भिण्ड में पत्नी ही निकली पति की हत्या की मास्टरमांइड प्रेमी के साथ मिलकर रचीपति की मौत की साजिश अक्सर खबरों में ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ अवैध संबंधों का अंजाम बेहद दर्दनाक होता है। प्रेम और आकर्षण के नाम पर कुछ लोग ऐसे रास्ते चुन लेते हैं, जो न सिर्फ कानून के खिलाफ होते हैं बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर देते हैं। पति की हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होना किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी विफलता है—यह सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं लेता, बल्कि कई ज़िंदगियों को बर्बाद कर देता है। शुरुआत में जो रिश्ता “प्यार” लगता है, वही धीरे-धीरे स्वार्थ, भय और लालच में बदल जाता है। प्रेमिका और उसका प्रेमी सोचते हैं कि पति को रास्ते से हटाकर वे एक नई जिंदगी शुरू करेंगे, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट होती है। कानून की गिरफ्त में आते ही उनका तथाकथित प्यार बिखर जाता है। जेल की सलाखों के पीछे न तो वो आज़ादी बचती है, न ही वो मोहब्बत जिसके लिए इतना बड़ा अपराध किया गया। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि एक निर्दोष व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, एक परिवार उजड़ जाता है, और खुद आरोपी भी जीवन भर के लिए अपराधी बन जाते हैं। अंततः न पति बचता है, न ही प्रेम का वह सपना जो उन्होंने देखा था—सिर्फ पछतावा, बदनामी और सज़ा रह जाती है। यह घटनाएँ समाज के लिए एक कड़ा संदेश हैं कि किसी भी रिश्ते में समस्या हो तो उसका समाधान कानून और संवाद के दायरे में रहकर ही करना चाहिए। गलत रास्ता चुनकर कोई भी व्यक्ति सुख नहीं पा सकता। सच्चा प्रेम कभी किसी की जान लेने की राह नहीं दिखाता, बल्कि त्याग, सम्मान और सही निर्णय की प्रेरणा देता है।
भिण्ड में पत्नी ही निकली पति की हत्या की मास्टरमांइड प्रेमी के साथ मिलकर रचीपति की मौत की साजिश अक्सर खबरों में ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ अवैध संबंधों का अंजाम बेहद दर्दनाक होता है। प्रेम और आकर्षण के नाम पर कुछ लोग ऐसे रास्ते चुन लेते हैं, जो न सिर्फ कानून के खिलाफ होते हैं बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर देते हैं। पति की हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होना किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी विफलता है—यह सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं लेता, बल्कि कई ज़िंदगियों को बर्बाद कर देता है। शुरुआत में जो रिश्ता “प्यार” लगता है, वही धीरे-धीरे स्वार्थ, भय और लालच में बदल जाता है। प्रेमिका और उसका प्रेमी सोचते हैं कि पति को रास्ते से हटाकर वे एक नई जिंदगी शुरू करेंगे, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट होती है। कानून की गिरफ्त में आते ही उनका तथाकथित प्यार बिखर जाता है। जेल की सलाखों के पीछे न तो वो आज़ादी बचती है, न ही वो मोहब्बत जिसके लिए इतना बड़ा अपराध किया गया। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि एक निर्दोष व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, एक परिवार उजड़ जाता है, और खुद आरोपी भी जीवन भर के लिए अपराधी बन जाते हैं। अंततः न पति बचता है, न ही प्रेम का वह सपना जो उन्होंने देखा था—सिर्फ पछतावा, बदनामी और सज़ा रह जाती है। यह घटनाएँ समाज के लिए एक कड़ा संदेश हैं कि किसी भी रिश्ते में समस्या हो तो उसका समाधान कानून और संवाद के दायरे में रहकर ही करना चाहिए। गलत रास्ता चुनकर कोई भी व्यक्ति सुख नहीं पा सकता। सच्चा प्रेम कभी किसी की जान लेने की राह नहीं दिखाता, बल्कि त्याग, सम्मान और सही निर्णय की प्रेरणा देता है।
- पति ने पत्नी की लोहे की रॉड से पीठ पीठ कर हत्या की थाने पहुंचकर जुर्म कबूला,पुलिस को घर की चाबी दी, आरोपी गिरफ्तार पूरा मामला संभल जिले के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव सिंघौली कल्लू2
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- बदायूं : श्री दाताराम मेमोरियल इंटर कालेज ललुआ नगला असरासी में आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के विजेता अंशिका को प्रथम पुरस्कार साइकिल से नवाजा गया। मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चे देश का गौरव है। महान लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। अध्यक्षता कर रहे स्काउट संस्था पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि श्रेष्ठ संस्कारों से चिंतन, चरित्र और आचरण पवित्र होता है, भावनाएं शुद्ध होती हैं। विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान सूरज पाल शाक्य ने कहा कि बच्चे अपनी शक्ति को पहचानें और श्रेष्ठ ज्ञान अर्जित करें। