Shuru
Apke Nagar Ki App…
पड़ाव थाना पुलिस पर लगे सफाई कर्मी के पति से पैसे छुड़ाने और दिव्यांग भीख मांगने वालों पर मारपीट करने का आरोप,फरियादीयो ने SP ऑफिस पहुंचकर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार! पड़ाव थाना पुलिस पर लगे सफाई कर्मी के पति से पैसे छुड़ाने और दिव्यांग भीख मांगने वालों पर मारपीट करने का आरोप,फरियादीयो ने SP ऑफिस पहुंचकर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार!
एक देश एक आवाज़ NEWS
पड़ाव थाना पुलिस पर लगे सफाई कर्मी के पति से पैसे छुड़ाने और दिव्यांग भीख मांगने वालों पर मारपीट करने का आरोप,फरियादीयो ने SP ऑफिस पहुंचकर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार! पड़ाव थाना पुलिस पर लगे सफाई कर्मी के पति से पैसे छुड़ाने और दिव्यांग भीख मांगने वालों पर मारपीट करने का आरोप,फरियादीयो ने SP ऑफिस पहुंचकर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार!
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ग्वालियर शहर का माहौल बिगाड़ने वालों पर हो सख्त कार्यवाही कलेक्टर कार्यालय में दिया ज्ञापन! ग्वालियर शहर का माहौल बिगाड़ने वालों पर हो सख्त कार्यवाही कलेक्टर कार्यालय में दिया ज्ञापन!1
- ग्वालियर में इंदरगंज क्षेत्र की रहने वाली युवती ने अपने माता पिता पर लगाए तीन लाख में शादी शुदा पुरुष को बेचने के आरोप.. युवती ने प्रेमी से रचाई शादी और पहुंची एस पी कार्यालय देखें क्या है पूरा मामला न्यूज इंपैक्ट पर.. ग्वालियर में इंदरगंज क्षेत्र की रहने वाली युवती ने अपने माता पिता पर लगाए तीन लाख में शादी शुदा पुरुष को बेचने के आरोप.. युवती ने प्रेमी से रचाई शादी और पहुंची एस पी कार्यालय देखें क्या है पूरा मामला न्यूज इंपैक्ट पर..1
- भाण्डेर सरसई रोड़ मुख्य मार्ग भाण्डेर नगर के मृदा परीक्षण केन्द्र से पटेल क्रेशर ततारपुर रोड़ तक का मुख्य मार्ग आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है भाण्डेर में खस्ताहाल सड़क और गंदगी का तांडव: डंपरों ने तोड़ी ततारपुर रोड की कमर, सुध लेने वाला कोई नहीं भाण्डेर (दतिया)। भाण्डेर मृदा परीक्षण केन्द्र से पटेल क्रेशर ततारपुर रोड़ तक का मुख्य मार्ग आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण, गर्भवती महिलाएं और गंभीर मरीज नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। चुनावी सरगर्मी खत्म होते ही स्थानीय विधायक और सांसद ने इस क्षेत्र की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है। गहरे गड्ढे बने 'सड़क के टापू' पटेल क्रेशर से दिन-रात गुजरने वाले गिट्टी से ओवरलोड भारी-भरकम डंपरों ने इस खूबसूरत सड़क को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। पूरी सड़क पर जगह-जगह जानलेवा और गहरे गड्ढे हो चुके हैं। वर्तमान में बारिश का पानी इन गड्ढों में जमा होने के कारण यह सड़क किसी तालाब जैसी नजर आने लगी है। राहगीरों और वाहन चालकों को यह अंदाजा ही नहीं मिल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कचरे के ढेर और बदबू से सांस लेना दूभर सड़क की इस बर्बादी के साथ-साथ नगर पालिका की लापरवाही ने कोढ़ में खाज का काम किया है। नगर पालिका के पास अपना अधिकृत टचिंग ग्राउंड (कचरा डंपिंग साइट) होने के बावजूद, शहर का सारा कचरा इसी मुख्य रोड के किनारे खुले में फेंका जा रहा है। इस वजह से पूरी सड़क पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है और उठने वाली तीव्र दुर्गंध से लोगों का वहां से पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। इन गांवों की जनता भुगत रही है दंश इस बदहाल रास्ते और गंदगी के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों की लाइफलाइन ठप पड़ गई है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले गांवों में शामिल हैं: सरसई, धमना, प्यावल, देवरा मुरिया, मुस्तरा, अस्टोट, पिपरौआकला कुलरिया, बैंदा, कुडीला, नौवई खिरिया, वैधारी पट्टी, ततारपुर, नयगांव, पथरिया अस्पताल और तहसील