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डी आनंद का अंदाज शायरी
D Anand
डी आनंद का अंदाज शायरी
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- रोटी का कोई धर्म नहीं होता1
- हमारे प्रयासों में कमी हो सकती है, लेकिन हमने कोई गुनाह नहीं किया!!1
- बेतिया पावर हाउस चौक स्थित संतोषी माता मंदिर आज आस्था, श्रद्धा और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जहां तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ पूरे धार्मिक विधि-विधान और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। मंदिर परिसर से निकली भव्य कलश यात्रा ने पूरे इलाके को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सैकड़ों श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे, वहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज और माता के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि नगरवासियों में इस आयोजन को लेकर गहरी आस्था और विशेष उत्सुकता है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया है, जिससे पूरा वातावरण दिव्य और मनमोहक दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है, जिससे उपस्थित श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव कर रहे हैं। आयोजन के आगामी चरणों में अधिवास पूजन तथा मुख्य प्राण प्रतिष्ठा पूजन संपन्न कराया जाएगा, जिसमें विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ माता की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठित किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन के समापन अवसर पर महाप्रसाद एवं भंडारे का भी भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें सभी भक्तगण सपरिवार शामिल होकर प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। आयोजन समिति ने नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने और माता के आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। पूरे पावर हाउस चौक में आज श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की जो अलौकिक छटा बिखरी है, उसने इस धार्मिक आयोजन को एक ऐतिहासिक और यादगार स्वरूप दे दिया है।1
- सलीम खान की तबीयत बिगड़ने पर लीलावती अस्पताल में भर्ती,उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, हालत गंभीर नहीं।1
- मोहन भागवत पहले खुद विवाह करें और बच्चे पैदा करें फिर हिन्दू समाज को सलाह दें। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद1
- ठूठीबारी इंडो-नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी कस्बे में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए दलदल में फंसे एक अधेड़ व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार कस्बे का रहने वाला अधेड़ किसी कार्य से सीमा क्षेत्र के पास गया था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरे दलदल में धंसने लगा। अधेड़ ने काफी प्रयास किया, लेकिन वह खुद बाहर नहीं निकल सका और मदद के लिए आवाज लगाने लगा। इसी दौरान गश्त कर रहे एसएसबी जवानों की नजर उस पर पड़ी। जवानों ने बिना देर किए तत्काल रस्सी और अन्य संसाधनों की मदद से राहत अभियान चलाया और काफी मशक्कत के बाद अधेड़ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अधेड़ और स्थानीय लोगों ने जवानों के इस मानवीय कार्य की सराहना की। जवानों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।1
- चोरी का आरोप लगाते हुए चीनी पुरुषों ने एक युवती को बिजली के झटके देकर प्रताड़ित किया, जबकि वह उनसे तर्क करने और उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी।1
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