मैथन रांची कॉलोनी निवासी प्रमोद सिंह की ट्रेन दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई है। यह दुखद खबर मैथन रांची कॉलोनी से सामने आई है, जहाँ कुमारडूबी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास किसी कारणवश प्रमोद सिंह ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। इसके बाद मृतक के परिजनों को इस आकस्मिक घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य और रिश्तेदार कुमारडूबी जीआरपी कार्यालय पहुँचे, जहाँ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं। जीआरपी द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। इस आकस्मिक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और स्थानीय लोगों तथा मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के कारणों की जाँच में जुटी हुई है।
मैथन रांची कॉलोनी निवासी प्रमोद सिंह की ट्रेन दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई है। यह दुखद खबर मैथन रांची कॉलोनी से सामने आई है, जहाँ कुमारडूबी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास किसी कारणवश प्रमोद सिंह ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। इसके बाद मृतक के परिजनों को इस आकस्मिक घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य और रिश्तेदार कुमारडूबी जीआरपी कार्यालय पहुँचे, जहाँ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं। जीआरपी द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। इस आकस्मिक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और स्थानीय लोगों तथा मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के कारणों की जाँच में जुटी हुई है।
- झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया। इस मेले में 20 से अधिक निजी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन कर उन्हें ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। रोजगार मेले में तकनीकी, मार्केटिंग, सुरक्षा, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। सहायक नियोजन पदाधिकारी पदमा कुमारी ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, और चयनित अभ्यर्थियों को कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार ने मेले का निरीक्षण करते हुए अभ्यर्थियों और कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बदलते समय के साथ युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिला, वहीं कंपनियों को भी योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने का मंच मिला। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के रोजगार मेलों का आयोजन जारी रहेगा।1
- बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत लाखों रुपए का क्रेडिट उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है, जिसमें बैंक ऑफ इंडिया न्यूनतम ब्याज दर पर 20% तक क्रेडिट देने की पेशकश कर रहा है। यह महत्वपूर्ण कदम आज जोनल कार्यालय में हुई एक बैठक के बाद उठाया गया है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को गतिमान रखना और व्यवसायियों व उद्योगपतियों को आर्थिक समस्याओं से जूझने से बचाना है। यह रिपोर्ट सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिंहा ने धनबाद से प्रस्तुत की है।1
- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार किया, स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों से जुड़े हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भाषा नियमावली में सभी भाषाओं को उचित सम्मान देने की भी मांग उठाई।1
- बोकारो के दामोदा कोलियरी में फीटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई की शुक्रवार देर रात दुर्गापुर के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी तबीयत 21 मई को जनरल पाली में काम करते समय खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें पहले धनबाद के सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया था, जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों, सहकर्मियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की। इस मांग को लेकर कोलियरी के दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (क्रमिक) अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार के साथ-साथ यूनियन की ओर से एटक के एच. एन. प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो और सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार एवं मृतक के परिजन शामिल थे।4
- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों को लेकर हैं। वहीं, झारखंड में चल रहे भाषा विवाद को उन्होंने एक "चूक" बताया, जिसे सुधारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी बैठक 3 जून को प्रस्तावित है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने और नियमावली में आवश्यक संशोधन की मांग की। वित्त मंत्री किशोर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, फिर भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी यह संकेत देती है कि वे विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। किशोर के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है और महागठबंधन की स्थिति पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उनके बीच कथित खींचतान के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि उनका प्रदेश अध्यक्ष के साथ कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है और मतभेद केवल पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को लेकर हैं, किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं। वहीं, झारखंड में भाषा नियमावली को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि इसे विवाद कहना उचित नहीं होगा, बल्कि इसमें कुछ चूक हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार से सटे झारखंड के कई जिलों में भोजपुरी, मैथिली और अंगिका जैसी भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं, और ऐसे में इन भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। जनजातीय भाषाओं का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन जिन क्षेत्रों में जनजातीय भाषा बोलने वाले नहीं हैं, जहां उस भाषा में पढ़ाई नहीं होती और न ही शिक्षक उपलब्ध हैं, वहां उसे अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमावली में सभी भाषाओं को समुचित स्थान दिया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के इन बयानों, जिनमें भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप, कांग्रेस संगठन को लेकर दी गई सफाई और भाषा नियमावली में बदलाव की मांग शामिल है, ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 3 जून को होने वाली समिति की बैठक और राज्यसभा चुनाव की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।1
- धनबाद के तोंपचाची क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मांडीहा-नेपोडीह में माइंस संबंधी गतिविधियों को लेकर जोरदार बवाल सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने नियमों की अनदेखी और मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।1