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राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार जल्द होगा खत्म? 6 नए चेहरों को मिलेगा मौका जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होने की संभावना है। माना जा रहा है कि 6 नए चेहरों को भजनलाल सरकार में मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। बता दें कि जून के महीने में भजनलाल सरकार के कार्यकाल को ढाई साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन, अभी तक एक बार भी मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे है कि राजस्थान में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार खत्म हो सकता है। वर्तमान में राजस्थान सरकार में 24 मंत्री हैं। लेकिन, 200 सदस्यों की राजस्थान विधानसभा में अधिकतम 15 प्रतिशत विधायक यानी 30 विधायक मंत्री बन सकते हैं। ऐसे में अभी 6 मंत्री पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है। साथ ही वर्तमान मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है। नए चेहरों पर रहेगा पार्टी का फोकस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष मुलाकात की। इस दौरान सीएम भजनलाल ने पश्चिम बंगाल व असम की जीत पर बधाई दी। साथ ही दोनों नेताओं से राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं से अलग-अलग हुई ये मुलाकातें करीब आधे-आधे घंटे तक चली। पार्टी सभी जगह नए चेहरों को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में राजस्थान में भी मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान नए चेहरों पर फोकस रहेगा। साथ ही कुछ अनुभवी चेहरों को भी एडजस्ट किया जा सकता है। ये भी पढ़ें Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में फिर शामिल होंगे कई दिग्गज, 12 से अधिक बागी नेताओं की घर वापसी तय Govind Singh Dotasra, Tika Ram Jully जयपुर आखिर मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्यों? दरअसल, पिछले साल छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि राजस्थान में भी जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होगा। लेकिन, आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनाव के चलते मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर ब्रेक से लग गया था। क्योंकि कयास लगाए जा रहे थे कि अप्रेल तक पंचायत—निकाय चुनाव हो जाएंगे। लेकिन, अब माना जा रहा है कि दिसंबर तक ही राजस्थान में पंचायत—निकाय चुनाव हो पाएंगे। ऐसे में चर्चा है कि चुनाव से पहले राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। एमपी, छत्तीसगढ़ में हो चुका मंत्रिमंडल विस्तार… राजस्थान में इंतजार बता दें कि नवंबर 2023 में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम, मध्यप्रदेश और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव परिणाम के बाद राजस्थान सहित 3 राज्यों में बीजेपी ने सरकार बनाई थी। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 8 जुलाई 2024 को हुआ था। छत्तीसगढ़ में भी विष्णु देव साय सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार पिछले साल 20 अगस्त को हो चुका है। लेकिन, राजस्थान में अभी भी मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है।

5 hrs ago
user_Vijendra jangid
Vijendra jangid
IT support and services जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
5 hrs ago
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राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार जल्द होगा खत्म? 6 नए चेहरों को मिलेगा मौका जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होने की संभावना है। माना जा रहा है कि 6 नए चेहरों को भजनलाल सरकार में मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। बता दें कि जून के महीने में भजनलाल सरकार के कार्यकाल को ढाई साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन, अभी तक एक बार भी मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे है कि राजस्थान में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार खत्म हो सकता है। वर्तमान में राजस्थान सरकार में 24 मंत्री हैं। लेकिन, 200 सदस्यों की राजस्थान विधानसभा में अधिकतम 15 प्रतिशत विधायक यानी 30 विधायक मंत्री बन सकते हैं। ऐसे में अभी 6 मंत्री पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है। साथ ही वर्तमान मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है। नए चेहरों पर रहेगा पार्टी का फोकस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष मुलाकात की। इस दौरान सीएम भजनलाल ने पश्चिम बंगाल व असम की जीत पर बधाई दी। साथ ही दोनों नेताओं से राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं से अलग-अलग हुई ये मुलाकातें करीब आधे-आधे घंटे तक चली। पार्टी सभी जगह नए चेहरों को आगे बढ़ा

