फरूखनगर के प्राचीन रामलीला मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मुख्य हवन कुंड से एक पवित्र ईंट की चोरी हो गई। समाजसेवी प्रदीप सोनी के अनुसार, मंगलवार को कथा के मुख्य अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद एक व्यक्ति ने व्यास जी (कथावाचक) की बिना अनुमति और जानकारी के ही हवन कुंड से पवित्र ईंट चुरा ली और वहाँ से गायब हो गया। इस घटना की खबर फैलते ही कथा समिति और फरूखनगर के श्रद्धालुओं में भारी रोष और निराशा का माहौल बन गया। चोरी का यह मामला तब सामने आया जब आयोजन स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की गई। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बड़ी चतुराई से हवन कुंड के पास पहुँचता है और वहाँ से पवित्र ईंट चुराकर चुपचाप निकल जाता है। श्रद्धालुओं ने बताया कि सनातन धर्म में यज्ञ और हवन कुंड से संबंधित हर वस्तु को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है, और व्यास पीठ की अनुमति के बिना ऐसी सामग्री या ईंट को चुराना न केवल एक अनैतिक कृत्य है, बल्कि यह संपूर्ण भागवत कथा की मर्यादा और पवित्रता का घोर अनादर भी है। स्थानीय श्रद्धालुओं ने कहा कि इस चोरी की घटना से उनकी आस्था को गहरा आघात पहुँचा है और उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि चोर को सद्बुद्धि मिले ताकि उसे अपनी गंभीर गलती का अहसास हो। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब इस व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों ने सभी नागरिकों से धार्मिक स्थलों और अनुष्ठानों की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी पवित्र जगहों पर मर्यादा भंग करने का दुस्साहस कोई दोबारा न कर सके।
फरूखनगर के प्राचीन रामलीला मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मुख्य हवन कुंड से एक पवित्र ईंट की चोरी हो गई। समाजसेवी प्रदीप सोनी के अनुसार, मंगलवार को कथा के मुख्य अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद एक व्यक्ति ने व्यास जी (कथावाचक) की बिना अनुमति और जानकारी के ही हवन कुंड से पवित्र ईंट चुरा ली और वहाँ से गायब
हो गया। इस घटना की खबर फैलते ही कथा समिति और फरूखनगर के श्रद्धालुओं में भारी रोष और निराशा का माहौल बन गया। चोरी का यह मामला तब सामने आया जब आयोजन स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की गई। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बड़ी चतुराई से हवन कुंड के पास पहुँचता है और वहाँ से पवित्र ईंट चुराकर चुपचाप निकल जाता है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि सनातन धर्म में यज्ञ और हवन कुंड से संबंधित हर वस्तु को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है, और व्यास पीठ की अनुमति के बिना ऐसी सामग्री या ईंट को चुराना न केवल एक अनैतिक कृत्य है, बल्कि यह संपूर्ण भागवत कथा की मर्यादा और पवित्रता का घोर अनादर भी है। स्थानीय श्रद्धालुओं ने कहा कि इस चोरी की घटना से उनकी आस्था को गहरा आघात पहुँचा है और
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि चोर को सद्बुद्धि मिले ताकि उसे अपनी गंभीर गलती का अहसास हो। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब इस व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों ने सभी नागरिकों से धार्मिक स्थलों और अनुष्ठानों की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी पवित्र जगहों पर मर्यादा भंग करने का दुस्साहस कोई दोबारा न कर सके।
- फरूखनगर के प्राचीन रामलीला मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मुख्य हवन कुंड से एक पवित्र ईंट की चोरी हो गई। समाजसेवी प्रदीप सोनी के अनुसार, मंगलवार को कथा के मुख्य अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद एक व्यक्ति ने व्यास जी (कथावाचक) की बिना अनुमति और जानकारी के ही हवन कुंड से पवित्र ईंट चुरा ली और वहाँ से गायब हो गया। इस घटना की खबर फैलते ही कथा समिति और फरूखनगर के श्रद्धालुओं में भारी रोष और निराशा का माहौल बन गया। चोरी का यह मामला तब सामने आया जब आयोजन स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की गई। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बड़ी चतुराई से हवन कुंड के पास पहुँचता है और वहाँ से पवित्र ईंट चुराकर चुपचाप निकल जाता है। श्रद्धालुओं ने बताया कि सनातन धर्म में यज्ञ और हवन कुंड से संबंधित हर वस्तु को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है, और व्यास पीठ की अनुमति के बिना ऐसी सामग्री या ईंट को चुराना न केवल एक अनैतिक कृत्य है, बल्कि यह संपूर्ण भागवत कथा की मर्यादा और पवित्रता का घोर अनादर भी है। स्थानीय श्रद्धालुओं ने कहा कि इस चोरी की घटना से उनकी आस्था को गहरा आघात पहुँचा है और उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि चोर को सद्बुद्धि मिले ताकि उसे अपनी गंभीर गलती का अहसास हो। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब इस व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों ने सभी नागरिकों से धार्मिक स्थलों और अनुष्ठानों की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी पवित्र जगहों पर मर्यादा भंग करने का दुस्साहस कोई दोबारा न कर सके।4
