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भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की गई है। इस दौरान, भ्रष्टाचार की मूल जड़ के रूप में 'जेई' (जूनियर इंजीनियर) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे यह साफ होता है कि यह माँग भ्रष्टाचार के एक विशिष्ट स्रोत पर केंद्रित है।

1 hr ago
user_D.k
D.k
चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की गई है। इस दौरान, भ्रष्टाचार की मूल जड़ के रूप में 'जेई' (जूनियर इंजीनियर) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे यह साफ होता है कि यह माँग भ्रष्टाचार के एक विशिष्ट स्रोत पर केंद्रित है।

More news from बिहार and nearby areas
  • मुंबई इस समय एक गंभीर जल संकट का सामना कर रही है, जिसके चलते BMC ने पानी की कटौती लागू कर दी है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान चर्चा में है कि 'देश में पानी की कोई कमी नहीं है'। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह पड़ताल शामिल है कि मुंबई में पानी का संकट क्यों आया, सात जलाशयों का क्या हाल है, BMC ने पानी की कटौती क्यों की, क्या कंक्रीट का जंगल बनती मुंबई इस संकट के लिए जिम्मेदार है, और क्या जल प्रबंधन में कहीं चूक हुई है।
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    मुंबई इस समय एक गंभीर जल संकट का सामना कर रही है, जिसके चलते BMC ने पानी की कटौती लागू कर दी है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान चर्चा में है कि 'देश में पानी की कोई कमी नहीं है'।

इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह पड़ताल शामिल है कि मुंबई में पानी का संकट क्यों आया, सात जलाशयों का क्या हाल है, BMC ने पानी की कटौती क्यों की, क्या कंक्रीट का जंगल बनती मुंबई इस संकट के लिए जिम्मेदार है, और क्या जल प्रबंधन में कहीं चूक हुई है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    13 hrs ago
  • चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।
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    चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा।

ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।
    user_कौस्तुम केशरी
    कौस्तुम केशरी
    नौगढ़, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • चंदौली जिले में स्थित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल मरीजों को बेहतर दवा और इलाज की सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मरीजों के उपचार के लिए अपना पूरा समय देते हैं, जिसकी व्यापक सराहना की गई है। यहां मरीजों के लिए मात्र ₹1 की पर्ची काटी जाती है। अस्पताल में जितनी दवाएं उपलब्ध होती हैं, वे अंदर से ही मरीजों को दी जाती हैं, जबकि अन्य आवश्यक दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए एक समान है, और अस्पताल के डॉक्टर अग्रिम आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
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    चंदौली जिले में स्थित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल मरीजों को बेहतर दवा और इलाज की सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मरीजों के उपचार के लिए अपना पूरा समय देते हैं, जिसकी व्यापक सराहना की गई है। यहां मरीजों के लिए मात्र ₹1 की पर्ची काटी जाती है। अस्पताल में जितनी दवाएं उपलब्ध होती हैं, वे अंदर से ही मरीजों को दी जाती हैं, जबकि अन्य आवश्यक दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए एक समान है, और अस्पताल के डॉक्टर अग्रिम आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
    user_Karishnabala Pandey
    Karishnabala Pandey
    Voice of people Chandauli, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।
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    चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी।

यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती।

इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है?

अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।
    user_Man mohan kumar
    Man mohan kumar
    Journalist मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।
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    धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई।

भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है।

किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।
    user_Faridu ddin
    Faridu ddin
    Local News Reporter चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • चंदौली में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं पर एक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व सपा सांसद रामकिशन यादव का भी उल्लेख किया गया है।
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    चंदौली में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं पर एक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व सपा सांसद रामकिशन यादव का भी उल्लेख किया गया है।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • चंदौली जिले में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में हो रहे भू-कटान की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरैनी पंप कैनाल के पास गंगा कटान रोकने के चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटान-रोधी एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गुरैनी पंप कैनाल के समीप गंगा नदी से हो रहे कटान की अद्यतन स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अभियंताओं से चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की तकनीकी बारीकियों और उनकी प्रगति के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने मानसून और तटीय सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दोहरे स्तर पर कार्य करने की रणनीति पर भी बल दिया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गंगा तट पर हो रहे कटान को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक और मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके। गंगा तट के स्थायी संरक्षण के लिए, उन्होंने अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा, बंधी डिवीजन को एक व्यापक व विस्तृत परियोजना (DPR) अविलंब तैयार करने और उसे शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु शीघ्र अति शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी फसलों और भूमि की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और बाढ़ व कटान जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम समय से पूरे कर लिए जाएंगे। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने इस दौरान स्थानीय क्षेत्र के कृषकों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। स्थलीय निरीक्षण के समय मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता, बंधी प्रखंड, अधिशासी अभियंता, लघु डाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    चंदौली जिले में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में हो रहे भू-कटान की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरैनी पंप कैनाल के पास गंगा कटान रोकने के चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटान-रोधी एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए।

निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गुरैनी पंप कैनाल के समीप गंगा नदी से हो रहे कटान की अद्यतन स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अभियंताओं से चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की तकनीकी बारीकियों और उनकी प्रगति के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने मानसून और तटीय सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दोहरे स्तर पर कार्य करने की रणनीति पर भी बल दिया।

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गंगा तट पर हो रहे कटान को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक और मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके। गंगा तट के स्थायी संरक्षण के लिए, उन्होंने अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा, बंधी डिवीजन को एक व्यापक व विस्तृत परियोजना (DPR) अविलंब तैयार करने और उसे शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु शीघ्र अति शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी फसलों और भूमि की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और बाढ़ व कटान जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम समय से पूरे कर लिए जाएंगे। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने इस दौरान स्थानीय क्षेत्र के कृषकों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। स्थलीय निरीक्षण के समय मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता, बंधी प्रखंड, अधिशासी अभियंता, लघु डाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी गांव के ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ये आरोप लगाकर अपनी आपत्ति व्यक्त की और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
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    चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी गांव के ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ये आरोप लगाकर अपनी आपत्ति व्यक्त की और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जनपद मिर्जापुर में वाराणसी-सोनभद्र रूट पर स्थित नारायणपुर मोटर मंडी की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और जानलेवा बनी हुई है, जिसे पूर्वांचल की सबसे बुरी, घातक और मौत के कुएं जैसी सड़क बताया जा रहा है। इतनी दयनीय हालत होने के बावजूद, यह सड़क अब तक क्यों नहीं बन पाई है, जबकि इस मार्ग पर पूर्वांचल की सबसे महंगी टोल वसूली की जाती है। स्थानीय लोगों और जनता द्वारा शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्री, ठेकेदार और टोल प्लाजा के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ये सभी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस जानलेवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? इस पीड़ादायक स्थिति के लिए कौन जवाब देगा, यह प्रश्न लगातार बना हुआ है।
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    जनपद मिर्जापुर में वाराणसी-सोनभद्र रूट पर स्थित नारायणपुर मोटर मंडी की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और जानलेवा बनी हुई है, जिसे पूर्वांचल की सबसे बुरी, घातक और मौत के कुएं जैसी सड़क बताया जा रहा है। इतनी दयनीय हालत होने के बावजूद, यह सड़क अब तक क्यों नहीं बन पाई है, जबकि इस मार्ग पर पूर्वांचल की सबसे महंगी टोल वसूली की जाती है।

स्थानीय लोगों और जनता द्वारा शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्री, ठेकेदार और टोल प्लाजा के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ये सभी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस जानलेवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा?

इस पीड़ादायक स्थिति के लिए कौन जवाब देगा, यह प्रश्न लगातार बना हुआ है।
    user_पूर्व- अल्पसंख्यक महासचिव
    पूर्व- अल्पसंख्यक महासचिव
    Voice of people चुनार, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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