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रही है। ऐसे में राजस्थान में भी मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान नए चेहरों पर फोकस रहेगा। साथ ही कुछ अनुभवी चेहरों को भी एडजस्ट किया जा सकता है। ये भी पढ़ें Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में फिर शामिल होंगे कई दिग्गज, 12 से अधिक बागी नेताओं की घर वापसी तय Govind Singh Dotasra, Tika Ram Jully जयपुर आखिर मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्यों? दरअसल, पिछले साल छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि राजस्थान में भी जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होगा। लेकिन, आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनाव के चलते मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर ब्रेक से लग गया था। क्योंकि कयास लगाए जा रहे थे कि अप्रेल तक पंचायत—निकाय चुनाव हो जाएंगे। लेकिन, अब माना जा रहा है कि दिसंबर तक ही राजस्थान में पंचायत—निकाय चुनाव हो पाएंगे। ऐसे में चर्चा है कि चुनाव से पहले राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। एमपी, छत्तीसगढ़ में हो चुका मंत्रिमंडल विस्तार… राजस्थान में इंतजार बता दें कि नवंबर 2023 में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम, मध्यप्रदेश और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव परिणाम के बाद राजस्थान सहित 3 राज्यों में बीजेपी ने सरकार बनाई थी। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 8 जुलाई 2024 को हुआ था। छत्तीसगढ़ में भी विष्णु देव साय सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार पिछले साल 20 अगस्त को हो चुका है। लेकिन, राजस्थान में अभी भी मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है।

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  • JJM घोटाले में बड़ा एक्शन: महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार JJM घोटाले में बड़ा एक्शन: महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार राजस्थान के करीब 900 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन यानी JJM घोटाले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने रविवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट से उसे हिरासत में लिया, जब वह थाईलैंड से शादी समारोह में शामिल होकर भारत लौटा था।बताया जा रहा है कि संजय बड़ाया इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड और बिचौलिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह टेंडरों में कथित गड़बड़ियां, पैसों के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग और नए लोगों को जोड़ने जैसे कामों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।एसीबी ने उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था। फिलहाल उसे जयपुर लाया जा रहा है। वहीं इस मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ-साथ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल का भी करीबी रहा है। गौरतलब है कि सुबोध अग्रवाल को भी 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं।ईडी की जांच के अनुसार, बड़ाया पहले एक इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था और सालाना करीब 7 लाख रुपए कमाता था, लेकिन JJM घोटाले के दौरान वह करोड़पति बन गया। उस पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जेडीए की जमीनों पर कब्जे की कोशिश के भी आरोप हैं।उधर, पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को आज एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें 7 मई को गिरफ्तार किया गया था और 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेजा गया था।एसीबी की चार्जशीट के मुताबिक अगर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप साबित होते हैं तो महेश जोशी, सुबोध अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है।
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    JJM घोटाले में बड़ा एक्शन: महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार

JJM घोटाले में बड़ा एक्शन: महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
राजस्थान के करीब 900 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन यानी JJM घोटाले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने रविवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट से उसे हिरासत में लिया, जब वह थाईलैंड से शादी समारोह में शामिल होकर भारत लौटा था।बताया जा रहा है कि संजय बड़ाया इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड और बिचौलिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह टेंडरों में कथित गड़बड़ियां, पैसों के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग और नए लोगों को जोड़ने जैसे कामों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।एसीबी ने उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था। फिलहाल उसे जयपुर लाया जा रहा है। वहीं इस मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ-साथ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल का भी करीबी रहा है। गौरतलब है कि सुबोध अग्रवाल को भी 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं।ईडी की जांच के अनुसार, बड़ाया पहले एक इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था और सालाना करीब 7 लाख रुपए कमाता था, लेकिन JJM घोटाले के दौरान वह करोड़पति बन गया। उस पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जेडीए की जमीनों पर कब्जे की कोशिश के भी आरोप हैं।उधर, पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को आज एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें 7 मई को गिरफ्तार किया गया था और 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेजा गया था।एसीबी की चार्जशीट के मुताबिक अगर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप साबित होते हैं तो महेश जोशी, सुबोध अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है।
    user_Vivek singh jadoun
    Vivek singh jadoun
    News Anchor Jaipur, Rajasthan•
    4 min ago
  • युवा उदय सम्मेलन में NSUI President विनोद जाखड़ ने क्या कहा!
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    युवा उदय सम्मेलन में NSUI President 
विनोद जाखड़ ने क्या कहा!
