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domchanch nagarpanchayt ward 5 me sawasth arogya mandir me ek bhi doctor nahi rahta hai... #pubilce news
Bhola Goswami
domchanch nagarpanchayt ward 5 me sawasth arogya mandir me ek bhi doctor nahi rahta hai... #pubilce news
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- संदिग्ध बीमारी ने छीना घर का सहारा, मासूम बच्चे हुए अनाथ, गर्भवती पत्नी का रो रो कर बुरा हाल! वजीरगंज प्रखंड अन्तर्गत कुर्कीहर पंचायत से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पंचायत के यदुग्राम निवासी मुंन्द्रिका मांझी पिता पुनत मांझी की संदिग्ध बीमारी से अचानक मौत हो गई। इस असमय घटना ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। घर का इकलौता कमाने वाला चला गया और पीछे छोड़ गया ऐसा सन्नाटा, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। परिजनों के अनुसार, मुंन्द्रिका मांझी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। इलाज के प्रयास किए गए, लेकिन बीमारी की सही पहचान और समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही मौत की खबर गांव में फैली, लोगों का हुजूम उनके घर उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन था । सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब मृतक की गर्भवती पत्नी अपने पति की देह से लिपटकर बिलख पड़ी। उसकी चीख,पुकार ने वहां मौजूद हर इंसान का कलेजा चीर दिया। एक ओर कोख में पल रहा अजन्मा बच्चा, दूसरी ओर गोद में छोटे,छोटे मासूम,अब इन बच्चों का भविष्य किसके सहारे चलेगा, यह सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा था। मुंन्द्रिका मांझी के निधन से उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। अब घर चलाने, इलाज, प्रसव और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी एक अकेली, बेसहारा महिला पर आ पड़ी है। गांववालों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो यह परिवार भूख और बेबसी के भंवर में फंस सकता है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और समय पर इलाज की सुलभता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोगों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, गर्भवती पत्नी के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा और बच्चों के भरण,पोषण की व्यवस्था की जाए।आज कुर्कीहर पंचायत शोक में डूबी है। मुंन्द्रिका मांझी तो चले गए, लेकिन पीछे छोड़ गए हैं टूटे सपने, रोते मासूम और एक ऐसी पत्नी, जिसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की चूक और समाज की जिम्मेदारी की भी कठोर याद दिलाती है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!1
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- आदिवासी समाज का प्रमुख लोक पर्व बाहा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर सोमवार को 2 बजे मधुबन गेस्ट हाउस में एक प्रशासनिक बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता डुमरी उप-मंडल अधिकारी संतोष गुप्ता ने की, जबकि संचालन पीरटांड प्रखंड विकास अधिकारी मनोज मरांडी ने किया। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। एसडीओ संतोष गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि बाहा पर्व क्षेत्रीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसे पूरी सक्रियता से मनाया जाए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों को समन्वय बनाए रखने का आदेश दिया। बैठक में डुमरी थाना प्रभारी, नगर परिषद प्रतिनिधि सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।1