पहुंचने में भारी आफत ग्रामीणों को अपने जरूरी प्रशासनिक कार्यों के लिए भाण्डेर तहसील कार्यालय जाना हो या फिर आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए अस्पताल, उन्हें इसी एकमात्र जर्जर रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को हो रही है, जिन्हें हिचकोले खाती एम्बुलेंस या वाहनों में ले जाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। "चुनाव नहीं तो सुनवाई नहीं" स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी इस गंभीर समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है। न तो क्षेत्रीय विधायक और न ही सांसद इस ओर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि "चूंकि भाण्डेर विधानसभा में अभी कोई चुनाव नहीं हैं, इसलिए नेताजी और प्रशासन चैन की नींद सो रहे हैं।" केवल वोटों के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आज जनता को इस दलदल में सड़ने के लिए छोड़ चुके हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं की गई और कचरा हटाकर डंपिंग ग्राउंड में नहीं डाला गया, तो वे उग्र आंदोलन के लि4
- कार्यालय समय में जनपद सीईओ कार्यालय से नदारद, पत्रकारों को देख पीछे के रास्ते से निकलने का आरोप 🚨 मुरैना बड़ी खबर | BREAKING NEWS 🚨 कार्यालय समय में जनपद सीईओ कार्यालय से नदारद, पत्रकारों को देख पीछे के रास्ते से निकलने का आरोप मुरैना/कैलारस। कैलारस जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रामपाल करजरे की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3 बजे पत्रकार जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, लेकिन सीईओ अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। काफी देर इंतजार करने के बाद पत्रकारों ने सीईओ से संपर्क करने का प्रयास किया। बताया गया कि तीन-चार बार फोन लगाने के बाद उन्होंने कॉल रिसीव किया और कथित रूप से कहा कि "मैं बंगले पर आराम कर रहा हूं, 10-15 मिनट बाद मिलूंगा।" पत्रकारों ने उनके कार्यालय आने का इंतजार किया, लेकिन करीब एक घंटे तक सीईओ कार्यालय नहीं पहुंचे। इसी बीच उनके कार्यालय परिसर में आने की जानकारी मिली। पत्रकारों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किए जाने के बाद घटनाक्रम और भी चर्चा में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्रकारों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद जनपद सीईओ ने मुख्य रास्ते से पत्रकारों से बातचीत करने के बजाय बैक बंगले के पीछे से गाड़ी बुलवाई और वहां से निकलते हुए नजर आए। जब पत्रकारों ने उनसे बातचीत करने का प्रयास किया तो कथित तौर पर उन्होंने "बाद में आना" कहकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और वहां से चले गए। इस घटनाक्रम के बाद जनपद पंचायत कार्यालय में मौजूद लोगों और पत्रकारों के बीच नाराजगी देखी गई। सवाल यह उठ रहा है कि यदि सीईओ कार्यालय समय में मौजूद नहीं थे, तो क्या इसकी कोई अधिकृत वजह थी? और यदि वे कार्यालय परिसर में पहुंचे थे, तो पत्रकारों के सवालों का सामना करने के बजाय पीछे के रास्ते से जाने की जरूरत क्यों पड़ी? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आमजन अपने कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी यदि कार्यालय समय में अनुपस्थित मिलते हैं और मीडिया के सवालों से बचते नजर आते हैं, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले को किस गंभीरता से लेते हैं और जनपद सीईओ की कार्यालय समय में कथित अनुपस्थिति तथा पत्रकारों से बचने के आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण या कार्रवाई सामने आती है।1
- औपचारिकता बन गया नगरपालिका का गोवंश पकड़ अभियान, हाइवे गवाह है. डबरा में दिनांक आठ सितंबर को शाम साढ़े छ बजे थाने चौराहे से ट्रेचिंग ग्राउंड तक यही नजारा था1