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मुहाना इलाके में फिरौती के लिए युवक का अपहरण का प्रयास,बदमाशों ने जमकर पीटा जयपुर के मुहाना थाना इलाके में फिरौती के लिए एक युवक का किडनैप करने की कोशिश का मामला सामने आया है। छुड़ाकर भागने पर बदमाशों ने पीछा कर दोबारा उसे पकड़ लिया और जमीन पर पटक-पटक कर पीटने के बाद बदमाश कार से फरार हो गए। मुहाना थाने में पीड़ित की ओर से कार सवार बदमाशों के खिलाफ रविवार दोपहर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- सांगानेर के रामपुरा रोड निवासी 21 साल के युवक के किडनैप की कोशिश की। वह सुबह करीब 5 बजे मॉर्निंग वॉक कर घर लौट रहा था। इसी दौरान रीको कांटा के पास एक कार तेजी से आकर उसके आगे रुकी। कार में सवार 5-6 लड़के उतरे और उसे पकड़ लिया। मारपीट कर उसकी तलाशी ली। कुछ नहीं मिलने पर कर में बैठ कर ले गए और धमकाया कि उसका किडनैप कर घरवालों से फिरौती वसूलकर छोड़ेंगे। जैसे-तैसे बदमाशों को धक्का देकर उनके चंगुल से भाग निकला। भागने को लेकर गुस्साए बदमाशों ने उसे जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मारपीट के दौरान लोगों को आते देखकर बदमाश कार में बैठकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने ने के साथ ही बदमाशों की तलाश करने में जुटी हुई है।
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    मुहाना इलाके में फिरौती के लिए युवक का अपहरण का प्रयास,बदमाशों ने जमकर पीटा
जयपुर के मुहाना थाना इलाके में फिरौती के लिए एक युवक का किडनैप करने की कोशिश का मामला सामने आया है। छुड़ाकर भागने पर बदमाशों ने पीछा कर दोबारा उसे पकड़ लिया और जमीन पर पटक-पटक कर पीटने के बाद बदमाश कार से फरार हो गए। मुहाना थाने में पीड़ित की ओर से कार सवार बदमाशों के खिलाफ रविवार दोपहर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- सांगानेर के रामपुरा रोड निवासी 21 साल के युवक के किडनैप की कोशिश की। वह सुबह करीब 5 बजे मॉर्निंग वॉक कर घर लौट रहा था। इसी दौरान रीको कांटा के पास एक कार तेजी से आकर उसके आगे रुकी। कार में सवार 5-6 लड़के उतरे और उसे पकड़ लिया। मारपीट कर उसकी तलाशी ली। कुछ नहीं मिलने पर कर में बैठ कर ले गए और धमकाया कि उसका किडनैप कर घरवालों से फिरौती वसूलकर छोड़ेंगे। जैसे-तैसे बदमाशों को धक्का देकर उनके चंगुल से भाग निकला। भागने को लेकर गुस्साए बदमाशों ने उसे जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मारपीट के दौरान लोगों को आते देखकर बदमाश कार में बैठकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने ने के साथ ही बदमाशों की तलाश करने में जुटी हुई है।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    1 hr ago
  • गर्मी के मौसम में दो जहरीले नागों में लड़ाई है या प्यार ... आंधी तहसील की ग्राम पंचायत खरड़ में दो सर्पराज आपस में प्यार जाता रहे है या दोनो में झगड़ा हो रहा है कोई कह नहीं सकता इन बेजुबानों के दिल में क्या है
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    गर्मी के मौसम में दो जहरीले नागों में लड़ाई है या प्यार ...
आंधी तहसील की ग्राम पंचायत खरड़ में दो सर्पराज आपस में प्यार जाता रहे है या दोनो में झगड़ा हो रहा है कोई कह नहीं सकता इन बेजुबानों के दिल में क्या है
    user_आपकी आवाज
    आपकी आवाज
    Local News Reporter आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • पटना के दानापुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बैंक परिसर के एटीएम बूथ में एक सैलून चल रहा है। बाहर बैंक का बोर्ड लगा है, लेकिन अंदर पैसे निकालने की मशीन गायब है, जिससे स्थानीय लोग हैरान हैं। इस पर बैंक प्रबंधन का कहना है कि अब यह जगह किराए पर दे दी गई है, लेकिन ग्राहकों को पूर्व सूचना न मिलने से सवाल उठ रहे हैं।
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    पटना के दानापुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बैंक परिसर के एटीएम बूथ में एक सैलून चल रहा है। बाहर बैंक का बोर्ड लगा है, लेकिन अंदर पैसे निकालने की मशीन गायब है, जिससे स्थानीय लोग हैरान हैं। इस पर बैंक प्रबंधन का कहना है कि अब यह जगह किराए पर दे दी गई है, लेकिन ग्राहकों को पूर्व सूचना न मिलने से सवाल उठ रहे हैं।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    6 hrs ago
  • जयपुर में ऑटो किराए को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक ड्राइवर ने यात्री से तय किराए से ज़्यादा पैसे मांगे, जिस पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर भीड़ जमा हो गई और यह मनमानी का मुद्दा फिर गरमा गया।
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    जयपुर में ऑटो किराए को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक ड्राइवर ने यात्री से तय किराए से ज़्यादा पैसे मांगे, जिस पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर भीड़ जमा हो गई और यह मनमानी का मुद्दा फिर गरमा गया।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। उनकी इस उपस्थिति ने राष्ट्रीय राजनीति में कई नए सियासी संकेतों और अटकलों को जन्म दिया है।
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    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। उनकी इस उपस्थिति ने राष्ट्रीय राजनीति में कई नए सियासी संकेतों और अटकलों को जन्म दिया है।
    user_Fact post news
    Fact post news
