मुकेश सोनी भारतीय पत्रकार संघ (BPS) के राजस्थान प्रदेश सचिव नियुक्त बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता जयपुर। भारतीय पत्रकार संघ (BPS) ने संगठन का विस्तार करते हुए राजस्थान इकाई के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बलराम मिश्रा के निर्देशानुसार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर के प्रस्ताव पर, मुकेश सोनी को राजस्थान प्रदेश सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। मुकेश सोनी भारतीय पत्रकार संघ (BPS) के राजस्थान प्रदेश सचिव नियुक्त बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता जयपुर। भारतीय पत्रकार संघ (BPS) ने संगठन का विस्तार करते हुए राजस्थान इकाई के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बलराम मिश्रा के निर्देशानुसार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर के प्रस्ताव पर, मुकेश सोनी को राजस्थान प्रदेश सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। अनुभव और सक्रियता का सम्मान मुकेश सोनी की यह नियुक्ति उनके पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे अनुभव, समाज के प्रति उनकी सक्रियता और पत्रकारों के हितों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को देखते हुए की गई है। उनकी इस नियुक्ति का पत्र राष्ट्रीय महासचिव विवेक पाराशर द्वारा जारी किया गया। संगठन को मिलेगी मजबूती भारतीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि मुकेश सोनी की कार्यकुशलता से राजस्थान में संगठन और अधिक सशक्त होगा। नवनियुक्त प्रदेश सचिव से यह अपेक्षा की गई है कि वे: * संगठन की नीतियों और अनुशासन का पालन करते हुए पत्रकारों की समस्याओं का समाधान करेंगे। * राष्ट्रीय पदाधिकारियों और अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। * पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। बधाइयों का तांता मुकेश सोनी की इस नियुक्ति से क्षेत्र के पत्रकारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। उनकी यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से एक वर्ष के लिए लागू की गई है। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें उज्जवल भविष्य और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
मुकेश सोनी भारतीय पत्रकार संघ (BPS) के राजस्थान प्रदेश सचिव नियुक्त बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता जयपुर। भारतीय पत्रकार संघ (BPS) ने संगठन का विस्तार करते हुए राजस्थान इकाई के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बलराम मिश्रा के निर्देशानुसार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर के प्रस्ताव पर, मुकेश सोनी को राजस्थान प्रदेश सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। मुकेश सोनी भारतीय पत्रकार संघ (BPS) के राजस्थान प्रदेश सचिव नियुक्त बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता जयपुर। भारतीय पत्रकार संघ (BPS) ने संगठन का विस्तार करते हुए राजस्थान इकाई के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बलराम मिश्रा के निर्देशानुसार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर के प्रस्ताव पर, मुकेश सोनी को राजस्थान प्रदेश सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। अनुभव और सक्रियता का सम्मान मुकेश सोनी की यह नियुक्ति उनके पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे अनुभव, समाज के प्रति उनकी सक्रियता और पत्रकारों के हितों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को देखते हुए की गई है। उनकी इस नियुक्ति का पत्र राष्ट्रीय महासचिव विवेक पाराशर द्वारा जारी किया गया। संगठन को मिलेगी मजबूती भारतीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि मुकेश सोनी की कार्यकुशलता से राजस्थान में संगठन और अधिक सशक्त होगा। नवनियुक्त प्रदेश सचिव से यह अपेक्षा की गई है कि वे: * संगठन की नीतियों और अनुशासन का पालन करते हुए पत्रकारों की समस्याओं का समाधान करेंगे। * राष्ट्रीय पदाधिकारियों और अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। * पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। बधाइयों का तांता मुकेश सोनी की इस नियुक्ति से क्षेत्र के पत्रकारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। उनकी यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से एक वर्ष के लिए लागू की गई है। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें उज्जवल भविष्य और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
