हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों की सुविधा के लिए पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब पशुओं के बीमार या घायल होने की स्थिति में 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करने से पशु एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. अनमोल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा का उद्देश्य पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना और पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। एंबुलेंस के माध्यम से प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं मौके पर ही दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जहां पशु अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सरकार की इस पहल से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा। डॉ. अनमोल ने पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में 1962 नंबर पर तुरंत संपर्क करें और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ बाइट डॉ अनमोल।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों की सुविधा के लिए पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब पशुओं के बीमार या घायल होने की स्थिति में 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करने से पशु एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. अनमोल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा का उद्देश्य पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना और पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। एंबुलेंस के माध्यम से प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं मौके पर ही दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जहां पशु अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सरकार की इस पहल से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा। डॉ. अनमोल ने पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में 1962 नंबर पर तुरंत संपर्क करें और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ बाइट डॉ अनमोल।
- जिला चंबा के सलूणी उपमंडल में खराब मौसम होने पर को मद्देनज़र प्रशासन ने एहतियात बरतने की अपील की है। एसडीएम सलूणी चंद्रवीर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम अत्यंत प्रतिकूल बना हुआ है, जिससे ट्रैकिंग करने वालों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने बताया कि बर्फबारी, तेज़ बारिश, कोहरा और फिसलन भरे रास्तों के कारण जान–माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पर्यटकों, स्थानीय लोगों और ट्रैकिंग के शौकीनों से आग्रह किया गया है कि मौसम सामान्य होने तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग करने से बचें। एसडीएम ने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं, लेकिन आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा–निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक जोखिम न उठाने की अपील की। प्रशासन ने सभी से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि मौसम में सुधार होने पर ही सुरक्षित गतिविधियों की योजना बनाएं। चंद्रवीर सिंह एसडीएम सलूणी।1
- घने कोहरे के कारण आज सुबह करीब 9:30 बजे पठानकोट से फतेहगढ़ चूड़ियां जा रही टीचरों की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया, यह हादसा कलानोर रोड पर हुआ है जिसमें टीचर घायल हो गए। एक टीचर की हालत गंभीर बताई जा रही है।2
- Today liveAarti Darshan जय मां भद्रकाली किले वाली प्राचीन किला मंदिर जम्मू कश्मीर प्रवेश द्वार लखनपुर1
- Ek bottle Santra fir dekho tantra 😎🫣🥃🥃1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों 432 हर्ट्ज़ फ्रीक्वेंसी से जुड़ा एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह ध्वनि मन को शांत करने और तनाव कम करने में मदद करती है। लोग हेडफोन लगाकर इसे सुन रहे हैं और सुकून महसूस करने की बात कह रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ इसे अनुभव-आधारित मानते हैं और हर व्यक्ति पर असर अलग होने की बात कहते हैं। #432hz #SoundHealing #MindRelax #CalmMind #StressRelief #ViralReels #Meditation #InnerPeace1
- samsoh ke hawani galu ke pass gobharta buh palti😭2
- ped bachao ped lagao log to ped ko Jala rahe hain जीव-जंत hote Hain1
- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों की सुविधा के लिए पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब पशुओं के बीमार या घायल होने की स्थिति में 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करने से पशु एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. अनमोल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा का उद्देश्य पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना और पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। एंबुलेंस के माध्यम से प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं मौके पर ही दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जहां पशु अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सरकार की इस पहल से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा। डॉ. अनमोल ने पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में 1962 नंबर पर तुरंत संपर्क करें और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ बाइट डॉ अनमोल।1