उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा क्षेत्र के अंतर्गत संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर की पटरियों पर जेसीबी मशीनों द्वारा बेखौफ अवैध खनन किया जा रहा है। नेवादा पुल के समीप दिन-रात मिट्टी खोदकर बेची जा रही है, जिसका मुख्य कारण अधिक मुनाफे की चाह है। इस अवैध खनन से नहर की पटरियाँ खोखली और कमजोर हो रही हैं, जिससे नहर के टूटने और बाढ़ आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, भले ही नहर में पानी छोड़ा गया हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह 'खेल' चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नहर की पटरियों से मिट्टी का अवैध खनन एक गंभीर आपराधिक और पर्यावरणीय मुद्दा है, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। साथ ही, किसानों की जमीनों में गड्ढे होने से आए दिन विवाद और मुकद्दमों का बोझ बढ़ रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सभी जेसीबी मालिक स्थानीय थानों में 10 से 12 हजार रुपए महीना 'एंट्री' के नाम पर देते हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाया है कि क्या जिले के मुखिया को इसकी जानकारी नहीं है, या सभी को 'हिस्सा' पहुँचाया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, और प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते सरकारी संपत्ति को खुलेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा क्षेत्र के अंतर्गत संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर की पटरियों पर जेसीबी मशीनों द्वारा बेखौफ अवैध खनन किया जा रहा है। नेवादा पुल के समीप दिन-रात मिट्टी खोदकर बेची जा रही है, जिसका मुख्य कारण अधिक मुनाफे की चाह है। इस अवैध खनन से नहर की पटरियाँ खोखली और कमजोर हो रही हैं, जिससे नहर के टूटने और बाढ़ आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, भले ही नहर में पानी छोड़ा गया हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह 'खेल' चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नहर की पटरियों से मिट्टी का अवैध खनन एक गंभीर आपराधिक और पर्यावरणीय मुद्दा है, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। साथ ही, किसानों की जमीनों में गड्ढे होने से आए दिन विवाद और मुकद्दमों का बोझ बढ़ रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सभी जेसीबी मालिक स्थानीय थानों में 10 से 12 हजार रुपए महीना 'एंट्री' के नाम पर देते हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाया है कि क्या जिले के मुखिया को इसकी जानकारी नहीं है, या सभी को 'हिस्सा' पहुँचाया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, और प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते सरकारी संपत्ति को खुलेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश के जनपद एटा में जलेसर के थाना शकरौली क्षेत्र के ग्राम वलीदादपुर में 26 जून 2026 की सुबह करीब 7 बजे खेल रहे चार वर्षीय मासूम उवेश कुमार की टाँग एक बैलगाड़ी द्वारा कुचल दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बैलगाड़ी चालक मौके से फरार हो गया, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए आगरा ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस मामले में दर्ज एफआईआर संख्या 0095 को लेकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की प्रारंभिक कार्यवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि इसमें सच्चाई का गला घोंटा गया है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का दावा है कि एफआईआर में जिस व्यक्ति का नाम आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है, वह वास्तविक बैलगाड़ी चालक नहीं है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना में प्रयुक्त वाहन का विवरण भी वास्तविक घटना से अलग स्थान पर दर्ज किया गया है। परिजनों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो, जिसमें घटना स्थल पर महिलाओं की चीख-पुकार सुनाई दे रही है, उनके इस आरोप की पुष्टि करता है कि दुर्घटना बैलगाड़ी से हुई थी। हालाँकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच के लिए वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की वैज्ञानिक तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका मानना है कि वास्तविक दोषी की पहचान कर बैलगाड़ी चालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि एफआईआर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, घायल मासूम के समुचित उपचार और आर्थिक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है। यह मामला अब केवल एक परिवार की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना निष्पक्ष होगी या फिर उठ रहे सवालों का समाधान किए बिना ही मामले को आगे बढ़ा दिया जाएगा। अब सभी की निगाहें पुलिस विवेचना और प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिसके तथ्य ही निर्धारित करेंगे कि पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।1
