कई बार समझाने के बाद भी नहीं मान रहा था युवक, इसलिए उतार दिया मौत के घाट -खेत पर मजदूरी करने के दौरान शुरू हुआ था दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग कई बार समझाने के बाद भी नहीं मान रहा था युवक, इसलिए उतार दिया मौत के घाट -खेत पर मजदूरी करने के दौरान शुरू हुआ था दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी। कोलारस कस्बे में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात अर्जुन पाल की हत्या के मामले में मृतक के फुफेरे भाई कप्तान पाल निवासी गणेशखेड़ा की मानें तो वह कुछ सालों से कोलारस में रवि फोटो वालों की जमीन बटाई पर करता है। इसी के चलते उसका भाई अर्जुन पाल अक्सर उससे मिलने के लिए खेत पर आता जाता रहता था। इसी क्रम में वहां वर्षा कुशवाह भी मजदूरी करने के लिए आती रहती थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे उनके बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। बताया जा रहा है कि इन प्रेम संबंधों के बारे में जब वर्षा के स्वजनों को पता चला तो उन्होंने पहले तो वर्षा का वहां मजदूरी पर जाना बंद करवा दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में जो सामने आया है उसके अनुसार इसके बाद भी दोनों नहीं माने, स्वजनों ने पहले वर्षा को समझाने का प्रयास किया और इसके बाद अर्जुन पाल को भी समझाया कि वह दाेनों एक समाज के नहीं है इसलिए एक नहीं हो सकते। इस कारण वह वर्षा को भूल जाए, लेकिन इसके बाद भी अर्जुन नहीं मान रहा था। इसी के चलते घर वालों ने उसकी शादी का फैसला कर लिया, परंतु सगाई के एक दिन पहले अर्जुन ने वर्षा को घर से भगाने का जो फैसला किया, उससे स्वजनों को लगा कि, अगर यह जिंदा रहा तो वर्षा की शादी नहीं होने देगा। यही कारण रहा कि उन्होंने अर्जुन की हत्या कर दी। बाक्स हत्या से पहले मृतक के पिता से भी कराई फोन पर बात मृतक के भाई कप्तान पाल का कहना है कि जिस समय वर्षा के स्वजन अर्जुन पाल की मारपीट कर रहे थे, उसी समय उसके मोबाइल पर उसके पिता के फोन आना शुरू हो गए, (क्योंकि अर्जुन के पिता से अर्जुन की शाम को बात हुई थी कि वह गाड़ी से लौट आया है और घर आ रहा है, परंतु वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा था।) इस पर वर्षा के स्वजनों ने अर्जुन की उसके पिता से बात करवाई और इस बातचीत के दौरान उसने अपने पिता को बताया कि उक्त लोग उसे मार रहे हैं और यह उसकी हत्या करने की कह रहे हैं। इसी के बाद अर्जुन के स्वजन एक्टिव मोड में आ गए। बाक्स टूटी सगाई, नहीं हुई गोद भराई ग्रामीण सूत्रों का कहना है कि अर्जुन की हत्या के बाद आज होने वाली वर्षा की सगाई भी टूट गई। सूत्रों का कहना है कि यह बात जब वर्षा की होने वाली ससुराल में पता चली तो उन्होंने इस सगाई को करने से इंकार कर दिया। इसी क्रम में वर्षा की गोद भराई की रस्म का कार्यक्रम में नहीं हो पाया और उसकी सगाई भी टूट गई। बाक्स इनका कहना है -अर्जुन अपनी प्रेमिका वर्षा को भगाने के लिए पहुंचा था, इसी दौरान उसके स्वजनों ने उसे पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव को नाले के किनारे फेंक दिया। हमने हत्यारोपित दो नामजद और दो से तीन अज्ञात आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपित घटना के बाद से फरार हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गब्बर सिंह गुर्जर टीआई कोलारस
कई बार समझाने के बाद भी नहीं मान रहा था युवक, इसलिए उतार दिया मौत के घाट -खेत पर मजदूरी करने के दौरान शुरू हुआ था दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग कई बार समझाने के बाद भी नहीं मान रहा था युवक, इसलिए उतार दिया मौत के घाट -खेत पर मजदूरी करने के दौरान शुरू हुआ था दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी। कोलारस कस्बे में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात अर्जुन पाल की हत्या के मामले में मृतक के फुफेरे भाई कप्तान पाल निवासी गणेशखेड़ा की मानें तो वह कुछ सालों से कोलारस में रवि फोटो वालों की जमीन बटाई पर करता है। इसी के चलते उसका भाई अर्जुन पाल अक्सर उससे मिलने के लिए खेत पर आता जाता रहता था। इसी क्रम में वहां वर्षा कुशवाह भी मजदूरी करने के लिए आती रहती थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे उनके बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। बताया जा रहा है कि इन प्रेम संबंधों के बारे में जब वर्षा के स्वजनों को पता चला तो उन्होंने पहले तो वर्षा का वहां मजदूरी पर जाना बंद करवा दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में जो सामने आया है उसके अनुसार इसके बाद भी दोनों नहीं माने, स्वजनों ने पहले वर्षा को समझाने का प्रयास किया और इसके बाद अर्जुन पाल को भी समझाया कि वह दाेनों एक समाज के नहीं है इसलिए एक नहीं हो सकते। इस कारण वह वर्षा को भूल जाए, लेकिन इसके बाद भी अर्जुन नहीं मान रहा था। इसी के चलते घर वालों ने उसकी शादी का फैसला कर लिया, परंतु सगाई के एक दिन पहले अर्जुन ने वर्षा को घर से भगाने का जो