आगरा के किरावली में तैनात लेखपाल वीरपाल सिंह को ₹2500 की रिश्वत लेने और एक किसान के साथ मारपीट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़ित किसान ने शिकायत की कि लेखपाल ने एक खेत की नापतोल करने के बाद दूसरे खेत की नापतोल करने से इनकार कर दिया और इस बात पर उसे पीटा गया। राजस्व विभाग के लेखपालों पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए यह बताया गया है कि वे पैसा लेने के बावजूद काम नहीं करते, और शिकायत करने पर किसानों पर ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा देते हैं। किरावली तहसील में, लेखपाल वीरपाल सिंह ने एक किसान से ₹2500 लेकर एक खेत की नापतोल तो की, लेकिन जब किसान ने दूसरे खेत की नापतोल करने के लिए कहा, तो लेखपाल ने इनकार कर दिया। जब किसान ने पैसे का हवाला दिया, तो वीरपाल सिंह ने आग बबूला होकर मां-बहन की गालियाँ दीं, किसान को कुर्सी से जमीन पर पटका और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। लेखपाल की इस 'गुंडई' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने किरावली एसडीएम को लिखित शिकायत दी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से लेखपाल वीरपाल सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय कार्रवाई की बात कही। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब आम लोगों के खिलाफ आसानी से मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, तो एक रिश्वतखोर और मारपीट करने वाले लेखपाल के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा सकता। उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा बिना पैसे के काम करने के दावे के बावजूद, यह घटना दर्शाती है कि लेखपाल बिना रिश्वत के कोई काम नहीं करते। किसानों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान ने वायरल वीडियो देखने के बाद चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर लेखपाल वीरपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो किरावली तहसील का घेराव किया जाएगा और बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित किसान ने पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है, और अब यह देखना होगा कि पुलिस इस लेखपाल के खिलाफ मुकदमा लिखती है या नहीं।
आगरा के किरावली में तैनात लेखपाल वीरपाल सिंह को ₹2500 की रिश्वत लेने और एक किसान के साथ मारपीट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़ित किसान ने शिकायत की कि लेखपाल ने एक खेत की नापतोल करने के बाद दूसरे खेत की नापतोल करने से इनकार कर दिया और इस बात पर उसे पीटा गया। राजस्व विभाग के लेखपालों पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए यह बताया गया है कि वे पैसा लेने के बावजूद काम नहीं करते, और शिकायत करने पर किसानों पर ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा देते हैं। किरावली तहसील में, लेखपाल वीरपाल सिंह ने एक किसान से ₹2500 लेकर एक खेत की नापतोल तो की, लेकिन जब किसान ने दूसरे खेत की नापतोल करने के लिए कहा, तो लेखपाल ने इनकार कर दिया। जब किसान ने पैसे का हवाला दिया, तो वीरपाल सिंह ने आग बबूला होकर मां-बहन की गालियाँ दीं, किसान को कुर्सी से जमीन पर पटका और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। लेखपाल की इस 'गुंडई' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने किरावली एसडीएम को लिखित शिकायत दी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से लेखपाल वीरपाल सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय कार्रवाई की बात कही। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब आम लोगों के खिलाफ आसानी से मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, तो एक रिश्वतखोर और मारपीट करने वाले लेखपाल के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा सकता। उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा बिना पैसे के काम करने के दावे के बावजूद, यह घटना दर्शाती है कि लेखपाल बिना रिश्वत के कोई काम नहीं करते। किसानों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान ने वायरल वीडियो देखने के बाद चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर लेखपाल वीरपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो किरावली तहसील का घेराव किया जाएगा और बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित किसान ने पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है, और अब यह देखना होगा कि पुलिस इस लेखपाल के खिलाफ मुकदमा लिखती है या नहीं।
- भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, श्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी, को संबोधित एक ज्ञापन आगरा जनपद के जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से सौंपा। यह ज्ञापन किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर प्रस्तुत किया गया है। यूनियन ने बताया कि प्रदेश का किसान इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है, जिसके मुख्य कारण खेती की लगातार बढ़ती लागत, बाजार में नकली कृषि सामग्री की उपलब्धता, विभिन्न प्रशासनिक जटिलताएँ और सरकारी योजनाओं के सही लाभ से वंचित होना है। इन समस्याओं के चलते किसानों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने, जिसका उल्लेख सुनील चौधरी के साथ हुआ है, सरकार से अपनी इन सभी मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।2
- जनपद फिरोजाबाद को आज ₹658 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है। इन परियोजनाओं में टूण्डला के लिए ₹452 करोड़ और शिकोहाबाद के लिए ₹206 करोड़ की लागत वाली परियोजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, उसाईनी पर बने फ्लैटों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपकर उनका आवंटन किया गया।1
- फतेहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला पठान निवासी दानिश खान ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं, जहाँ उनके बैंक खाते से 98,999 रुपये से अधिक की रकम निकाल ली गई। दानिश खान, जो यूसुफ खान के पुत्र हैं, ने फतेहाबाद पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनका बैंक ऑफ इंडिया, शाखा फतेहाबाद में खाता संख्या 726510610000088 संचालित है। 22 जून 2026 को सुबह करीब 11:41 बजे उन्हें अपने मोबाइल पर खाते से धनराशि निकलने के संदेश मिले। जाँच करने पर पता चला कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दो अलग-अलग यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनके खाते से ₹49,999 और ₹49,000 की राशि निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। इस घटना का पता चलते ही पीड़ित दानिश खान ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही, उन्होंने संबंधित बैंक को भी सूचित कर अपने खाते को सुरक्षित कराने का प्रयास किया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या कोई अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं किया था, जिससे यह एक गंभीर साइबर अपराध का मामला प्रतीत होता है। फतेहाबाद थाना पुलिस ने दानिश खान का प्रार्थना पत्र प्राप्त कर इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। पुलिस, साइबर सेल की सहायता से, इन ट्रांजेक्शन से जुड़ी जानकारी जुटाने और उन खातों का पता लगाने में जुटी हुई है जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है। पीड़ित दानिश खान ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी निकाली गई धनराशि को वापस दिलाने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- भिंड कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने विभागवार सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा समय सीमा के भीतर किया जाए। कलेक्टर मीणा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अन्यथा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।1
- ऊमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत खैरा गांव के पास सोमवार शाम करीब 4:30 बजे एक तेज़ रफ़्तार ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में कार में सवार गोपालपुरा निवासी आर्यनश और गुड्डी घायल हो गए। दरअसल, आर्यनश और गुड्डी अपने परिजनों के साथ कार में सवार होकर जा रहे थे, तभी तेज़ रफ़्तार ट्रक की टक्कर से कार खंती में जा गिरी। राह चलते लोगों ने तुरंत घायल आर्यनश और गुड्डी को कार से बाहर निकाला, जिसके बाद उनके परिजनों द्वारा उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।1
- भिंड-लहार-कोंच-उरई रेल लाइन की मांग को लेकर रहावली गांव में एक महा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें प्रमुख नारा "रेल नहीं तो वोट नहीं" रहा। इस अभियान के दौरान, ग्रामीणों ने राजनीति से ऊपर उठकर आंदोलन करने की शपथ ली। चंबल-बुंदेलखंड अंचल के समग्र विकास और क्षेत्र की जनता को रेलवे कनेक्टिविटी दिलाने के उद्देश्य से चलाया गया यह "महा हस्ताक्षर अभियान" लहार विधानसभा क्षेत्र के गांवों में भारी जन-समर्थन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- आगरा के किरावली में तैनात लेखपाल वीरपाल सिंह को ₹2500 की रिश्वत लेने और एक किसान के साथ मारपीट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़ित किसान ने शिकायत की कि लेखपाल ने एक खेत की नापतोल करने के बाद दूसरे खेत की नापतोल करने से इनकार कर दिया और इस बात पर उसे पीटा गया। राजस्व विभाग के लेखपालों पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए यह बताया गया है कि वे पैसा लेने के बावजूद काम नहीं करते, और शिकायत करने पर किसानों पर ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा देते हैं। किरावली तहसील में, लेखपाल वीरपाल सिंह ने एक किसान से ₹2500 लेकर एक खेत की नापतोल तो की, लेकिन जब किसान ने दूसरे खेत की नापतोल करने के लिए कहा, तो लेखपाल ने इनकार कर दिया। जब किसान ने पैसे का हवाला दिया, तो वीरपाल सिंह ने आग बबूला होकर मां-बहन की गालियाँ दीं, किसान को कुर्सी से जमीन पर पटका और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। लेखपाल की इस 'गुंडई' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने किरावली एसडीएम को लिखित शिकायत दी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से लेखपाल वीरपाल सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय कार्रवाई की बात कही। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब आम लोगों के खिलाफ आसानी से मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, तो एक रिश्वतखोर और मारपीट करने वाले लेखपाल के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा सकता। उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा बिना पैसे के काम करने के दावे के बावजूद, यह घटना दर्शाती है कि लेखपाल बिना रिश्वत के कोई काम नहीं करते। किसानों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान ने वायरल वीडियो देखने के बाद चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर लेखपाल वीरपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो किरावली तहसील का घेराव किया जाएगा और बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित किसान ने पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है, और अब यह देखना होगा कि पुलिस इस लेखपाल के खिलाफ मुकदमा लिखती है या नहीं।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में एक इमारत में लगी भीषण आग से अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले सभी मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई गई है।1