दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया ब्रेकिंग। दतिया शहर के बाजारों में सड़क किनारे हाथ ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे व्यापारियों से नगर पालिका के नाम पर कथित रूप से वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वसूली करने वाले कर्मचारी ठेले वालों से राशि ले रहे हैं, लेकिन इस राशि का नगर पालिका के रिकॉर्ड में क्या हिसाब है, यह स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बाजार बैठकी की वसूली बंद हो चुकी है, तो आखिर किस नियम या आदेश के तहत यह राशि वसूली जा रही है? वसूली को लेकर अलग-अलग बातें सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है। कभी कर्मचारी द्वारा कलेक्टर साहब के निर्देश, कभी नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश, तो कभी सीएमओ के आदेश का हवाला दिए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस वसूली का वास्तविक आदेश किस अधिकारी ने जारी किया है? आखिर पैसा जमा कहां हो रहा है? यदि नगर पालिका के नाम पर ठेले वालों से राशि ली जा रही है तो प्रत्येक वसूली की रसीद, वसूली रजिस्टर, संबंधित मद और नगर पालिका के खाते में जमा राशि का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। सवाल यह भी है कि प्रतिदिन कितने ठेले वालों से कितनी राशि वसूली जा रही है और महीने में कुल कितनी रकम नगर पालिका के खाते में जमा हो रही है? मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बाजार बैठकी/तहबाजारी शुल्क की वसूली को लेकर पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में दतिया में वर्तमान में हो रही कथित वसूली की वैधानिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अब सवाल नगर पालिका प्रशासन से— वसूली किस आदेश के तहत हो रही है? आदेश किस अधिकारी ने जारी किया? वसूली किस मद में की जा रही है? क्या प्रत्येक ठेले वाले को अधिकृत रसीद दी जा रही है? अब तक कुल कितनी राशि वसूली गई? कितनी राशि नगर पालिका के खाते में जमा हुई? यदि वसूली वैध है तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? और यदि वसूली का कोई वैध आदेश नहीं है, तो जिम्मेदार कौन है? आखिरकार सवाल यही है— नगर पालिका के नाम पर वसूली हो रही है तो पैसा नगर पालिका के खाते में जा रहा है या कहीं और? इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन से स्पष्ट जवाब और दस्तावेज सामने आना जरूरी है।
दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया ब्रेकिंग। दतिया शहर के बाजारों में सड़क किनारे हाथ ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे व्यापारियों से नगर पालिका के नाम पर कथित रूप से वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वसूली करने वाले कर्मचारी ठेले वालों से राशि ले रहे हैं, लेकिन इस राशि का नगर पालिका के रिकॉर्ड में क्या हिसाब है, यह स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बाजार बैठकी की वसूली बंद हो चुकी है, तो आखिर किस नियम या आदेश के तहत यह राशि वसूली जा रही है? वसूली को लेकर अलग-अलग बातें सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है। कभी कर्मचारी द्वारा कलेक्टर साहब के निर्देश, कभी नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश, तो कभी सीएमओ के आदेश का हवाला दिए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस वसूली का वास्तविक आदेश किस अधिकारी ने जारी किया है? आखिर पैसा जमा कहां हो रहा है? यदि नगर पालिका के नाम पर ठेले वालों से राशि ली जा रही है तो प्रत्येक वसूली की रसीद, वसूली रजिस्टर, संबंधित मद और नगर पालिका के खाते में जमा राशि का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। सवाल यह भी है कि प्रतिदिन कितने ठेले वालों से कितनी राशि वसूली जा रही है और महीने में कुल कितनी रकम नगर पालिका के खाते में जमा हो रही है? मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बाजार बैठकी/तहबाजारी शुल्क की वसूली को लेकर पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में दतिया में वर्तमान में हो रही कथित वसूली की वैधानिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अब सवाल नगर पालिका प्रशासन से— वसूली किस आदेश के तहत हो रही है? आदेश किस अधिकारी ने जारी किया? वसूली किस मद में की जा रही है? क्या प्रत्येक ठेले वाले को अधिकृत रसीद दी जा रही है? अब तक कुल कितनी राशि वसूली गई? कितनी राशि नगर पालिका के खाते में जमा हुई? यदि वसूली वैध है तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? और यदि वसूली का कोई वैध आदेश नहीं है, तो जिम्मेदार कौन है? आखिरकार सवाल यही है— नगर पालिका के नाम पर वसूली हो रही है तो पैसा नगर पालिका के खाते में जा रहा है या कहीं और? इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन से स्पष्ट जवाब और दस्तावेज सामने आना जरूरी है।
- दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया ब्रेकिंग। दतिया शहर के बाजारों में सड़क किनारे हाथ ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे व्यापारियों से नगर पालिका के नाम पर कथित रूप से वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वसूली करने वाले कर्मचारी ठेले वालों से राशि ले रहे हैं, लेकिन इस राशि का नगर पालिका के रिकॉर्ड में क्या हिसाब है, यह स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बाजार बैठकी की वसूली बंद हो चुकी है, तो आखिर किस नियम या आदेश के तहत यह राशि वसूली जा रही है? वसूली को लेकर अलग-अलग बातें सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है। कभी कर्मचारी द्वारा कलेक्टर साहब के निर्देश, कभी नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश, तो कभी सीएमओ के आदेश का हवाला दिए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस वसूली का वास्तविक आदेश किस अधिकारी ने जारी किया है? आखिर पैसा जमा कहां हो रहा है? यदि नगर पालिका के नाम पर ठेले वालों से राशि ली जा रही है तो प्रत्येक वसूली की रसीद, वसूली रजिस्टर, संबंधित मद और नगर पालिका के खाते में जमा राशि का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। सवाल यह भी है कि प्रतिदिन कितने ठेले वालों से कितनी राशि वसूली जा रही है और महीने में कुल कितनी रकम नगर पालिका के खाते में जमा हो रही है? मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बाजार बैठकी/तहबाजारी शुल्क की वसूली को लेकर पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में दतिया में वर्तमान में हो रही कथित वसूली की वैधानिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अब सवाल नगर पालिका प्रशासन से— वसूली किस आदेश के तहत हो रही है? आदेश किस अधिकारी ने जारी किया? वसूली किस मद में की जा रही है? क्या प्रत्येक ठेले वाले को अधिकृत रसीद दी जा रही है? अब तक कुल कितनी राशि वसूली गई? कितनी राशि नगर पालिका के खाते में जमा हुई? यदि वसूली वैध है तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? और यदि वसूली का कोई वैध आदेश नहीं है, तो जिम्मेदार कौन है? आखिरकार सवाल यही है— नगर पालिका के नाम पर वसूली हो रही है तो पैसा नगर पालिका के खाते में जा रहा है या कहीं और? इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन से स्पष्ट जवाब और दस्तावेज सामने आना जरूरी है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़: दतिया में डीपार पुलिस का बड़ा खुलासा, 7 लाख रुपए का मसरूका और चोरी गई कार के साथ दो शातिर चोर गिरफ्तार ब्रेकिंग न्यूज़: दतिया में डीपार पुलिस का बड़ा खुलासा, 7 लाख रुपए का मसरूका और चोरी गई कार के साथ दो शातिर चोर गिरफ्तार दतिया: जिला दतिया की डीपार थाना पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने के जेवरात और घटना में प्रयुक्त एक इयोन कार सहित कुल करीब 7 लाख रुपए का मसरूका बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला और एसडीओपी सेवढ़ा अजय चानना के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में की गई है। यह था पूरा मामला घटना 27-28 जून 2026 की दरमियानी रात की है। फरियादी पंकज गुर्जर (निवासी ग्राम रुहेरा) ने थाना डीपार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर उनके घर के कमरे से सोने के जेवरात और नगदी चुरा ले गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लगातार तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। 