राज्य सरकार द्वारा 25 मई से 5 जून तक चलाए गए “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” का गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर समापन हो गया। रियांबड़ी के ग्राम जडाऊ कलां में आयोजित एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम के साथ यह अभियान संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वर्षाजल संग्रहण और स्वच्छता को बढ़ावा देना था। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि मानवीय हस्तक्षेप के कारण पर्यावरण का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे वैश्विक तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई के लिए भी जागरूक रहने पर बल दिया। सहायक अभियंता राकेश महरिया ने वर्षाजल संग्रहण के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि तालाब, नाड़ी, ट्यूबवेल, ओपनवेल और हैंडपंप जैसे जल स्रोतों की नियमित सफाई और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। महरिया ने घरों की छतों से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से वर्षाजल को टांकों में संग्रहित कर पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में संभावित जल संकट से बचने के उपाय सुझाए। इस अवसर पर एक ग्राम सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया और आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में भी अवगत कराया गया। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत “स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु” थीम पर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर ग्रामीणों को जन सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक रामकिशोर, ग्राम विकास अधिकारी कैलाश चंद मिरोठा, प्रशासक प्रतिनिधि रामस्वरूप, कनिष्ठ सहायक मोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने भाग लिया।
राज्य सरकार द्वारा 25 मई से 5 जून तक चलाए गए “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” का गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर समापन हो गया। रियांबड़ी के ग्राम जडाऊ कलां में आयोजित एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम के साथ यह अभियान संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वर्षाजल संग्रहण और स्वच्छता को बढ़ावा देना था। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि मानवीय हस्तक्षेप के कारण पर्यावरण का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे वैश्विक तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई के लिए भी जागरूक रहने पर बल दिया। सहायक अभियंता राकेश महरिया ने वर्षाजल संग्रहण के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि तालाब, नाड़ी, ट्यूबवेल, ओपनवेल और हैंडपंप जैसे जल स्रोतों की नियमित सफाई और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। महरिया ने घरों की छतों से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से वर्षाजल को टांकों में संग्रहित कर पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में संभावित जल संकट से बचने के उपाय सुझाए। इस अवसर पर एक ग्राम सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया और आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में भी अवगत कराया गया। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत “स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु” थीम पर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर ग्रामीणों को जन सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक रामकिशोर, ग्राम विकास अधिकारी कैलाश चंद मिरोठा, प्रशासक प्रतिनिधि रामस्वरूप, कनिष्ठ सहायक मोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने भाग लिया।
- अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति के गोला ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 1 स्थित भाबियान मोहल्ले में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चांदमल पुत्र प्रभु द्वारा पानी निकासी के आम रास्ते पर पक्की दीवार बना देने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है, जिससे मोहल्ले में पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों ने पीसांगन उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित ग्राम पंचायत स्तर के सभी अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे अतिक्रमणकारी के हौसले बुलंद हो गए और मोहल्ले में पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमणकारी के प्रभावशाली होने के कारण प्रशासन ने इस मामले में किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है। पानी की निकासी न होने से मोहल्ले में विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही, आमजन को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है; बच्चों को स्कूल जाने, तथा ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों को अपने खेतों या अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने के लिए जमा पानी में से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।1
- प्रशासन ने ग्रामीणों की चौपाल में भाग लिया और जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान, प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया।1
- ब्यावर में 5 जून की बीती रात लगभग 2:30 बजे आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने रीको-III औद्योगिक क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि तूफान की तीव्रता 80-100 किमी प्रति घंटा रही होगी, जिसके कारण एक उद्योग इकाई का सोलर प्लांट मय स्ट्रक्चर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से उद्योग को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तूफान इतना तीव्र था कि सोलर प्लांट में लगी लगभग 35 सोलर प्लेटें (पैनल) क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें से कई अपनी जगह से उखड़कर टूट-बिखर गईं। इसके अलावा, उद्योग परिसर में लगा टिन शेड भी तेज हवाओं और सोलर के टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया। औद्योगिक क्षेत्र की कई अन्य इकाइयों में भी नुकसान की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जबकि रातभर क्षेत्र में तेज गर्जना, बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। उद्योग प्रबंधन ने बताया है कि हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। सौभाग्य से, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने पूर्व में ही तेज हवाओं और तूफान की चेतावनी जारी की थी, और आगामी दिनों में भी तेज हवाओं तथा बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर उद्योगों और आमजन को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।1
- खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा पर हमला किया गया है। इस हमले के दौरान उनकी गाड़ी को एक कैंपर वाहन ने दो बार टक्कर मारी।1
- केकड़ी क्षेत्र में 26 मई 2026 को हुई एक कथित असामाजिक घटना को लेकर आज, 5 जून 2026 को, सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इस घटना के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिससे क्षेत्र में व्याप्त तनाव और भय के माहौल को समाप्त किया जा सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 26 मई 2026 की सुबह लगभग 10 बजे, आरोप है कि रामपाल रेगर, रतन रेगर, बुद्धिप्रकाश रेगर, हेमराज रेगर, सांवरा, गोपाल, मुकेश, जगदीश, दिलखुश, दिनेश, राकेश, दीपक, रामलाल, राजू सहित 20-25 अन्य महिला एवं पुरुषों के एक समूह ने बालकृष्ण सिंह शक्तावत के आवास पर पहुंचकर कथित तौर पर विवाद उत्पन्न किया। इस दौरान, समूह पर बालकृष्ण सिंह शक्तावत की पुत्री ज्योति शक्तावत को धमकाने और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने का आरोप है। यह भी आरोप लगाया गया है कि संख्या बल के आधार पर पूर्व में भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। हस्तक्षेप करने पहुंचे अजीत सिंह शक्तावत, अभिजीत सिंह शक्तावत, हेमेन्द्र सिंह शक्तावत, राजू कुम्हार, देवकरण कुमावत समेत कई अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस घटना से सर्व समाज के लोगों में गहरा आक्रोश है। आज बड़ी संख्या में एकत्र हुए प्रतिनिधियों ने राजू, दीपक कुम्हार, भीम, महावीर, बनवारी, कालू, देवकरण कुमावत, रामकुंवार तेली, महावीर बलाई, बजरंग जैन, विमला देवी प्रजापत, सुगना कंवर, सीमा देवी, कौशल्या प्रजापत, सोना प्रजापत, चंचल कंवर, ज्योति शक्तावत, देवेन्द्र सिंह, दुर्गा सिंह, दशरथ सिंह, नरेन्द्र सिंह, जय सिंह, प्रद्युम्न सिंह, हरिराज सिंह, शक्तिराज सिंह, भूपेन्द्र सिंह, बहादुर सिंह, पवन सिंह, श्याम सिंह, ध्रुवराज सिंह, रविराज सिंह, शैतान सिंह, यदुनाथ सिंह, विजय सिंह, भवानी सिंह, अभिजीत सिंह, बालकृष्ण सिंह, मानवेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह पिपलाज, दशरथ सिंह भराई, धनराज सिंह प्रान्हेड़ा, निरंजन सिंह, भूपेन्द्र सिंह सापून्दा, दिग्विजय सिंह कन्नौज, भगवान सिंह निमोद, विक्रम सिंह नयावास, शंकर सिंह निमोद, करणी प्रताप सिंह प्रान्हेडा सहित कई ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।1
- पानीपत के शोलापुर के रहने वाले दीपक नामक व्यक्ति पर एक मस्जिद में दादागिरी करने का आरोप है। बताया गया कि वह मस्जिद में जाकर 'दादा' बनने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दीपक की 'अच्छे से खातिरदारी' की, यानी उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी में पादूकलां पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को लूणी नदी क्षेत्र से बजरी से लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कीं। पुलिस को सथाना से डोडियाना मार्ग पर अवैध बजरी परिवहन की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पादूकलां थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा के निर्देश पर रियांबड़ी पुलिस चौकी प्रभारी शंकर मीणा, सुरेश मेघवाल और मुकेश यादव सहित एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरे दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और उन्हें पादूकलां पुलिस थाना परिसर में खड़ा करवाया गया है। इस मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए गोटन खनन विभाग को सूचित कर दिया गया है। खनन विभाग अब बजरी की वैधता और संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगा, जिसके उपरांत नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और पुलिस मिल रही सूचनाओं के आधार पर विशेष निगरानी रख रही है। उन्होंने यह भी बताया कि लूणी नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और खनन विभाग मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अवैध बजरी खनन से नदी क्षेत्र के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को क्षति पहुँचती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के तत्वावधान में 5 जून, 2026 को ब्यावर की कृष्णा कॉलोनी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस हर्षोल्लास और जन-जागरूकता के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित ग्रुप स्तरीय कला-कौशल शिविर में संस्था प्रधान श्री मोहन सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया, साथ ही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य करार दिया। उन्होंने विद्यार्थियों और स्काउट-गाइड सदस्यों को अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा जल, वन एवं वन्य जीवों की रक्षा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री विमल चौहान और अध्यक्ष श्री सुरेश फूलवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री कुंदनमल वर्मा, श्रीमती रेखा जनागल, श्री सुमित कुमार फौजदार, विद्या मैम, श्रीमती विमला चौहान, श्री नंद सिंह चौहान और श्री भगवान सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिविर में विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने पशु-पक्षियों के लिए परिंडे तैयार किए। उन्होंने इन परिंडों को विभिन्न स्थानों पर लगाकर भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जैव विविधता के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया, जिसके साथ ही विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। यह कार्यक्रम प्रेरणादायी और जनहितकारी संदेशों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।3
- पुलिस ने दो मासूमों के कातिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पहले उसकी 'टाँगे फ्री' कीं और फिर उसे जुलूस के रूप में निकाला। इस घटना को लेकर पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के प्रति पोस्ट में सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है, जो इस कदम के लिए अनुमोदन दर्शाती है।1