घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे कॉलोनी में निर्माण कार्य के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल छत पर ट्रिपल बिछाने के काम में सिलेंडर इस्तेमाल होने का वीडियो सामने आने का दावा, ठेकेदार और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल शाहजहांपुर। रेलवे कॉलोनी में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल का मामला सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉलोनी की छत पर बारिश से बचाव के लिए ट्रिपल बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में सिलेंडर दिखाई देने और एक कर्मचारी द्वारा उसे ले जाते हुए देखे जाने की बात कही जा रही है। एक सिलेंडर से दो तक पहुंचा मामला स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, निर्माण कार्य के पहले दिन मौके पर एक घरेलू गैस सिलेंडर दिखाई दिया था। इसके दो दिन बाद मौके पर दो सिलेंडर नजर आने का दावा किया गया। इससे सवाल उठ रहा है कि रेलवे परिसर में चल रहे सरकारी निर्माण कार्य के दौरान घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सिलेंडर आखिर किसकी अनुमति से लाए गए और उनका इस्तेमाल किस कार्य के लिए किया जा रहा था। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत निर्माण कार्य में इस्तेमाल होना सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच जरूरी होगी। पूछताछ में मुंशी ने ठेकेदार पर डाली जिम्मेदारी मामले की पड़ताल के दौरान कर्मचारियों से सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया। बताया गया कि कर्मचारियों ने मुंशी के निर्देश का हवाला दिया। निर्माण कार्य देख रहे मुंशी पप्पू से जब घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी। ठेकेदार से बात कराने और उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन कथित तौर पर नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पूरे मामले में मौके पर मौजूद जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छत पर काम के दौरान हादसे का खतरा रेलवे कॉलोनी की छत पर ऊंचाई में काम कराया जा रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर साबित हो सकती है। किसी भी तरह की गैस लीकेज, आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि निर्माण स्थल पर अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा साधन और मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल रेलवे परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर है। यदि कार्यस्थल पर कई दिनों से सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? यदि जानकारी थी तो इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई? सरकारी परिसर में चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और कार्यदायी एजेंसी की होती है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थलीय जांच से सामने आ सकती है हकीकत स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। मौके पर मौजूद सिलेंडरों की श्रेणी, उनके इस्तेमाल और निर्माण कार्य में उनकी आवश्यकता की जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही ठेकेदार, मुंशी और निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की आवश्यकता जताई गई है। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल वीडियो में दिखाई दे रहे सिलेंडरों और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन सुरक्षा से जुड़े इस मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।
घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे कॉलोनी में निर्माण कार्य के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल छत पर ट्रिपल बिछाने के काम में सिलेंडर इस्तेमाल होने का वीडियो सामने आने का दावा, ठेकेदार और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल शाहजहांपुर। रेलवे कॉलोनी में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल का मामला सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉलोनी की छत पर बारिश से बचाव के लिए ट्रिपल बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में सिलेंडर दिखाई देने और एक कर्मचारी द्वारा उसे ले जाते हुए देखे जाने की बात कही जा रही है। एक सिलेंडर से दो तक पहुंचा मामला स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, निर्माण कार्य के पहले दिन मौके पर एक घरेलू गैस सिलेंडर दिखाई दिया था। इसके दो दिन बाद मौके पर दो सिलेंडर नजर आने का दावा किया गया। इससे सवाल उठ रहा है कि रेलवे परिसर में चल रहे सरकारी निर्माण कार्य के दौरान घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सिलेंडर आखिर किसकी अनुमति से लाए गए और उनका इस्तेमाल किस कार्य के लिए किया जा रहा था। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत निर्माण कार्य में इस्तेमाल होना सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच जरूरी होगी। पूछताछ में मुंशी ने ठेकेदार पर डाली जिम्मेदारी मामले की पड़ताल के दौरान कर्मचारियों से सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया। बताया गया कि कर्मचारियों ने मुंशी के निर्देश का हवाला दिया। निर्माण कार्य देख रहे मुंशी पप्पू से जब घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी। ठेकेदार से बात कराने और उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन कथित तौर पर नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पूरे मामले में मौके पर मौजूद जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छत पर काम के दौरान हादसे का खतरा रेलवे कॉलोनी की छत पर ऊंचाई में काम कराया जा रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर साबित हो सकती है। किसी भी तरह की गैस लीकेज, आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि निर्माण स्थल पर अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा साधन और मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल रेलवे परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर है। यदि कार्यस्थल पर कई दिनों से सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? यदि जानकारी थी तो इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई? सरकारी परिसर में चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और कार्यदायी एजेंसी की होती है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थलीय जांच से सामने आ सकती है हकीकत स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। मौके पर मौजूद सिलेंडरों की श्रेणी, उनके इस्तेमाल और निर्माण कार्य में उनकी आवश्यकता की जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही ठेकेदार, मुंशी और निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की आवश्यकता जताई गई है। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल वीडियो में दिखाई दे रहे सिलेंडरों और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन सुरक्षा से जुड़े इस मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।
- घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे कॉलोनी में निर्माण कार्य के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल छत पर ट्रिपल बिछाने के काम में सिलेंडर इस्तेमाल होने का वीडियो सामने आने का दावा, ठेकेदार और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल शाहजहांपुर। रेलवे कॉलोनी में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल का मामला सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉलोनी की छत पर बारिश से बचाव के लिए ट्रिपल बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में सिलेंडर दिखाई देने और एक कर्मचारी द्वारा उसे ले जाते हुए देखे जाने की बात कही जा रही है। एक सिलेंडर से दो तक पहुंचा मामला स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, निर्माण कार्य के पहले दिन मौके पर एक घरेलू गैस सिलेंडर दिखाई दिया था। इसके दो दिन बाद मौके पर दो सिलेंडर नजर आने का दावा किया गया। इससे सवाल उठ रहा है कि रेलवे परिसर में चल रहे सरकारी निर्माण कार्य के दौरान घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सिलेंडर आखिर किसकी अनुमति से लाए गए और उनका इस्तेमाल किस कार्य के लिए किया जा रहा था। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत निर्माण कार्य में इस्तेमाल होना सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच जरूरी होगी। पूछताछ में मुंशी ने ठेकेदार पर डाली जिम्मेदारी मामले की पड़ताल के दौरान कर्मचारियों से सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया। बताया गया कि कर्मचारियों ने मुंशी के निर्देश का हवाला दिया। निर्माण कार्य देख रहे मुंशी पप्पू से जब घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी। ठेकेदार से बात कराने और उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन कथित तौर पर नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पूरे मामले में मौके पर मौजूद जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छत पर काम के दौरान हादसे का खतरा रेलवे कॉलोनी की छत पर ऊंचाई में काम कराया जा रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर साबित हो सकती है। किसी भी तरह की गैस लीकेज, आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि निर्माण स्थल पर अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा साधन और मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल रेलवे परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर है। यदि कार्यस्थल पर कई दिनों से सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? यदि जानकारी थी तो इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई? सरकारी परिसर में चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और कार्यदायी एजेंसी की होती है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थलीय जांच से सामने आ सकती है हकीकत स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। मौके पर मौजूद सिलेंडरों की श्रेणी, उनके इस्तेमाल और निर्माण कार्य में उनकी आवश्यकता की जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही ठेकेदार, मुंशी और निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की आवश्यकता जताई गई है। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल वीडियो में दिखाई दे रहे सिलेंडरों और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन सुरक्षा से जुड़े इस मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।1
- ****24 अगस्त से नए भवन में नगर निगम का संचालन, डीएम ने तय की डेडलाइन*** 👉अक्टूबर तक अर्बन हाट और ऑडिटोरियम पूरा करने के सख्त निर्देश शाहजहांपुर। ककरा स्थित निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय भवन में अब 24 अगस्त से नगर निगम के कामकाज का संचालन शुरू होगा। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी के साथ भवन का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान भवन के धरातल एवं प्रथम तल पर स्थित विभिन्न कक्षों का जायजा लिया गया। अधिकांश कमरों का निर्माण कार्य लगभग पूरा मिला। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि 24 अगस्त, सोमवार से नए भवन में नगर निगम कार्यालय हर हाल में संचालित किया जाए। डीएम ने विकास प्राधिकरण कार्यालय का संचालन भी इसी भवन से शुरू कराने के निर्देश दिए। इससे नगर निगम और प्राधिकरण से जुड़ी सेवाएं आमजन को एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। उन्होंने जनसुनवाई समेत अन्य आवश्यक कार्य नए भवन से शुरू कराने तथा अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर जनसमस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। 👉निर्माण में देरी पर सख्ती, अक्टूबर तक पूरा करना होगा काम जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि भवन का निर्माण निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। अर्बन हाट और ऑडिटोरियम का निर्माण अक्टूबर माह तक पूरा कराने की स्पष्ट डेडलाइन दी गई। इसके अलावा डीएम ने शहर में निर्माणाधीन नक्षत्रशाला, प्लैनोटोरियम और कार पार्किंग की प्रगति की भी जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को इन परियोजनाओं में तेजी लाकर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा कराने से शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अजय कुमार त्रिपाठी, एसके सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के अभियंता मौजूद रहे।1
- राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के जिला कार्यालय कटिया टोला स्थित पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह हिंदू हृदय सम्राट की तृतीय पुण्यतिथि पर तमाम कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी ने उनकी याद में 2 मिनट का मन रखकर स्वर्गीय कल्याण सिंह चित्र के समक्ष पुष्परित कर भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि दी अयोध्या में कल्याण सिंह के नाम से बने स्मारक.. राजेश तृतीय पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय क्रांति पार्टी ने याद किया कल्याण सिंह को शाहजहांपुर। राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के जिला कार्यालय कटिया टोला स्थित पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह हिंदू हृदय सम्राट की तृतीय पुण्यतिथि पर तमाम कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी ने उनकी याद में 2 मिनट का मन रखकर स्वर्गीय कल्याण सिंह चित्र के समक्ष पुष्परित कर भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि दी इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश कुमार कश्यप ने कहा कि स्वर्गीय कल्याण सिंह के त्याग और बलिदान के कारण ही आज श्री राम मंदिर का निर्माण हुआ है भगवान श्री राम के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था हम सबको उन पर गर्व है कल्याण सिंह राम मंदिर आंदोलन से बड़े नेता बने दो बार यूपी के मुख्यमंत्री बने करोड़ों लोगों की आवाज बने यूपी के विकास में उनका बड़ा योगदान था बाबूजी कल्याण सिंह आज हमारे बीच न होने से उनकी हम सबको कमी महसूस हो रही है जिला अध्यक्ष ने कहा कि कल्याण सिंह ने भाजपा को अपने खून पसीने से सींच कर राष्ट्रीय पार्टी बनकर इस मुकाम पर पहुंचा आज उसे भाजपा में उनका कोई नाम लेने वाला नहीं है जब भाजपा से मतभेद हुए तो बाबूजी ने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी का गठन किया2
- शहीदों की नगरी शाहजहांपुर से आप देख रहे हैं सुपरफास्ट कवरेज तेज इंडिया न्यूज़ चैनल से जिला संवाददाता आशीष अवस्थी1
- 24 अगस्त से ककरा के नए भवन में नगर निगम का दफ्तर एक छत के नीचे मिलेंगी निगम और विकास प्राधिकरण की सेवाएं, अर्बन हाट-ऑडिटोरियम अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश शाहजहांपुर। शहरवासियों को अब नगर निगम और विकास प्राधिकरण से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ककरा स्थित निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय भवन में 24 अगस्त, सोमवार से नगर निगम के कामकाज की शुरुआत होगी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी के साथ भवन का निरीक्षण कर यह निर्देश दिए।1
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- जिला अधिकारी ने बताया कि रिटायर्ड होने के बाद मृतक का आश्रित में कोई भी नौकरी नहीं मिलती1
- 70 #वर्षीय #बुजुर्ग #महिला #के मकान पर कब्जे का आरोप, न्याय के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता #आठ #साल #से #बेटी-#दामाद #और #नाती #का #सुराग नहीं, मुख्यमंत्री तक लगा चुकी हैं गुहार; जिलाधिकारी से लगाई न्याय की फरियाद #शाहजहांपुर। #हथौड़ा #दुर्गा #एनक्लेव के पास इक्ता कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय मुन्नी देवी अग्निहोत्री ने कुछ लोगों पर उनके मकान पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह मकान में अकेली रहती हैं और उन्हें अपनी जान का भी खतरा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने मकान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। #मुन्नी #देवी #के #मुताबिक #करीब #आठ #वर्ष पहले #उनकी #बेटी, #दामाद और नाती अचानक लापता हो गए थे। तब से आज तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। महिला का आरोप है कि मोहल्ले के गेंदा नाम के व्यक्ति ने उनकी बेटी और दामाद को गायब करवाया है। उन्होंने बताया कि बेटी और दामाद की तलाश के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री तक से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक पुलिस उनके बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा सकी है। बुजुर्ग महिला ने मोती चौक निवासी पप्पू शुक्ला पर भी आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ वर्ष पहले उसका उनके दामाद के घर आना-जाना था। महिला का आरोप है कि अब गेंदा, पप्पू शुक्ला और निगोही रोड गोटिया मंदिर के पास अस्पताल संचालक सूरज समेत कुछ लोग उनके मकान पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। बैंक कर्मचारी बनकर पहुंचे लोगों पर भी आरोप मुन्नी देवी का आरोप है कि हाल ही में करीब 18 से 20 लोग उनके घर में घुस आए। उन्होंने खुद को बैंक से आया हुआ बताया और मकान खाली करने के लिए दबाव बनाया। महिला के अनुसार, जब उन्होंने मकान से संबंधित बैंक के कागजात दिखाने को कहा तो कोई भी व्यक्ति कागजात नहीं दिखा सका। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका गला दबाने का प्रयास किया और घर का सामान बाहर निकाल दिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए और मकान में ताला लगा दिया। मुन्नी देवी का कहना है कि वह अपना मकान छोड़कर कहां जाएंगी। उनका कहना है कि मकान उनकी बेटी के नाम है और वह लंबे समय से इसी में रह रही हैं। बुजुर्ग महिला ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मकान पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को रोकने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में संबंधित पुलिस एवं बैंक पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। Suresh Kumar Khanna Shahjahanpur Cdo DM Shahjahanpur गोविंद अवस्थी खबर शाहजहांपुर भौकाल न्यूज़ शाहजहांपुर Yogi Adityanath Fans club Shahjahanpur Samachar UP Police Nagar Nigam Shahjahanpur Asif Ali Sushil Shukla Journalist Satya Prakash Mishra Samar Sahara Dharmendra Pratap Singh Dinesh Shukla Journalist Anuj Singh Patrakar Rakesh Singh शाहजहांपुर समाचार रोहित पांडे DrAshutosh Atendra Rathore Archna Verma Manoj Mishra Ashwani Shukla Seepu Devendra Mishra Pawan Dubey Patrakaar @3