अछल्दा स्थित जाहर वीर मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचकों ने भक्त प्रह्लाद की कथा का अत्यंत भावपूर्ण और जीवंत वर्णन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भाग लेकर कथा श्रवण किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कथा वाचक रामकुमार क्षत्रिय और परीक्षित वीरेंद्र सिंह कश्यप ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्त प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों को प्रस्तुत करते हुए बच्चों और युवाओं को भक्ति, सत्य और संघर्ष की प्रेरणा दी। वीरेंद्र सिंह कश्यप ने अपने प्रवचन में इस बात पर जोर दिया कि भक्त प्रह्लाद के जीवन से अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध अडिग आस्था तथा सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश मिलता है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति समर्पण और विश्वास ही व्यक्ति को विजय दिलाता है, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा धार्मिक नाट्य प्रस्तुति और भजनों का भी आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आयोजन समिति के सदस्य महेश तिवारी ने बताया कि यह सप्ताह भर चलने वाला धार्मिक आयोजन है, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग कथाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना बताया। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण और शांति पाठ किया गया, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए इसे युवाओं को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
अछल्दा स्थित जाहर वीर मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचकों ने भक्त प्रह्लाद की कथा का अत्यंत भावपूर्ण और जीवंत वर्णन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भाग लेकर कथा श्रवण किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कथा वाचक रामकुमार क्षत्रिय और परीक्षित वीरेंद्र
सिंह कश्यप ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्त प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों को प्रस्तुत करते हुए बच्चों और युवाओं को भक्ति, सत्य और संघर्ष की प्रेरणा दी। वीरेंद्र सिंह कश्यप ने अपने प्रवचन में इस बात पर जोर दिया कि भक्त प्रह्लाद के जीवन से अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध अडिग आस्था तथा सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश मिलता
है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति समर्पण और विश्वास ही व्यक्ति को विजय दिलाता है, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा धार्मिक नाट्य प्रस्तुति और भजनों का भी आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आयोजन समिति के सदस्य महेश तिवारी ने बताया कि यह सप्ताह भर चलने वाला धार्मिक आयोजन
है, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग कथाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना बताया। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण और शांति पाठ किया गया, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए इसे युवाओं को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के धनौली गाँव में पिछले कई महीनों से नालियों की सफाई नहीं हो रही है। बताया गया है कि गाँव में लंबे समय से नालियों को साफ नहीं किया गया है, जिससे समस्या बनी हुई है।2
- आगामी त्यौहार ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के मद्देनजर औरैया जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिले में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा एक बयान भी दिया गया।1
- अछल्दा स्थित जाहर वीर मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचकों ने भक्त प्रह्लाद की कथा का अत्यंत भावपूर्ण और जीवंत वर्णन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भाग लेकर कथा श्रवण किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कथा वाचक रामकुमार क्षत्रिय और परीक्षित वीरेंद्र सिंह कश्यप ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्त प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों को प्रस्तुत करते हुए बच्चों और युवाओं को भक्ति, सत्य और संघर्ष की प्रेरणा दी। वीरेंद्र सिंह कश्यप ने अपने प्रवचन में इस बात पर जोर दिया कि भक्त प्रह्लाद के जीवन से अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध अडिग आस्था तथा सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश मिलता है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति समर्पण और विश्वास ही व्यक्ति को विजय दिलाता है, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा धार्मिक नाट्य प्रस्तुति और भजनों का भी आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आयोजन समिति के सदस्य महेश तिवारी ने बताया कि यह सप्ताह भर चलने वाला धार्मिक आयोजन है, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग कथाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना बताया। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण और शांति पाठ किया गया, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए इसे युवाओं को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।4
- इटावा जनपद के बकेवर थाना क्षेत्र स्थित पृथ्वीरामपुर गांव में जातिसूचक गालियों और लगातार प्रताड़ना के कारण एक महिला की मौत होने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतका के पुत्र कप्तान सिंह ने थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कप्तान सिंह पुत्र महेश चन्द्र कठेरिया, जो पृथ्वीरामपुर गांव के ही निवासी हैं, ने बताया कि उनकी मां श्री देवी को गांव के बृजेन्द्र दुबे पुत्र राम दत्त दुबे और अरूण दुबे पुत्र बृजेन्द्र दुबे द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि 25 मई 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे, दोनों आरोपियों ने उनकी मां पर बाग में आग लगाने का इल्जाम लगाते हुए उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके अगले ही दिन, 26 मई 2026 को, आरोपियों ने दोबारा उनकी मां को घर बुलाकर उन पर दबाव बनाया और पूछा कि "तूने अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया।" परिवारजनों का कहना है कि इस लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी मां गहरे सदमे में चली गई थीं। बताया गया कि मंगलवार को श्री देवी रोज की तरह बकरी चराने खेत पर गई थीं, लेकिन मानसिक तनाव के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। सूचना मिलने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार ने बकेवर थाना पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आजाद समाज पार्टी के मंडल प्रभारी अभिषेक आजाद, जिला अध्यक्ष सुंदरम बौद्ध, पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुबोध गौतम, साहिल चौधरी, और सनी कठेरिया सहित कई लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाने में मदद की। परिवार का आरोप है कि समाज की एक महिला को इस तरह टॉर्चर कर घर बुलाकर धमकाना और पीड़ित करना ही उसकी मृत्यु का कारण बना, और वह खेतों पर मृत मिली।1
- बेगूसराय के देवन NH 31 इंडस्ट्रियल एरिया में आज हमेशा की तरह एक बार फिर चार घंटे से बिजली गुल है। हैरानी की बात यह है कि रेलवे लाइन के उस पार वाले क्षेत्र में बिजली आपूर्ति जारी है, जबकि इंडस्ट्रियल एरिया में अंधेरा छाया हुआ है। इस कारण स्थानीय लोग अंधेरे और भीषण गर्मी से जूझते हुए बेहद परेशान हैं, क्योंकि यह समस्या वहां अक्सर बनी रहती है।2
- इटावा जिले के इकदिल थाना क्षेत्र के नगला बार गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिवारजनों ने इस मामले में सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और समय पर उनकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की। इन गंभीर आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने अब शव को लेकर जिलाधिकारी महोदय के समक्ष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। घटनाक्रम को देखते हुए, पुलिस उन्हें रोककर सिविल लाइन थाने के पास समझाने का प्रयास कर रही है।1
- इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के पृथ्वीरामपुर गांव में एक दलित परिवार के साथ कथित जातिगत उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप परिवार की एक महिला की मृत्यु हो गई। पीड़ित कप्तान सिंह पुत्र महेश चंद्र कठेरिया ने बकेवर थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि आरोपी बृजेंद्र दुबे और अरुण दुबे ने उनकी माता के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया, जातिसूचक टिप्पणियां कीं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि 25 मई, 2026 को बृजेंद्र दुबे और अरुण दुबे ने उनकी माता के साथ अभद्रता की और बाद में घर आकर धमकी भी दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसी लगातार तनाव, जातीय उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के चलते उनकी माता को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कई पदाधिकारी, जिनमें मंडल प्रभारी अभिषेक आजाद, जिला अध्यक्ष एडवोकेट सुंदरम सिंह बौद्ध, पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुबोध गौतम, और शिवकुमार कठेरिया शामिल हैं, पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।3