महोबा के पनवाड़ी विकासखंड सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, "बहुत सहा है, अब नहीं सहेंगे... बुंदेलखंड राज्य लेकर रहेंगे।" गंगाचरण राजपूत ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से राजनीति में रहते हुए छात्र जीवन से ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और अब समय आ गया है कि क्षेत्र की जनता एकजुट होकर इस मांग को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाए। पूर्व सांसद ने किसानों, बेरोजगारी, बिजली, पानी, खाद, सिंचाई और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर संघर्ष का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन और हर घर जल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों तक शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर पानी की टंकियां लीकेज हैं, जबकि बेलाताल की पानी की टंकी में कर्मचारियों के नहाने और कपड़े धोने का वायरल वीडियो व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में बालू, पत्थर और लकड़ी माफिया प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन कर रहे हैं, जिससे जंगल समाप्त हो रहे हैं और नदियां सूख रही हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में बुंदेलखंड की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता, इसलिए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य ही स्थायी समाधान है। उन्होंने वर्ष 2014 में झांसी की सभा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार राजपूत सहित विकासखंड पनवाड़ी की 64 ग्राम पंचायतों के प्रधान प्रशासक उपस्थित रहे। साथ ही प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष संजय द्विवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष जयपाल राजपूत, जयप्रकाश नायक, मनोज पटेल, नरेंद्र चतुर्वेदी, मुरलीधर श्रीवास, उपेंद्र तिवारी, रामाधीन अहिरवार, डालचंद्र अहिरवार, महेंद्र राजपूत, राजू राजपूत, अनूप पटेल, नरेंद्र राजपूत और कालका प्रसाद सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
महोबा के पनवाड़ी विकासखंड सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, "बहुत सहा है, अब नहीं सहेंगे... बुंदेलखंड राज्य लेकर रहेंगे।" गंगाचरण राजपूत ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से राजनीति में रहते हुए छात्र जीवन से ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और अब समय आ गया है कि क्षेत्र की जनता एकजुट होकर इस मांग को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाए। पूर्व सांसद ने किसानों, बेरोजगारी, बिजली, पानी, खाद, सिंचाई और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर संघर्ष का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन और हर घर जल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों तक शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर पानी की टंकियां लीकेज हैं, जबकि बेलाताल की पानी की टंकी में कर्मचारियों के नहाने और कपड़े धोने का वायरल वीडियो व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में बालू, पत्थर और लकड़ी माफिया प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन कर रहे हैं, जिससे जंगल समाप्त हो रहे हैं और नदियां सूख रही हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में बुंदेलखंड की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता, इसलिए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य ही स्थायी समाधान है। उन्होंने वर्ष 2014 में झांसी की सभा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार राजपूत सहित विकासखंड पनवाड़ी की 64 ग्राम पंचायतों के प्रधान प्रशासक उपस्थित रहे। साथ ही प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष संजय द्विवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष जयपाल राजपूत, जयप्रकाश नायक, मनोज पटेल, नरेंद्र चतुर्वेदी, मुरलीधर श्रीवास, उपेंद्र तिवारी, रामाधीन अहिरवार, डालचंद्र अहिरवार, महेंद्र राजपूत, राजू राजपूत, अनूप पटेल, नरेंद्र राजपूत और कालका प्रसाद सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
- महोबा जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेलाताल से कुडई गुढ़ा को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम हंसला में हाल ही में बनाई गई एक नई पुलिया निर्माण के महज 10 दिन के भीतर ही धंस गई है। इस पुलिया में कई जगहों पर गहरी दरारें आ गई हैं और इसका एक हिस्सा नीचे बैठ गया है। पुलिया की इस खस्ताहाल स्थिति के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने इस निर्माण कार्य में मानकों की खुलेआम अनदेखी की और बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर भारी भ्रष्टाचार किया है। लोगों का कहना है कि अगर गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया गया होता, तो पहली ही बारिश में पुलिया इस तरह क्षतिग्रस्त नहीं होती। वीडियो में भी पुलिया की टूटी हुई सतह, धंसा हुआ हिस्सा और दीवारों में आई दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुलिया की यह बदहाल स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा में दुकानदारों ने दुकानों के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। इस संबंध में दुकानदारों ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाने की मांग की है।1
- महोबा जिले के चरखारी ब्लॉक स्थित बराये गांव में लंबे समय से बनी हुई कीचड़ और जलभराव की समस्या का समाधान कर दिया गया है। इस समस्या के दूर होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।1
- छतरपुर के नौगांव की कुम्हार टोली में एक 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई है। इस मामले में मारपीट का आरोप लगाया गया है और यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।1
- महोबा जिले के जैतपुर कस्बे के बेलाताल में एक 25 वर्षीय युवक का शव कमरे के अंदर फंदे पर लटका हुआ मिला है। इस घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।1
- महोबा के पनवाड़ी विकासखंड सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, "बहुत सहा है, अब नहीं सहेंगे... बुंदेलखंड राज्य लेकर रहेंगे।" गंगाचरण राजपूत ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से राजनीति में रहते हुए छात्र जीवन से ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और अब समय आ गया है कि क्षेत्र की जनता एकजुट होकर इस मांग को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाए। पूर्व सांसद ने किसानों, बेरोजगारी, बिजली, पानी, खाद, सिंचाई और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर संघर्ष का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन और हर घर जल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों तक शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर पानी की टंकियां लीकेज हैं, जबकि बेलाताल की पानी की टंकी में कर्मचारियों के नहाने और कपड़े धोने का वायरल वीडियो व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में बालू, पत्थर और लकड़ी माफिया प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन कर रहे हैं, जिससे जंगल समाप्त हो रहे हैं और नदियां सूख रही हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में बुंदेलखंड की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता, इसलिए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य ही स्थायी समाधान है। उन्होंने वर्ष 2014 में झांसी की सभा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार राजपूत सहित विकासखंड पनवाड़ी की 64 ग्राम पंचायतों के प्रधान प्रशासक उपस्थित रहे। साथ ही प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष संजय द्विवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष जयपाल राजपूत, जयप्रकाश नायक, मनोज पटेल, नरेंद्र चतुर्वेदी, मुरलीधर श्रीवास, उपेंद्र तिवारी, रामाधीन अहिरवार, डालचंद्र अहिरवार, महेंद्र राजपूत, राजू राजपूत, अनूप पटेल, नरेंद्र राजपूत और कालका प्रसाद सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।1