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किशोरपुरा मेला: सरकारी विभागों की अनदेखी पर उठे सवाल, योजनाओं से वंचित रहे किसान ​खुर्रा (लालसोट): ग्राम पंचायत किशोरपुरा के खुर्रा गाँव में आयोजित बिजासनी माता मेले में जहाँ एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के संबंधित विभागों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ​सरकारी विभागों की उदासीनता ​लाखों की संख्या में उमड़ी ग्रामीणों और किसानों की भीड़ के बावजूद, मेले में राजस्थान सरकार के प्रमुख विभागों का कोई सहयोग या स्टॉल देखने को नहीं मिला। विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही: ​कृषि विभाग: किसानों का इतना बड़ा समागम होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा नई तकनीकों या बीज-खाद से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। ​पंचायती राज विभाग: ग्रामीण विकास और ग्राम उत्थान की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का यह एक सुनहरा अवसर था, जिसे विभाग ने गंवा दिया। ​लोक संस्कृति विभाग: मेले जैसे आयोजन लोक संस्कृति का केंद्र होते हैं, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संरक्षण को उचित मंच नहीं मिल सका। ​प्रशासन पर उठे प्रश्नचिह्न ​ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और इन विभागों की घोर अनदेखी के कारण लाखों किसान और ग्रामीण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनका लाभ उठाने से वंचित रह गए। ​"जब एक ही स्थान पर लाखों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं, तो वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए थे। विभागों की यह अनुपस्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।" ​रिपोर्ट: खेमराज जोशी, ग्राउंड रिपोर्ट से शुरू न्यूज़

3 hrs ago
user_Khemraj Joshi
Khemraj Joshi
Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
3 hrs ago

किशोरपुरा मेला: सरकारी विभागों की अनदेखी पर उठे सवाल, योजनाओं से वंचित रहे किसान ​खुर्रा (लालसोट): ग्राम पंचायत किशोरपुरा के खुर्रा गाँव में आयोजित बिजासनी माता मेले में जहाँ एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के संबंधित विभागों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ​सरकारी विभागों की उदासीनता ​लाखों की संख्या में उमड़ी ग्रामीणों और किसानों की भीड़ के बावजूद, मेले में राजस्थान सरकार के प्रमुख विभागों का कोई सहयोग या स्टॉल देखने को नहीं मिला। विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही: ​कृषि विभाग: किसानों का इतना बड़ा समागम होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा नई तकनीकों या बीज-खाद से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। ​पंचायती राज विभाग: ग्रामीण

विकास और ग्राम उत्थान की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का यह एक सुनहरा अवसर था, जिसे विभाग ने गंवा दिया। ​लोक संस्कृति विभाग: मेले जैसे आयोजन लोक संस्कृति का केंद्र होते हैं, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संरक्षण को उचित मंच नहीं मिल सका। ​प्रशासन पर उठे प्रश्नचिह्न ​ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और इन विभागों की घोर अनदेखी के कारण लाखों किसान और ग्रामीण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनका लाभ उठाने से वंचित रह गए। ​"जब एक ही स्थान पर लाखों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं, तो वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए थे। विभागों की यह अनुपस्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।" ​रिपोर्ट: खेमराज जोशी, ग्राउंड रिपोर्ट से शुरू न्यूज़

More news from राजस्थान and nearby areas
  • ⚡ प्रकृति का अद्भुत नजारा! 🌩️ आसमान में बिजली का कड़कना ऐसा लग रहा था मानो प्रकृति अपनी ताकत का एहसास करा रही हो। हर चमक के साथ दिल की धड़कन तेज और नज़ारा और भी रोमांचक हो गया। 🌌 सच में, प्रकृति के ये रूप जितने खूबसूरत हैं, उतने ही शक्तिशाली भी! 💫 #Nature #Lightning #AmazingView #Prakriti
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    ⚡ प्रकृति का अद्भुत नजारा! 🌩️
आसमान में बिजली का कड़कना ऐसा लग रहा था मानो प्रकृति अपनी ताकत का एहसास करा रही हो। हर चमक के साथ दिल की धड़कन तेज और नज़ारा और भी रोमांचक हो गया। 🌌
सच में, प्रकृति के ये रूप जितने खूबसूरत हैं, उतने ही शक्तिशाली भी! 💫
#Nature
#Lightning
#AmazingView
#Prakriti
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    29 min ago
