दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।
दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।
- पाली के बारली-सादड़ी मार्ग पर स्थित एक पानी के होद में सोमवार दोपहर सादड़ी निवासी 50 वर्षीय मांगीलाल का शव मिला। मांगीलाल पिछले चार-पांच दिनों से लापता थे। स्थानीय शराब ठेके के पीछे बने पानी के होद में शव दिखाई देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में कई दिनों तक रहने के कारण शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। पुलिस ने ईगल रेस्क्यू टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और सादड़ी अस्पताल की मॉर्च्यूरी पहुंचाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम के सदस्य जितेंद्र सिंह राठौड़, सोहन वाल्मीकि, राकेश कंडारा, देवराज कंडारा, रितिक कंडारा, सुजल, रोहित, राकेश परमार और विक्रम चंदेल शामिल थे। इससे पहले मृतक के भतीजे राजेश ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि मांगीलाल चार-पांच दिन पहले बिना बताए घर से निकल गए थे और काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका था। थानाधिकारी हनवंत सिंह सोढा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत नहीं हो रहा है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।1
- दिल्ली में केजरीवाल और उनकी गैंग के हाथ हिंदुओं के खून से रंगे हुए हैं। ताहिर हुसैन को केवल एक एक्टर बताते हुए यह तीखा सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका असली डायरेक्टर कौन है। इस मामले में केजरीवाल से पांच सीधे सवाल पूछे गए हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या पर दो शब्द क्यों नहीं बोले और संजय सिंह ने बार-बार ताहिर हुसैन को बेगुनाह क्यों बताया? इसके साथ ही, सड़कें बंद करके हत्याएं और दंगे करने वालों का केजरीवाल गैंग द्वारा समर्थन करने, हिंदू पीड़ितों से मिलने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य के न जाने और राहत कार्य केवल एक खास समाज के लोगों के लिए ही किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।1
- दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने पीतमपुरा–शालीमार बाग रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क के बीच सरकारी जमीन पर बने एक अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस कदम को सड़क चौड़ीकरण और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। यह कार्रवाई राजधानी में सार्वजनिक परियोजनाओं के काम में बाधा बनने वाले अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है।1
- ईपीएफओ वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) ब्याज जमा कर रहा है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए 34 करोड़ सदस्य खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाएगा, जिसका अनुमान 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह ब्याज स्वतः संसाधित किया जाएगा और फिर सदस्य खाता शेष में जमा करने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। सभी सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में यह ब्याज जमा देख सकेंगे। सरकार ने पिछले महीने ही भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज भुगतान को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्री के अनुसार, पहले सरकारी मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया की जाती थी। अपना पीएफ बैलेंस ऑनलाइन चेक करने के लिए सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट होना जरूरी है। बैलेंस चेक करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। इसके बाद यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके साइन इन करें। फिर अपने आधार से जुड़े फोन नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सदस्य आईडी का चयन करें और "पासबुक देखें" पर क्लिक करें। पासबुक दिखाई देने पर उसमें तीन अलग-अलग कॉलम दिखाई देंगे।1
- गाजियाबाद (यूपी 14) के राम भैया भगतजी से यह सवाल पूछा गया है कि यदि किसी के शरीर में टोना होता है, तो शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है और क्या-क्या होने लगता है।1
- मथुरा जनपद के विकास खंड महावन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा गांव खडेरा में बदहाल और जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कीचड़ और पानी से भरी सरकारी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। सड़क पर धान लगाते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे जिले में कौतूहल का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। बरसात होते ही पूरी सड़क कीचड़ और पानी से लबालब हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस बदहाली के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आज तक इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागेगा और इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालेगा।3