देहरादून जिला प्रशासन मानसून के आगमन से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से निपटना है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में सभी विभागों को संवेदनशील स्थलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जनपद में कुल 61 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जो मानसून के दौरान जलभराव से प्रभावित होते हैं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव निस्तारण का कार्य तत्काल शुरू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, नदी-नालों और बरसाती नालों की सफाई अभियान को भी तेज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को जलभराव की समस्या के लिए शॉर्ट टर्म और स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन के तहत संसाधनों और मानवबल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जनधन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दौरान जलभराव व आपदा संबंधी घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
देहरादून जिला प्रशासन मानसून के आगमन से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से निपटना है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में सभी विभागों को संवेदनशील स्थलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जनपद में कुल 61 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जो मानसून के दौरान जलभराव से प्रभावित होते हैं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव निस्तारण का कार्य तत्काल शुरू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, नदी-नालों और बरसाती नालों की सफाई अभियान को भी तेज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को जलभराव की समस्या के लिए शॉर्ट टर्म और स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन के तहत संसाधनों और मानवबल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जनधन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दौरान जलभराव व आपदा संबंधी घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
- कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, भाजपा विधायकों को विधायक नीति के तहत जो राशि मिलती है, वे उसका आधा हिस्सा भी खर्च नहीं करते।1
- सीजेपी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 13 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सीजेपी द्वारा पूरे देश में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर सवाल उठाया गया है कि कितने लोग इस अभियान से सहमत हैं।1
- ओम नमो नारायण के संबोधन के साथ, सभी भक्तों और गांव वालों से हरिद्वार के हरिपुर कला स्थित गीता कुटीर मेन रोड पर, श्री कृष्ण माधवाचार्य आश्रम के पास बैठे एक सब्जी विक्रेता की मनमानी पर ध्यान देने का निवेदन किया गया है। शिकायत के अनुसार, यह सब्जी विक्रेता प्रतिदिन दिन में तीन से चार बार पाइप से सड़क पर पानी भर देता है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों के साथ-साथ साधु-संतों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि यह विक्रेता सड़क पर अवैध रूप से सब्जी बेचता है और ऊपर से घोष (शोर/गंदगी) जमाता है। शिकायतकर्ता ने शासन-प्रशासन पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। हरिपुर कला के प्रधान शर्मा जी और पूरे प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करने और इस मनमानी को रोकने की जोरदार अपील की गई है। हरि ओम नमो नारायण।2
- नरेन्द्रनगर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव पहले से ही विभिन्न विवादों के कारण सुर्खियों में था। अब मतदान के दिन कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और यूक्रांद नेता प्रमिला रावत के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में मंत्री और महिला नेता के बीच तीखी बहस, ऊँची आवाज में बातचीत और एक तनावपूर्ण माहौल साफ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में जनप्रतिनिधियों से संयमित और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, खासकर जब संवाद किसी महिला नेता से हो। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब चुनाव पहले ही विवादों के चलते चर्चा का विषय बना हुआ था, जिससे यह वीडियो चुनावी माहौल को और गर्माने का काम कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।1
- किसानों और ग्रामीणों द्वारा नेहंन्दपुर सुठारी–झिवरेड़ी सड़क के निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब भी लंबित है। इस पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह सड़क कब बनेगी और उनकी इस महत्वपूर्ण एवं वर्षों पुरानी मांग पर कब कार्रवाई की जाएगी।1
- देहरादून जिला प्रशासन मानसून के आगमन से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से निपटना है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में सभी विभागों को संवेदनशील स्थलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जनपद में कुल 61 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जो मानसून के दौरान जलभराव से प्रभावित होते हैं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव निस्तारण का कार्य तत्काल शुरू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, नदी-नालों और बरसाती नालों की सफाई अभियान को भी तेज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को जलभराव की समस्या के लिए शॉर्ट टर्म और स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन के तहत संसाधनों और मानवबल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जनधन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दौरान जलभराव व आपदा संबंधी घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।1
- नरेंद्र नगर की नगर पालिका परिषद वार्ड नंबर 1 के चुनाव में वोटिंग के दौरान भारी हंगामा हुआ। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) की नेता प्रमिला रावत और उनके कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर बूथ के अंदर जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए। यूकेडी नेताओं ने साक्ष्यों के साथ इस घटना को लोकतंत्र और संविधान का अपमान बताते हुए मंत्री पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। प्रमिला रावत ने यह भी संगीन आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उनके साथ बदतमीजी और गाली-गलौज की गई।1
- देहरादून के जिलाधिकारी ने मानसून की शुरुआत से पहले अधिकारियों के साथ एक बैठक की।1