  • ​खुर्रा (लालसोट): ग्राम पंचायत किशोरपुरा के खुर्रा गाँव में आयोजित बिजासनी माता मेले में जहाँ एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के संबंधित विभागों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ​सरकारी विभागों की उदासीनता ​लाखों की संख्या में उमड़ी ग्रामीणों और किसानों की भीड़ के बावजूद, मेले में राजस्थान सरकार के प्रमुख विभागों का कोई सहयोग या स्टॉल देखने को नहीं मिला। विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही: ​कृषि विभाग: किसानों का इतना बड़ा समागम होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा नई तकनीकों या बीज-खाद से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। ​पंचायती राज विभाग: ग्रामीण विकास और ग्राम उत्थान की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का यह एक सुनहरा अवसर था, जिसे विभाग ने गंवा दिया। ​लोक संस्कृति विभाग: मेले जैसे आयोजन लोक संस्कृति का केंद्र होते हैं, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संरक्षण को उचित मंच नहीं मिल सका। ​प्रशासन पर उठे प्रश्नचिह्न ​ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और इन विभागों की घोर अनदेखी के कारण लाखों किसान और ग्रामीण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनका लाभ उठाने से वंचित रह गए। ​"जब एक ही स्थान पर लाखों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं, तो वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए थे। विभागों की यह अनुपस्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।" ​रिपोर्ट: खेमराज जोशी, ग्राउंड रिपोर्ट से शुरू न्यूज़
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    ​खुर्रा (लालसोट): ग्राम पंचायत किशोरपुरा के खुर्रा गाँव में आयोजित बिजासनी माता मेले में जहाँ एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के संबंधित विभागों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
​सरकारी विभागों की उदासीनता
​लाखों की संख्या में उमड़ी ग्रामीणों और किसानों की भीड़ के बावजूद, मेले में राजस्थान सरकार के प्रमुख विभागों का कोई सहयोग या स्टॉल देखने को नहीं मिला। विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही:
​कृषि विभाग: किसानों का इतना बड़ा समागम होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा नई तकनीकों या बीज-खाद से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।
​पंचायती राज विभाग: ग्रामीण विकास और ग्राम उत्थान की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का यह एक सुनहरा अवसर था, जिसे विभाग ने गंवा दिया।
​लोक संस्कृति विभाग: मेले जैसे आयोजन लोक संस्कृति का केंद्र होते हैं, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संरक्षण को उचित मंच नहीं मिल सका।
​प्रशासन पर उठे प्रश्नचिह्न
​ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और इन विभागों की घोर अनदेखी के कारण लाखों किसान और ग्रामीण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनका लाभ उठाने से वंचित रह गए।
​"जब एक ही स्थान पर लाखों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं, तो वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए थे। विभागों की यह अनुपस्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।"
​रिपोर्ट: खेमराज जोशी, ग्राउंड रिपोर्ट से शुरू न्यूज़
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by सुरेंद्र हरसौरा
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    Post by सुरेंद्र हरसौरा
    user_सुरेंद्र हरसौरा
    सुरेंद्र हरसौरा
    Doctor लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सिलेंडर भभकने से आग, 5 बकरियां जली लालसोट क्षेत्र के बाढ़ प्रेमपुरा गांव में मेवाराम पुत्र भागल्या मीना के सिलेंडर भभकने से छप्परपोश मकान में आग लग गई। हादसे में 2 छप्पर जल गए और 5 बकरियों की मौत हो गई। अनाज, नकदी व घरेलू सामान सहित करीब 5.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। सूचना पर झांपदा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को सहायता करने की मांग की।
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    सिलेंडर भभकने से आग, 5 बकरियां जली
लालसोट क्षेत्र के बाढ़ प्रेमपुरा गांव में मेवाराम पुत्र भागल्या मीना  के सिलेंडर भभकने से छप्परपोश मकान में आग लग गई। हादसे में 2 छप्पर जल गए और 5 बकरियों की मौत हो गई। अनाज, नकदी व घरेलू सामान सहित करीब 5.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। सूचना पर झांपदा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को सहायता करने की मांग की।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    Lalsot, Dausa•
