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2 hrs ago
user_Ajad Malik
Ajad Malik
Sidhauli, Sitapur•
2 hrs ago

More news from Sitapur and nearby areas
  • Post by Ajad Malik
    1
    Post by Ajad Malik
    user_Ajad Malik
    Ajad Malik
    Sidhauli, Sitapur•
    2 hrs ago
  • जापान के Ichikawa City Zoo में जन्मा बेबी मकाक ‘पंच-कुन’ इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। जन्म के बाद मां द्वारा देखभाल न किए जाने पर जू कर्मचारियों ने उसे बोतल से पाला। अब पंच-कुन एक मुलायम खिलौने से चिपककर रहता है और उसे अपनी मां जैसा मानता है। क्या यह व्यवहार असामान्य है या प्रकृति का हिस्सा? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मकाक शिशु सुरक्षा और लगाव की भावना के लिए किसी भी सॉफ्ट ऑब्जेक्ट से जुड़ सकते हैं। इस वीडियो में जानिए पंच-कुन की पूरी कहानी और इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण। #thepinchdiary #PunchKun #JapanZoo #BabyMonkey #ViralStory #AnimalBehavior #Makak #EmotionalBond #WildlifeStory #TrendingNews
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    जापान के Ichikawa City Zoo में जन्मा बेबी मकाक ‘पंच-कुन’ इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। जन्म के बाद मां द्वारा देखभाल न किए जाने पर जू कर्मचारियों ने उसे बोतल से पाला। अब पंच-कुन एक मुलायम खिलौने से चिपककर रहता है और उसे अपनी मां जैसा मानता है।
क्या यह व्यवहार असामान्य है या प्रकृति का हिस्सा? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मकाक शिशु सुरक्षा और लगाव की भावना के लिए किसी भी सॉफ्ट ऑब्जेक्ट से जुड़ सकते हैं। इस वीडियो में जानिए पंच-कुन की पूरी कहानी और इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण। #thepinchdiary 
#PunchKun #JapanZoo #BabyMonkey #ViralStory #AnimalBehavior #Makak #EmotionalBond #WildlifeStory #TrendingNews
    user_Abhishek Maurya
    Abhishek Maurya
    Local News Reporter बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Sachin Yadav
    1
    Post by Sachin Yadav
    user_Sachin Yadav
    Sachin Yadav
    बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • लखनऊ लखनऊ विश्वविद्यालय में मस्जिद सील करने पर इमरान प्रतापगढ़ी से लखनऊ विश्विद्यालय के छात्रों की वार्तालाप हुई। इस वार्तालाप के इमरान प्रतापगढ़ी ने उन्हें पूरे सहयोग का अश्वाशासन दिया।
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    लखनऊ 
लखनऊ विश्वविद्यालय में मस्जिद सील करने पर इमरान प्रतापगढ़ी से लखनऊ विश्विद्यालय के छात्रों की वार्तालाप हुई। 
इस वार्तालाप के इमरान प्रतापगढ़ी ने उन्हें पूरे सहयोग का अश्वाशासन दिया।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Police Officer बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    10 min ago
  • ​संडीला, हरदोई। राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार अधिनियम का पालन न करने और समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने संडीला के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (BDO) पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। ​क्या है पूरा मामला? ​सामाजिक कार्यकर्ता अशोक भारती ने संडीला विकास खंड के अंतर्गत आने वाली समस्त ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा मांगा था। उन्होंने विशेष रूप से 25 दिसंबर से 31 मार्च 2022 के बीच 'प्रशासक कार्यकाल' के दौरान हुए कार्यों की सूचना मांगी थी। ​लापरवाही और कार्रवाई की टाइमलाइन :- ​सूचना में देरी - आवेदन के बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा समय सीमा के भीतर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। ​आयोग का नोटिस - मामला राज्य सूचना आयोग लखनऊ पहुंचने पर, आयोग ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया। उन्हें स्वयं उपस्थित होकर या लिखित रूप में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया था। ​अंतिम फैसला - संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर आयोग ने प्रतिवादी को दोषी माना। इसके बाद 20 जनवरी 2026 को आयोग ने अधिकारी के विरुद्ध आर्थिक दंड का आदेश पारित कर दिया। ​मुख्य बिंदु - प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सूचना आयोग की यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक सबक है जो जन सूचनाओं को दबाने या विलंब करने की कोशिश करते हैं।
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    ​संडीला, हरदोई। राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार अधिनियम का पालन न करने और समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने संडीला के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (BDO) पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
​क्या है पूरा मामला?
