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जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर अपनी गहरी चिंता और हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसा कोचिंग है, जहां ज्ञान और शिक्षा की जगह गोली, बम और बारूद जैसी हिंसक गतिविधियां संचालित होती हैं। संजय झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोग कोचिंग को ज्ञान का केंद्र समझते हैं, लेकिन यह कैसी स्थिति है जहाँ हिंसा का बोलबाला है।
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जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर अपनी गहरी चिंता और हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसा कोचिंग है, जहां ज्ञान और शिक्षा की जगह गोली, बम और बारूद जैसी हिंसक गतिविधियां संचालित होती हैं। संजय झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोग कोचिंग को ज्ञान का केंद्र समझते हैं, लेकिन यह कैसी स्थिति है जहाँ हिंसा का बोलबाला है।
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- जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर अपनी गहरी चिंता और हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसा कोचिंग है, जहां ज्ञान और शिक्षा की जगह गोली, बम और बारूद जैसी हिंसक गतिविधियां संचालित होती हैं। संजय झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोग कोचिंग को ज्ञान का केंद्र समझते हैं, लेकिन यह कैसी स्थिति है जहाँ हिंसा का बोलबाला है।1
- दरभंगा में 9 जून 2026 को अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और किसान महासभा के बैनर तले सैकड़ों गरीब, वासहीन और भूमिहीन लोगों ने पोलो मैदान धरना स्थल से अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय तक एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का संयुक्त नेतृत्व भाकपा माले और खेग्रामस के नेता अभिषेक कुमार, सत्यनारायण पासवान, शनिचरी देवी, पप्पू कुमार पासवान और हरि पासवान कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-27 पर मब्बी इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर चक जमाल बाजार समिति के किनारे बरसों से बसे परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने और बुल्डोजर कार्रवाई बंद करने की जोरदार मांग की। सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने सरकार पर दलितों और गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी वासहीनों को 5 डिसमिल जमीन और पक्का मकान देने की मांग की। इसके साथ ही, जिन भूमिहीनों को सरकारी पर्चा मिला हुआ है, उन्हें तुरंत जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने और सरकार से 'पहले बसाने फिर हटाने' की नीति अपनाने की अपील की गई। नेताओं ने सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को अविलंब वापस लेने और किसानों का मालिकाना हक बहाल करने की भी मांग की। इस कार्यक्रम को अशोक पासवान, विश्वनाथ पासवान, पप्पू खां, अवधेश कुमार सिंह सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। नेताओं ने दृढ़ता से चेतावनी दी कि यदि बिना पुनर्वास के गरीबों को उजाड़ा गया, तो यह आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।1
- दरभंगा के अल्लपट्टी स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल और आदया डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने के बाद हुई मौत और जांच में लापरवाही सामने आने के बाद की गई है। यह मामला 10 मार्च का है, जब हसन चौक निवासी प्रभात कुमार को नीलकंठ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज के लिए रक्त की आवश्यकता बताई, जिसके बाद परिजनों ने नीलकंठ हॉस्पिटल के ब्लड रिक्वेस्ट लेटर के आधार पर आदया डायग्नोस्टिक सेंटर से रक्त लिया और उसे मरीज को चढ़ाया गया। परिजनों का आरोप है कि रक्त चढ़ाने के बाद प्रभात कुमार की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पहले पटना और बाद में पुनः डीएमसीएच, दरभंगा लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया था, जिसके कारण उनकी जान चली गई। परिजनों ने इस संबंध में नीलकंठ हॉस्पिटल द्वारा दिए गए एक शपथ पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर अस्पताल की ओर से जल्दबाजी में गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने की बात स्वीकार की गई थी। इसके बाद, परिजनों ने सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष जांच टीम गठित की, जिसने नीलकंठ हॉस्पिटल और आदया डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। जांच के दौरान दोनों संस्थानों में गंभीर अनियमितता और लापरवाही पाए जाने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को जिले में एक बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लोगों के बीच निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां मरीज जान बचाने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, यदि वहीं लापरवाही बरती जाए तो यह बेहद गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या हर मामले में इसी तरह त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो पाती है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई की जिलेभर में चर्चा हो रही है और लोग इसे मरीजों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
- कटरा प्रखंड मुख्यालय में सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर 16 जून से 18 जून तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से चलेगा। इस आयोजन से संबंधित जानकारी यूट्यूबर एवं सोशल मीडिया क्रिएटर रंजीत जलवंशी द्वारा साझा की गई है।1
- मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड की कारमेघ उत्तरी पंचायत में 16 जून 2026 को एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है, जिसके प्रति सरकार अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्य सरकार के निर्देश पर, जिले के 26 पंचायतों और सभी नगर निकाय क्षेत्रों के 15 वार्डों में भी ऐसे 'सहयोग शिविर' आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं का शीघ्र निपटान, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तथा प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम एवं तीसरे मंगलवार को आयोजित किया जाता है। 'सहयोग शिविर' के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, भूमि विवाद, पेंशन, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ आमजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष रखें तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।4
- एक आंदोलन चलाया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य जनता को चार विशेष शक्तियाँ दिलवाना है। इस आंदोलन के तहत #jurikort और #votevapsipassbook जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जोर दिया जा रहा है।1
- पटना में चल रहे कोचिंग मामले को लेकर एक नया मोड़ आया है, जहाँ खान नामक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया गया है। इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद जदयू नेता संजय झा ने स्पष्ट किया है कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- मधुबनी जिले के अरेर में जमीन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जहाँ एक भाई ने अपने दूसरे भाई पर कुदाल से हमला कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुटी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।1