- फर्जी डॉक्यूमेंट से बने 20 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर से बने सभी पासपोर्ट , विदेश मंत्रालय से हुआ खुलासा डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश फर्जी डॉक्यूमेंट से बने 20 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, बौद्ध अनुयाई करते रहे यात्रा, विदेश मंत्रालय के खुलासे से पुलिस फेरफिकेशन पर उठे सवाल फर्जी डॉक्यूमेंट से बने 20 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, बौद्ध अनुयाई करते रहे यात्रा, विदेश मंत्रालय के खुलासे से पुलिस फेरफिकेशन पर उठे सवाल सतीश दुबे, डबरा। विदेश मंत्रालय की पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में पुलिस विभाग की लापरवाही से सेंधमारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिमरिया टेकरी के बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते फर्जी दस्तावेज के आधार पर करीब 20 पासपोर्ट सिटी पुलिस के फेरफिकेशन के बाद जारी किए गए। बांग्लादेशियों के नाम से जारी पासपोर्ट के आधार पर ही बौद्ध अनुयाई विदेश यात्रा तक कर चुके हैं, जिसमें थाईलैंड,मलेशिया,चीन,श्रीलंका जापान की यात्रा भी करते रहे। विदेश मंत्रालय में हुए इस खुलासे से हड़कंप मच गया इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी सहित दो लोगों को भोपाल STF पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में 40 से अधिक फर्जी पासपोर्ट का बढ़ा खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला 2021-22 में हुआ जिसमें करीब 20 पासपोर्ट डबरा सिटी थाने के सहयोग से सत्यापन करने के बाद बनाए गए। ऐसे हुआ खुलासा मास्टर माइंड रियाल चौधरी से STF पुलिस पूछताछ में खुलसा हुआ कि वर्षों पहले यह लोग बांग्लादेश छोड़कर आए ये लोग अलग अलग शहरों में रह रहे हैं इनके फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए आधार कार्ड,पेन कार्ड,जन्मप्रमाणपत्र सहित सभी दस्तावेज साठ गाँठ से बनवाए ओर फिर विदेश मंत्रालय द्वारा जारी पासपोर्ट के लिए एप्लाई किया साथ ही पुलिस से भी सभी दस्तावेज सत्यापन कराए।फिलहाल अब STF पुलिस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी गिरोह चलने वाले लोगों पर भी हर ऐंगल से जांच की जा रही है। फर्जी डॉक्यूमेंट से बने 20 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, बौद्ध अनुयाई करते रहे यात्रा, विदेश मंत्रालय के खुलासे से पुलिस फेरफिकेशन पर उठे सवाल फर्जी डॉक्यूमेंट से बने 20 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, बौद्ध अनुयाई करते रहे यात्रा, विदेश मंत्रालय के खुलासे से पुलिस फेरफिकेशन पर उठे सवाल3
- स्लग: गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग, 500 विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री एंकर: डबरा क्षेत्र के जरूरतमंद और गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में सहयोग के लिए एक सराहनीय पहल की गई। लिधौरा, गजपुर और अजयगढ़ के शासकीय विद्यालयों में करीब 500 विद्यार्थियों को किताबें, कॉपियां, पेन, छाते और लंच बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। RSI Stone World Private Limited, District Gwalior के मार्गदर्शन में कंपनी के कर्मचारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को सामग्री उपलब्ध कराई और उन्हें नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। VO: शैक्षणिक सामग्री मिलने से बच्चों के चेहरे पर खुशी नजर आई। कंपनी के कर्मचारियों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए शिक्षा के महत्व को समझाया और पढ़ाई के जरिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि संसाधनों की कमी उनकी शिक्षा में बाधा न बने। कंपनी की इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।4
- शिवपुरी कोतवाली थाना क्षेत्र में युवक से मारपीट कर लूटा मोबाइल और पैसे पुलिस ने नहीं कोई कार्यवाही और उल्टा दबाव बनाने का आरोप! शिवपुरी कोतवाली थाना क्षेत्र में युवक से मारपीट कर लूटा मोबाइल और पैसे पुलिस ने नहीं कोई कार्यवाही और उल्टा दबाव बनाने का आरोप!1