- विपिन यादव ने यह बात कही है कि गुरुग्राम शहर में भी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने इस प्रक्रिया को गुरुग्राम में भी लागू करने की मांग की।1
- हरियाणा के गुरुग्राम से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने वीडियो रिकॉर्ड कर रहे एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- फरीदाबाद की एक 65 वर्षीय महिला ने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में फेफड़े का प्रत्यारोपण कराने के एक साल बाद स्वस्थ जीवन जीकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। यह दिल्ली के किसी निजी अस्पताल में किया गया पहला फेफड़ा प्रत्यारोपण है, जिसे दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। एक साल पहले, स्क्लेरोडर्मा नामक एक ऑटोइम्यून विकार के कारण महिला के फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे वह इंटरस्टिशियल लंग डिज़ीज़ के अंतिम चरण में पहुँच गई थीं। इस दुर्लभ स्थिति के कारण उन्हें प्रति मिनट 4 से 5 लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती थी और सामान्य गतिविधियाँ या बातचीत भी बेहद मुश्किल हो गई थी, और इलाज के बावजूद उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। यह सफल सर्जरी नोएडा के एक 48 वर्षीय ब्रेन-डेड मरीज के परिवार की असाधारण उदारता के कारण संभव हो पाई, जिन्होंने अपने अंगों का दान करने का निर्णय लिया। अपोलो की टीम ने त्वरित कार्रवाई की और सात घंटे तक चली प्रत्यारोपण प्रक्रिया के दौरान मरीज को ऑक्सीजन आपूर्ति बनाए रखने के लिए ईसीएमओ सपोर्ट पर रखा गया। सर्जरी के बाद रिकवरी की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण थी, जिसमें वेंटिलेटरी सपोर्ट, ट्रेकियोस्टोमी और 15 से अधिक ब्रोंकोस्कोपी शामिल थी, जिसके बाद महिला ने स्वाभाविक रूप से सांस लेना शुरू किया। धीरे-धीरे बाहरी सपोर्ट हटाई गई और कुछ हफ्तों में दवाइयों तथा उचित पोषण से उनकी शक्ति वापस आने लगी। वर्तमान में उन्हें किसी ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता नहीं है और फिजियोथेरेपी, न्यूट्रिशनल केयर एवं काउंसलिंग के साथ उनका स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। डॉ. मुकेश गोयल, सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली, ने बताया कि इस मामले ने दिल्ली-एनसीआर में मरीजों की अपेक्षाओं को बदल दिया है, क्योंकि पहले लंग ट्रांसप्लांट के लिए मरीज चेन्नई या हैदराबाद जाते थे। अब नोट्टो द्वारा अपोलो दिल्ली को फेफड़ों के आवंटन के लिए मान्यता मिलने से दिल्ली में भी यह संभव हो गया है। डॉ. अवधेश बंसल, सीनियर कंसल्टेंट, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली, ने बाईलेटरल लंग ट्रांसप्लांट के बाद एक साल पूरा करने को एक बड़ी उपलब्धि बताया, खासकर इस जटिल मामले को देखते हुए। उन्होंने मल्टीडिसिप्लिनरी केयर और निरंतर रिहैबिलिटेशन की भूमिका पर जोर दिया। मरीज ने स्वयं बताया कि प्रत्यारोपण से पहले वह चौबीसों घंटे ऑक्सीजन पर निर्भर रहती थीं और नहाना या किचन में जाना जैसे सामान्य कार्य भी उनके लिए बहुत कठिन थे। अब वह ये सभी कार्य स्वयं कर सकती हैं और अधिक ऊर्जा व प्राणवान महसूस करती हैं। हालाँकि प्रत्यारोपण के बाद का सफर आसान नहीं था, जिसमें रोज़ाना दवाएँ लेना, बार-बार मेडिकल चेकअप और रक्त जाँच कराना, और उचित पोषण लेना शामिल था, लेकिन अब यह सब आसान हो गया है। वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट रही हैं और मास्क पहनकर व भीड़ वाली जगहों से दूर रहकर सावधानी से बाहर भी निकल सकती हैं।2
- राजपथ न्यूज ने देश-दुनिया की छह बड़ी खबरें जारी की हैं, जिनमें कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, पाकिस्तान सीमा, उत्तराखंड और ईरान से संबंधित प्रमुख घटनाक्रम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में डीके किसी भी समय मुख्यमंत्री बन सकते हैं। वहीं, पंजाब के स्थानीय चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। गुजरात सरकार शावकों की कम संख्या को लेकर चिंता व्यक्त कर रही है। पाकिस्तान सीमा पर शाह, बीएसएफ के जवानों के साथ देखे गए हैं, जबकि उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग बुझाने में एयरफोर्स लगातार जुटी हुई है। इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने अपनी कैबिनेट को ईरान के साथ बातचीत के बारे में जानकारी दी है।1
- घोसी क्षेत्राधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बकरीद के अवसर पर लोगों को संबोधित किया है। उन्होंने जनता से विशेष अपील की, हालांकि अपील का विस्तृत विवरण इस जानकारी में नहीं दिया गया है।1
- बिहार में एक पुत्र के कहर के चलते उसके माता-पिता सहित दो पुत्र वधुएं घायल हो गईं। इस घटना के बाद, पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।1