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जमशेदपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पत्नी से अवैध संबंध के शक में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। रेलवे ट्रैक के पास युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस खौफनाक मर्डर की पूरी सच्चाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर क्या यह एक सोची-समझी साजिश थी या फिर गुस्से में किया गया कत्ल।
Abhishek Tiwary
जमशेदपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पत्नी से अवैध संबंध के शक में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। रेलवे ट्रैक के पास युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस खौफनाक मर्डर की पूरी सच्चाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर क्या यह एक सोची-समझी साजिश थी या फिर गुस्से में किया गया कत्ल।
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- जमशेदपुर में ट्रैफिक पुलिस पर जिला उपायुक्त महोदय जी और ट्रैफिक Dy SP साहब के सख्त आदेशों का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगा है। इन आलाधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसे किसी भी क्षेत्र में वाहन चेकिंग नहीं की जाएगी जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हों। इसके बावजूद, ट्रैफिक के सब इंस्पेक्टर और सिपाहियों को इन आलाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का जरा भी डर नहीं है। इस उल्लंघन का एक वीडियो प्रमाण भी सामने आया है, जो आज शाम 7:10 बजे का है। यह वीडियो सर्किट हाउस साईं मंदिर से मरीन ड्राइव को जोड़ने वाली सड़क का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ सिपाही पेड़ के पीछे छिपे हुए हैं और उनके आगे सब इंस्पेक्टर दो अन्य सिपाहियों के साथ मौजूद हैं। वीडियो रिकॉर्ड होते देख पेड़ के पीछे छिपा सिपाही तुरंत वहाँ से चला गया। इस पर सवाल उठाया गया है कि सिपाही ऐसी गलती ही क्यों करते हैं, जिसके बाद उन्हें छिपकर भागना पड़े। इस घटना के संबंध में जिला उपायुक्त महोदय जी और ट्रैफिक Dy SP साहब से अपील की गई है कि वे ऐसे चेकिंग पॉइंट्स पर ध्यान दें और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। यह भी कहा गया है कि यदि प्रशासन जनता का सहयोग करेगा, तो जनता भी अवश्य प्रशासन का सहयोग करेगी।1
- आगामी मोहर्रम पर्व को देखते हुए शुक्रवार, 12 जून को मुसाबनी थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थाना प्रभारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें अधिकारियों ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। बैठक में घाटशिला के नव नियुक्त एसडीओ अमिताभ भगत, मुसाबनी अंचलाधिकारी पवन कुमार, मुसाबनी डीएसपी रोहित रजवाड़ और एसआई अजीत कुमार उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों से आपसी सहयोग और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से मोहर्रम जुलूस निकालने का आग्रह किया। इस दौरान मोहर्रम कमेटी के लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी समितियों के सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से जुलूस मार्ग पर बालू और पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग रखी। बैठक में केंद्रीय शांति समिति के सदस्य दिनेश कुमार साहू, चौधरी उमेश सिंह, मुन्ना खान, शेख अकबर, मोहम्मद जलाल, शेख शोवान, मोहम्मद आजाद, शमशाद खान सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- वृहद झारखण्ड मोर्चा ने लोगों से "अबुआ अधिकार अभियान कार्यक्रम" को सफल बनाने के लिए संगठन का हिस्सा बनने का आह्वान किया है। इस अभियान को उसकी निर्धारित सफलता तक पहुँचाने के उद्देश्य से, सभी से वृहद झारखण्ड मोर्चा में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।1
- नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चतरा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की एक विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सदर थाना क्षेत्र के बाबा घाट मैदान स्थित एक अर्धनिर्मित खंडहर में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करते हुए चार तस्करों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सन्नी वर्धन और सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 12.12 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ-साथ दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देवरिया निवासी अजीत पांडेय और लौकेश कुमार, बिंड मुहल्ला निवासी मोहम्मद इरफान, तथा चुड़ीहार मुहल्ला निवासी मोहम्मद एजाज के रूप में हुई है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांड्रासाली ओपी क्षेत्र के कुंबराम गांव के पास स्थित पुण्डुगुटु जंगल में 18 वर्षीय छात्रा आशा माई तीयू का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। वह दो दिनों से लापता थी, और उसकी संदिग्ध मौत के बाद से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गिंडीमुंडी गांव निवासी आशा माई तीयू चाईबासा नगरपालिका बांग्ला मध्य विद्यालय में कक्षा 9 की छात्रा थी। घटना के समय बुधवार को परिवार के लोग बाहर गए थे, और जब वे लौटे तो आशा घर पर नहीं मिली। दो दिन बाद, गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर पुण्डुगुटु जंगल में एक छोटे से पेड़ पर लतर के सहारे उसका शव बंधा हुआ पाया गया। इस स्थिति को देखते हुए, गांव वाले इसे आशा की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने की साजिश मान रहे हैं। मृतका के पिता लोपोर सिंह तीयू और उनके रिश्तेदारों ने भी स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या करके शव को पेड़ से लटकाया गया है। पांड्रासाली ओपी पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और चाईबासा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। परिवार वाले इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह पता लगाया जाए कि मृतका दो दिनों तक कहां थी और वास्तविक दोषी व्यक्ति की पहचान कर उसे सजा दी जाए। आशा माई तीयू की मौत से परिवार में गहरा दुख है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।1
- रांची जिले के तमाड़ दुवारसीनी में वज्रपात की चपेट में आने से एक श्रमिक की मौत हो गई। यह दुखद हादसा बोरिंग कार्य के दौरान हुआ। मृतक श्रमिक छत्तीसगढ़ के रायगढ़ का रहने वाला था, और इस घटना के बाद उसके परिवार पर गहरा संकट टूट पड़ा है।1
- गोईलकेरा से सोनुआ रोड पर 1 से 2 बजे के बीच बालू से लदे ट्रैक्टरों को तेज रफ्तार से गुजरते हुए देखा गया है। इन ट्रैक्टरों को कथित बालू माफिया द्वारा तेज गति से चलाया जा रहा था, जो सोनुआ रोड से होकर निकल रहे थे।3
- चाईबासा स्थित पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एसी-डीसी बिलों के समायोजन से संबंधित एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार के साथ-साथ जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, विभिन्न विभागों और संलग्न कार्यालयों के प्रमुख उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के लंबित एसी एवं डीसी बिलों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसी-डीसी बिलों का समय पर समायोजन अत्यंत आवश्यक है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि लंबित मामलों के कारण वित्तीय कार्यों के संचालन और लेखा संधारण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके मद्देनजर, उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित डीसी बिलों का समायोजन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में अधिकारियों ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।1