दुनिया की महंगी कॉफी में शामिल कोपी लुवाक (Kopi Luwak) को सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जंगली जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से बनाया जाता है। 🐾 कैसे बनती है यह कॉफी? सिवेट जानवर पके हुए कॉफी के फल खाता है। दुनिया की महंगी कॉफी में शामिल कोपी लुवाक (Kopi Luwak) को सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जंगली जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से बनाया जाता है। 🐾 कैसे बनती है यह कॉफी? सिवेट जानवर पके हुए कॉफी के फल खाता है। फल का गूदा पच जाता है, लेकिन बीज काफी हद तक साबुत बाहर निकल आते हैं। इन बीजों को इकट्ठा करके अच्छी तरह साफ किया जाता है। फिर उन्हें सुखाकर, भूनकर और पीसकर कॉफी तैयार की जाती है। ☕ आखिर इतनी महंगी क्यों? इसकी दुर्लभता, खास उत्पादन प्रक्रिया और विशिष्ट स्वाद के कारण इसकी कीमत काफी अधिक हो सकती है। हालांकि, इसकी गुणवत्ता और स्वाद को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है। ⚠️ ध्यान देने वाली बात: इस कॉफी के उत्पादन में कुछ जगहों पर सिवेट जानवरों को पिंजरों में रखकर जबरन कॉफी फल खिलाए जाते हैं। इसलिए इसे खरीदते समय पशु कल्याण का ध्यान रखना जरूरी है।
दुनिया की महंगी कॉफी में शामिल कोपी लुवाक (Kopi Luwak) को सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जंगली जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से बनाया जाता है। 🐾 कैसे बनती है यह कॉफी? सिवेट जानवर पके हुए कॉफी के फल खाता है। दुनिया की महंगी कॉफी में शामिल कोपी लुवाक (Kopi Luwak) को सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जंगली जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से बनाया जाता है। 🐾 कैसे बनती है यह कॉफी? सिवेट जानवर पके हुए कॉफी के फल खाता है। फल का गूदा पच जाता है, लेकिन बीज काफी हद तक साबुत बाहर निकल आते हैं। इन बीजों को इकट्ठा करके अच्छी तरह साफ किया जाता है। फिर उन्हें सुखाकर, भूनकर और पीसकर कॉफी तैयार की जाती है। ☕ आखिर इतनी महंगी क्यों? इसकी दुर्लभता, खास उत्पादन प्रक्रिया और विशिष्ट स्वाद के कारण इसकी कीमत काफी अधिक हो सकती है। हालांकि, इसकी गुणवत्ता और स्वाद को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है। ⚠️ ध्यान देने वाली बात: इस कॉफी के उत्पादन में कुछ जगहों पर सिवेट जानवरों को पिंजरों में रखकर जबरन कॉफी फल खिलाए जाते हैं। इसलिए इसे खरीदते समय पशु कल्याण का ध्यान रखना जरूरी है।
- दुनिया की महंगी कॉफी में शामिल कोपी लुवाक (Kopi Luwak) को सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जंगली जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से बनाया जाता है। 🐾 कैसे बनती है यह कॉफी? सिवेट जानवर पके हुए कॉफी के फल खाता है। दुनिया की महंगी कॉफी में शामिल कोपी लुवाक (Kopi Luwak) को सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जंगली जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से बनाया जाता है। 🐾 कैसे बनती है यह कॉफी? सिवेट जानवर पके हुए कॉफी के फल खाता है। फल का गूदा पच जाता है, लेकिन बीज काफी हद तक साबुत बाहर निकल आते हैं। इन बीजों को इकट्ठा करके अच्छी तरह साफ किया जाता है। फिर उन्हें सुखाकर, भूनकर और पीसकर कॉफी तैयार की जाती है। ☕ आखिर इतनी महंगी क्यों? इसकी दुर्लभता, खास उत्पादन प्रक्रिया और विशिष्ट स्वाद के कारण इसकी कीमत काफी अधिक हो सकती है। हालांकि, इसकी गुणवत्ता और स्वाद को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है। ⚠️ ध्यान देने वाली बात: इस कॉफी के उत्पादन में कुछ जगहों पर सिवेट जानवरों को पिंजरों में रखकर जबरन कॉफी फल खिलाए जाते हैं। इसलिए इसे खरीदते समय पशु कल्याण का ध्यान रखना जरूरी है।1
