Fatehpur News: ओवरलोडिंग पर आईजी की सख्ती, फतेहपुर-बांदा की 18 चर्चित फर्में रडार पर, सूची में पूर्व विधायक भी फतेहपुर और बांदा में मौरंग-गिट्टी की ओवरलोडिंग को लेकर आईजी ने सख्त रुख अपनाया है. 18 चर्चित फर्मों के ट्रक और डंपरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. सूची में पूर्व विधायक, भाजपा नेता और ढाबा संचालकों से जुड़ी फर्में भी शामिल बताई जा रही हैं. UP News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर और बांदा जिलों में मौरंग और गिट्टी की ओवरलोडिंग पर अब आईजी की नजर सख्त हो गई है. एसटीएफ की कार्रवाई के बाद भी ओवरलोडिंग का सिलसिला जारी रहने पर आईजी ने नाराजगी जताते हुए 18 चर्चित फर्मों के ट्रक और डंपरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इस सूची में पूर्व विधायक, भाजपा नेता और कुछ ढाबा संचालकों से जुड़ी फर्मों के नाम भी सामने आए हैं. आईजी के आदेश के बाद प्रशासन में हलचल फतेहपुर और बांदा जिलों में लंबे समय से ओवरलोडिंग का मुद्दा प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. मौरंग और गिट्टी से लदे ट्रक अक्सर क्षमता से अधिक माल लेकर सड़कों पर दौड़ते देखे जाते हैं. कई बार इसको लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं. जब एसटीएफ की कार्रवाई के बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी तो आईजी कार्यालय की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए. आईजी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर 18 चर्चित फर्मों के ट्रक और डंपरों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है. सूत्रों के अनुसार इन फर्मों के वाहन अक्सर ओवरलोडिंग करते पाए जाते हैं. ट्रकों पर फर्मों के नाम भी साफ तौर पर लिखे हुए हैं. आदेश जारी होने के बाद संबंधित फर्मों और वाहन स्वामियों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है. एसपी ने सीओ को भेजा पत्र, मांगी विस्तृत रिपोर्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईजी के निर्देश मिलने के बाद फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी सर्किल अधिकारियों को पत्र भेजा है. इस पत्र में आईजी के आदेश का हवाला देते हुए चिन्हित फर्मों के वाहनों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. एसपी ने सभी सीओ से कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे ट्रकों और डंपरों की जांच की जाए और यदि वे ओवरलोड पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए. साथ ही की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए. प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की भी बात कही जा रही है. एसटीएफ की छापेमारी में उजागर हुआ था पूरा नेटवर्क फतेहपुर में ओवरलोडिंग के इस खेल का खुलासा पिछले वर्ष 11 नवंबर की रात एसटीएफ की छापेमारी के दौरान हुआ था. एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की और थरियांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था. जांच में सामने आया था कि ओवरलोडिंग के इस नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका हो सकती है. मामले में कई लोगों को नामजद किया गया और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया. इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगेगी, लेकिन समय बीतने के साथ स्थिति में खास बदलाव नहीं आया. एसटीएफ ने इन पर दर्ज कराया था मुकदमा एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले की जांच में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. आरोपों के बाद पीटीओ, एआरटीओ और खनिज अधिकारी के गनर को निलंबित किया गया था. इसके अलावा मुकदमे में नामजद कुछ लोकेटर और ढाबा संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जांच एजेंसियों का मानना था कि ओवरलोडिंग का यह खेल एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था, जिसमें विभिन्न स्तरों पर लोगों की भूमिका की जांच की जा रही थी. हालांकि इन कार्रवाइयों के बाद भी जिले में ओवरलोडिंग की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी. कई बार भेजे गए रिमाइंडर, फिर भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई सूत्रों की माने तो आईजी कार्यालय की ओर से इस मामले में लगातार पत्राचार किया गया. सबसे पहले 13 नवंबर को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया था. इसके बाद 6 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी और 18 फरवरी को रिमाइंडर भेजे गए. इन पत्रों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि ओवरलोडिंग में संलिप्त 18 फर्मों के वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए. बावजूद इसके अपेक्षित स्तर की कार्रवाई नहीं हो सकी. सूत्रों के मुताबिक कई ट्रकों पर संबंधित फर्मों के नाम भी लिखे हुए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल नहीं है. इसके बावजूद कार्रवाई धीमी रहने पर आईजी ने एक बार फिर रिपोर्ट तलब की है. टास्क फोर्स के समन्वय से कार्रवाई के निर्देश आईजी ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई जिला टास्क फोर्स और सब डिवीजन टास्क फोर्स के समन्वय से की जाए. इस टास्क फोर्स में एसडीएम, सीओ, खनिज अधिकारी और एआरटीओ शामिल होते हैं. इन सभी विभागों को मिलकर चिन्हित फर्मों के ट्रकों और डंपरों की जांच करने और नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. मीडिया से बात करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह का कहना है कि आईजी के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी गई है.
