मानवाधिकार जिला सदस्य कृष्ण बाला पांडे ने अपने देशवासियों से अन्याय के खिलाफ न्याय के लिए आवाज उठाने की मार्मिक अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे खुद को मजबूत करें और दूसरों को भी मजबूती की सलाह दें, क्योंकि उनका मानना है कि हमारे देश की आज़ादी और स्वतंत्रता तभी कायम रह पाएगी जब हम अपने हक के लिए खड़े होंगे। पांडे ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल ऐसी कई खबरें आ रही हैं, जहाँ खुद के लिए आवाज उठाना या किसी की मदद करना इंसान की जिंदगी खत्म कर दे रहा है। उन्होंने इस बात को समझाने के लिए बिहार में भरत तिवारी का उदाहरण दिया, जिनकी जिंदगी दूसरों के लिए जीने के कारण समाप्त कर दी गई। इसके बावजूद, कृष्ण बाला पांडे ने दृढ़ता से कहा है कि आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं है, और जहाँ दरिंदगी व अन्याय हो रहा है, वहाँ न्याय के लिए हमेशा खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों से एक-दूसरे के लिए हिम्मत बनने का आह्वान किया और उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद भी दिया।
मानवाधिकार जिला सदस्य कृष्ण बाला पांडे ने अपने देशवासियों से अन्याय के खिलाफ न्याय के लिए आवाज उठाने की मार्मिक अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे खुद को मजबूत करें और दूसरों को भी मजबूती की सलाह दें, क्योंकि उनका मानना है कि हमारे देश की आज़ादी और स्वतंत्रता तभी कायम रह पाएगी जब हम अपने हक के लिए खड़े होंगे। पांडे ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल ऐसी कई खबरें आ रही हैं, जहाँ खुद के लिए आवाज उठाना या किसी की मदद करना इंसान की जिंदगी खत्म कर दे रहा है। उन्होंने इस बात को समझाने के लिए बिहार में भरत तिवारी का उदाहरण दिया, जिनकी जिंदगी दूसरों के लिए जीने के कारण समाप्त कर दी गई। इसके बावजूद, कृष्ण बाला पांडे ने दृढ़ता से कहा है कि आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं है, और जहाँ दरिंदगी व अन्याय हो रहा है, वहाँ न्याय के लिए हमेशा खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों से एक-दूसरे के लिए हिम्मत बनने का आह्वान किया और उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद भी दिया।
- चंदौली में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं पर एक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व सपा सांसद रामकिशन यादव का भी उल्लेख किया गया है।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने धीना में जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिलाधिकारी को किसानों की समस्याओं को समझने के लिए केवल कार्यालय में नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अधिकारियों को गांवों और किसानों के बीच जाकर जमीनी हकीकत का पता लगाना चाहिए, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ों और वास्तविक परिस्थितियों की सही जानकारी मिल सकेगी। प्रेस वार्ता के दौरान मनोज सिंह काका ने वर्तमान सरकार पर नौजवानों, छात्रों और किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और संकल्प लिया कि समाजवादी पार्टी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने गुरैनी क्षेत्र में गंगा कटान रोकथाम की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने का भी उल्लेख किया। काका ने मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी कि जिलाधिकारी किसानों से वार्ता के लिए मौके पर जाने वाले हैं, इसे अधिकारियों द्वारा दफ्तरों से निकलकर सीधे लोगों के बीच पहुँचने की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया। सपा प्रवक्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर सत्ता पक्ष के दबाव में मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इन मुकदमों को वापस नहीं लेता है, तो समाजवादी पार्टी हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ेगी और इसके साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।3
- चंदौली में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय दिखा। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अलीनगर क्षेत्र का दौरा कर मोहर्रम जुलूस मार्गों तथा संवेदनशील स्थलों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्र शेखर, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह, अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ला सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, ताजिया रखने के स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की बारीकी से जांच की और सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और मोहर्रम कमेटी के सदस्यों से भी बातचीत कर जुलूस के दौरान संभावित समस्याओं की जानकारी ली। जलभराव, बिजली के लटकते तार और सड़क की स्थिति जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। वहीं, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। निरीक्षण के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए।1
- चंदौली जिले में स्थित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल मरीजों को बेहतर दवा और इलाज की सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मरीजों के उपचार के लिए अपना पूरा समय देते हैं, जिसकी व्यापक सराहना की गई है। यहां मरीजों के लिए मात्र ₹1 की पर्ची काटी जाती है। अस्पताल में जितनी दवाएं उपलब्ध होती हैं, वे अंदर से ही मरीजों को दी जाती हैं, जबकि अन्य आवश्यक दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए एक समान है, और अस्पताल के डॉक्टर अग्रिम आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हैं।2
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (डीडीयू नगर) में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक कोबरा साँप दिखाई दिया। कोबरा को देखते ही आसपास के लोग स्तब्ध रह गए और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने समय रहते सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए सुरक्षित तरीके से उस साँप का रेस्क्यू कर लिया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना टल गई। इस दौरान, लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क रहने की सलाह भी दी। यह संदेश भी दिया गया है कि यदि कहीं साँप दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।1
- चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।2
- भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की गई है। इस दौरान, भ्रष्टाचार की मूल जड़ के रूप में 'जेई' (जूनियर इंजीनियर) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे यह साफ होता है कि यह माँग भ्रष्टाचार के एक विशिष्ट स्रोत पर केंद्रित है।1
- चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी गांव के ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ये आरोप लगाकर अपनी आपत्ति व्यक्त की और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।1