    6 hrs ago
  • अब भारत सरकार ने भारतीय सेना को भी दे दि छुट ,जिहादियो के लिए भारतीय सेना पहुंच चुकी है। ऐसे जिहादियो का ईलाज करने के लिए अब इन जिहादी सुवरों का ईलाज चुन चुन कर होगा I Love My India Army 🙏🙏
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    अब भारत सरकार ने भारतीय सेना को भी दे दि छुट ,जिहादियो के लिए भारतीय सेना पहुंच चुकी है। ऐसे जिहादियो का ईलाज करने के लिए अब इन जिहादी सुवरों का ईलाज चुन चुन कर होगा 
I Love My India Army 🙏🙏
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • दौसा, 2 अप्रैल 2026 अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,
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    दौसा, 2 अप्रैल 2026
अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे।
स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी।
मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे।
फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बस्सी (जयपुर ग्रामीण) IPS एसीपी विनय कुमार को भावुक विदाई, राजभवन में परिसहाय पद पर हुआ स्थानांतरण, पुलिस और आमजन ने दी भव्य विदाई, कार्यकाल में अपराध नियंत्रण में मिली सफलता, घोड़ी पर बिठाकर निकाली गई रैली एंकर बस्सी (जयपुर ग्रामीण)। कानून व्यवस्था को नई दिशा देने वाले IPS एसीपी विनय कुमार के राज्यपाल के परिसहाय पद पर स्थानांतरण के अवसर पर बस्सी सर्कल में उन्हें भव्य विदाई दी गई। समारोह में सम्मान और विदाई की कसक एक साथ साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को सराहनीय बताते हुए उनकी सख्त प्रशासनिक पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली की प्रशंसा की। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रहा और पुलिस व आमजन के बीच विश्वास मजबूत हुआ। समारोह के दौरान IPS एसीपी विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई के क्षणों में कई लोग भावुक नजर आए। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी व्यक्त किया। विदाई समारोह को खास बनाने के लिए गाजे-बाजे के साथ एसीपी विनय कुमार को घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक विदाई यात्रा निकाली गई।
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    बस्सी (जयपुर ग्रामीण)
IPS एसीपी विनय कुमार को भावुक विदाई,
राजभवन में परिसहाय पद पर हुआ स्थानांतरण,
पुलिस और आमजन ने दी भव्य विदाई,
कार्यकाल में अपराध नियंत्रण में मिली सफलता,
घोड़ी पर बिठाकर निकाली गई रैली
एंकर
बस्सी (जयपुर ग्रामीण)। 
कानून व्यवस्था को नई दिशा देने वाले IPS एसीपी विनय कुमार के राज्यपाल के परिसहाय पद पर स्थानांतरण के अवसर पर बस्सी सर्कल में उन्हें भव्य विदाई दी गई। समारोह में सम्मान और विदाई की कसक एक साथ साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को सराहनीय बताते हुए उनकी सख्त प्रशासनिक पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली की प्रशंसा की। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रहा और पुलिस व आमजन के बीच विश्वास मजबूत हुआ। समारोह के दौरान IPS एसीपी विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई के क्षणों में कई लोग भावुक नजर आए। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी व्यक्त किया। विदाई समारोह को खास बनाने के लिए गाजे-बाजे के साथ एसीपी विनय कुमार को घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक विदाई यात्रा निकाली गई।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • 🔥 खुर्रा माता में दिखा जबरदस्त जोश! 🐎 11000 रुपये की घोड़े की रेस को लेकर खुर्रा माता में शानदार आयोजन देखने को मिला। दूर-दूर से आए लोगों की भीड़ और घोड़ों की रफ्तार ने माहौल को रोमांच से भर दिया। 🏇 ऐसे आयोजन गांव की पहचान और परंपरा को और भी मजबूत बनाते हैं। 💯 #khurramata #horseracebetting #horseracing
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    🔥 खुर्रा माता में दिखा जबरदस्त जोश! 🐎
11000 रुपये की घोड़े की रेस को लेकर खुर्रा माता में शानदार आयोजन देखने को मिला। दूर-दूर से आए लोगों की भीड़ और घोड़ों की रफ्तार ने माहौल को रोमांच से भर दिया। 🏇
ऐसे आयोजन गांव की पहचान और परंपरा को और भी मजबूत बनाते हैं। 💯
#khurramata
#horseracebetting
#horseracing
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    30 min ago
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