- जनपद फिरोजाबाद के टूंडला स्थित ग्राम मोहम्मदाबाद में 24/25 की रात 65 वर्षीय ब्रहमऋषि उर्फ नरेंद्र पाल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मृतक की पत्नी द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर 4 जुलाई 2026 को मु.अ.स. 319/26 के तहत धारा 103(1)/238/61(2) बीएनएस और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। तहरीर मिलने के बाद थाना टूंडला पुलिस ने हत्यारोपियों की तलाश शुरू की और ब्रहमऋषि की नातिन रश्मि को उसके घर से गिरफ्तार किया। वहीं, मुखबिर की सूचना पर रश्मि के प्रेमी विपिन को एफएच मेडिकल कॉलेज के पीछे टावर के पास से पकड़ा गया। पुलिस पूछताछ में 22 वर्षीय अभियुक्त विपिन, जो डायनी शिकोहाबाद निवासी लीलम का पुत्र है, ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। विपिन ने बताया कि उसने अपनी प्रेमिका रश्मि, जो मोहम्मदाबाद निवासी दिनेश कुमार की 20 वर्षीय पुत्री है, के कहने पर ब्रहमऋषि की चाकू से हत्या की थी। हत्या के बाद उसने वहाँ रखे गद्दे और उल्टी चारपाई को डालकर आग लगा दी थी। घटना में इस्तेमाल किया गया रक्त रंजित चाकू और रक्त रंजित कपड़े विपिन की निशानदेही पर रेलवे स्टेशन के पास एक खंडहर से बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त और अभियुक्ता को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। ए.आई.एन. नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 5 जुलाई 2026 को यह अपडेट जारी किया गया है।1
- आगरा जनपद के थाना खंडौली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बांसमोहन (जलेसर रोड) में लगातार तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण नाराज़ ग्रामीणों ने रविवार को सड़क पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने बिजली विभाग के प्रति अपना आक्रोश जताने के लिए पानी के खाली बर्तन सड़क पर रखे। ग्रामीणों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद पिछले तीन दिनों से गाँव में बिजली नहीं आ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। चक्का जाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। ग्रामीणों ने बताया कि प्रदर्शन शुरू होने के काफी देर बाद तक कोई भी प्रशासनिक या विद्युत विभाग का अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा। मामले में, टीएन न्यूज़ 24 ने संबंधित एसडीओ, खंडौली से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद, एसडीएम एत्मादपुर को घटना की जानकारी दी गई। एसडीएम एत्मादपुर ने बताया कि विद्युत विभाग के अधिकारियों से तुरंत संपर्क साधा जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल कराने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।1
- हाथरस गेट क्षेत्र में 18 जून को कैलाश ढाबे के सामने हुई फायरिंग की घटना के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने विशेष टीमें गठित की थीं और छह आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसी क्रम में, शनिवार देर रात एसओजी, थाना हाथरस जंक्शन और थाना हाथरस गेट पुलिस को सूचना मिली कि 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी शानू अलीगढ़-आगरा हाईवे से अपने गांव गंगचौली की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर दयानतपुर नहर के पास घेराबंदी की गई, जहां पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी शानू के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शानू पर मारपीट, धमकी और एससी-एसटी एक्ट समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह कैलाश ढाबा फायरिंग कांड में पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले इसी मामले में इनामी आरोपी मोना ठाकुर को भी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।2
- पुलिस कर्मियों के लिए आधुनिक और हवादार बैरक का उद्घाटन किया गया है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने फीता काटकर इस बैरक का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद, एसपी सिन्हा ने बैरक का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस अवसर पर जवानों के लिए बेहतर आवास सुनिश्चित करने और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। पुलिस विभाग ने इस पहल को अपने कर्मियों के कल्याण और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।4
