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नरेंद्र मोदी के संसद से भाग जाने का दावा करते हुए जोरदार विरोध जताया गया है। इस बीच यह सवाल खड़ा किया गया है कि क्या सांसद अब अपने पदों से इस्तीफ़ा देंगे या फिर यह विरोध प्रदर्शन इसी तरह लगातार चलता रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम में आगे क्या स्थिति बनती है, इसे देखने और जानने के लिए लोगों से फॉलो करने को कहा गया है।
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नरेंद्र मोदी के संसद से भाग जाने का दावा करते हुए जोरदार विरोध जताया गया है। इस बीच यह सवाल खड़ा किया गया है कि क्या सांसद अब अपने पदों से इस्तीफ़ा देंगे या फिर यह विरोध प्रदर्शन इसी तरह लगातार चलता रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम में आगे क्या स्थिति बनती है, इसे देखने और जानने के लिए लोगों से फॉलो करने को कहा गया है।
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- नरेंद्र मोदी के संसद से भाग जाने का दावा करते हुए जोरदार विरोध जताया गया है। इस बीच यह सवाल खड़ा किया गया है कि क्या सांसद अब अपने पदों से इस्तीफ़ा देंगे या फिर यह विरोध प्रदर्शन इसी तरह लगातार चलता रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम में आगे क्या स्थिति बनती है, इसे देखने और जानने के लिए लोगों से फॉलो करने को कहा गया है।1
- दिल्ली में बेरोजगार छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक परीक्षा के विरोध में बुधवार दोपहर भिंड के परेड चौराहा पर युवा कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उग्र प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष राजू लोधी के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने जलते हुए पुतले की आग बुझाने के लिए पानी से भरी बाल्टी डालने का प्रयास किया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस के हाथों से बाल्टी छीनने की कोशिश करने लगे, जिससे मौके पर काफी देर तक तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया जिससे कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही परेड चौराहा पर भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करके उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ हो रहा अन्याय जल्द बंद नहीं हुआ तो युवा कांग्रेस अपने आंदोलन को और तेज करेगी। इस दौरान प्रदर्शन में भिण्ड विधानसभा अध्यक्ष शिवांश शर्मा, पूर्व प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस थारू चौहान, नगर अध्यक्ष कांग्रेस संतोष त्रिपाठी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजय विमल, दर्शन सिंह तोमर, विक्की राजावत, कुलदीप शर्मा, अभिषेक मोर्या, यतेन्द्र सिंह, मुकेश नरवरिया, सुभाष नरवरिया और पवन प्रशांत सहित कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को मध्य प्रदेश के भिंड में युवा कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रों के साथ हुई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सरकार छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे और इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- भिंड जिले के मेहगांव स्थित तिगुनायक मोहल्ले में पुलिस की जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल के माध्यम से उपस्थित लोगों को नशामुक्ति के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया।1
- जोया नाम के व्यक्ति पर दोस्त की इंस्टाग्राम आईडी उड़ाने, गाली-गलौज करने और ऑडियो के जरिये धमकियां देने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि एक बार माफ करने के बाद भी आरोपी बाज नहीं आ रहा है और वह लगातार इंस्टाग्राम आईडी नहीं चलने देने की बात कह रहा है। इस पूरे विवाद पर पीड़ित ने खुला चैलेंज देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उन्हें कुछ भी होता है तो इसके सीधे जिम्मेदार जोया के घरवाले होंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें एक भी आंच आई तो वे उसकी नस्ल बर्बाद करके छोड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि अगर वे आगे कोई कदम उठाते हैं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी खुद काजी की होगी और इसके बाद उनसे कुछ न कहा जाए।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले की ग्राम पंचायत भारौली खुर्द से एक शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ मुक्ति धाम के अभाव के चलते ग्रामीणों को टीन और तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। पंचायत की व्यवस्थाओं को लेकर इस घटना के बाद एक बार फिर भिंड शर्मसार हुआ है। गांव में मुक्ति धाम न होने की वजह से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए टीन और तिरपाल का सहारा लेना पड़ा।2