20 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जरा घाटी के पास एक ग्रे कलर की इयोन कार को रोका। पूछताछ के दौरान कार सवार संदिग्धों ने रुहेरा गांव में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी इन जेवरात को बेचने के लिए सेवढ़ा की ओर जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपी और उनका आपराधिक इतिहास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है: प्रदीप परिहार - निवासी खेड़ा, थाना बिजौली, जिला ग्वालियर। जितेन्द्र कुशवाह उर्फ जीतू उर्फ केंचुआ - निवासी ग्राम थाना हस्तनापुर, जिला ग्वालियर। विशेष नोट: गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र कुशवाह शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ ग्वालियर और अन्य जिलों में चोरी के आधा दर्जन से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। बरामद सामग्री (मसरूका) इयोन कार: कीमत लगभग 4.50 लाख रुपए (घटना में प्रयुक्त) सोने के जेवरात: दो सोने की अंगूठियां और दो सोने की चूड़ियां कुल कीमत: अन्य बरामद सामग्री सहित लगभग 7 लाख रुपए का मसरूका। अन्य आरोपियों की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपी सुनील कुशवाह, शिवम परिहार (निवासीगण खेड़ा, थाना बिजौली, ग्वालियर) और नबल किशोर रुहेरा (निवासी रुहेरा, थाना डीपार, दतिया) की तलाश तेजी से जारी है। साथ ही, शेष चोरी गए मसरूका की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस सफल पर्दाफाश और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उनि यादवेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में प्र.आर. मंशाराम कुशवाह, आर. ईशुराज सोलंकी, आर. शैलेन्द्र सिंह, आर. शैलेन्द्र गिरि, आर. आकाश यादव, आर. चालक देवेन्द्र सिंह गुर्जर, आर. प्रमोद गोयल, आर. राहुल पक्षवार, आर. अनुपेन्द्र सिंह (सायबर), आर. वीरेन्द्र और आर. शुभम यादव की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।1
- दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के बड़ोंन कला तिराहे पर लोहे के गाटरों से भरा ट्राला पलटा, टला बड़ा हादसा दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के बड़ोंन कला तिराहे पर लोहे के गाटरों से भरा ट्राला पलटा, टला बड़ा हादसा1
- दुष्कर्म के प्रकरण में फरार आरोपी को थाना उनाव पुलिस द्वारा किया गिरफ्तार श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री मंजीत सिहं चावला व दुष्कर्म के प्रकरण में फरार आरोपी को थाना उनाव पुलिस द्वारा किया गिरफ्तार श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री मंजीत सिहं चावला व श्रीमान एसडीओपी महोदय श्री पूनमचंद्र यादव के कुशल मार्गदर्शन में थाना उनाव के अप क्र 88/2026 धारा 137(2) वीएनएस इजाफा धारा 65 (1), 64 (2)M,70(2),331(4),127 (1), 351 (2) बीएनएस, 5/6 पॉस्को एक्ट में फरार आरोपी आशीष अहिरवार पुत्र रामसिहं अहिरवार उम्र 19 साल निवासी ग्राम परासरी थाना उनाव जिला दतिया को थाना उनाव पुलिस ने दिनाँक 20/08/26 को किया गिरफ्तार। जिसको माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है। *घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनाँक 02.06.26 को फरियादी ने अपनी नावालिग लडकी उम्र 14 साल को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट लिखाई थी जिस पर से थाना उनाव में 88/2026 धारा 137 (2) वीएनएस का पंजीबध्द किया गया। दिनाँक 29.06.26 को अपर्हता को दस्तयाव किया गया एवं पीडिता के पूरक कथन लेख किये जिसने अपने कथनो में दिनांक 31.05.26 की रात्रि करीब 01 बजे संदेश अहिरवार, वंटी उर्फ सौरभ अहिरवार, आशीष अहिरवार निवासी परासरी के पीडिता को घर से जवरदस्ती लेकर ट्रैन में बैठाकर फरीदाबाद ले गये फरीदाबाद में दीपक अहिरवार ने इन तीनो को किराये का कमरा दिलवाया जिस कमरे में दीपक अहिरवार, संदेश अहिरवार, वंटी उर्फ सौरभ अहिरवार ने पीडिता को रखा और पीडिता के साथ कई बार दुष्कर्म करना बताया, जिससे अपराध में धारा 65(1), 64(2)M, 70(2), 331 (4), 127 (1), 351 (2) बीएनएस, 5/6 पॉस्को एक्ट इजाफा की गई। उपरोक्त कार्यवाही में - निरीक्षक यतेंद्र सिहं भदौरिया थाना प्रभारी उनाव, प्रआर. 187 रामनिवास गुर्जर, आर. 876 दीपांशु, आर. 912 अनूप शर्मा , आर. 843 मोहित शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।1
- कुआं खेड़ा में अधेड़ की हत्या के मामले भांडेर एसडीओपी पूनम चंद्र यादव ने दी जानकारी, कहा आरोपी की तलाश जारी भांडेर अनुभाग के दुरसड़ा थाना क्षेत्र के कुआं खेड़ा गांव में अधेड़ कोमल पाल की हत्या का मामला सामने आया है। मामले में भांडेर एसडीओपी पूनम चंद्र यादव बुधवार शाम 06 बजे जानकारी देते हुए बताया कि तलाश के दौरान कोमल पाल का शव विनय समाधिया के घर में मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर प्रथम दृष्टया हत्या का मामला दर्ज किया। एसडीओपी ने बताया कि फिलहाल हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी विनय समाधिया की तलाश कर रही है।1