- क्या यही है विकास की सड़क? 6 महीने में ही बह गई करोड़ों की सांकल-बेलखेड़ी रोड जिला नरसिंहपुर के गोटेगांव विकासखंड की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल सांकल से मगरधा-बेलखेड़ी (ओबी रोड) इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। महका और गुटौरी के बीच शेढ़ नदी के किनारे करीब 2500 मीटर हिस्से में सड़क का बड़ा भाग क्षतिग्रस्त होकर नदी में समा गया है। मौके की स्थिति देखकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और नदी किनारे किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क पर कई स्थानों पर गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। कुछ जगहों पर डामर की परत बुरी तरह टूटकर धंस गई है। मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए फिलहाल बांस-बल्ली और कंटीले तार लगाकर रास्ते को रोकने की व्यवस्था की गई है। सबसे बड़ा सवाल—इतनी जल्दी सड़क कैसे हुई जमींदोज? स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हुए अधिक समय नहीं बीता और पहली ही बड़ी बारिश में नदी किनारे का हिस्सा इस तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यदि नदी के कटाव वाले क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त रिटेनिंग वॉल, प्रोटेक्शन वर्क, मजबूत बेस एवं जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई थी, तो निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी स्वीकृति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि सड़क के क्षतिग्रस्त होने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में संबंधित विभाग से मौके की जांच कराकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री और सुरक्षा कार्यों की जांच कराने की मांग उठ रही है। हजारों ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी,, मार्ग बाधित होने से आसपास के ग्रामीणों, किसानों, स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मचवारा-बरगी होकर करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मार्ग परिवर्तित किए जाने का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल है कि स्थायी समाधान कब होगा?1
- नरसिंहपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता दिनेश जैन साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठे, मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा सहित साथियों को डिटेन करने पर उठाए सवाल नरसिंहपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता दिनेश जैन साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठे, मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा सहित साथियों को डिटेन करने पर उठाए सवाल पुलिस कार्रवाई का कारण सार्वजनिक करने की मांग, कांग्रेस ने संबंधित लोगों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा साईंखेड़ा। जनपद पंचायत साईंखेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा सहित उनके कुछ साथियों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में नरसिंहपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल एवं वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता दिनेश जैन साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने संबंधित लोगों को डिटेन किए जाने का कारण स्पष्ट करने तथा उनकी स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच माया विश्वकर्मा के साथ अनंत राजपूत, युवराज सिंह राजपूत तथा अन्य लोगों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की सूचना सामने आई थी। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल की ओर से जारी संदेश में कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया गया है। कांग्रेस ने संबंधित लोगों को ससम्मान घर पहुंचाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा। पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार फिलहाल संबंधित लोगों को किस कारण से और किन परिस्थितियों में डिटेन किया गया है, इस संबंध में पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।3