- बांदा जनपद की बबेरू विधानसभा 233 के अंतर्गत कमासिन विकासखंड की ग्राम पंचायतों लखनपुर, बीरा और मुसीवा का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिलकुल अलग पाई गई। आरोप है कि विकास के नाम पर करोड़ों रुपये डकार लिए गए हैं, जिसके कारण ये ग्राम पंचायतें चारों ओर से मुसीबतों से घिरी हैं। यह तस्वीर सरकारी दावों और मंचों से किए जाने वाले बड़े-बड़े भाषणों से बिल्कुल भिन्न है, जिससे यह सवाल उठता है कि हाईवे और स्मार्ट सिटी के दावों से देश विकसित नहीं होगा जब तक गाँव की गलियों में विकास नहीं पहुँचेगा। निरीक्षण में सामने आया कि गाँवों में आज भी नालियों का अभाव है, और जहाँ बनी भी हैं, वे जर्जर होकर बजबजा रही हैं। कई जगह खड़ंजे टूटे पड़े हैं, जबकि कई गलियों में तो आज तक खड़ंजे बने ही नहीं। लगभग 50 प्रतिशत परिवारों को अभी भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल पाई है। प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक जाने के रास्ते भी बदहाल हैं। ग्राम बीरा के आंगनबाड़ी केंद्र का मार्ग बेहद खराब होने के साथ-साथ वहाँ पीने के पानी के लिए एक हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं है। इसी तरह, ग्राम पंचायत मुसीवा में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर विकास के नाम पर आया करोड़ों रुपये का बजट कहाँ गया और जनता के टैक्स का पैसा किसकी जेब में पहुँच गया। यह भी पूछा गया है कि दिशा समिति की बैठकों का उद्देश्य क्या सिर्फ़ फोटो खिंचवाना और अखबारों में खबरें छपवाना रह गया है। खुले मंच से विधायक, सांसद, ब्लॉक प्रमुख, अधिकारियों और सभी जनप्रतिनिधियों को चुनौती दी गई है कि यदि उन्हें अपने विकास कार्यों पर भरोसा है, तो वे गाँवों में चलकर जमीनी हकीकत देख लें। जोर दिया गया है कि गाँवों की जनता भी देश की नागरिक है और उनके बच्चों को भी सम्मानजनक शिक्षा, स्वच्छ वातावरण तथा मूलभूत सुविधाओं का समान अधिकार मिलना चाहिए। यह कहा गया है कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी यदि ग्रामीण क्षेत्रों की ऐसी स्थिति है, तो केवल भाषणों, करोड़ों की घोषणाओं, हाईवे और स्मार्ट सिटी के निर्माण से भारत विकसित राष्ट्र नहीं बनेगा; भारत तभी विकसित बनेगा जब गाँव का हर रास्ता, हर नाली, हर विद्यालय और हर घर विकास की सच्ची गवाही देगा। अंत में, उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और जनता को यह बताने की मांग की गई है कि विकास के नाम पर आया करोड़ों रुपये आखिर कहाँ खर्च हुआ।4
- हाथरस में शनिवार को राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) पार्टी की जिला इकाई द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन निशांत उपाध्याय ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि और अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष श्री विजय कुमार शर्मा को श्री रामचंद्र जी की छवि चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया। बैठक के दौरान, हाथरस जनपद के युवा मोर्चा, महिला मोर्चा सहित समस्त पदाधिकारियों ने एक-एक कर अपना परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर, मुख्य अतिथि ने हाथरस के सभी सम्मानित पत्रकार बंधुओं को सम्मानित किया। इसके पश्चात्, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष श्री विजय कुमार शर्मा ने सभी उपस्थित पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पत्रकार बंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, महासचिव/प्रभारी निशांत उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष दीनदयाल शर्मा, जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रेखा राणा, मोर्चा जिला उपाध्यक्ष पूनम शर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्राची उपाध्याय, सासनी नगर अध्यक्ष कालू पंडित, जिला उपाध्यक्ष सौरभ पराशर, जिला मंत्री अभिषेक पाठक, हर्षवर्धन द्विवेदी, अतुल पंडित जिला मंत्री, भोला पंडित जिला उपाध्यक्ष, शुभम अग्निहोत्री युवा मोर्चा जिला मंत्री, सौरभ गौतम नगर अध्यक्ष सादाबाद, कृष्ण सिंह, देवेंद्र ठाकरे युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, ललित शर्मा, कपिल शर्मा युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य, विपिन कुमार युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य, यश पचौरी युवा मोर्चा जिला मंत्री, और सैकड़ों की संख्या में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता व सदस्य मौजूद रहे।1
- हाथरस पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ एसओजी टीम, थाना हाथरस जंक्शन और थाना हाथरस गेट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी शानू को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, शानू हतीसा पुल के पास कैलाश ढाबे के सामने हुई एक फायरिंग की घटना में वांछित था। जब पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में शानू के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।1