- कुआंखेड़ा में 56 वर्षीय अधेड़ की संदिग्ध मौत, सिर व गर्दन पर चोट के निशान दतिया/भांडेर। दुरसड़ा थाना क्षेत्र के कुआंखेड़ा गांव में 56 वर्षीय अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतक के सिर और गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं तथा घटनास्थल पर खून फैला हुआ था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई सूचना के अनुसार, कुआंखेड़ा निवासी कोमल पाल (56) मंगलवार शाम करीब 7 बजे गांव के ही विनय समाधिया के साथ उसके घर पार्टी करने की बात कहकर गए थे। देर रात तक जब वे घर नहीं लौटे तो उनके बेटे जीतू पाल ने मोबाइल फोन पर पिता से संपर्क किया। कोमल पाल ने फोन पर बताया कि वे विनय समाधिया के साथ उसके घर पर बैठे हैं और कुछ देर बाद वापस आ जाएंगे। इसके बाद जीतू खाना खाकर सो गया। बुधवार सुबह तक कोमल पाल घर नहीं लौटे तो जीतू पाल उन्हें तलाशते हुए विनय समाधिया के घर पहुंचा। वहां बाहर वाले कमरे का शटर थोड़ा खुला हुआ था। आवाज लगाने पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शटर खोलकर अंदर जाने पर कोमल पाल कुर्सी पर अचेत अवस्था में बैठे मिले। उनके सिर के बाईं ओर और गर्दन पर चोट के निशान थे तथा काफी खून निकला हुआ था। जमीन पर भी खून फैला हुआ था। जीतू के अनुसार, पिता को आवाज देने और हिलाने पर भी कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद उसने घटना की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिजनों का आरोप है कि कोमल पाल को पार्टी करने के बहाने घर से ले जाया गया और उनके साथ मारपीट कर हत्या की गई। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। मृतक कोमल पाल खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि दोनों बेटों की शादी होना बाकी है। घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ हत्या को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दुरसड़ा पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- रक्षाबंधन पर छोटे दुकानदारों को नगर पालिका का सहारा, मामूली किराए पर मिल रहीं दुकानें रक्षाबंधन पर छोटे दुकानदारों को नगर पालिका का सहारा, मामूली किराए पर मिल रहीं दुकानें दतिया। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए नगर पालिका द्वारा छोटे दुकानदारों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक पहल शुरू की गई है। नगर पालिका ने विवेकानंद चौक पार्किंग एरिया में अस्थायी दुकानें आवंटित करना शुरू किया है, जहां छोटे दुकानदार रक्षाबंधन तक अपनी दुकानें संचालित कर सकेंगे। नगर पालिका की ओर से इन दुकानों को मामूली किराए पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों को पर्व के दौरान रोजगार और अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सके। नगर पालिका स्वच्छता अधिकारी ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान बाजार में बढ़ने वाली भीड़ और चहल-पहल को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। वहीं समाजसेवी अमित अग्रवाल ने नगर पालिका की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व पर बाजार की रौनक छोटे-छोटे दुकानदारों से ही बढ़ती है। इन दुकानों के खुलने से बाजार में चहल-पहल बढ़ेगी और इसका फायदा छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को आर्थिक रूप से मिलेगा। नगर पालिका की इस पहल से छोटे दुकानदारों को त्योहार के सीजन में कारोबार का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।1
- विकल्प 1 — सबसे हटके 🚨 दतिया में खाकी पर बड़ा सवाल! दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपों के बीच न्याय के लिए भटकती महिला—पुलिस की सुनवाई पर उठे सवाल, वीडियो वायरल विकल्प 2 — तीखा “न्याय मांगती रही महिला, खामोश रही खाकी?” दतिया में दुष्कर्म-Blackmailing के आरोपों ने मचाई हलचल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरलmp सरपंचों के चुनाव कब है विकल्प 3 — वायरल स्टाइल 🔥 दतिया में ‘न्याय की गुहार’ वाला वीडियो वायरल! दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप, महिला ने पुलिस पर लगाया सुनवाई नहीं करने का आरोप1