अयोध्या नगर पुलिस ने जोन-2 पुलिस उपायुक्त श्री विकास सहवाल के निर्देश पर एक बड़े मोबाइल लुटेरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 22 मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गईं 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों की पहचान साहिल खान, फैजान पठान, समीर अंसारी और तालिब खान के रूप में हुई है, जिन पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा राह चलते मोबाइल लूट और स्नेचिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद यह अभियान चलाया गया। गिरफ्तार आरोपी सड़क पर हाथ में मोबाइल लेकर चल रहे लोगों को अपना निशाना बनाते थे। वे शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में स्पोर्ट बाइक, जैसे केटीएम और पल्सर 200 एनएस, का इस्तेमाल कर लूटपाट करते थे। घटना को अंजाम देने से पहले वे बाइकों की नंबर प्लेट बदल देते थे। यदि कोई मोबाइल नहीं छोड़ता था, तो वे छुरी दिखाकर लूट करते थे। आरोपी बड़ी कमाई करने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस को यह सफलता 11 जून 2026 को फरियादी निखिल ओझा के साथ नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की घटना के बाद मिली, जहां दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर उनसे छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल लूट लिया था। इस घटना के बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, आरोपियों से कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिनमें अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की वारदातें शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से वीवो, आईफोन 17 प्रो मैक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला, इंटेल कंपनियों के कुल 22 मोबाइल और एक छुरी भी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। सबदर ईरानी ही लूटे गए मोबाइल फोन 3,000-4,000 रुपये प्रति मोबाइल की दर से खरीदता था और इसमें से 1,000 रुपये खुद रखकर बाकी राशि साहिल, फैजान, समीर, तालिब और शाहरुख (जो फरार है) को देता था। यह भुगतान कभी नकद तो कभी फैजान के फोन पे पर किया जाता था। गिरोह के मुख्य सरगना सबदर ईरानी और शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा थानों की लगभग 30 सदस्यीय पुलिस टीम विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
अयोध्या नगर पुलिस ने जोन-2 पुलिस उपायुक्त श्री विकास सहवाल के निर्देश पर एक बड़े मोबाइल लुटेरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 22 मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गईं 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों की पहचान साहिल खान, फैजान पठान, समीर अंसारी और तालिब खान के रूप में हुई है, जिन पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा राह चलते मोबाइल लूट और स्नेचिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद यह अभियान चलाया गया। गिरफ्तार आरोपी सड़क पर हाथ में मोबाइल लेकर चल रहे लोगों को अपना निशाना बनाते थे। वे शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में स्पोर्ट बाइक, जैसे केटीएम और पल्सर 200 एनएस, का इस्तेमाल कर लूटपाट करते थे। घटना को अंजाम देने से पहले वे बाइकों की नंबर प्लेट बदल देते थे। यदि कोई मोबाइल नहीं छोड़ता था, तो वे छुरी दिखाकर लूट करते थे। आरोपी बड़ी कमाई करने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस को यह सफलता 11 जून 2026 को फरियादी निखिल ओझा के साथ नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की घटना के बाद मिली, जहां दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर उनसे छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल लूट लिया था। इस घटना के बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, आरोपियों से कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिनमें अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की वारदातें शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से वीवो, आईफोन 17 प्रो मैक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला, इंटेल कंपनियों के कुल 22 मोबाइल और एक छुरी भी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। सबदर ईरानी ही लूटे गए मोबाइल फोन 3,000-4,000 रुपये प्रति मोबाइल की दर से खरीदता था और इसमें से 1,000 रुपये खुद रखकर बाकी राशि साहिल, फैजान, समीर, तालिब और शाहरुख (जो फरार है) को देता था। यह भुगतान कभी नकद तो कभी फैजान के फोन पे पर किया जाता था। गिरोह के मुख्य सरगना सबदर ईरानी और शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा थानों की लगभग 30 सदस्यीय पुलिस टीम विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
- वार्ड 41 (बाग फरहत अफ़ज़ा) के निवासी जावेद खान, जिन्हें 'ऑटो एम्बुलेंस' के नाम से भी जाना जाता है, ने बेहद दुखी और भारी मन से एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने 190 मीटर की एक सड़क के लिए 2018 से जारी अपने संघर्ष को बताया है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण के लिए वे सीएम हाउस से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक 150 से अधिक बार चक्कर लगा चुके हैं। जावेद खान के अनुसार, ज़ोन-11 के अधिकारियों ने स्वयं इस सड़क को 'अति आवश्यक' माना था और इस पर काम शुरू भी हो गया था। हालांकि, कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते महज़ 6 घंटे के भीतर ही काम रुकवा दिया। नतीजतन, आज यह पूरी सड़क कीचड़ और गड्ढों का तालाब बन चुकी है, जिससे बुजुर्ग गिर रहे हैं और बीमार लोग परेशान हो रहे हैं। जावेद खान ने आरोप लगाया है कि जब वह इस मुद्दे पर आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। उन्होंने बिहार के वीर समाजसेवी भरत तिवारी जी के साथ हुए दुखद हादसे का भी जिक्र किया और प्रशासन से साफ कहा कि वह भी एक समाज सेवक हैं। उन्होंने घोषणा की है कि यदि हक की इस लड़ाई में उनके साथ कोई हादसा होता है या उनकी जान भी चली जाती है, तो उन्हें यह स्वीकार है; वह समाज के लिए शहीद होने को तैयार हैं, लेकिन अपने मोहल्ले के बच्चों और बुजुर्गों के हक को मरने नहीं देंगे। जावेद खान ने इस लड़ाई को पूरे वार्ड 41 की लड़ाई बताते हुए लोगों से वीडियो को इतना साझा करने का आग्रह किया है ताकि उनकी चीख 'सोए हुए प्रशासन' और मानवाधिकार आयोग तक पहुँच सके।