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बागपत से सामने आए इस वीडियो को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने की पुरजोर मांग की जा रही है। वीडियो में लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा लाइक, कमेंट और शेयर करके अपना पूरा समर्थन देने की अपील की गई है। मामले में भारी आक्रोश जताते हुए मांग की गई है कि सभी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए। इसके साथ ही, इस बड़ी समस्या के लिए जिम्मेदार प्रधान को भी जेल में डालने की मांग उठाई गई है।
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बागपत से सामने आए इस वीडियो को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने की पुरजोर मांग की जा रही है। वीडियो में लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा लाइक, कमेंट और शेयर करके अपना पूरा समर्थन देने की अपील की गई है। मामले में भारी आक्रोश जताते हुए मांग की गई है कि सभी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए। इसके साथ ही, इस बड़ी समस्या के लिए जिम्मेदार प्रधान को भी जेल में डालने की मांग उठाई गई है।
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- दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।1
- राजधानी दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलावल ने स्पष्ट किया है कि कानून के प्रावधानों के अनुसार, यदि यह पाया जाता है कि 16 से 18 वर्ष के नाबालिग ने किसी गंभीर अपराध को पूरी समझ-बूझ के साथ अंजाम दिया है, तो उस मामले का आकलन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड करता है। इसके बाद आवश्यक होने पर आगे की उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। डीसीपी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति नाबालिगों को अपराध या फिर नशे के काले कारोबार में शामिल होने के लिए उकसाता है या उनका इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों की संगत, उनकी दैनिक गतिविधियों और नशे जैसी आदतों पर लगातार नजर रखें।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने पीतमपुरा–शालीमार बाग रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क के बीच सरकारी जमीन पर बने एक अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस कदम को सड़क चौड़ीकरण और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। यह कार्रवाई राजधानी में सार्वजनिक परियोजनाओं के काम में बाधा बनने वाले अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है।1
- ईपीएफओ वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) ब्याज जमा कर रहा है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए 34 करोड़ सदस्य खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाएगा, जिसका अनुमान 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह ब्याज स्वतः संसाधित किया जाएगा और फिर सदस्य खाता शेष में जमा करने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। सभी सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में यह ब्याज जमा देख सकेंगे। सरकार ने पिछले महीने ही भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज भुगतान को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्री के अनुसार, पहले सरकारी मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया की जाती थी। अपना पीएफ बैलेंस ऑनलाइन चेक करने के लिए सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट होना जरूरी है। बैलेंस चेक करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। इसके बाद यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके साइन इन करें। फिर अपने आधार से जुड़े फोन नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सदस्य आईडी का चयन करें और "पासबुक देखें" पर क्लिक करें। पासबुक दिखाई देने पर उसमें तीन अलग-अलग कॉलम दिखाई देंगे।1
- महुआ मोइत्रा ने दिल्ली में एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ममता बनर्जी का स्टैंड रखा है। उन्होंने बागी गुट पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "टूटफूटिया झुंड" करार दिया और कहा कि ये सब इधर-उधर से आए हुए नेताओं से मिलकर बने हैं। महुआ मोइत्रा ने बागी नेताओं को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि वे सभी ममता बनर्जी के नाम पर चुनाव जीतकर आए हैं, इसलिए उन्हें सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही, महुआ मोइत्रा ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की कार्यसमिति का कार्यकाल अभी चल रहा है और यह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने ऋतुब्रत बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें पहले ही निष्कासित कर चुकी है, इसलिए उनका चुनाव आयोग से मिलना पूरी तरह से गैर-कानूनी है।1
- गाजियाबाद (यूपी 14) के राम भैया भगतजी से यह सवाल पूछा गया है कि यदि किसी के शरीर में टोना होता है, तो शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है और क्या-क्या होने लगता है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी में बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान स्थानीय जनता ने अपने क्षेत्र के सभासद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से त्रस्त लोगों का गुस्सा सभासद के खिलाफ फूट पड़ा है।1
- मथुरा जनपद के विकास खंड महावन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा गांव खडेरा में बदहाल और जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कीचड़ और पानी से भरी सरकारी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। सड़क पर धान लगाते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे जिले में कौतूहल का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। बरसात होते ही पूरी सड़क कीचड़ और पानी से लबालब हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस बदहाली के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आज तक इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागेगा और इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालेगा।3