संदिग्ध बीमारी ने छीना घर का सहारा, मासूम बच्चे हुए अनाथ, गर्भवती पत्नी का रो रो कर बुरा हाल! वजीरगंज प्रखंड अन्तर्गत कुर्कीहर पंचायत से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पंचायत के यदुग्राम निवासी मुंन्द्रिका मांझी पिता पुनत मांझी की संदिग्ध बीमारी से अचानक मौत हो गई। इस असमय घटना ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। घर का इकलौता कमाने वाला चला गया और पीछे छोड़ गया ऐसा सन्नाटा, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। परिजनों के अनुसार, मुंन्द्रिका मांझी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। इलाज के प्रयास किए गए, लेकिन बीमारी की सही पहचान और समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही मौत की खबर गांव में फैली, लोगों का हुजूम उनके घर उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन था । सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब मृतक की गर्भवती पत्नी अपने पति की देह से लिपटकर बिलख पड़ी। उसकी चीख,पुकार ने वहां मौजूद हर इंसान का कलेजा चीर दिया। एक ओर कोख में पल रहा अजन्मा बच्चा, दूसरी ओर गोद में छोटे,छोटे मासूम,अब इन बच्चों का भविष्य किसके सहारे चलेगा, यह सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा था। मुंन्द्रिका मांझी के निधन से उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। अब घर चलाने, इलाज, प्रसव और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी एक अकेली, बेसहारा महिला पर आ पड़ी है। गांववालों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो यह परिवार भूख और बेबसी के भंवर में फंस सकता है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और समय पर इलाज की सुलभता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोगों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, गर्भवती पत्नी के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा और बच्चों के भरण,पोषण की व्यवस्था की जाए।आज कुर्कीहर पंचायत शोक में डूबी है। मुंन्द्रिका मांझी तो चले गए, लेकिन पीछे छोड़ गए हैं टूटे सपने, रोते मासूम और एक ऐसी पत्नी, जिसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की चूक और समाज की जिम्मेदारी की भी कठोर याद दिलाती है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!
संदिग्ध बीमारी ने छीना घर का सहारा, मासूम बच्चे हुए अनाथ, गर्भवती पत्नी का रो रो कर बुरा हाल! वजीरगंज प्रखंड अन्तर्गत कुर्कीहर पंचायत से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पंचायत के यदुग्राम निवासी मुंन्द्रिका मांझी पिता पुनत मांझी की संदिग्ध बीमारी से अचानक मौत हो गई। इस असमय घटना ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। घर का इकलौता कमाने वाला चला गया और पीछे छोड़ गया ऐसा सन्नाटा, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। परिजनों के अनुसार, मुंन्द्रिका मांझी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। इलाज के प्रयास किए गए, लेकिन बीमारी की सही पहचान और समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही मौत की खबर गांव में फैली, लोगों का हुजूम उनके घर उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन था । सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब मृतक की गर्भवती पत्नी अपने पति की देह से लिपटकर बिलख पड़ी। उसकी चीख,पुकार ने वहां मौजूद हर इंसान का कलेजा चीर दिया। एक ओर कोख में पल रहा अजन्मा बच्चा, दूसरी ओर गोद में छोटे,छोटे मासूम,अब इन बच्चों का भविष्य किसके सहारे चलेगा, यह सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा था। मुंन्द्रिका मांझी के निधन से उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। अब घर चलाने, इलाज, प्रसव और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी एक अकेली, बेसहारा महिला पर आ पड़ी है। गांववालों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो यह परिवार भूख और बेबसी के भंवर में फंस सकता है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और समय पर इलाज की सुलभता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोगों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, गर्भवती पत्नी के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा और बच्चों के भरण,पोषण की व्यवस्था की जाए।आज कुर्कीहर पंचायत शोक में डूबी है। मुंन्द्रिका मांझी तो चले गए, लेकिन पीछे छोड़ गए हैं टूटे सपने, रोते मासूम और एक ऐसी पत्नी, जिसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की चूक और समाज की जिम्मेदारी की भी कठोर याद दिलाती है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!
- Post by हेमन्त कुमार सिंह1
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- system1
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- उत्पाद थाना शेरघाटी की छापेमारी मे अबैध शराब के साथ एक अभियुक्त की गिरफ़्तारी l शेरघाटी थाना अंतर्गत पत्थल्कःट्टी के पास जिला गया मे की गईं छापेमारी me💔कुल शराब की मात्रा 80.000लीटर 240बोतल की बरामदी की गईं l एक अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार जिसका नाम दुर्गा गोस्वामी पिता बैधनाथ गोस्वामी सा दिभा मोहल्ला 104थाना चतरा जिला चतरा झारखण्ड बताया गया l ज्वत वाहन 01तीन पहिया टोटो l छापामार दल मे शामिल सदस्य अवर निरीक्षक स्नेहा कुमारी, तथा गृहरक्षक प्रवीण कुमार 162225,सुनील कुमार सिंह 162284,वरुण कुमार 162220थे l1
- गया शहर के माडनपुर अक्षयवट स्थित 4 ACR +2 चंद्रशेखर हाई स्कूल का निर्माण एवं रंगरोगन का कार्य जारी। लोगों में खुशी का लहर।1
- Post by Md Akhtar1
- संदिग्ध बीमारी ने छीना घर का सहारा, मासूम बच्चे हुए अनाथ, गर्भवती पत्नी का रो रो कर बुरा हाल! वजीरगंज प्रखंड अन्तर्गत कुर्कीहर पंचायत से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पंचायत के यदुग्राम निवासी मुंन्द्रिका मांझी पिता पुनत मांझी की संदिग्ध बीमारी से अचानक मौत हो गई। इस असमय घटना ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। घर का इकलौता कमाने वाला चला गया और पीछे छोड़ गया ऐसा सन्नाटा, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। परिजनों के अनुसार, मुंन्द्रिका मांझी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। इलाज के प्रयास किए गए, लेकिन बीमारी की सही पहचान और समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही मौत की खबर गांव में फैली, लोगों का हुजूम उनके घर उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन था । सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब मृतक की गर्भवती पत्नी अपने पति की देह से लिपटकर बिलख पड़ी। उसकी चीख,पुकार ने वहां मौजूद हर इंसान का कलेजा चीर दिया। एक ओर कोख में पल रहा अजन्मा बच्चा, दूसरी ओर गोद में छोटे,छोटे मासूम,अब इन बच्चों का भविष्य किसके सहारे चलेगा, यह सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा था। मुंन्द्रिका मांझी के निधन से उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। अब घर चलाने, इलाज, प्रसव और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी एक अकेली, बेसहारा महिला पर आ पड़ी है। गांववालों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो यह परिवार भूख और बेबसी के भंवर में फंस सकता है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और समय पर इलाज की सुलभता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोगों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, गर्भवती पत्नी के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा और बच्चों के भरण,पोषण की व्यवस्था की जाए।आज कुर्कीहर पंचायत शोक में डूबी है। मुंन्द्रिका मांझी तो चले गए, लेकिन पीछे छोड़ गए हैं टूटे सपने, रोते मासूम और एक ऐसी पत्नी, जिसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की चूक और समाज की जिम्मेदारी की भी कठोर याद दिलाती है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!1