आजमगढ़ जनपद की तहबरपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग ₹50 लाख कीमत की चोरी की गई फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। आरोपी दिल्ली से लग्जरी वाहनों की चोरी कर उन्हें फर्जी नंबर प्लेट के जरिए मणिपुर पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध और वाहन चोरी पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत, शुक्रवार तड़के तहबरपुर थाना पुलिस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मोहर्रम को देखते हुए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सरदहा अंडरपास के पास एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 226.3 पर रेस्ट लेन में एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर खड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही चालक मौके से भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम तोइजम नटराज सिंह (37), निवासी इम्फाल ईस्ट, मणिपुर बताया। वाहन की जांच में सामने आया कि उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जबकि उसका वास्तविक पंजीकरण नंबर DL10CA0100 था और वाहन दिल्ली से चोरी किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित नामक व्यक्ति चोरी की लग्जरी गाड़ियां उसे उपलब्ध कराता था। वह इन वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर के उखरूल क्षेत्र में सिमरे नामक व्यक्ति तक पहुंचाता था, जहां उन्हें आगे बेच दिया जाता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि प्रत्येक वाहन की डिलीवरी के बदले उसे ₹30 हजार मिलते थे। उसने यह भी बताया कि इससे पहले वह दो चोरी की गाड़ियां दिल्ली से मणिपुर पहुंचा चुका है। इस बार भी वह 25 जून को चोरी की फॉर्च्यूनर लेकर दिल्ली से मणिपुर जा रहा था, लेकिन रास्ते में नींद आने पर उसने वाहन एक्सप्रेस-वे की रेस्ट लेन में खड़ा कर दिया, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की फॉर्च्यूनर, वाहन के मूल दस्तावेज, दो मोबाइल फोन और ₹1200 नकद बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ तहबरपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रवीन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, कांस्टेबल ताहिर अली, कांस्टेबल सत्यम सिंह तथा रिक्रूट कांस्टेबल आनंद राय की अहम भूमिका रही।
आजमगढ़ जनपद की तहबरपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग ₹50 लाख कीमत की चोरी की गई फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। आरोपी दिल्ली से लग्जरी वाहनों की चोरी कर उन्हें फर्जी नंबर प्लेट के जरिए मणिपुर पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध और वाहन चोरी पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत, शुक्रवार तड़के तहबरपुर थाना पुलिस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मोहर्रम को देखते हुए
सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सरदहा अंडरपास के पास एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 226.3 पर रेस्ट लेन में एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर खड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही चालक मौके से भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम तोइजम नटराज सिंह (37), निवासी इम्फाल ईस्ट, मणिपुर बताया। वाहन की जांच में सामने आया कि उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जबकि उसका वास्तविक पंजीकरण नंबर DL10CA0100 था और वाहन दिल्ली से चोरी किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित नामक व्यक्ति
चोरी की लग्जरी गाड़ियां उसे उपलब्ध कराता था। वह इन वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर के उखरूल क्षेत्र में सिमरे नामक व्यक्ति तक पहुंचाता था, जहां उन्हें आगे बेच दिया जाता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि प्रत्येक वाहन की डिलीवरी के बदले उसे ₹30 हजार मिलते थे। उसने यह भी बताया कि इससे पहले वह दो चोरी की गाड़ियां दिल्ली से मणिपुर पहुंचा चुका है। इस बार भी वह 25 जून को चोरी की फॉर्च्यूनर लेकर दिल्ली से मणिपुर जा रहा था, लेकिन रास्ते में नींद आने पर उसने वाहन एक्सप्रेस-वे की
रेस्ट लेन में खड़ा कर दिया, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की फॉर्च्यूनर, वाहन के मूल दस्तावेज, दो मोबाइल फोन और ₹1200 नकद बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ तहबरपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रवीन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, कांस्टेबल ताहिर अली, कांस्टेबल सत्यम सिंह तथा रिक्रूट कांस्टेबल आनंद राय की अहम भूमिका रही।
- आजमगढ़ जनपद की तहबरपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग ₹50 लाख कीमत की चोरी की गई फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। आरोपी दिल्ली से लग्जरी वाहनों की चोरी कर उन्हें फर्जी नंबर प्लेट के जरिए मणिपुर पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध और वाहन चोरी पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत, शुक्रवार तड़के तहबरपुर थाना पुलिस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मोहर्रम को देखते हुए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सरदहा अंडरपास के पास एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 226.3 पर रेस्ट लेन में एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर खड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही चालक मौके से भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम तोइजम नटराज सिंह (37), निवासी इम्फाल ईस्ट, मणिपुर बताया। वाहन की जांच में सामने आया कि उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जबकि उसका वास्तविक पंजीकरण नंबर DL10CA0100 था और वाहन दिल्ली से चोरी किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित नामक व्यक्ति चोरी की लग्जरी गाड़ियां उसे उपलब्ध कराता था। वह इन वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर के उखरूल क्षेत्र में सिमरे नामक व्यक्ति तक पहुंचाता था, जहां उन्हें आगे बेच दिया जाता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि प्रत्येक वाहन की डिलीवरी के बदले उसे ₹30 हजार मिलते थे। उसने यह भी बताया कि इससे पहले वह दो चोरी की गाड़ियां दिल्ली से मणिपुर पहुंचा चुका है। इस बार भी वह 25 जून को चोरी की फॉर्च्यूनर लेकर दिल्ली से मणिपुर जा रहा था, लेकिन रास्ते में नींद आने पर उसने वाहन एक्सप्रेस-वे की रेस्ट लेन में खड़ा कर दिया, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की फॉर्च्यूनर, वाहन के मूल दस्तावेज, दो मोबाइल फोन और ₹1200 नकद बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ तहबरपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रवीन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, कांस्टेबल ताहिर अली, कांस्टेबल सत्यम सिंह तथा रिक्रूट कांस्टेबल आनंद राय की अहम भूमिका रही।4
