पांगी की शान: हुड़ान की अदिति JRF टॉपर, करियास के अनिल NET में चयनित हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के अति दुर्गम पांगी घाटी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभाओं से देश को गौरवान्वित किया है। पांगी के हुड़ान गांव की होनहार बेटी अदिति ने इतिहास विषय में UGC-NET के साथ-साथ JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) परीक्षा में चयन प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। वह पांगी की पहली लड़की हैं, जिन्होंने स्थानीय स्तर से ही पढ़ाई करते हुए इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की। वहीं, करियास गांव के अनिल कुमार ने भी इतिहास विषय पर ही UGC-NET में अपना स्थान पक्का कर लिया है। अदिति, पुत्री श्री संगत राम, ने अपनी प्राथमिक शिक्षा स्थानीय स्कूल हुड़ान से पूरी की। उसके बाद माध्यमिक शिक्षा टुंडरू के माध्यमिक विद्यालय से उत्तीर्ण की। वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा किलाड़ के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से और स्नातक की डिग्री राजकीय महाविद्यालय किलाड़ से प्राप्त की। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बिना बाहर जाकर पढ़ाई करने वाली अदिति की यह उपलब्धि पूरे पांगी क्षेत्र के लिए प्रेरणा स्रोत है। इसी क्रम में करियास गांव के अनिल कुमार, पुत्र चंद्रमणि, ने भी अपनी मेहनत से इतिहास विषय में NET परीक्षा उत्तीर्ण की। उनकी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा स्थानीय स्कूल करियास से ही हुई। आगे की पढ़ाई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ और स्नातक राजकीय महाविद्यालय पांगी से पूरी की। अनिल की सफलता भी स्थानीय शिक्षा व्यवस्था की ताकत को दर्शाती है। पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने दोनों छात्रों को बधाई देते हुए कहा, "हमारी विधानसभा के अति दुर्गम क्षेत्र पांगी की ग्राम पंचायत हुड़ान के गांव टकवास की निवासी अदिति, पुत्री श्री संगत राम जी को इतिहास विषय में UGC NET एवं JRF में चयन होने पर हार्दिक शुभकामनाएं। अदिति की इस सफलता के लिए अदिति, आपके माता-पिता और अध्यापक सभी बधाई के पात्र हैं। आपकी सफलता हमारे क्षेत्र के युवाओं-युवतियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करे। महादेव से ऐसी ही कामना करता हूं।" ये सफलताएं पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय पटल पर मजबूत करने का प्रमाण हैं। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों की भूमिका सराहनीय रही, जो युवाओं को बाहरी संसाधनों के बिना आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी उपलब्धियां बढ़ती जाएंगी, जिससे पांगी घाटी शिक्षा और विकास के मानचित्र पर चमकेगी।
पांगी की शान: हुड़ान की अदिति JRF टॉपर, करियास के अनिल NET में चयनित हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के अति दुर्गम पांगी घाटी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभाओं से देश को गौरवान्वित किया है। पांगी के हुड़ान गांव की होनहार बेटी अदिति ने इतिहास विषय में UGC-NET के साथ-साथ JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) परीक्षा में चयन प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। वह पांगी की पहली लड़की हैं, जिन्होंने स्थानीय स्तर से ही पढ़ाई करते हुए इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की। वहीं, करियास गांव के अनिल कुमार ने भी इतिहास विषय पर ही UGC-NET में अपना स्थान पक्का कर लिया है। अदिति, पुत्री श्री संगत राम, ने अपनी प्राथमिक शिक्षा स्थानीय स्कूल हुड़ान से पूरी की। उसके बाद माध्यमिक शिक्षा टुंडरू के माध्यमिक विद्यालय से उत्तीर्ण की। वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा किलाड़ के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से और स्नातक की डिग्री राजकीय महाविद्यालय किलाड़ से प्राप्त की। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बिना बाहर जाकर पढ़ाई करने वाली अदिति की यह उपलब्धि पूरे पांगी क्षेत्र के लिए प्रेरणा स्रोत है। इसी क्रम में करियास गांव के अनिल कुमार, पुत्र चंद्रमणि, ने भी अपनी मेहनत से इतिहास विषय में