- Post by Yogesh Kumar Gupta4
- डॉक्टर भी —पता नहीं कौन सा नशा करते हैं,Right leg का ऑपरेशन करना था, कर दिया Left leg का अब केसे अंदाजा लगाया जाए की डॉक्टर कौन सा अच्छा है और कौन से गलत ये तो जानता हीं बता सकती हैं।1
- 2 अप्रैल 2026 को श्री हनुमान जन्मोत्सव सीताराम जी का मंदिर करतारपुरा में भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है दिनांक 31 अप्रैल 2026 को सीताराम जी के मंदिर से से वाहन रैली निकाली गई काफी संख्या में श्रद्धालु आए और जय जय सियाराम के नारे लगाते हुए नाचते गए हर कॉलोनीयो में वाहन रैली निकाली गई है4
- ट्रेन में मचा बवाल! लड़कियों की लड़ाई छुड़ाने गया युवक, खुद ही पिट गया 😳 सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रेन के अंदर दो लड़कियों के बीच मामूली कहासुनी अचानक जबरदस्त झगड़े में बदल जाती है। देखते ही देखते दोनों के बीच बाल खींचना, थप्पड़ और धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है, जिससे पूरा डिब्बा अफरा-तफरी में बदल जाता है। स्थिति को संभालने के लिए एक युवक बीच-बचाव करने पहुंचता है, लेकिन हालात ऐसे बिगड़ते हैं कि वह खुद ही इस लड़ाई का शिकार बन जाता है। वीडियो देखकर लोग हैरान हैं और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। 📌 यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। #Deshtak #TrainFight #ViralVideo #GirlsFight #BreakingNews #TrendingNow #PublicFight #IndianViral #ShockingVideo #SocialMediaViral #EntertainmentNews #OMGVideo #MustWatch 📢 नोटः यह जानकारी वायरल रिपोर्ट्स और मीडिया सूत्रों पर आधारित है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं1
- जयपुर के आर्मी कैंट एरिया के सुनसान और जंगलनुमा इलाके में देर रात एक अज्ञात युवक का शव मिलने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बनीपार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बनीपार्क थाना प्रभारी अंजु कुमारी ने बताया रेलवे ट्रैक के पास शव मिलने की जीआरपी पुलिस ने सूचना दी। मौके पर देखा कि एक शव मिला,जो पूरी तरह से सड़ चुका था। शव पर कीड़े लगे हुए थे। शव करीब 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। काफी हद तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है। लंबे समय तक खुले जंगल क्षेत्र में पड़े रहने के कारण बॉडी की हालत बेहद खराब हो चुकी है।1
- जब हम ख़ुर्रा ग्राम के बीजासणी माता मेले के इतिहास की बात करते हैं, तो यह केवल सुनी-सुनाई बातें नहीं हैं। आज के 'कॉन्ट्रैक्ट' और 'तलाक' वाले दौर में, माता के मेले में तय हुए रिश्ते आज भी चट्टान की तरह मजबूत खड़े हैं। मैं, खेमराज जोशी, खुद इस परंपरा का एक जीता-जागता उदाहरण हूँ—मेरा अपना रिश्ता इसी पावन मेले में तय हुआ था, जो बिना किसी बिखराव के आज भी पूरी मजबूती के साथ चल रहा है। रिश्तों की वह 'अदृश्य' डोर आज से ४० साल पहले, जब समाज बीजासणी माता के आँगन में इकट्ठा होता था, तो वहां केवल व्यापार नहीं होता था, बल्कि परिवारों का मिलन होता था। शब्द की कीमत: उस समय न कोई लिखित एग्रीमेंट था, न कोई कानूनी कागज़। माता की चौखट पर दी गई 'जुबान' ही सबसे बड़ा कानून थी। अटूट बंधन: मेरा स्वयं का उदाहरण गवाह है कि उस समय के रिश्तों में जो 'ठहराव' था, वह माता के प्रति अटूट श्रद्धा और आपसी विश्वास का परिणाम था। आज की चकाचौंध वाले वैवाहिक आयोजनों के मुकाबले, मेले की उस सादगी में बंधे रिश्ते कहीं ज्यादा टिकाऊ साबित हुए हैं। संस्कृति का गिरता स्तर और हमारी जिम्मेदारी पहले मेहमानों के लिए दरवाजे चौबीस घंटे खुले रहते थे। गाँवों में उत्साह ऐसा होता था कि लोग अपने घर आए मेहमान को भगवान का रूप मानते थे। आज इंतजाम सरकारी हैं, व्यवस्थाएं आधुनिक हैं, लेकिन वह 'अपनापन' गायब है बीजासणी माता के मेले की वह ४० साल पुरानी विरासत आज भी उन लोगों की यादों में और उनके सफल वैवाहिक जीवन में जीवित है, जिन्होंने उस दौर को जिया है। मेरा रिश्ता मात्र एक संयोग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर की एक कड़ी है, जिसे आज की युवा पीढ़ी को समझने और सहेजने की जरूरत है ग्राऊंड रिपोर्ट :खेमराज जोशी, शुरू न्यूज़,2
- ये आंखों से निकलते आंसू एक दिन श्रृष्टि के विनाश का कारण बनेगे जब हिंदुस्तान में धारा 370 हट सकती है तो गोमाता के हत्यारो की गर्दन भी कट सकती हैं जय गोमाता 🙏🙏🙏🙏 हाइवे तो बनवा दी गवर्नमेंट ने लाखों गोमाता के लिए आज भी घर नहीं बनवा सकी गवर्नमेंट एक बार एक योजना गोमाता के लिए भी निकालो मोदी जी 🌹🌹🌹🌹🌹2
- Post by Jitendra Prajapati1