सुलतानपुर जिले में टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सेमरी चौकी क्षेत्र में पीआर इंटर कॉलेज के पास एक अनियंत्रित टैंकर (वाहन संख्या NL01AG9375) सड़क किनारे लगे 11 हजार वोल्ट के बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बिजली का खंभा क्षतिग्रस्त हो गया और टैंकर में तुरंत आग लग गई। देखते ही देखते पूरा टैंकर आग की लपटों में घिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे के कारण इलाके की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई और कुछ देर तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दोनों विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में टैंकर का चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि टैंकर को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
सुलतानपुर जिले में टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सेमरी चौकी क्षेत्र में पीआर इंटर कॉलेज के पास एक अनियंत्रित टैंकर (वाहन संख्या NL01AG9375) सड़क किनारे लगे 11 हजार वोल्ट के बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बिजली का खंभा क्षतिग्रस्त हो गया और टैंकर में तुरंत आग लग गई। देखते ही देखते पूरा टैंकर आग की लपटों में घिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे के कारण इलाके की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई और कुछ देर तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दोनों विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में टैंकर का चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि टैंकर को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का विशेष महत्व बताया गया है, जिन्होंने भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने पुराणों और शास्त्रों के अनुसार समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। इसके अतिरिक्त, गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से जुड़ी मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है, जहाँ पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर उनके बताए गए मार्ग का अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मत है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी मजबूत नींव सप्तऋषियों ने ही रखी थी। आज भी इन ऋषियों के विचार समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश देते हैं, और सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- जयसिंहपुर में मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, अघोषित बिजली कटौती, नीट पेपर लीक और क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक अरुण वर्मा की अगुवाई में बड़ी संख्या में सपाई तहसील परिसर पहुंचे और उपजिलाधिकारी प्रभात सिंह को राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान, पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, जिससे गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने भीषण गर्मी के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। वर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं और किसानों को खाद की कमी से हो रही परेशानियों को भी प्रमुखता से उठाया। इस प्रदर्शन में सपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जो महंगाई, बिजली कटौती और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे।2
- मौलाना मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जो बात कही है, उसे सत्य बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि यही मांग बाबा जयगुरुदेव और भारत के तमाम संतों ने भी की है। एक प्रश्न उठाया गया है कि जब केंद्र में और प्रदेश में 'हमारी सरकार' है, तो फिर समस्या कहाँ है कि मौलाना मदनी को यह वक्तव्य देना पड़ा।1
- सुल्तानपुर जिले के चांदा कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ शाहपुर जंगल स्थित गौरी शंकर धाम पर गोमती नदी में नहाने के दौरान 21 वर्षीय एक युवक की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा अपने एक दोस्त को बचाने के प्रयास में हुआ। वहीं, स्थानीय गोताखोरों की सूझबूझ और तत्परता से नदी में डूब रहे एक बच्चे की जान बचा ली गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान इंदौली निवासी आस मोहम्मद, पुत्र हकीक अली, के रूप में हुई है। आस मोहम्मद अपने दोस्तों के साथ गौरी शंकर धाम घूमने आया था और भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सभी युवक गोमती नदी में नहाने उतर गए। इसी दौरान उसका एक साथी नदी में वीडियो बनाते हुए गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने दोस्त को बचाने के प्रयास में आस मोहम्मद भी गहरे पानी में पहुँच गया और तेज बहाव में फंसकर डूब गया। घाट पर मौजूद लोगों ने जब शोर मचाया, तो स्थानीय गोताखोर तुरंत नदी में कूद पड़े। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने आस मोहम्मद को नदी से बाहर निकाला। इसी बीच, नदी में डूब रहे बच्चे को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना मिलने पर चांदा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को एंबुलेंस से सीएचसी चांदा भेजा गया। बाद में परिजन आस मोहम्मद को प्रतापपुर कमैचा सीएचसी ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को अपने घर ले गए।4
- मौरावां नगर पंचायत में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा सुंदरकांड के कार्यक्रम के समापन के उपरांत रखा गया था।1
- श्री हनुमान बालाजी सेवा फाउंडेशन सुल्तानपुर-अयोध्या ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार, 26 मई 2026 को लंभुआ, सुल्तानपुर के पौराणिक स्थल धोपाप धाम मंदिर के निकट एक विशाल सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। भीषण गर्मी के मद्देनजर, संस्था ने सुबह 08:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद, शरबत और शीतल जल वितरित किया। वितरण कार्य के साथ ही, संस्था ने धोपाप धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई भी की, जिसकी क्षेत्रवासियों ने सराहना की। यह पूरा सेवा कार्यक्रम संस्था प्रबंधन समिति बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भंडारा, पानी, प्रसाद एवं शरबत वितरण विभाग के निदेशक श्री राम प्यारे मिश्रा और स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रमुख निदेशक श्री परमात्मा दीन गुप्ता ने अपने-अपने विभागों के निदेशकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कार्यक्रम की कुशल व्यवस्था सुनिश्चित की। इस कार्यक्रम में श्रीमती शशिकला यादव, श्रीराम त्रिपाठी, राकेश कुमार ग्राम पंचायत मित्र, अमित कुमार अग्रहरि, राज बहादुर यादव, शिवनायक उपाध्याय, अनिल कुमार तिवारी, रामचन्द्र मौर्य, अशोक कुमार यादव, मनोज कुमार उपाध्याय, अच्छेलाल नाविक, महेन्द्र कुमार यादव अधिवक्ता, रामसहाय दुबे, वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, श्रीकृष्ण सिंह, राजकुमार अग्रहरि, सूर्यदेव उपाध्याय अधिवक्ता, धीरेन्द्र कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सेवादाता और संस्था सदस्य उपस्थित रहे। आदित्य, माखन, राम, देवनारायण, रौनक, गणेश, विक्रम, आकाश, विपिन, कार्तिक, सत्यम, अजीत, सिद्धार्थ, राजेंद्र, सुधांशु, ऋषभ, अरविंद और रामकेश जैसे अनेक युवाओं ने भी सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई। क्षेत्रवासियों ने भी इस मानवीय प्रयास में बढ़-चढ़कर सहयोग किया और संस्था की सराहना की। अंत में, संस्था पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए 'जय श्री हनुमान बालाजी' के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।4
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने ही भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। उन्होंने समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन्हीं ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से ही जुड़ी हुई मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर ऋषियों द्वारा बताए गए मार्ग का ही अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मानना है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी सुदृढ़ नींव इन सप्तऋषियों ने ही रखी थी। उनके विचार वर्तमान दौर में भी समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश दे रहे हैं। सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- सुलतानपुर के लम्भुआ क्षेत्र में लोनी से वाराणसी की ओर जा रहा 17 टन एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर सड़क पार कर दूसरी ओर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में टैंकर के चालक और परिचालक सुरक्षित बच गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। हल्का सिपाही सुष्पेंद्र के साथ दो अग्निशमन की गाड़ियाँ तैनात की गईं और सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। एलपीजी गैस टैंकर के पलटने की खबर से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई, जिसके बाद किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए क्षेत्र को कुछ समय तक सुरक्षा घेरे में रखा गया। काफी मशक्कत के बाद क्रेन की सहायता से टैंकर को सीधा किया जा सका। पुलिस और फायर विभाग की समय पर सक्रियता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और इसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।2