Fatehpur News: ओवरलोडिंग पर आईजी की सख्ती, फतेहपुर-बांदा की 18 चर्चित फर्में रडार पर, सूची में पूर्व विधायक भी फतेहपुर और बांदा में मौरंग-गिट्टी की ओवरलोडिंग को लेकर आईजी ने सख्त रुख अपनाया है. 18 चर्चित फर्मों के ट्रक और डंपरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. सूची में पूर्व विधायक, भाजपा नेता और ढाबा संचालकों से जुड़ी फर्में भी शामिल बताई जा रही हैं. UP News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर और बांदा जिलों में मौरंग और गिट्टी की ओवरलोडिंग पर अब आईजी की नजर सख्त हो गई है. एसटीएफ की कार्रवाई के बाद भी ओवरलोडिंग का सिलसिला जारी रहने पर आईजी ने नाराजगी जताते हुए 18 चर्चित फर्मों के ट्रक और डंपरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इस सूची में पूर्व विधायक, भाजपा नेता और कुछ ढाबा संचालकों से जुड़ी फर्मों के नाम भी सामने आए हैं. आईजी के आदेश के बाद प्रशासन में हलचल फतेहपुर और बांदा जिलों में लंबे समय से ओवरलोडिंग का मुद्दा प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. मौरंग और गिट्टी से लदे ट्रक अक्सर क्षमता से अधिक माल लेकर सड़कों पर दौड़ते देखे जाते हैं. कई बार इसको लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं. जब एसटीएफ की कार्रवाई के बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी तो आईजी कार्यालय की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए. आईजी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर 18 चर्चित फर्मों के ट्रक और डंपरों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है. सूत्रों के अनुसार इन फर्मों के वाहन अक्सर ओवरलोडिंग करते पाए जाते हैं. ट्रकों पर फर्मों के नाम भी साफ तौर पर लिखे हुए हैं. आदेश जारी होने के बाद संबंधित फर्मों और वाहन स्वामियों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है. एसपी ने सीओ को भेजा पत्र, मांगी विस्तृत रिपोर्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईजी के निर्देश मिलने के बाद फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी सर्किल अधिकारियों को पत्र भेजा है. इस पत्र में आईजी के आदेश का हवाला देते हुए चिन्हित फर्मों के वाहनों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. एसपी ने सभी सीओ से कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे ट्रकों और डंपरों की जांच की जाए और यदि वे ओवरलोड पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए. साथ ही की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए. प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की भी बात कही जा रही है. एसटीएफ की छापेमारी में उजागर हुआ था पूरा नेटवर्क फतेहपुर में ओवरलोडिंग के इस खेल का खुलासा पिछले वर्ष 11 नवंबर की रात एसटीएफ की छापेमारी के दौरान हुआ था. एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की और थरियांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था. जांच में सामने आया था कि ओवरलोडिंग के इस नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका हो सकती है. मामले में कई लोगों को नामजद किया गया और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया. इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगेगी, लेकिन समय बीतने के साथ स्थिति में खास बदलाव नहीं आया. एसटीएफ ने इन पर दर्ज कराया था मुकदमा एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले की जांच में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. आरोपों के बाद पीटीओ, एआरटीओ और खनिज अधिकारी के गनर को निलंबित किया गया था. इसके अलावा मुकदमे में नामजद कुछ लोकेटर और ढाबा संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जांच एजेंसियों का मानना था कि ओवरलोडिंग का यह खेल एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था, जिसमें विभिन्न स्तरों पर लोगों की भूमिका की जांच की जा रही थी. हालांकि इन कार्रवाइयों के बाद भी जिले में ओवरलोडिंग की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी. कई बार भेजे गए रिमाइंडर, फिर भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई सूत्रों की माने तो आईजी कार्यालय की ओर से इस मामले में लगातार पत्राचार किया गया. सबसे पहले 13 नवंबर को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया था. इसके बाद 6 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी और 18 फरवरी को रिमाइंडर भेजे गए. इन पत्रों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि ओवरलोडिंग में संलिप्त 18 फर्मों के वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए. बावजूद इसके अपेक्षित स्तर की कार्रवाई नहीं हो सकी. सूत्रों के मुताबिक कई ट्रकों पर संबंधित फर्मों के नाम भी लिखे हुए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल नहीं है. इसके बावजूद कार्रवाई धीमी रहने पर आईजी ने एक बार फिर रिपोर्ट तलब की है. टास्क फोर्स के समन्वय से कार्रवाई के निर्देश आईजी ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई जिला टास्क फोर्स और सब डिवीजन टास्क फोर्स के समन्वय से की जाए. इस टास्क फोर्स में एसडीएम, सीओ, खनिज अधिकारी और एआरटीओ शामिल होते हैं. इन सभी विभागों को मिलकर चिन्हित फर्मों के ट्रकों और डंपरों की जांच करने और नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. मीडिया से बात करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह का कहना है कि आईजी के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी गई है.
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- फतेहपुर के लाल ने CA की परीक्षा में आल इंडिया में 19 वी रैंक प्राप्त कर जिले का नाम किया रोशन फतेहपुर जनपद के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण है कि मानस अग्रहरि पुत्र श्री महेंद्र कुमार गुप्ता एवं श्रीमती गुंजन गुप्ता ने वर्ष 2026 की चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) परीक्षा में ऑल इंडिया 19वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम पूरे देश में गौरवान्वित किया है। मानस के पिता श्री महेंद्र कुमार गुप्ता CMI, रेलवे स्टेशन फतेहपुर में कार्यरत हैं तथा माता श्रीमती गुंजन गुप्ता एक सरकारी अध्यापिका के रूप में शिक्षा क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। माता-पिता के संस्कार, मार्गदर्शन और मानस की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने यह उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की। मानस ने SRCC यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली से बी.कॉम फाइनल की पढ़ाई पूरी करते हुए अपनी प्रतिभा और परिश्रम का परिचय दिया। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे फतेहपुर जनपद के लिए गर्व का विषय है। मानस अग्रहरि की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि लगन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। फतेहपुर की धरती से निकली यह सफलता निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देगी। मानस को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के विकास खंड बहुआ की ग्राम पंचायत सुजानपुर की प्रधान और गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की अध्यक्ष हेमलता पटेल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का मान बढ़ाया है। उन्हें नई दिल्ली में पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 11 मार्च को आयोजित होने वाले 'राष्ट्रीय सशक्त नेत्री पंचायत सम्मेलन' में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस प्रतिष्ठित मंच पर उनकी सफलता की कहानी भी देश भर से आईं प्रतिनिधियों के सामने प्रदर्शित की जाएगी। हेमलता पटेल का चयन उनकी निरंतर उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का परिणाम है। इससे पहले भी उन्हें अपने सराहनीय कार्यों के लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी दिल्ली में बड़े मंचों पर सम्मानित किया चुका है। उनकी प्रशासनिक सूझबूझ और ग्रामीण विकास के प्रति समर्पण के कारण ही उन्हें विभाग की 'ड्रीम टीम' में भी स्थान दिया गया है, जो उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। इस सम्मेलन में सुजानपुर के विकास मॉडल महिला हितैसी प्रभावी कार्यक्रम और हेमलता पटेल के संघर्ष व सफलता की कहानी को विशेष रूप से बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। भारत सरकार के "सशक्त पंचायत नेत्री अभियान" के अंतर्गत आयोजित इस गरिमामयी राष्ट्रीय सम्मेलन में हेमलता पटेल के साथ तेलियानी ब्लॉक अंतर्गत मिश्रा मऊ की ग्राम प्रधान बीनू देवी भी प्रतिभाग करेंगी, जिससे वे विकासात्मक नवाचारों का अनुभव प्राप्त कर सकेंगी। हेमलता पटेल का इस स्तर पर बार-बार चुना जाना यह सिद्ध करता है कि फतेहपुर की ग्रामीण राजनीति में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। उनके द्वारा सुजानपुर को महिला हितैषी ग्राम पंचायत बनाने के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। प्रधान हेमलता पटेल ने इस अवसर पर कहा, "आज हमें बेहद खुशी और गर्व है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने हमें दिल्ली में 'राष्ट्रीय सम्मेलन' में आमंत्रित किया है। यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि मेरी पूरी सुजानपुर पंचायत, क्षेत्र एवं जनपद फतेहपुर का है।1
- 🚨 *बांदा–फतेहपुर में खनन माफिया बेखौफ, प्रशासन मौन* ⚠️*लोकेटरों की फौज के सहारे धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल* ✍️ बांदा जिले से लेकर फतेहपुर जनपद तक अवैध खनन और ओवरलोडिंग का कारोबार इस कदर संगठित हो चुका है कि अब यह केवल खनन माफियाओं तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसके पीछे एक पूरी “लोकेटरों की फौज” सक्रिय भूमिका निभा रही है। बांदा जिले के *मर्का घाट खंड संख्या 3 में खुलेआम अवैध खनन जारी है,* जबकि फतेहपुर की सड़कों पर मोरम से लदे ओवरलोड वाहन दिन-रात बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। एसटीएफ की कार्रवाई, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश—सब कुछ कागज़ों तक सिमटा हुआ प्रतीत होता है। जमीनी हकीकत यह है कि खनन माफिया निडर होकर कानून को चुनौती दे रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। 🕵️♂️ *लोकेटरों की फौज बना रही है माफियाओं के लिए रास्ता साफ* सूत्रों के अनुसार अवैध खनन और परिवहन के इस पूरे नेटवर्क में लोकेटरों की एक संगठित फौज तैनात है। 🚴♂️ बाइक सवार लोकेटर, 📞 मोबाइल कॉल और 📲 व्हाट्सएप नेटवर्क के जरिए पुलिस चेकिंग, प्रशासनिक मूवमेंट और संभावित दबिश की पल-पल की जानकारी माफियाओं तक पहुंचाते हैं। नतीजा यह होता है कि कार्रवाई से पहले ही ओवरलोड वाहन सुरक्षित रूट बदल लेते हैं और प्रशासन खाली हाथ रह जाता है। 🌾 *कृषि परमिट की आड़ में सरकारी राजस्व की खुली लूट* कृषि कार्यों के लिए जारी सीमित परमिटों को ढाल बनाकर सैकड़ों ट्रैक्टरों से मोरम का अवैध परिवहन कराया जा रहा है। ⏰ *लोकेटरों के निर्देश पर दिन और रात का समय तय किया जाता है।