    Media company जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में घर में घुसकर हंगामा, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों के बाद अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोटपूतली में सामने आए मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी को केवल शांति भंग में गिरफ्तार कर छोड़ देने के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार एक परिवार ने कुछ लोगों पर घर पहुंचकर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। घटना के वीडियो भी सामने आए बताए जा रहे हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर हंगामा करते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई नहीं की। केवल इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2), 126(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में कथित तौर पर महिला के साथ अभद्र भाषा और धमकी साफ दिखाई देने के बावजूद महिला उत्पीड़न और गंभीर अपराध से जुड़ी धाराएं अब तक नहीं जोड़ी गई हैं। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस ने खुद मामला दर्ज किया है तो फिर आरोपी को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आरोपी को केवल शांति भंग की कार्रवाई में गिरफ्तार कर तुरंत छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया बेहद नरम नजर आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते तो पुलिस तत्काल सख्त कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई कर आरोपी को छोड़ दिया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और प्रत्यक्ष आरोपों के बावजूद गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी जातीं तो इससे आमजन का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। हाईवे से घरों तक दबंगई की चर्चा प्रदेश में लंबे समय से कुछ कथित गौ रक्षक दलों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई वाहन चालकों ने आरोप लगाए हैं कि हाईवे पर वाहनों को रोककर डराने-धमकाने और अवैध वसूली जैसी घटनाएं होती हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ इलाकों में “मंथली बंदी” तक की चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं। अब कोटपूतली की घटना के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि आखिर कुछ समूहों का मनोबल इतना क्यों बढ़ चुका है कि वे घरों तक पहुंचकर हंगामा और दबंगई करने लगे हैं। निष्पक्ष जांच की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहे तथ्यों के आधार पर उचित धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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    कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में
कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में
घर में घुसकर हंगामा, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों के बाद अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोटपूतली में सामने आए मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी को केवल शांति भंग में गिरफ्तार कर छोड़ देने के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार एक परिवार ने कुछ लोगों पर घर पहुंचकर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। घटना के वीडियो भी सामने आए बताए जा रहे हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर हंगामा करते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई नहीं की।
केवल इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2), 126(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में कथित तौर पर महिला के साथ अभद्र भाषा और धमकी साफ दिखाई देने के बावजूद महिला उत्पीड़न और गंभीर अपराध से जुड़ी धाराएं अब तक नहीं जोड़ी गई हैं।
इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस ने खुद मामला दर्ज किया है तो फिर आरोपी को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आरोपी को केवल शांति भंग की कार्रवाई में गिरफ्तार कर तुरंत छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया बेहद नरम नजर आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते तो पुलिस तत्काल सख्त कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई कर आरोपी को छोड़ दिया गया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और प्रत्यक्ष आरोपों के बावजूद गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी जातीं तो इससे आमजन का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा।
हाईवे से घरों तक दबंगई की चर्चा
प्रदेश में लंबे समय से कुछ कथित गौ रक्षक दलों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई वाहन चालकों ने आरोप लगाए हैं कि हाईवे पर वाहनों को रोककर डराने-धमकाने और अवैध वसूली जैसी घटनाएं होती हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ इलाकों में “मंथली बंदी” तक की चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं।
अब कोटपूतली की घटना के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि आखिर कुछ समूहों का मनोबल इतना क्यों बढ़ चुका है कि वे घरों तक पहुंचकर हंगामा और दबंगई करने लगे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहे तथ्यों के आधार पर उचित धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
    user_Vivek singh jadoun
    Vivek singh jadoun
    News Anchor Jaipur, Rajasthan•
    4 min ago
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