सुमेरपुर में भील समाज का वार्षिक मेला 26-27 मार्च को, बैठक में तैयारियों पर चर्चा सुमेरपुर । भील समाज के आराध्य देव श्री पाबूजी महाराज का वार्षिक मेला इस वर्ष 26 व 27 मार्च को जवाई नदी स्थित मेला स्थल पर आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को सुमेरपुर स्थित पाबूजी महाराज मंदिर प्रांगण में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजाराम भील गोगरा ने की, जिसमें जोधपुर संभाग के कार्यकर्ता व समाजबंधु मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26 मार्च को मेला भरेगा तथा 27 मार्च को समापन होगा। इस दौरान मेले की व्यवस्थाओं व तैयारियों का जायजा लिया गया। समाज के लोगों ने मेला स्थल पर फैली गंदगी को लेकर नाराजगी भी जताई। बैठक में बताया गया कि जवाई पुल निर्माण के ठेकेदार व नगर पालिका शिवगंज की ओर से मेला स्थल पर गंदगी फैलाई गई है। वहीं अवैध रेती खनन के कारण नदी क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे मेले के आयोजन में परेशानी हो सकती है। समाज के लोगों ने इसे चिंताजनक बताते हुए प्रशासन से जल्द सफाई व समतलीकरण कराने की मांग की। समाज की ओर से बैठक में प्रस्ताव पारित कर चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन द्वारा मेला स्थल की सफाई, गड्ढों को भरने व पत्थरों को हटाकर समतलीकरण की व्यवस्था नहीं की गई तो समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। समाज के लोगों ने बताया कि हर साल पालिका द्वारा मेला स्थल की सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस बार नदी क्षेत्र में मलबा व कचरे के ढेर पड़े हुए हैं। समाजजनों ने यह भी कहा कि नगर पालिका की ओर से नदी में कचरा डालने पर 21 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है, इसके बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि समय रहते सफाई नहीं करवाई गई तो भील समाज रोड जाम करने का निर्णय ले सकता है। बैठक में कोषाध्यक्ष राजेन्द्र भील चूली, उपाध्यक्ष टेकाराम, सुदामाराम, नाथुराम, दिनेश कुमार, मुपाराम, गणपत कुमार, जोहराराम, महेंद्र कुमार, मोडाराम, नितेश कुमार, भोणाराम, शंकरलाल, हिम्मताराम, सोमाराम, मंगलाराम सहित कई समाजबंधु मौजूद रहे।
सुमेरपुर में भील समाज का वार्षिक मेला 26-27 मार्च को, बैठक में तैयारियों पर चर्चा सुमेरपुर । भील समाज के आराध्य देव श्री पाबूजी महाराज का वार्षिक मेला इस वर्ष 26 व 27 मार्च को जवाई नदी स्थित मेला स्थल पर आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को सुमेरपुर स्थित पाबूजी महाराज मंदिर प्रांगण में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजाराम भील गोगरा ने की, जिसमें जोधपुर संभाग के कार्यकर्ता व समाजबंधु मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26 मार्च को मेला भरेगा तथा 27 मार्च को समापन होगा। इस दौरान मेले की व्यवस्थाओं व तैयारियों का जायजा लिया गया। समाज के लोगों ने मेला स्थल पर फैली गंदगी को लेकर नाराजगी भी जताई। बैठक में बताया गया कि जवाई पुल निर्माण के ठेकेदार व नगर पालिका शिवगंज की ओर से मेला स्थल पर गंदगी फैलाई गई है। वहीं अवैध रेती खनन के कारण नदी क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे मेले के आयोजन में परेशानी हो सकती है। समाज
के लोगों ने इसे चिंताजनक बताते हुए प्रशासन से जल्द सफाई व समतलीकरण कराने की मांग की। समाज की ओर से बैठक में प्रस्ताव पारित कर चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन द्वारा मेला स्थल की सफाई, गड्ढों को भरने व पत्थरों को हटाकर समतलीकरण की व्यवस्था नहीं की गई तो समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। समाज के लोगों ने बताया कि हर साल पालिका द्वारा मेला स्थल की सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस बार नदी क्षेत्र में मलबा व कचरे के ढेर पड़े हुए हैं। समाजजनों ने यह भी कहा कि नगर पालिका की ओर से नदी में कचरा डालने पर 21 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है, इसके बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि समय रहते सफाई नहीं करवाई गई तो भील समाज रोड जाम करने का निर्णय ले सकता है। बैठक में कोषाध्यक्ष राजेन्द्र भील चूली, उपाध्यक्ष टेकाराम, सुदामाराम, नाथुराम, दिनेश कुमार, मुपाराम, गणपत कुमार, जोहराराम, महेंद्र कुमार, मोडाराम, नितेश कुमार, भोणाराम, शंकरलाल, हिम्मताराम, सोमाराम, मंगलाराम सहित कई समाजबंधु मौजूद रहे।