* इसका सीधा नुकसान सरकारी खजाने को हो रहा है, जबकि ग्रामीण सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग भारी वाहनों के दबाव से टूटने की कगार पर हैं। 🌉 *रामनगर कौहन यमुना पुल बना अवैध नेटवर्क का सुरक्षित कॉरिडोर* रामनगर कौहन स्थित यमुना पुल अब अवैध परिवहन का स्थायी कॉरिडोर बन चुका है। 🌙 देर रात बांदा जिले से निकलने वाले ओवरलोड वाहन, 👁️🗨️ लोकेटरों की निगरानी में, ➡️ इसी पुल के जरिए फतेहपुर जनपद में प्रवेश करते हैं। यह साफ संकेत देता है कि यह खेल बिना मजबूत नेटवर्क और अंदरूनी संरक्षण के संभव नहीं। 🏛️ *मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद क्यों जारी है अवैध कारोबार?* प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर शून्य सहनशीलता नीति के बावजूद यह अवैध कारोबार जारी है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्यों मौन बैठे हैं—यह बड़ा सवाल है। 🚔 *एसडीएम और पुलिस की सख्ती लोकेटर नेटवर्क के आगे फेल* रामनगर कौहन, सिंघुतारा और मुराईन डेरा नगर पंचायत असोथर प्रताप नगर झाल क्षेत्र से प्रतिदिन और प्रति रात्रि लोकेशन-आधारित परिवहन यह दर्शाता है कि अवैध नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय है और कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। 📸 *तस्वीरें और वीडियो उजागर कर रहे हैं सिस्टम की पोल* मौके से सामने आई लाइव तस्वीरें और वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। इन साक्ष्यों के बावजूद यदि ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो यह लापरवाही ही नहीं बल्कि मिलीभगत की आशंका को भी मजबूत करता है। ❓ *कब टूटेगा माफिया–लोकेटर गठजोड़* अब सवाल सिर्फ अवैध खनन का नहीं, बल्कि यह भी है कि माननीय मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार पर कब निर्णायक प्रहार होगा। जब तक लोकेटरों की इस फौज और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक खनन माफिया यूं ही कानून को चुनौती देता रहेगे।1
- saadipur churaha duwedi hotal ke peeche naale me gandi vah bharav ,badbu.macchar ki samasya bahut hi saalo se koi nhi kar raha baarish me gaanda paani .. barsaat me jal bharav aaye din durghatna1
- *गैस के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट, एजेंसी पर उमड़ी भीड़ उपभोक्ता परेशान* *लक्ष्मी भारत गैस एजेंसी के बाहर लगीं लंबी कतारें,* बकेवर (फतेहपुर):बिंदकी तहसील क्षेत्र के देवमई ब्लॉक के स्थित बकेवर कस्बे में बुधवार को रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा रहा। कस्बे में स्थित लक्ष्मी भारत गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। गैस के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और आगामी वृद्धि की आशंका ने आम जनमानस को बेचैन कर दिया है। कड़ कड़ाती धूप में घंटों इंतजार गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग सुबह से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग गए थे। देखते ही देखते उपभोक्ताओं की कतार एजेंसी परिसर से बाहर सड़क तक पहुँच गई। , जो कई घंटो इंतजार करते नजर आए स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने 'चूल्हा जलाने' का संकट खड़ा हो गया है। उपभोक्ताओं के बीच इस बात की भी चर्चा रही कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिसके चलते लोग जल्द से जल्द सिलेंडर रिफिल कराने की होड़ में दिखे। अव्यवस्थाओं का बोलबाला दिख रहा है भीड़ अधिक होने के कारण एजेंसी पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि लंबी कतारों के बावजूद वितरण प्रक्रिया धीमी है, जिससे उन्हें अपने दैनिक काम छोड़कर पूरा दिन लाइन में बिताना पड़ रहा है।2
- Post by Kattar ambedkarvadi satyam cha2
- होली शुभकामनाएं संदेश1