NET परीक्षा उत्तीर्ण की। उनकी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा स्थानीय स्कूल करियास से ही हुई। आगे की पढ़ाई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ और स्नातक राजकीय महाविद्यालय पांगी से पूरी की। अनिल की सफलता भी स्थानीय शिक्षा व्यवस्था की ताकत को दर्शाती है। पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने दोनों छात्रों को बधाई देते हुए कहा, "हमारी विधानसभा के अति दुर्गम क्षेत्र पांगी की ग्राम पंचायत हुड़ान के गांव टकवास की निवासी अदिति, पुत्री श्री संगत राम जी को इतिहास विषय में UGC NET एवं JRF में चयन होने पर हार्दिक शुभकामनाएं। अदिति की इस सफलता के लिए अदिति, आपके माता-पिता और अध्यापक सभी बधाई के पात्र हैं। आपकी सफलता हमारे क्षेत्र के युवाओं-युवतियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करे। महादेव से ऐसी ही कामना करता हूं।" ये सफलताएं पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय पटल पर मजबूत करने का प्रमाण हैं। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों की भूमिका सराहनीय रही, जो युवाओं को बाहरी संसाधनों के बिना आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी उपलब्धियां बढ़ती जाएंगी, जिससे पांगी घाटी शिक्षा और विकास के मानचित्र पर चमकेगी।
- करीब दो हफ्तों तक चली लगातार मेहनत, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और कठिन संघर्ष के बाद आज विद्युत विभाग ने साच खास पावर हाउस को पूरी तरह बहाल कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी है। भूस्खलन के कारण ठप पड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना को फिर से चालू करने के लिए विभागीय अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और ठेकेदार की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। बताया जा रहा है कि साच घराट स्थित पावर हाउस में अचानक हुए भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया था, जिससे बिजली उत्पादन पूरी तरह रुक गया था। इस घटना के चलते साच खास सहित आसपास के कई गांवों में अंधेरा छा गया था और लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से विद्यार्थियों, छोटे कारोबारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को इस दौरान काफी परेशानी झेलनी पड़ी। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही भूस्खलन की सूचना मिली, विभाग ने तत्काल मौके पर टीम भेजकर स्थिति का आकलन किया और बिना देरी किए बहाली कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, लगातार बदलते मौसम और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद विभाग की टीम ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत, मलबा हटाने, लाइन व्यवस्था को दुरुस्त करने और पावर हाउस की संरचना को सुरक्षित बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य एक साथ किए गए। यह कार्य बेहद जोखिमपूर्ण था, लेकिन टीम की तत्परता और समन्वय के कारण इसे सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका। वहीं, ठेकेदार बलदेव ने बताया कि पिछले दो हफ्तों से मजदूरों और तकनीकी स्टाफ ने विपरीत परिस्थितियों में लगातार काम किया। कई बार मौसम ने भी बाधा डाली, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर लक्ष्य तय किया था कि जल्द से जल्द क्षेत्र में बिजली बहाल की जाए, और आज वह प्रयास सफल हुआ। बिजली आपूर्ति बहाल होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय तक अंधेरे में रहने के बाद अब जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। लोगों ने विद्युत विभाग और कार्य में जुटी टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली बहाली से न केवल घरों में रोशनी लौटी है, बल्कि मोबाइल नेटवर्क, छोटे उद्योग और बच्चों की पढ़ाई जैसी आवश्यक सेवाएं भी फिर से पटरी पर आ जाएंगी।1