- पटेरा- दमोह. त्यौहारों को लेकर पटेरा में शाति समिति की बैठक व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर हुई चर्चा1
- झांसी घाट पर मां नर्मदा की महाआरती बनी आस्था का केंद्र: विगत 1 वर्ष से प्रतिदिन शाम 7 बजे उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ नरसिंहपुर झांसी घाट श्री मां रेवा सेवा समिति के तत्वावधान में झांसी घाट पर आयोजित होने वाली मां नर्मदा की भव्य महाआरती समूचे क्षेत्र में गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। समिति द्वारा पिछले 1 वर्ष से अनवरत प्रतिदिन शाम 7 बजे यह पावन महाआरती पूर्ण विधि-विधान और भक्तिभाव से संपन्न कराई जा रही है। संध्या होते ही पूरा नर्मदा तट वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की गूंज और "हर-हर नर्मदे" के उद्घोष से भक्तिमय हो उठता है। मां रेवा के पावन जल में प्रज्वलित दीपों की अलौकिक छटा और भव्य आरती के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांसी घाट पहुंच रहे हैं। इस निरंतर चल रहे धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में समिति के सक्रिय सदस्य अरविन्द पटेल (मैनेजर), सम्राट मिश्रा, संतोष वर्मन, रूपेन्द्र नामदेव, गोपाल मल्लाह, अनिल वर्मन अरविन्द तोमर, उदित मिश्रा, भैया जी वैष्णव,प्रिंस वर्मन, परी वर्मन, दिलीप, तेजीलाल, हेमंत, राजकुमार एवं शिवकुमार, सिद्धू वर्मन, आशु वर्मन,साहिल साहू आदि पूरी निष्ठा के साथ व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में झांसी घाट पहुंचकर प्रतिदिन शाम 7 बजे होने वाली मां नर्मदा की दिव्य महाआरती में शामिल हों और पुण्य लाभ अर्जित करें।1
- *💥ब्रेकिंग न्यूज़ सालीचोका💥* *क्षेत्र की दुधी नदी कैकरा, नयाखेड़ा में दिनदहाड़ेअबैध रेत खनन टेक्ट्रर ट्राली से* जिला कलेक्टर की एन जी टी के नियम की उड़ती धज्जियां, जिला खनिज विभाग व गाडरवारा राजस्व विभाग आफिस में आराम फरमाते खनिज सम्पदा की दिन दहाड़े चोरी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं नहीं करते दुधीनदी का औपचारिक निरिक्षण आखिरकार क्यो डरता है खनिज विभाग कार्यवाहक से सालीचौका क्षेत्र में जिला कलेक्टर महोदय की एन जी टी की खुलेआम उड़ती सालीचौका क्षेत्र में दिनदहाड़े दुधी नदी कैकरा से रेत की चोरी होना मानो रेत माफियाओं के आगे हुआ खनिज विभाग व राजस्व विभाग नतमस्तक सालीचौका क्षेत्र की दुधी नदी से दिन व रात चल रहा रेत का अबैध 8बजे से सुबह 8बजे तक चलता है दिन में भी रेत का अबेध खन्न टेक्ट्रर ट्राली से चलताआखिर कार कौन कर रहा है दूधी नदी मैया का श्रृंगार चोरी सबसे बड़ा सवाल सालीचौका क्षेत्र का एक छुट भैया नेता जो लोगो का आशीर्वाद लेने में पहले नंबर है वहीं कर रहा है रेत का अबैध खनन उस नेता के रेत के टेक्ट्रर पकड़ने में असमर्थ हैं खनिज विभाग राजस्व विभाग आखिर क्या किसी सत्ताधारी नेता का आशीर्वाद प्राप्त है इस छुट भैया नेता को जिला का प्रशासन इस नेता का क्या ग़ुलाम बन गया है जिला कलेक्टर महोदय से सीधा सवाल है अब होगी कार्यवाही रेत के अबेध टेक्ट्रर पर जो दिन रात चलते हैं करते हैं रेत का खनन रेत माफियाओं की गली गली चोराहों पर लगी रहती है फिल्डिंग दुधी नदी बैरागढ़ ,कैकरा, नयाखेड़ा ,अर्जुन गांव, व उमर नदी भटरा पचाम से अवैध रेत खन्न जारी आखिरकार कार किस के संरक्षण जारी है अवैध खनन जिला खनिज विभाग कुंभकर्ण कि नींद में आराम कर रहा है आखिर कार राजस्व विभाग व खनिज विभाग कार्यवाई करने से क्यों डरता है जिला कलेक्टर महोदय से अब सीधा सवाल* *💥ब्रेकिंग न्यूज़ सालीचोका💥* *क्षेत्र की दुधी नदी कैकरा, नयाखेड़ा में दिनदहाड़ेअबैध रेत खनन टेक्ट्रर ट्राली से* जिला कलेक्टर की एन जी टी के नियम की उड़ती धज्जियां, जिला खनिज विभाग व गाडरवारा राजस्व विभाग आफिस में आराम फरमाते खनिज सम्पदा की दिन दहाड़े चोरी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं नहीं करते दुधीनदी का औपचारिक निरिक्षण आखिरकार क्यो डरता है खनिज विभाग कार्यवाहक से सालीचौका क्षेत्र में जिला कलेक्टर महोदय की एन जी टी की खुलेआम उड़ती सालीचौका क्षेत्र में दिनदहाड़े दुधी नदी कैकरा से रेत की चोरी होना मानो रेत माफियाओं के आगे हुआ खनिज विभाग व राजस्व विभाग नतमस्तक सालीचौका क्षेत्र की दुधी नदी से दिन व रात चल रहा रेत का अबैध 8बजे से सुबह 8बजे तक चलता है दिन में भी रेत का अबेध खन्न टेक्ट्रर ट्राली से चलताआखिर कार कौन कर रहा है दूधी नदी मैया का श्रृंगार चोरी सबसे बड़ा सवाल सालीचौका क्षेत्र का एक छुट भैया नेता जो लोगो का आशीर्वाद लेने में पहले नंबर है वहीं कर रहा है रेत का अबैध खनन उस नेता के रेत के टेक्ट्रर पकड़ने में असमर्थ हैं खनिज विभाग राजस्व विभाग आखिर क्या किसी सत्ताधारी नेता का आशीर्वाद प्राप्त है इस छुट भैया नेता को जिला का प्रशासन इस नेता का क्या ग़ुलाम बन गया है जिला कलेक्टर महोदय से सीधा सवाल है अब होगी कार्यवाही रेत के अबेध टेक्ट्रर पर जो दिन रात चलते हैं करते हैं रेत का खनन रेत माफियाओं की गली गली चोराहों पर लगी रहती है फिल्डिंग दुधी नदी बैरागढ़ ,कैकरा, नयाखेड़ा ,अर्जुन गांव, व उमर नदी भटरा पचाम से अवैध रेत खन्न जारी आखिरकार कार किस के संरक्षण जारी है अवैध खनन जिला खनिज विभाग कुंभकर्ण कि नींद में आराम कर रहा है आखिर कार राजस्व विभाग व खनिज विभाग कार्यवाई करने से क्यों डरता है जिला कलेक्टर महोदय से अब सीधा सवाल*1
- नरसिंहपुर-ध्वनि प्रदूषण पर नकेल कसने नरसिंहपुर पुलिस ने 75 जप्त साइलेंसरों पर चलवाया बुलडोजर नरसिंहपुर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और आम नागरिकों को कर्कश आवाज से राहत दिलाने के लिए नरसिंहपुर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। नरसिंहपुर पुलिस ने सुभाष पार्क चौराहे पर पुलिस ने विभिन्न वाहनों से जप्त किए गए 75 तेज आवाज वाले साइलेंसरों को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया। इस कार्यवाही के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों को सख्त संदेश दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने वाहन चालकों से निर्धारित मानकों के अनुरूप ही साइलेंसर उपयोग करने की अपील की है, ताकि सार्वजनिक शांति और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनी रहे।1
- 🏆✨ TATA AIA – ASPIRANT समारोह, बेंगलुरु ✨🏆 दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को TATA AIA – ASPIRANT समारोह में योग करने वाले एडवाइजर्स को मंच पर आमंत्रित कर योग कराया गया। 🏆✨ TATA AIA – ASPIRANT समारोह, बेंगलुरु ✨🏆 दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को TATA AIA – ASPIRANT समारोह में योग करने वाले एडवाइजर्स को मंच पर आमंत्रित कर योग कराया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर सम्मानित होना मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय रहा। यह सम्मान मेरे लिए एक यादगार अनुभव और नई ऊर्जा का प्रतीक है। 🙏1