फैसला किया, उससे स्वजनों को लगा कि, अगर यह जिंदा रहा तो वर्षा की शादी नहीं होने देगा। यही कारण रहा कि उन्होंने अर्जुन की हत्या कर दी। बाक्स हत्या से पहले मृतक के पिता से भी कराई फोन पर बात मृतक के भाई कप्तान पाल का कहना है कि जिस समय वर्षा के स्वजन अर्जुन पाल की मारपीट कर रहे थे, उसी समय उसके मोबाइल पर उसके पिता के फोन आना शुरू हो गए, (क्योंकि अर्जुन के पिता से अर्जुन की शाम को बात हुई थी कि वह गाड़ी से लौट आया है और घर आ रहा है, परंतु वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा था।) इस पर वर्षा के स्वजनों ने अर्जुन की उसके पिता से बात करवाई और इस बातचीत के दौरान उसने अपने पिता को बताया कि उक्त लोग उसे मार रहे हैं और यह उसकी हत्या करने की कह रहे हैं। इसी के बाद अर्जुन के स्वजन एक्टिव मोड में आ गए। बाक्स टूटी सगाई, नहीं हुई गोद भराई ग्रामीण सूत्रों का कहना है कि अर्जुन की हत्या के बाद आज होने वाली वर्षा की सगाई भी टूट गई। सूत्रों का कहना है कि यह बात जब वर्षा की होने वाली ससुराल में पता चली तो उन्होंने इस सगाई को करने से इंकार कर दिया। इसी क्रम में वर्षा की गोद भराई की रस्म का कार्यक्रम में नहीं हो पाया और उसकी सगाई भी टूट गई। बाक्स इनका कहना है -अर्जुन अपनी प्रेमिका वर्षा को भगाने के लिए पहुंचा था, इसी दौरान उसके स्वजनों ने उसे पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव को नाले के किनारे फेंक दिया। हमने हत्यारोपित दो नामजद और दो से तीन अज्ञात आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपित घटना के बाद से फरार हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गब्बर सिंह गुर्जर टीआई कोलारस
- शिवपुरी विधानसभा से भाजपा विधायक देवेंद्र जैन के दौरे के दौरान एक युवक का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण ने विधायक के सामने ही भ्रष्टाचार और राशन वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगा दिए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के ग्राम बघरवारा का है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 132वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम का नरवर मण्डल के बूथ क्रमांक 15 पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक रूप से श्रवण किया गया। इस अवसर पर विधायक रमेश खटीक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के समग्र विकास, जनभागीदारी तथा समाज में हो रहे सकारात्मक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। उनके संबोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों को नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान की। विधायक रमेश खटीक ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है, जो समाज में जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का1
- खबर – मगरौनी, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) जितेन्द्र शाक्य की रिपोर्ट नगर परिषद मगरौनी स्थित R.G.M.S. स्कूल में एक भव्य पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, नियमित उपस्थिति रखने वाले छात्रों एवं सुंदर लेखन (हैंडराइटिंग) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। बच्चों को सम्मानित होते देख अभिभावकों और शिक्षकों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में थाना प्रभारी नरवर दीपक यादव जी एवं मगरौनी चौकी प्रभारी अभिमन्यु राजावत जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्रों को पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय प्रबंधन एवं स्टाफ द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को और अधिक3
- करैरा पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 मोटरसाइकिल बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1
- ए.बी. रोड पर पलटी पत्थरों से भरी ट्रॉली, जानलेवा गड्ढों से बढ़ रहे हादसे कोलारस के ए.बी. रोड पर एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते बचा। पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के जानलेवा गड्ढों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा।1
- Post by Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा1
- Post by बंटी कुमार सहरिया1
- नरवर नगर में महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा सोमवार को दोपहर 12 बजे भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और पूरे नगर का माहौल धार्मिक एवं भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भगवान महावीर के चित्र एवं आकर्षक झांकियों के साथ भजन-कीर्तन करते हुए नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरे। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जुलूस का स्वागत किया गया। जैन समाज के लोगों ने भगवान महावीर के बताए अहिंसा, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में सामूहिक प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1