पाली के बारली-सादड़ी मार्ग पर स्थित एक पानी के होद में सोमवार दोपहर सादड़ी निवासी 50 वर्षीय मांगीलाल का शव मिला। मांगीलाल पिछले चार-पांच दिनों से लापता थे। स्थानीय शराब ठेके के पीछे बने पानी के होद में शव दिखाई देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में कई दिनों तक रहने के कारण शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। पुलिस ने ईगल रेस्क्यू टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और सादड़ी अस्पताल की मॉर्च्यूरी पहुंचाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम के सदस्य जितेंद्र सिंह राठौड़, सोहन वाल्मीकि, राकेश कंडारा, देवराज कंडारा, रितिक कंडारा, सुजल, रोहित, राकेश परमार और विक्रम चंदेल शामिल थे। इससे पहले मृतक के भतीजे राजेश ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि मांगीलाल चार-पांच दिन पहले बिना बताए घर से निकल गए थे और काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका था। थानाधिकारी हनवंत सिंह सोढा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत नहीं हो रहा है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।
पाली के बारली-सादड़ी मार्ग पर स्थित एक पानी के होद में सोमवार दोपहर सादड़ी निवासी 50 वर्षीय मांगीलाल का शव मिला। मांगीलाल पिछले चार-पांच दिनों से लापता थे। स्थानीय शराब ठेके के पीछे बने पानी के होद में शव दिखाई देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में कई दिनों तक रहने के कारण शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। पुलिस ने ईगल रेस्क्यू टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और सादड़ी अस्पताल की मॉर्च्यूरी पहुंचाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम के सदस्य जितेंद्र सिंह राठौड़, सोहन वाल्मीकि, राकेश कंडारा, देवराज कंडारा, रितिक कंडारा, सुजल, रोहित, राकेश परमार और विक्रम चंदेल शामिल थे। इससे पहले मृतक के भतीजे राजेश ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि मांगीलाल चार-पांच दिन पहले बिना बताए घर से निकल गए थे और काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका था। थानाधिकारी हनवंत सिंह सोढा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत नहीं हो रहा है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।
- पाली के बारली-सादड़ी मार्ग पर स्थित एक पानी के होद में सोमवार दोपहर सादड़ी निवासी 50 वर्षीय मांगीलाल का शव मिला। मांगीलाल पिछले चार-पांच दिनों से लापता थे। स्थानीय शराब ठेके के पीछे बने पानी के होद में शव दिखाई देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में कई दिनों तक रहने के कारण शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। पुलिस ने ईगल रेस्क्यू टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और सादड़ी अस्पताल की मॉर्च्यूरी पहुंचाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम के सदस्य जितेंद्र सिंह राठौड़, सोहन वाल्मीकि, राकेश कंडारा, देवराज कंडारा, रितिक कंडारा, सुजल, रोहित, राकेश परमार और विक्रम चंदेल शामिल थे। इससे पहले मृतक के भतीजे राजेश ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि मांगीलाल चार-पांच दिन पहले बिना बताए घर से निकल गए थे और काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका था। थानाधिकारी हनवंत सिंह सोढा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत नहीं हो रहा है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।1
- दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने पीतमपुरा–शालीमार बाग रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क के बीच सरकारी जमीन पर बने एक अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस कदम को सड़क चौड़ीकरण और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। यह कार्रवाई राजधानी में सार्वजनिक परियोजनाओं के काम में बाधा बनने वाले अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है।1
- Post by Amit Saini1
- Post by Netra Pal1
- दिल्ली महानगर परिषद (एनडीएमसी) के सदस्य अनिल वाल्मीकि ने भगवान वाल्मीकि के बारे में अपशब्द और अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा की गई इस अमर्यादित टिप्पणी के खिलाफ अनिल वाल्मीकि ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।1
- खुर्जा के पास स्थित गांव नेकपुर के निवासी सनी की मौत को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में मृतक सनी के परिजनों और पुलिस के बयानों में सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि सनी की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। इसके विपरीत, पुलिस का कहना है कि उन्हें डायल-112 के माध्यम से इस घटना के संबंध में महज एक सड़क दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। सनी की मौत हत्या है या सड़क हादसा, इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद काफी गहरा गया है।1
- पेपर लीक की घटनाओं के कारण करोड़ों युवाओं का भविष्य पूरी तरह से तबाह हो रहा है। इसके जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक जी और छात्र पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। युवाओं के हक की इस लड़ाई में प्रदर्शनकारी छात्रों और सोनम वांगचुक का पूरा समर्थन किया जा रहा है। इस मामले को लेकर भाजपा की इस तानाशाह सरकार को आड़े हाथों लिया गया है और साफ कहा गया है कि सरकार को हर हाल में झुकना ही होगा।1