​सामाजिक कार्यकर्ता अशोक भारती ने संडीला विकास खंड के अंतर्गत आने वाली समस्त ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा मांगा था। उन्होंने विशेष रूप से 25 दिसंबर से 31 मार्च 2022 के बीच 'प्रशासक कार्यकाल' के दौरान हुए कार्यों की सूचना मांगी थी।
​लापरवाही और कार्रवाई की टाइमलाइन :-
​सूचना में देरी - आवेदन के बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा समय सीमा के भीतर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
​आयोग का नोटिस - मामला राज्य सूचना आयोग लखनऊ पहुंचने पर, आयोग ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया। उन्हें स्वयं उपस्थित होकर या लिखित रूप में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया था।
​अंतिम फैसला - संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर आयोग ने प्रतिवादी को दोषी माना। इसके बाद 20 जनवरी 2026 को आयोग ने अधिकारी के विरुद्ध आर्थिक दंड का आदेश पारित कर दिया।
​मुख्य बिंदु - प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सूचना आयोग की यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक सबक है जो जन सूचनाओं को दबाने या विलंब करने की कोशिश करते हैं।
    user_शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    Journalist Sandila, Hardoi•
    1 hr ago
  • हरदोई में देर रात दो दुकानों में लगी आग, टायर और सामान जलकर खाक, फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया, सरकुलर रोड स्थित राम जानकी मंदिर के सामने
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    हरदोई में देर रात दो दुकानों में लगी आग, टायर
और सामान जलकर खाक, फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया, सरकुलर रोड स्थित राम जानकी मंदिर के सामने
    user_P D tiwari Journalist
    P D tiwari Journalist
    संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *फतेहपुर में माइनर की सिल्ट बेचने का आरोप लाखों के राजस्व नुकसान की आशंका वीडियो सामने आया* बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में रविवार को सिंचाई विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां परवारभारी माइनर से निकली लगभग 400 मीटर लंबी सिल्ट को अवैध रूप से बेच दिए जाने का आरोप है। इस घटना से सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। यह मामला पिपरौली गांव के पास सहित दो अलग-अलग स्थानों का है। आरोप है कि माइनर की पटरी के किनारे पड़ी कबाड़ युक्त सिल्ट को जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करके खुलेआम उठाया गया और बेच दिया गया। नियमानुसार, माइनर की सफाई के बाद निकली सिल्ट का उचित निस्तारण किया जाना चाहिए या विभागीय प्रक्रिया के तहत उसका उपयोग होना चाहिए। हालांकि, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कथित अनदेखी के कारण सिल्ट को निजी लाभ के लिए बेच दिया गया। जब इस संबंध में जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार यादव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि, सिल्ट उठाकर बेचे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस प्रकरण की शिकायत तहसील दिवस में भी की गई है, जहां दोषियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
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    रवि रावत की रिपोर्ट 
लोकेशन फतेहपुर 
*फतेहपुर में माइनर की सिल्ट बेचने का आरोप लाखों के राजस्व नुकसान की आशंका वीडियो सामने आया*
बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में रविवार को सिंचाई विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां परवारभारी माइनर से निकली लगभग 400 मीटर लंबी सिल्ट को अवैध रूप से बेच दिए जाने का आरोप है। इस घटना से सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
यह मामला पिपरौली गांव के पास सहित दो अलग-अलग स्थानों का है। आरोप है कि माइनर की पटरी के किनारे पड़ी कबाड़ युक्त सिल्ट को जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करके खुलेआम उठाया गया और बेच दिया गया।
नियमानुसार, माइनर की सफाई के बाद निकली सिल्ट का उचित निस्तारण किया जाना चाहिए या विभागीय प्रक्रिया के तहत उसका उपयोग होना चाहिए। हालांकि, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कथित अनदेखी के कारण सिल्ट को निजी लाभ के लिए बेच दिया गया।
जब इस संबंध में जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार यादव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि, सिल्ट उठाकर बेचे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस प्रकरण की शिकायत तहसील दिवस में भी की गई है, जहां दोषियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
    user_रवि रावत
    रवि रावत
    पत्रकार फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Sachin Yadav
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    Post by Sachin Yadav
    user_Sachin Yadav
    Sachin Yadav
    बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 min ago
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