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प्रयागराज फूलपुर तहसील अंतर्गत के रहने वाले भारतीय किसान यूनियन अराज नैतिक संगठन के मंडल अध्यक्ष बबलू दुबे द्वारा नवाबगंज में एक बहुत बड़ी पंचायत रखी गई है गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही थी इसलिए सैकड़ो की संख्या में पहुंचकर के सभी लोग अपना ज्ञापन दे रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी पहुंचने वाले भी हैं
शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़
प्रयागराज फूलपुर तहसील अंतर्गत के रहने वाले भारतीय किसान यूनियन अराज नैतिक संगठन के मंडल अध्यक्ष बबलू दुबे द्वारा नवाबगंज में एक बहुत बड़ी पंचायत रखी गई है गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही थी इसलिए सैकड़ो की संख्या में पहुंचकर के सभी लोग अपना ज्ञापन दे रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी पहुंचने वाले भी हैं
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- प्रयागराज में नाबालिग किशोरी का अपहरण: iPhone और पैसे के लालच में IVF सेंटर ले जाकर निकलवाए अंडाणु, 5 आरोपी गिरफ्तार प्रयागराज, 8 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 15 साल की नाबालिग किशोरी का अपहरण कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए IVF सेंटर ले जाया गया और उसके अंडाणु (ओवा) जबरन निकाल लिए गए। यह घटना सरोगेसी और मानव तस्करी के गोरखधंधे से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें अमीर बेऔलाद महिलाओं को 2 से 5 लाख रुपये में अंडाणु बेचे जाते थे। पुलिस ने इस साजिश में शामिल 4 महिलाओं और 1 पुरुष समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में बड़ा नेटवर्क उजागर होने की संभावना है, और IVF सेंटर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, और वह अपनी मां, 15 साल की बहन तथा 5 साल के छोटे भाई के साथ रहती है। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। 15 जनवरी 2026 को किशोरी लापता हो गई। उसकी मां को शक हुआ जब लड़की का मोबाइल बंद मिला और उसका व्यवहार पहले से बदला-बदला सा लगने लगा। मां ने नवाबगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में पता चला कि पड़ोस की एक महिला ने किशोरी का ब्रेनवॉश किया था। उसे शादी-ब्याह के आयोजनों में वेट्रेस का काम दिलवाने का लालच दिया गया, लेकिन असल में यह IVF डोनेशन का जाल था। आरोपी महिलाओं ने किशोरी को "सामान्य मेडिकल डोनेशन" बताकर माइंडवॉश किया, जिसमें iPhone और 10-15 हजार रुपये का प्रलोभन दिया गया। कुछ रिपोर्ट्स में धर्मांतरण की कोशिश का भी जिक्र है, जहां किशोरी को "नया जीवन" देने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने नाबालिग होने की वजह से प्रक्रिया को छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। किशोरी को 15 जनवरी को अपहरण कर लिया गया और 6 दिनों तक एक दरगाह में रखा गया, जहां उसे और अंडाणु डोनेट करने के लिए उकसाया गया। उसके लिए फर्जी आधार कार्ड बनाया गया, जिसमें उम्र को 21 वर्ष और वैवाहिक स्थिति को "शादीशुदा" दिखाया गया। साथ ही, फर्जी कंसेंट एफिडेविट (सहमति पत्र) तैयार किया गया। 20 जनवरी 2026 को किशोरी को प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित एक IVF सेंटर ले जाया गया, जहां गैरकानूनी तरीके से उसके अंडाणु निकाल लिए गए। प्रक्रिया के दौरान किशोरी को कोई मेडिकल या कानूनी जानकारी नहीं दी गई। यह छोटा ऑपरेशन था, लेकिन नाबालिग से ऐसा करना पूरी तरह अवैध है। IVF नियमों के अनुसार, अंडाणु दान केवल 21 वर्ष से ऊपर की बालिग महिलाओं से ही संभव है, और वह भी मेडिकल जांच के बाद। आरोपियों को प्रति ग्राहक 30-35 हजार रुपये का कमीशन मिलता था, जबकि अमीर महिलाओं को अंडाणु 2-5 लाख में बेचे जाते थे। पुलिस ने इस साजिश में शामिल 5 लोगों को हिरासत में लिया है: रिंकी: किशोरी की "सहेली" की मां, करेली निवासी। मुख्य रूप से लालच देकर किशोरी को फंसाने वाली। -पलक (या सहेली) पड़ोस की महिला, जो ब्रेनवॉश और अपहरण में शामिल। किशोरी को IVF सेंटर ले गई। सीमा भारतीय: सिविल लाइंस कोपर रोड निवासी, IVF एजेंट। फर्जी दस्तावेजों की व्यवस्था की। -हिमांशु भारतीय: सीमा का बेटा। फर्जी आधार कार्ड तैयार करने वाला। कल्पना भारतीय: शाहगंज निवासी, IVF सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट (सीमा की मौसी)। फर्जी कंसेंट एफिडेविट बनाई और सेंटर से संपर्क कराया। ये सभी एक अनौपचारिक नेटवर्क का हिस्सा थे, जो कम उम्र की लड़कियों को टारगेट करता था। किशोरी की मां ने फाफामऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर POCSO एक्ट, मानव तस्करी और जालसाजी के तहत FIR दर्ज की गई। 3 फरवरी 2026 को किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, जहां चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष उसका बयान दर्ज हुआ। किशोरी ने पूछताछ में सारी साजिश कबूल ली। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य और डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। पुलिस अब IVF सेंटर के रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। महिला आयोग ने भी हस्तक्षेप किया है, और सेंटर पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। किशोरी की मेडिकल जांच, काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता जारी है1
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