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा में संविलियन विद्यालय मल्लमाई की छात्रा अंशिका को सर्वश्रेष्ठ प्रथम पुरस्कार साइकिल से नवाजा गया। संविलियन विद्यालय असरासी की छात्रा मुस्कान को द्वितीय पुरस्कार में कुर्सी सेट, संविलियन विद्यालय जलालपुर की छात्रा आलिया को तृतीय पुरस्कार में फर्राटा पंखा मिला से नवाजा गया। विद्यालय के व्यवस्थापक माधव सिंह ने बताया कि इस परीक्षा में 501 बच्चों ने प्रतिभाग किया। जिसमें संविलियन विद्यालय असरासी, मल्लामई, जलालपुर, बारार्चिरा, रमजानपुर, बादुल्लागंज, लोहाठेर, पसेई, रेवा, सिवाया, हमिदपुर और प्राथमिक विद्यालय ललुआनगला, ढडूनगला, गरौलिया, मोहन नगला, कलुआ नगला, लोकी नगला, इस्माइलपुर, भदरौलिया के विजेता 453 छात्र-छात्राओं को प्रबंधिका मोरकली, मुख्य अतिथि वीरेंद्र कुमार राजपूत, संजीव कुमार शर्मा, विद्यालय संस्थापक अशोक कुमार, व्यवस्थापक माधव सिंह, प्रधानाचार्य अजब सिंह ने सम्मानित किया गया। इस मौके पर चरन सिंह शाक्य, हर विलास, जोगेंद्र पाल, ओंकार, संगीता, कामिनी रानी, किरण कुमारी, सर्वराज सिंह, निशा, जगपाल, जगतपाल, शीतल, सुषमा, सरोज, ममता, अंकित, बृजेश कुमार, वीरेश पाल, भरे, ऋषिपाल, मोहकम, मुरारी लाल, बालकराम, वीर सिंह, बनवारी लाल, कुंवर पाल, जोरावर आदि मौजूद रहे। संचालन मुकेश कुमार ने किया।1
- पूरन सिंह शराब पीने का आदी बन गया था दोनों पति-पत्नी के बीच में 6 बच्चे है जिसमें दो पुत्र व चार पुत्रियां थी एक पुत्र अपना घर बना कर अलग रह रहा था की आए दिन पति शराब पीकर मारपीट गाली गलौज करता रहता था इसका विरोध करने पर पति के भाई सोनू रिंकू रोशन राजू इत्यादि मारपीट और सूरज ढलते ही सुनीता देवी के चार देवर गंदी गंदी गाली देते हैं उतारू होते थे तथा मेरे पति का पक्ष लेते थे विगत समय पति पूरण सिंह ने बाजार जाते समय ₹20000 सर्राफ की दुकान पर जमा करने को ले जाते समय अपने भाइयों के साथ मारपीट कर जबरन सुनीता देवी से छीन लिए जिसमें एक मोबाइल भी तथा जेवर भी लूट लिए इसकी शिकायत थाना बसरेहर मैं दे दे गई है अब देखना यह है पुलिस इस पर क्या कार्रवाई करती है1
- बदायूं। जिले की उघैती थाना क्षेत्र में शनिवार की रात तेज गति की पिकअप में अचानक आग लग गई आज की लपटे जब उठे तब चला के को पता चला और उसने खुद कर अपनी जान बचाई इसके बाद देखते ही देखते पिकअप लोडर वाहन आग में जलकर कबाडे में बदल गया। पिकअप वाहन में आग की सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने आग को बुझाया।1
- बदायूं | संवाददाता भूदेव प्रसाद इंडिया टाइम्स सेविन न्यूज़ ग्राम दिधौनी में बौद्ध कथा का शुभारंभ, ग्रामीणों में उत्साह जनपद बदायूं के ग्राम दिधौनी में 10 अप्रैल 2026 को बौद्ध कथा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान गांव में धार्मिक और उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्राम दिधौनी में आयोजित बौद्ध कथा का शुभारंभ ग्राम प्रधान रामगोपाल शाक्य द्वारा विधिवत फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर गांव के लोगों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुनेंद्र पाल शर्मा, संजीव शर्मा, ऋषिपाल सागर और संजय पाल सागर सहित हजारो की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर कथा स्थल पर आए अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। यह कार्यक्रम लगातार 5 दिन तक चलता रहेगा इस मौके पर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। बौद्ध कथा के आयोजन से पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल बना हुआ है।1
- अक्सर खबरों में ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ अवैध संबंधों का अंजाम बेहद दर्दनाक होता है। प्रेम और आकर्षण के नाम पर कुछ लोग ऐसे रास्ते चुन लेते हैं, जो न सिर्फ कानून के खिलाफ होते हैं बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर देते हैं। पति की हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होना किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी विफलता है—यह सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं लेता, बल्कि कई ज़िंदगियों को बर्बाद कर देता है। शुरुआत में जो रिश्ता “प्यार” लगता है, वही धीरे-धीरे स्वार्थ, भय और लालच में बदल जाता है। प्रेमिका और उसका प्रेमी सोचते हैं कि पति को रास्ते से हटाकर वे एक नई जिंदगी शुरू करेंगे, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट होती है। कानून की गिरफ्त में आते ही उनका तथाकथित प्यार बिखर जाता है। जेल की सलाखों के पीछे न तो वो आज़ादी बचती है, न ही वो मोहब्बत जिसके लिए इतना बड़ा अपराध किया गया। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि एक निर्दोष व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, एक परिवार उजड़ जाता है, और खुद आरोपी भी जीवन भर के लिए अपराधी बन जाते हैं। अंततः न पति बचता है, न ही प्रेम का वह सपना जो उन्होंने देखा था—सिर्फ पछतावा, बदनामी और सज़ा रह जाती है। यह घटनाएँ समाज के लिए एक कड़ा संदेश हैं कि किसी भी रिश्ते में समस्या हो तो उसका समाधान कानून और संवाद के दायरे में रहकर ही करना चाहिए। गलत रास्ता चुनकर कोई भी व्यक्ति सुख नहीं पा सकता। सच्चा प्रेम कभी किसी की जान लेने की राह नहीं दिखाता, बल्कि त्याग, सम्मान और सही निर्णय की प्रेरणा देता है।1