- जनजातीय क्षेत्र पांगी में पुर्थी–किलाड़ बस रूट बंद होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत पुर्थी की वार्ड पंच गीता कुमारी सहित स्थानीय महिलाओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से जल्द बस सेवा बहाल करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा गत वर्ष दिसंबर-जनवरी माह तक इस रूट पर नियमित बस सेवा संचालित की जा रही थी, लेकिन बर्फबारी के कारण इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। अब मौसम साफ होने के बावजूद इस रूट पर बस सेवा शुरू नहीं की गई है, जबकि अन्य रूटों पर बसें चल रही हैं। पुर्थी पंचायत के अंतर्गत थांदल, पुर्थी, आजोग, छऊ समेत कई गांवों के लोगों को रोजमर्रा के काम, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मिंधल, पुर्थी और शौर पंचायतों के लिए केवल एक ही बस चलाई जा रही है, जो शौर-सुगलवास से ही यात्रियों से भर जाती है, जिससे पुर्थी, मिंधल, चैरी और बंगलू क्षेत्रों के यात्री बस में सवार नहीं हो पाते। स्थानीय महिलाओं के बयान प्रियंका ने बताया कि बस सेवा बंद होने से उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए भी घंटों पैदल चलना पड़ रहा है। “सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। निगमजैसे पहले तीनों पंचायतों के लिए अलग अलग बसे चलाता था उसी तरह से बसे शुरू करें। बावली ने कहा कि एक ही बस होने के कारण अक्सर उन्हें सफर से वंचित रहना पड़ता है। “बस पहले ही भर जाती है, हमारे गांव तक पहुंचते-पहुंचते उसमें जगह नहीं बचती है जिसके कारण नौकरी पेशा लोग, कॉलेज जाने वाले छात्र और आई टी आई करने वाले व अन्य काम से जाने वाले रह जाते हैं। रंजना का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय पर किलाड़ पहुंचना मुश्किल हो गया है। “बीमार लोगों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाते, जिससे खतरा बढ़ जाता है बीमार व्यक्ति का समय पर ईलाज नहीं हो पाता हैं। वहीं वार्ड पंच गीता कुमारी ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि पहले तीनों पंचायतों के लिए अलग-अलग बसें चलाई जाती थीं, जिससे लोगों को काफी सुविधा रहती थी। “अब एक ही बस से काम नहीं चल रहा है, इसलिए पुर्थी–किलाड़ बस सेवा को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और एचआरटीसी से मांग की है कि क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए शीघ्र इस रूट पर बस सेवा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। आवासीय आयुक्त पांगी अमन दीप सिंह ने बताया पुर्थी पंचायत की वार्ड पंच गीता कुमारी ने बस सेवा चालू करने को लेकर पत्र दिया अड्डा प्रभारी पांगी को बस सेवा शुरू करने के लिए लिख दिया है जल्द बस सेवा शुरू कर दी जाऐगी।1
- हिमकोफेड बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का कार्यकाल बढ़ा विक्रम शर्मा को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स चेयरमैन नियुक्त ll नहीं बने हैं हिमकोफेड के अध्यक्ष सिर्फ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के रहेंगे अध्यक्ष1
- Post by Varun Slathia1
- *बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी से खास बातचीत | मंडी राजनीति पर बड़ा बयान | Himachal News 2026*1
- सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह बजट सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद देर रात अपने क्षेत्र में पहुंचे और पहुंचते ही जनहित कार्यों में सक्रिय नजर आए। उन्होंने गाव समोना के लिए बन रही सड़क का औचक निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। बरसात के मौसम में खड्ड (नाले) के उफान पर होने के कारण समोना के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी गंभीर होती थी कि लोग अपनी गाड़ियां बगेहरा या अपने गांव में ही खड़ी कर देते थे और समोना तक पैदल पहुंचना पड़ता था। यहां तक कि गौशाला के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री भी लोगों को सिर पर उठाकर ले जानी पड़ती थी। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने जनता की इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह सड़क बनने से न केवल समोना के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी। विधायक ने आश्वासन दिया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा जनहित के कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करवाना है।1
- Post by Himachal Update 24 News3
- गदवाहन में हनुमान जयंती पर ऊकडू खेल प्रतियोगिता | 6 घंटे चला मुकाबला, 5 बने विजेता | Mandi News1