- आजमगढ़ के पुलिस लाइन परिसर में 'नन्हे सितारे क्लब' की शुरुआत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों को अपने छोटे बच्चों की देखभाल की चिंता से मुक्त करना है। इस नई पहल के तहत 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों की विशेष देखभाल की व्यवस्था की गई है, जो उन्हें घर जैसा सुरक्षित और स्नेहपूर्ण वातावरण प्रदान करता है। महिला आरक्षी सुबह लगभग 9:30 बजे अपनी ड्यूटी पर जाने से पहले अपने बच्चों को क्लब में छोड़ सकती हैं। क्लब में आने वाले बच्चे अपने साथ टिफिन और आवश्यक खाद्य सामग्री लेकर आते हैं। बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और मनोरंजन सुनिश्चित करने के लिए 'नन्हे सितारे क्लब' में प्रशिक्षित स्टाफ नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, यहां बच्चों के लिए खेल, सीखने और आराम से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। यह पहल महिला पुलिस कर्मियों को अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और एकाग्रता के साथ करने में सहायक होगी, वहीं दूसरी ओर बच्चों को भी एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिलेगा। 'नन्हे सितारे क्लब' को महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।1
- आजमगढ़ जनपद के रैदोपुर तिराहे पर भारत रक्षा दल ने एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें समाज के प्रति समर्पित और संघर्षशील व्यक्तित्व भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गरीबों की समस्याओं और सामाजिक मुद्दों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले भरत तिवारी के असामयिक निधन, जिसकी प्रकृति को हत्या बताया गया है, से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भरत तिवारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित वक्ताओं ने भरत तिवारी के जीवन के संघर्षों, उनकी निडरता और सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए उन्हें एक सच्चे जननायक के रूप में नमन किया। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी धर्मवीर शर्मा ने भावुक होते हुए सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई त्यागी व्यक्ति दुनिया छोड़ता है, तो वह पीछे संघर्ष की नई ऊर्जा देकर जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भरत तिवारी ने समाज के वंचितों के लिए आवाज उठाकर जो मिसाल कायम की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। इस श्रद्धांजलि सभा में भरत तिवारी की हत्या की निष्पक्ष जांच की एक स्वर में पुरजोर मांग उठाई गई। वक्ताओं ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की ताकि समाज में कानून का डर बना रहे और भरत तिवारी को न्याय मिल सके। उपस्थित जनों ने प्रतिज्ञा ली कि वे भरत तिवारी के अधूरे कार्यों को पूरा करने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। कार्यक्रम के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने नम आंखों से भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम नमन किया, इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- Post by SONI DEVI1
- मऊ में एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे की दुखद मौत के बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने एक आपत्तिजनक और बेतुका बयान दिया है। CMO ने कहा कि वह 'अंतरयामी नहीं' हैं, और उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई भी कार्रवाई तभी की जाएगी जब उन्हें जानकारी प्राप्त होगी।1
- आज अम्बेडकरनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम के अवसर पर शांति एवं सौहार्द के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने इस जुलूस में हिस्सा लिया और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। यह जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र, प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लोगों से शांति एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की।1
- मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम को भारत की सनातन आस्था का प्रतीक बताते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने दोहराया कि पहले ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है और रिपोर्ट आते ही कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि जो उन्होंने वादा किया था, उसे पूरा करते हुए 'दूध का दूध और पानी का पानी' करके रहेंगे, जिसका अर्थ है कि पूरी पारदर्शिता और न्याय के साथ हर बात स्पष्ट की जाएगी।1
- जनपद आजमगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने अपना अभियान तेज कर दिया है। शहर में लगातार सामने आ रही सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताओं के मद्देनजर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ प्रशासन) ने स्कूल संचालकों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, सभी शैक्षणिक संस्थानों को अपनी स्कूल बसों की फिटनेस जांच 30 जून से पहले अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। परिवहन विभाग ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि स्कूली वाहनों का सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना बेहद आवश्यक है। एआरटीओ प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि फिटनेस और वैध परमिट के बिना संचालित होने वाली किसी भी बस को कतई बख्शा नहीं जाएगा। निर्धारित तिथि यानी 30 जून के बाद यदि कोई स्कूल बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन संचालित करता पाया जाता है, तो न केवल उस वाहन का संचालन तुरंत बंद करा दिया जाएगा, बल्कि संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अभिभावकों से भी जागरूक रहने की अपील की है। उनसे कहा गया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल बस में भेजने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं। यदि बस की स्थिति जर्जर दिखाई दे या उसमें कोई अन्य सुरक्षा चूक नजर आए, तो अभिभावक इसकी सूचना तुरंत जिला परिवहन विभाग को दें। यह व्यापक कदम जनपद में सड़क हादसों को कम करने और सभी स्कूली बच्चों के लिए एक सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण उद्देश्य से उठाया गया है।1