण भी है जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाता है आस्था संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक श्री राम-जानकी मंदिर आज सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है। 50 वर्षों की यह यात्रा मंदिर के गौरवशाली इतिहास और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास की गवाही देती है कुल मिलाकर, सिकन्दरपुर बजहा का यह दिव्य मंदिर न सिर्फ जिले की शान है, बल्कि हर श्रद्धालु के लिए आस्था का एक ऐसा केंद्र है, जहां आकर मन को सच्ची शांति और भक्ति का अनुभव होता है।
*सिकन्दरपुर बजहा का अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर: 50 वर्षों से श्रद्धा, सौंदर्य और आस्था का संगम* *कौशांबी जनपद* के सिकन्दरपुर बजहा स्थित अद्भुत एवं अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर आज अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर चुका है। आधी सदी से यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, बल्कि अपनी भव्यता, दिव्यता और अनुपम सौंदर्य के कारण पूरे जिले में एक विशेष पहचान बना चुका है मंदिर की दिव्यता और आकर्षण इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मनमोहक संरचना और यहां स्थापित भगवान श्रीराम, माता जानकी और भगवान लक्ष्मण की आकर्षक एवं जीवंत प्रतीत होने वाली मूर्तियां हैं। जैसे ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, एक अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है, जो मन को तुरंत सुकून प्रदान करता है भक्ति और श्रद्धा का अटूट संगम यह मंदिर हर दिन श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है, लेकिन खास अवसरों पर यहां का नज़ारा और भी भव्य हो जाता है रामनवमी और जन्माष्टमी जैसे पावन पर्वों पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंग जाता है और मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो उठता है दर्शन मात्र से मिलती है आत्मिक शांति श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोग बार-बार इस पावन धाम की ओर खिंचे चले आते हैं।प्रबंधन और पुजारियों की अहम भूमिका मंदिर के पुजारी, कार्यकर्ता और संचालकों के अनुसार, इस मंदिर की विशेषता सिर्फ इसकी सुंदरता ही नहीं बल्कि यहां की नियमित पूजा-पद्धति अनुशासन और भक्तों के प्रति समर्पण भी है जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाता है आस्था संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक श्री राम-जानकी मंदिर आज सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है। 50 वर्षों की यह यात्रा मंदिर के गौरवशाली इतिहास और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास की गवाही देती है कुल मिलाकर, सिकन्दरपुर बजहा का यह दिव्य मंदिर न सिर्फ जिले की शान है, बल्कि हर श्रद्धालु के लिए आस्था का एक ऐसा केंद्र है, जहां आकर मन को सच्ची शांति और भक्ति का अनुभव होता है।
- *सिकन्दरपुर बजहा का अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर: 50 वर्षों से श्रद्धा, सौंदर्य और आस्था का संगम* *कौशांबी जनपद* के सिकन्दरपुर बजहा स्थित अद्भुत एवं अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर आज अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर चुका है। आधी सदी से यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, बल्कि अपनी भव्यता, दिव्यता और अनुपम सौंदर्य के कारण पूरे जिले में एक विशेष पहचान बना चुका है मंदिर की दिव्यता और आकर्षण इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मनमोहक संरचना और यहां स्थापित भगवान श्रीराम, माता जानकी और भगवान लक्ष्मण की आकर्षक एवं जीवंत प्रतीत होने वाली मूर्तियां हैं। जैसे ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, एक अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है, जो मन को तुरंत सुकून प्रदान करता है भक्ति और श्रद्धा का अटूट संगम यह मंदिर हर दिन श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है, लेकिन खास अवसरों पर यहां का नज़ारा और भी भव्य हो जाता है रामनवमी और जन्माष्टमी जैसे पावन पर्वों पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंग जाता है और मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो उठता है दर्शन मात्र से मिलती है आत्मिक शांति श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोग बार-बार इस पावन धाम की ओर खिंचे चले आते हैं।प्रबंधन और पुजारियों की अहम भूमिका मंदिर के पुजारी, कार्यकर्ता और संचालकों के अनुसार, इस मंदिर की विशेषता सिर्फ इसकी सुंदरता ही नहीं बल्कि यहां की नियमित पूजा-पद्धति अनुशासन और भक्तों के प्रति समर्पण भी है जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाता है आस्था संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक श्री राम-जानकी मंदिर आज सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है। 50 वर्षों की यह यात्रा मंदिर के गौरवशाली इतिहास और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास की गवाही देती है कुल मिलाकर, सिकन्दरपुर बजहा का यह दिव्य मंदिर न सिर्फ जिले की शान है, बल्कि हर श्रद्धालु के लिए आस्था का एक ऐसा केंद्र है, जहां आकर मन को सच्ची शांति और भक्ति का अनुभव होता है।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज2
- Post by Raja Ji1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- कौशाम्बी जिले सिराथू तहसील के शहजादपुर गांव स्थित गेस्ट हाउस में रविवार को महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालिकाओं को साइकिल व पुस्तक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक शिव प्रकाश सोनकर की ओर से मां सावित्री बाई फुले वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों व छात्राओं की सहभागिता रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय अकबरपुर, कानपुर देहात के प्रधानाचार्य संजू सिंह रही, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस संतोष कुमार उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।1
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- रिश्तों का खौफनाक कत्ल, प्रॉपर्टी विवाद में बेटों ने पिता की हत्या कौशांबी।महेवाघाट थाना क्षेत्र के अजरौली गांव में सनसनीखेज वारदात बेटो ने धारदार हथियार से पिता को उतारा मौत के घाट दूसरी पत्नी के बेटे ने कुल्हाड़ी से किया ताबड़तोड़ वार पहली पत्नी के बेटों पर भी हत्या का गंभीर आरोप वारदात के बाद आरोपी बेटे मौके से फरार पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, आरोपियों की तलाश जारी1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1