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। अक्षय पर आरोप है कि वह NEET परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों से ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी छात्रों को इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर अपनी ओर आकर्षित करता और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। जांच में पता चला है कि अक्षय पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री को संपादित करके उन्हें नए पेपर के नाम पर छात्रों को बेचता था। उसने UPI के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ऑनलाइन ठगी के पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह छात्रों को नीट (NEET) परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता और फिर उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने यूपीआई (UPI) के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले हैं। वह पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री में हेरफेर करके उन्हें नए पेपर के नाम पर बेचता था। पुलिस अब इस ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।1
- अयोध्या नगर पुलिस ने जोन-2 पुलिस उपायुक्त श्री विकास सहवाल के निर्देश पर एक बड़े मोबाइल लुटेरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 22 मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गईं 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों की पहचान साहिल खान, फैजान पठान, समीर अंसारी और तालिब खान के रूप में हुई है, जिन पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा राह चलते मोबाइल लूट और स्नेचिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद यह अभियान चलाया गया। गिरफ्तार आरोपी सड़क पर हाथ में मोबाइल लेकर चल रहे लोगों को अपना निशाना बनाते थे। वे शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में स्पोर्ट बाइक, जैसे केटीएम और पल्सर 200 एनएस, का इस्तेमाल कर लूटपाट करते थे। घटना को अंजाम देने से पहले वे बाइकों की नंबर प्लेट बदल देते थे। यदि कोई मोबाइल नहीं छोड़ता था, तो वे छुरी दिखाकर लूट करते थे। आरोपी बड़ी कमाई करने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस को यह सफलता 11 जून 2026 को फरियादी निखिल ओझा के साथ नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की घटना के बाद मिली, जहां दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर उनसे छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल लूट लिया था। इस घटना के बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, आरोपियों से कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिनमें अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की वारदातें शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से वीवो, आईफोन 17 प्रो मैक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला, इंटेल कंपनियों के कुल 22 मोबाइल और एक छुरी भी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। सबदर ईरानी ही लूटे गए मोबाइल फोन 3,000-4,000 रुपये प्रति मोबाइल की दर से खरीदता था और इसमें से 1,000 रुपये खुद रखकर बाकी राशि साहिल, फैजान, समीर, तालिब और शाहरुख (जो फरार है) को देता था। यह भुगतान कभी नकद तो कभी फैजान के फोन पे पर किया जाता था। गिरोह के मुख्य सरगना सबदर ईरानी और शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा थानों की लगभग 30 सदस्यीय पुलिस टीम विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।1
- भोपाल के अयोध्यानगर थाना, जोन-2 पुलिस ने एक मोबाइल लुटेरे गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कुल 22 मोबाइल फोन और चार स्पोर्ट बाइक जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी स्पोर्ट बाइक का इस्तेमाल कर मोबाइल लूट और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वे अपनी बाइक की नंबर प्लेट बदलकर वारदात करते थे और रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। जब्त की गई बाइकों में केटीएम, पल्सर 200 एनएस, एक चोरी की होंडा साइन और R1-5 शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से अयोध्यानगर और पिपलानी क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न इलाकों से लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की कुल 12 घटनाओं का खुलासा किया है। बदमाशों ने बड़ा पैसा कमाने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के खिलाफ चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के निर्देशन में पुलिस टीम ने इस गैंग का पर्दाफाश किया।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच दल (SIT) ने लॉ छात्र अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों के साथ ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट के ज़रिए छात्रों को आकर्षित करता और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। जाँच में खुलासा हुआ है कि उसने UPI के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले। ठगी के लिए वह पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री को संपादित करके उन्हें नए पेपर के नाम पर बेचता था। फिलहाल पुलिस इस ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जाँच कर रही है।1
- सिंधी समाज मेला समिति द्वारा 'हिल फ्रॉम द रूट' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिंधी धर्मशाला, 5 नंबर शिवाजी नगर में आयोजित किया गया।4
- NEET की परीक्षा कल आयोजित होने वाली है, जिसके मद्देनजर राज्य सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन को विशेष निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि सभी छात्र बिना किसी चिंता के परीक्षा दे सकें। हालांकि, इन सभी व्यवस्थाओं के बीच, सरकार की संवेदनशीलता पर तीखे सवाल उठाए गए हैं: क्या यह सरकार एक पिता की पीड़ा को समझ पाएगी, और क्या यह बच्चों की मानसिक स्थिति को कभी समझने में सक्षम होगी?1