- उदयपुर जिले के कानोड़ क्षेत्र से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के सरकारी क्वार्टर में एक एएनएम (ANM) द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम अनीता मीणा (30 वर्ष) बताया जा रहा है, जो राजपुरा में पदस्थापित थी। घटना देर रात की बताई जा रही है, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि अनीता मीणा ने डॉ. सुरेंद्र बिजारणिया के सरकारी क्वार्टर में यह कदम उठाया। घटना के समय डॉ. बिजारणिया की सीएचसी में नाइट ड्यूटी थी, लेकिन वे बीच ड्यूटी से ही गायब हो गए। स्थिति को संभालने के लिए डॉ. पवन जाट ने नाइट ड्यूटी संभाली। वहीं, सूत्रों के अनुसार डॉ. सुरेंद्र बिजारणिया को मगलवाड़ क्षेत्र के आसपास से पकड़कर पूछताछ के लिए लाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन भी कानोड़ CHC पहुंच गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिंडर चिकित्सालय भेजा गया है। फिलहाल कानोड़ थाना पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। 👉 इस घटना के पीछे के कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। #UdaipurNews #Kanod #ANMSuicide #BreakingNews #RajasthanNews #PoliceInvestigation #LakeCityNews1
- Post by प्रभुराम चौधरी बिजोवा5
- आबू रोड- रेलवे स्टेशन परिसर में बिना स्टेशन अधीक्षक और उच्च अधिकारियों की अनुमति के टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किसी सत्ताधारी पार्टी के नेता के संभावित आगमन को लेकर यह टेंट लगाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई। स्टेशन अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई अनुमति दी है। रेलवे परिसर में इस तरह का अतिक्रमण सुरक्षा और नियमों पर सवाल खड़े करता है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसकी सहमति से यह टेंट लगाया गया। रिपोर्टर - रितिक सरगरा,आबूरोड1
- धर्म नगरी ग्राम गोगला में 22 अप्रैल 2026 को श्री मंशापूर्ण गणपति, लक्ष्मी नारायण भगवान एवं सोमनाथ महादेव का प्रथम पाटोत्सव भव्य रूप से आयोजित होगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे हवन से होगी, इसके बाद 10 बजे ध्वजा रोहण किया जाएगा। 11:30 बजे से महाप्रसादी का आयोजन रखा गया है। दोपहर 3 बजे भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम 7:15 बजे महा आरती तथा रात्रि 8:30 बजे से विशाल भजन संध्या आयोजित होगी। आयोजन समिति ने सभी धर्म प्रेमियों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।1
- रानीवाड़ा में एक बुजुर्ग किसान अपने परिवार के साथ भीषण गर्मी के बीच धरने पर बैठा हुआ है। यह अपने आप में एक गंभीर संकेत है कि उसकी समस्या कितनी बड़ी और जटिल होगी, जो उसे इस कठिन परिस्थिति में कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारी इस स्थिति से अवगत होने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाए हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि हमारे लोकतंत्र की संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। और भी दुखद पहलू यह है कि अब तक कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर इस बुजुर्ग किसान की पीड़ा को सामने नहीं ला पाया है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि इस मुद्दे को गंभीरता से लें, इसे अधिक से अधिक शेयर करें ताकि संबंधित अधिकारियों और प्रशासन तक यह आवाज पहुंचे और जल्द से जल्द इस बुजुर्ग किसान को न्याय मिल सके।1
- कपासन मे मनाई अम्बेडकर जयंती2
- आबूरोड रेलवे स्टेशन पर बिना अनुमति के लगाया टेंट, जिम्मेदारों पर उठे सवाल। आबू रोड- रेलवे स्टेशन परिसर में बिना स्टेशन अधीक्षक और उच्च अधिकारियों की अनुमति के टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किसी सत्ताधारी पार्टी के नेता के संभावित आगमन को लेकर यह टेंट लगाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई। स्टेशन अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई अनुमति दी है। रेलवे परिसर में इस तरह का अतिक्रमण सुरक्षा और नियमों पर सवाल खड़े करता है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसकी सहमति से यह टेंट लगाया गया।2
- झाड़ोल पुलिस सर्कल ने वॉलीबॉल मुकाबले में मारी बाजी, ऋषभदेव को 2 सेट से हराया राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस 2026 के उपलक्ष में आयोजित अंतर-वृत पुलिस सर्कल वॉलीबॉल प्रतियोगिता के तहत बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को सायं 4:00 बजे गोदावरी नाका में पुलिस सर्कल ऋषभदेव और पुलिस सर्कल झाड़ोल के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। मुकाबले में पुलिस सर्कल झाड़ोल की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 2 सेट जीतकर जीत अपने नाम की और विजेता बनने का गौरव हासिल किया। खिलाड़ियों ने पूरे मैच के दौरान बेहतरीन तालमेल और उत्साह का परिचय दिया, जिससे मुकाबला काफी रोमांचक रहा। अब प्रतियोगिता के अगले चरण में विभिन्न स्थानों से विजेता बनी टीमों के बीच मुकाबले गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को सायं 4:00 बजे पुलिस लाइन उदयपुर में आयोजित किए जाएंगे, जहां आगे की प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की संभावना है।1
- उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, उप स्वास्थ्य केंद्र राजपुरा में कार्यरत एक महिला चिकित्साकर्मी (ANM) का शव डॉक्टर के सरकारी क्वार्टर की सीढ़ियों पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतका की पहचान अनीता मीणा के रूप में हुई है। परिजनों ने कानोड़ सीएचसी के ही डॉक्टर सुरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।1